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अक्षय कुमार दिखेंगे इस महान राजपूत योद्धा के किरदार में, केसरी के बाद फिरसे निभाएंगे महान युद्धवीर की भूमिका

1897 के बैटल ऑफ़ सारागढ़ी पर आधारित ‘केसरी’ के बाद अक्षय कुमार एक और फ़िल्म में इतिहास का सफ़र कर रहे हैं। चाणक्य धारावाहिक और ‘पिंजर’ जैसी कालजयी फ़िल्म बनाने वाले डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी अब पृथ्वीराज चौहान पर फ़िल्म बना रहे हैं, जिसे यशराज फ़िल्म्स जैसा बड़ा प्रोडक्शन हाउस प्रोड्यूस कर रहा है। इस फ़िल्म में अक्षय पृथ्वीराज चौहान का किरदार ही निभा रहे हैं। फ़िल्म की बाक़ी स्टार कास्ट अभी तय की जा रही है। शूटिंग अगले साल शुरू होने की संभावना है।

अजय देवगन सरदार भगत सिंह बनकर पर्दे पर आ चुके हैं, अब वो मराठा योद्धा तानाजी मालसुरे के अंदाज़ में बड़े पर्दे पर उतरेंगे। इस फ़िल्म का शीर्षक ‘तानाजी- द अनसंग वॉरियर’ है, जिसकी पहली झलक अजय ने ट्विटर के ज़रिए शेयर की थी। तानाजी सत्रहवीं सदी में शिवाजी के जनरल थे।

हड़प्पा संस्कृति पर आधारित फ़िल्म ‘मोहनजो-दाड़ो’ बनाने के बाद निर्देशक आशुतोष गोवारिकर एक बार फिर इतिहास की तरफ़ देख रहे हैं। इस बार उन्होंने पानीपत की तीसरी लड़ाई चुनी है, जिस पर वो ‘पानीपत’ शीर्षक से फ़िल्म बना रहे हैं। फ़िल्म में अर्जुन कपूर, संजय दत्त और कृति सनोन भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। अर्जुन सदाशिव राव भाऊ के रोल में हैं, तो कृति उनकी पत्नी पार्वतीबाई का रोल निभा रही हैं। संजय दत्त अफ़गान शासक अहमद शाह अब्दाली के किरदार में हैं।

अंग्रेजों से लोहा लेने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की बायोपिक ‘मणिकर्णिका- द क्वीन ऑफ़ झांसी’ में कंगना रनौत झांसी की रानी का किरदार निभाने वाली हैं। यह फ़िल्म कृष के निर्देशन में बन रही है, जिन्होंने अक्षय कुमार की फ़िल्म ‘गब्बर इज़ बैक’ से बॉलीवुड में डायरेक्टोरियल पारी शुरू की थी। बंगाली कलाकार जीशु सेनगुप्ता राजा गंगाधर राव के किरदार में हैं, जबकि अतुल कुलकर्णी तात्या टोपे का रोल निभा रहे हैं। इस फ़िल्म से टीवी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं, जो झलकारीबाई के किरदार में हैं।

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पैगंबर मोहम्मद की वंशज हैं यहां की महारानी, सामने आए ऐसे दावे

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगंबर मोहम्मद की वंशज हैं। ये सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन मोरक्को के एक न्यूजपेपर ने ऐसा दावा किया है। अखबार ने ये दावा एक रिसर्च स्टडी के हवाले से किया है, जो खबरों में है। हालांकि, महारानी के पैगंबर मोहम्मद की वंशज होने का ये दावा कोई पहली बार नहीं किया गया है। 1986 में भी इसी तरह की एक रिपोर्ट सामने आई थी।

शाही फैमिली की