Posted on

Greater Than Statue Of Unity:आइए जानते हैं दुनिया की सबसे विशाल आकार की मानव निर्मित कृति शिव मूर्ति के बारे में जो राजस्थान के गणेश टेकरी में जल्द ही तैयार होने वाली है!

राजस्थान के उदयपुर से 50 किलोमीटर दूर स्थित नाथद्वारा के गणेश टेकरी नामक स्थान पर 351 मीटर ऊँची शिव मूर्ति का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। यह मूर्ति अयोध्या में बन रही 221 मीटर ऊँची श्री राम मूर्ति स्तम्भ से भी बड़ी होगी।

आपको बता दें कि श्री राम मूर्ति की ऊंचाई 151 मीटर है, जबकि उसके ऊपर 20 मीटर ऊँचा छत्र और नीचे 50 मीटर ऊँचा आधार है। साथ ही बन रहे म्यूजियम में श्री राम की जन्मभूमि आयोध्या का इतिहास और गौरवशाली गाथा को दर्शाया जायेगा।

गणेश टेकरी में 120 फ़ीट रोड से जुडी विश्व की सबसे ऊँची ध्यान में लीन महादेव की 351 मीटर की प्रतिमा का आकार पूर्ण रूप से सामने आ गया है। करीब 7 किलोमीटर की दूरी से दिखाई देने वाली इस विशालकाय मूर्ति को बनाने वाले मिराज ग्रुप ने दिसंबर 2018 तक कार्य पूरा होने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

25.42 बीघा में फैले क्षेत्र में 15300 स्क्वायर फ़ीट का हर्बल टेरिस गार्डन बनेगा वहीं बच्चों के लिए फन पार्क और 1.25 किलोमीटर का परिक्रमा पथ बनाया जा रहा है।

2200 तन स्टील और 1800 टन लोहे की मजबूती के साथ आरसीसी सीमेंट और कंक्रीट से शिव पूर्ति को निर्मित किया गया है। शिव मूर्ति में 110 मीटर का आधार, 65 मीटर लम्बाई के चरण, 175 मीटर पर कमरबंद, 260 मीटर पर कंधा, 275 मीटर पर गर्दन, 60 मीटर लम्बाई वाला महादेव का मुख और उसके शीश पर 16 मीटर ऊँचा जूड़ा मिलाकर विशालकाय 351 मीटर की प्रतिमा तैयार हुई है, जिसके रूप में विराजे महादेव के हाथ में 315 मीटर का त्रिशूल है।

Posted on

UPSC 2017 RESULT: उन होनहारों की कहानी जिन्होंने UPSC में लहराया परचम

Posted on

CWG 2018: भारत के लिए सुपर संडे, जानें कौन कौन से खिलाड़ियों ने बढ़ाई तिरंगे की शान, जीते मेडल, देखें फोटोज और विश्लेषण

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ी का शानदार प्रदर्शन जारी है। 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने संडे को छह मेडल हासिल करते हुए इसे सुपर संडे बना दिया। इन छह मेडल में 3 गोल्ड, एक सिल्वर और दो कांस्य पदक भारत की झोली में आए। इसके साथ ही अब भारत ने 7 गोल्ड, 2 सिल्वर और 3 कांस्य के साथ कुल 12 मेडल हासिल कर लिए हैं और इसी के साथ भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर आ गया है।

गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी

टेबल टेनिस टीम ने जीता गोल्ड

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में टेबल टेनिस के टीम इवेंट के फाइनल में भारत ने सिंगापुर को 3-1 से मात देकर गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। ये भारत का सातवां गोल्ड मेडल रहा।

मनु भाकर

अपना पहला कॉमनवेल्थ खेल रही मनु भाकर ने महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया। फाइनल मुकाबले में मनु ने 240.9 अंक हासिल करते हुए गोल्ड मेडल पर निशाना साध दिया।

पूनम यादव

भारत की पूनम यादव ने 69 किलो वर्ग कैटिगरी में में भारत की झोली में पांचवा गोल्ड डाल दिया। पूनम ने 69 किलो भारवर्ग में कुल 222 किलो वजन उठाया। स्नैच में 100 और क्लीन एंड जर्क में पूनम ने 122 किलो ग्राम वजन उठाया।

राहुल रागला

राहुल ने 85 किग्रा भार वर्ग में 338 किग्रा (151187) वजन उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। उन्होंने सामोआ के डोन ओपेलोगे (331) को पीछे छोड़ा, जिन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। क्लीन एंड जर्क में पहले प्रयास में राहुल ने 147 और ओपेलोगे ने 144 किग्रा का वजन उठाया। राहुल ने दूसरे प्रयास में 187 किग्रा वजन उठाया, जबकि ओपेलोगे दूसरे प्रयास में विफल रहे। हालांकि, दोनों का 191 किग्रा का आखिरी प्रयास विफल रहा।

सतीश शिवलिंगम

भारतीय वेटलिफ्टर सतीश कुमार शिवलिंगम ने 53 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। सतीश ने स्नैच में अपने पहले प्रयास में 136 किलोग्राम वजन उठाया था, इसके बाद 140 और अपने आखिरी प्रयास में 144 किलो भार उठाया।

संजीता चानू

कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत की झोली में दूसरा गोल्ड मेडल आया। ये मेडल भारत की स्टार वेटलिफ्टर संजीता चानू ने 53 किलोग्राम वर्ग में दिलाया था। संजीता ने ग्लासगो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।

मीरा बाई चानू

गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले ही दिन भारतीय वेटलिफ्टर मीरा बाई चानू ने भारत को पहला गोल्ड मेडल दिला दिया। मीरा बाई चानू ने अपने पहले ही प्रयास में 80 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया। पिछला रिकॉर्ड 77 किलोग्राम का था जो कि अगस्तानिया ने बनाया था। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने बड़ी ही आसानी से 84 किलोग्राम वजन उठा दिया। दूसरी कोशिश में 84 किग्रा वजन उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। तीसरी और आखिरी कोशिश में 86 किग्रा वजन उठाकर दूसरी बार अपने ही रिकॉर्ड से आगे निकल गईं।

सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी

हिना सिद्धू

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में हीना सिद्धू ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में मनु ने 240.9 अंक हासिल किए और हिना को 234 अंक मिले। इस स्पर्धा में मनु ने गोल्ड जीता तो हिना को सिल्वर मेडल मिला।

गुरुराजा पुजारी

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला पदक वेटलिफ्टर गुरुराजा पुजारी ने दिलवाया। गुरुराजा ने 56 किलोग्राम कैटेगरी में 249 किग्रा वजन उठाया। इससे पहले 2016 साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, इस साल पेनांग में कॉमनवेल्थ सीनियर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भी गुरुराजा पुजारी ने गोल्ड पर कब्जा जमाया था।

कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी

विकास ठाकुर

भारत के भारोत्तोलक विकास ठाकुर ने भारत की झोली में तीसरा कांस्य पदक डाला। विकास ने 94 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। विकास ने कुल 351 किलोग्राम भार उठाया। उन्होंने स्नैच में 159 का भार उठाकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। क्लीन एंड जर्क में वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और इस कारण उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

रवि कुमार

भारत को रवि कुमार ने 10 मी. एयर राइफल में दूसरा कांस्य पदक दिलाया। रवि कुमार एक समय रजत पदक जीतते दिखाई पड़ रहे थे, लेकिन आखिरी में उन्हें कांस्य से संतोष करना पड़ा। रवि कुमार ने 224.1 का स्कोर किया।

दीपक लाठेर

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला कांस्य पदक दीपक लाठेर ने दिलवाया। दीपक ने वेटलिफ्टिंग के 69 किलो की प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। 18 साल के दीपक लाठेर के लिए ये पहला मौका है जब वो कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग ले रहे हैं।

Posted on

सांसद की बेटी ने विदेश में नौकरी को ठुकरा चुनी देश सेवा, आर्मी ज्‍वाइन की

पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद डॉ. निशंक की बेटी डॉ. श्रेयशी पोखरियाल ने सेना में बतौर अफसर आर्मी मेडिकल कोर ज्वाइंन किया। वे रुड़की के मिलिट्री हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं देंगी। शनिवार को कमांडेंट और परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में डॉ. श्रेयशी ने विधिवत रूप से सेना ज्वाइंन की।

बेटी के सेना ज्वाइन करने पर डॉ. निशंक ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि अभी तक हमारे परिवार में सेना में कोई नहीं था। अब बेटी ने सेना में जाकर मुझे गर्व महसूस करवाया है। उन्होंने कहा कि वे राजनीतिक क्षेत्र से हैं और शुरुआत से ही देशभक्ति के गीत और कविताएं लिखते रहे हैं। ऐसे में हमेशा से उनकी ख्वाहिश थी कि उनके परिवार से भी कोई सेना में जाए।

आज उनकी इस इच्छा को बेटी ने पूरा कर दिखाया है। उन्हें इस बात को लेकर अपनी बेटी पर और गर्व है कि उसे मॉरीशस में एक अंतरराष्ट्रीय मेडिकल यूनिवर्सिटी में उप निदेशक का ऑफर मिला था, लेकिन बेटी ने उसे अस्वीकार कर सेना को चुना। डॉ. निशंक बताते हैं कि उनकी बेटी श्रेयशी बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन करीब दो साल पहले उसने सेना में जाने की ठानी।

वे बताते हैं कि लगभग दो साल पहले वे परिवार के साथ केदारनाथ की यात्रा पर गए थे। उसी दौरान श्रेयशी ने काफी कम समय में पैदल यात्रा पूरी कर ली। ऐसे में उन्होंने श्रेयशी को कहा कि वे बेहद कर्मठ है और सेना को ऐसे ही कर्मठ और जोशीले लोगों की जरुरत है। डॉ. निशंक कहते हैं कि मुझे लगता है कि श्रेयशी के मन में यह बात घर कर गई। उसके बाद ही वह कमीशन में बैठी और सफल हो गई। मुझे बेहद खुशी हो रही है कि अब श्रेयशी सेना में अपनी सेवाएं देकर देश सेवा करेगी।
Posted on

जानें- क्या है BSF और सेना में अंतर, सैलरी-सुविधाएं भी होती है अलग

जानें- क्या है BSF और सेना में अंतर, सैलरी-सुविधाएं भी होती है अलग

1/9
भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बल भारत की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं. देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमा सुरक्षा में भारतीय सेना के साथ सीआरपीएफ, बीएसफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी का अहम योगदान होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं ये सुरक्षा बल, भारतीय सेना से अलग होते हैं और इन्हें मिलने वाली सुविधाएं भी काफी अलग होती है. आइए जानते हैं पैरा मिलिट्री फोर्सेज और सेना में क्या अंतर होता है…
जानें- क्या है BSF और सेना में अंतर, सैलरी-सुविधाएं भी होती है अलग

2/9
बता दें कि सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स और भारतीय सेना में काफी अंतर होता है. कई सुरक्षा बल गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, जिसमें सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ, आसाम राइफल्स और एसएसबी शामिल है. वहीं सेना में भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना आते हैं.

जानें- क्या है BSF और सेना में अंतर, सैलरी-सुविधाएं भी होती है अलग
3/9

अर्धसैनिक बल देश में रहकर या सीमा पर देश की सुरक्षा करते हैं और अर्धसैनिक बल पूरे देश में आतंकवाद औऱ नक्सलवाद विरोधी अभियानों में भी लगे हुए हैं. वहीं वीआईपी सिक्योरिटी में भी मुख्यतौर पर अर्धसैनिक बलों के जवान ही होते हैं. सुविधाओं के नाम पर जो सहूलियतें भारतीय सेना को मिलती हैं, वैसी सुविधाएं अर्धसैनिक बलों को नहीं मिलती है.

जानें- क्या है BSF और सेना में अंतर, सैलरी-सुविधाएं भी होती है अलग
4/9

बीएसएफ पीस-टाइम के दौरान तैनात की जाती है, जबकि सेना युद्ध के दौरान मोर्चा संभालती है. बीएसएफ के जवानों को हमेशा सीमा की सुरक्षा के लिए तैयार रहना पड़ता है.

जानें- क्या है BSF और सेना में अंतर, सैलरी-सुविधाएं भी होती है अलग
5/9

बीएसएफ के जवानों को सीमा पर तैनात किया जाता है, जबकि भारतीय सेना के जवान सीमा से दूर रहते हैं और युद्ध के लिए खुद को तैयार करते हैं. साथ ही यह क्रॉस बोर्डर ऑपरेशन भी करती है.

जानें- क्या है BSF और सेना में अंतर, सैलरी-सुविधाएं भी होती है अलग
6/9

भारतीय सेना के जवानों को बीएसएफ के जवानों से ज्यादा सुविधा मिलती है, इसमें कैंटीन, आर्मी स्कूल आदि की सेवाएं शामिल है.

जानें- क्या है BSF और सेना में अंतर, सैलरी-सुविधाएं भी होती है अलग
7/9

भारतीय सेना रक्षा मंत्रालय के अधीन आती है, जबकि बीएसएफ गृह मंत्रालय के अधीन होती है.

जानें- क्या है BSF और सेना में अंतर, सैलरी-सुविधाएं भी होती है अलग
8/9

भारतीय सेना में रैंक लेफ्टिनेंट, मेजर, कर्नल, ब्रिगेडियर, मेजर जर्नल आदि होती है, लेकिन बीएसएफ में पोस्ट कांस्टेबल, हैड कांस्टेबल, एएसआई, डीएआई, आईजी आदि होती है.

जानें- क्या है BSF और सेना में अंतर, सैलरी-सुविधाएं भी होती है अलग
9/9

भारतीय सेना में अधिकारी एनडीए और सीडीएस के माध्यम से चुने जाते हैं और इस परीक्षा का चयन यूपीएससी की ओर से किया जाता है. वहीं बीएसएफ में एसआई तक के उम्मीदवार एसएससी की ओर से चुने जाते हैं. वहीं बीएसएफ के डीजी आईपीएस बनते हैं.

Posted on

शूटिंग वर्ल्डकप: 16 साल की मनु को 1 और गोल्ड, मैडल चार्ट में भारत नंबर 1 पर

मैक्सिको के ग्वाडलजारा में आयोजित शूटिंग वर्ल्ड कप से लगातार अच्छी खबर आ रही है. इस वर्ल्ड कप में भारत के शूटर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. टूर्नामेंट के 16 साल की युवा मनु भाकेर का लाजवाब प्रदर्शन जारी है. इस बार उन्होंने ओमप्रकाश मिथरवाल के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्सड टीम इवेंट में गोल्ड पर निशाना साधा. इससे पहले भारतीय महिला शूटर मनु भाकेर ने शूटिंग वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड हासिल किया था. इसके साथ ही भारत 3 गोल्ड और 4 कांस्य पदक के साथ मेडल टैली में नंबर 1 पर है. इस समारोह का समापन 12 मार्च को होगा.

इस इवेंट में मनु भाकेर और शूटर शहजर रिजवी के गोल्ड के बाद शूटर मेहुली घोष ने भी देश का नाम रोशन किया है. टूर्नामेंट के तीसरे दिन उन्होंने इस वर्ल्ड कप अपना दूसरा पदक जीता. दीपक कुमार के साथ मिलकर मेहुली घोष ने 10 मीटर एयर राइफल मिक्सड टीम इवेंट में कांस्य पदक जीता.

इससे पहले मैक्सिको के ग्वाडलजारा में आयोजित शूटिंग वर्ल्ड कप के दूसरे दिन भारत की तरफ से मनु भाकेर ने गोल्ड पर निशाना साधा था. भारतीय महिला शूटर मनु भाकेर ने शूटिंग वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड हासिल किया था.

वहीं भारत के शूटर शहजर रिज़वी ने अपने पहले ही वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले दिन गोल्ड मेडल जीता था. साथ ही इसी इवेंट में भारत के ही स्टार शूटर जीतू राय ने कांस्य पदक जीता है.

दूसरे दिन रवि कुमार ने पुरुषों की 10 मी एयर राइफल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया है. रवि ने पिछले साल तीन फाइनल्स में जगह बनाई थी, जिसमें विश्व कप फाइनल्स भी शामिल था, लेकिन वह पदक नहीं जीत सके थे.

वहीं मेहुली ने भी पहले दिन महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग प्रतिस्पर्धा में कांस्य पर निशाना साधा था. 228.4 प्वाइंट के साथ वह तीसरे स्थान पर रहीं थीं. इस इवेंट का गोल्ड रोमानिया और रजत चीन के पास गया था.

वहीं आपको बता दें कि इस वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतने वालीं हरियाणा के झज्जर की मनु भाकेर की उम्र महज 16 साल है. मनु ने मैक्सिको के अलेजांद्रा जावाला को पछाड़ा, जो दो बार के वर्ल्ड कप फाइनल्स के विजेता हैं. उन्होंने 24 शॉट के फाइनल के अंतिम शॉट में 10.8 अंक का स्कोर बनाया, जिससे उनका कुल स्कोर 237.5 रहा. जावाला ने 237.1 अंक बनाए, जबकि फ्रांस के सेलिन गोबरविले ने 217 से कांस्य पदक प्राप्त किया. ग्यारहवीं कक्षा के छात्र मनु ने हाल में 2018 ब्यूनस आयर्स युवा ओलंपिक खेलों के लिए कोटा स्थान हासिल किया था.

Posted on

सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी, छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 10 नक्सली ढेर

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। बीजापुर के नक्सल प्रभावित पुजारी कांकेर इलाके में तेलंगाना पुलिस और छत्तीसगढ़ पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में 10 नक्सलियों को मार गिराया गया। स्पेशल डीजी डीएम अवस्थी (नक्सल ऑपरेशंस) ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान में मिली इस सफलता की पुष्टि की है। इस ऑपरेशन में एक पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गया।

सुरक्षाबलों की यह कामयाबी इसलिए भी बेहद अहम है क्योंकि हाल ही में छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में नक्सलियों ने घात लगाकर सुरक्षाबलों को निशाना बनाया था। नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन पुलिस जवान घायल हो गए थे। संयुक्त दल जब मुंगारी और दुलारगुफा के मध्य पहाड़ी में था, तभी घात लगाए नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी थी।

25 फरवरी को भी नक्सलियों ने विस्फोट कर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के दो जवान को जख्मी कर दिया था। घायलों में एक सहायक प्लाटून कमांडर भी शामिल था। वहीं, बीते 18 फरवरी को सुकमा में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए थे। शहीद जवानों में एक एसटीएफ और एक डीआरजी से जुड़े थे।

Posted on

अंडर 19 वर्ल्डकप विजेता बना भारत: टीम के जूनियर ”ब्रैडमैन” का जलवा, बने ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’

अंडर 19 वर्ल्डकप के फाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराया. मनजोत कालरा ने बेहतरीन पारी खेलते हुए शतक जड़ा. पृथ्वी शॉ की कप्तान में टीम इंडिया ने टूर्नामेंट के पहले मैच में भी ऑस्ट्रेलिया को ही हराया था. मनजोत को मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया. वहीं टूर्नामेंट में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले शुभमन गिल को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया. भारत ने ‘मैन ऑफ द मैच’ सलामी बल्लेबाज मंजोत कालरा की शतकीय पारी की बदौलत शनिवार को यहां बे ओवल मैदान पर आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर चौथी बार खिताब अपने नाम किया.

ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 217 रनों के लक्ष्य को भारत ने मनजोत कालरा के नाबाद 101 रनों की बदौलत 38.5 ओवरों में आठ विकेट रहते ही हासिल कर लिया. कालरा के अलावा भारत के लिए शुभमन गिल ने 31 और विकेटकीपर हार्विक देसाई ने 47 रन बनाए.

‘मैन ऑफ द सीरीज’ चुने जाने के बाद शुभमन ने कहा, ‘मैं अपनी टीम पर गर्व करता हूं. हम भाग्यशाली हैं कि हमें राहुल (द्रविड़) सर कोच के रूप में मिले. उन्होंने मुझे सिर्फ खेल पर ध्यान देने की सलाह दी. यह मेरे लिए रोमांचित कर देने वाला समय है. मुझे उम्मीद है कि आईपीएल में भी अच्छा प्रदर्शन करूंगा.’

भारत ने टूर्नामेंट का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, जिसमें शुभमन ने 63 रन की बेहतरीन पारी खेली थी. वहीं इसके बाद जिम्बावे के खिलाफ 59 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौकों और 1 छक्के की मदद से 90 रन की नाबाद पारी खेली. उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 86 रन की पारी खेली. शुभमन ने पाकिस्तान के खिलाफ 102 रन की नाबाद पारी खेली.

बता दें कि शुभमन ने इस टूर्नामेंट के 6 मुकाबलों में 372 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 3 अर्धशतक जड़े. शुभमन टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर हैं. उनसे पहले वेस्टइंडीज के खिलाड़ी ए एंथाजे हैं. एंथाजे ने 6 मुकाबलों में 418 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 2 अर्धशतक जड़े हैं. शुभमन ने 112.38 के एवरेज से रन बनाए. उन्होंने वर्ल्डकप 2018 में 40 चौके और 2 छक्के जड़े हैं.

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया. ईशान पोरेल ने उसे 32 के कुल स्कोर पर पहला झटका दिया. उन्होंने मैक्स ब्रायंट (14) को अभिषेक शर्मा के हाथों कैच कराया. ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका भी ईशान ने दिया. उन्होंने दूसरे सलामी बल्लेबाज जैक एडवर्ड्स (28) को पवेलियन भेज दिया. 59 के कुल स्कोर पर कप्तान जेसन संघा (13) को कमलेश नागरकोटी ने पवेलियन भेजा.

यहां ऑस्ट्रेलिया मुश्किल में थी. मेर्लो और उप्पल ने उसे संभाला और चौथे विकेट के लिए 75 रनों की साझेदारी की. उप्पल को अनुकूल रॉय ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर उनकी पारी का अंत किया. मेर्लो को फिर नाथन मैक्स्वीनी का साथ मिला और दोनों ने टीम को 183 के स्कोर पर पहुंचा दिया. लेकिन शिवा सिंह ने अपनी ही गेंद पर मैक्स्वीनी का कैच पकड़ इस साझेदारी को तोड़ा. यहां से ऑस्ट्रेलिया ने लगातार विकेट खो दिए और जल्दी पवेलियन में लौट गई. मेर्लो 212 के कुल स्कोर पर सातवें विकेट के रूप में पवेलियन लौटे. उन्होंने अपनी पारी में 102 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए.

भारत ने चौथी बार अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है. इससे पहले वो, 2000 में मोहम्मद कैफ की कप्तानी में, 2008 में विराट कोहली की कप्तानी में और 2012 में उन्मुक्त चंद की कप्तानी में विश्व विजेता बन चुका है. वहीं भारत ने लगातार दूसरी बार फाइनल में आस्ट्रेलिया को मात दी. 2012 में भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मात देते हुए खिताबी जीत हासिल की थी.

Posted on

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाओं सहित पेश है राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्

वन्दे मातरम

सुजलाम सुफलाम मलायाजा शीतलम
शास्यश्यामालम मातरम, वन्दे मातरम !
वन्दे मातरम……..

शुभ्र ज्योत्स्ना पुलाकितायामिनिम,
फुल्ला कुसुमिता दृमादालाशोभिनिम

सुहासीनीम सुमधुराभाश्हिनिम
सुखदाम वरदाम मातरम
वन्दे मातरम……..

सप्त कोटि कंठ कलाकालानिनादा कराले,
निसप्त कोटि भुजैध्रुता कराकर्वाले..
अबलाकेनो मां एतो बाले

बहुबलधारिनिम नमामि तरिनिम
रिपुदालावारिनिम मातरम, वन्दे मातरम !!
वन्दे मातरम……..

तव ही दुर्गा दशाप्रहरानाधारिणी
कमला कमालादाला विहारिणी
वाणी विद्यादायिनी, नमामि तवम
नमामि कमल अमल अतुलम
सुजलाम सुफलाम मातरम

वन्दे मातरम……….

श्यामल सरल सुस्मिताम भूश्हितम
धरिनीम भारनीम मातरम, वन्दे मातरम
वन्दे मातरम……..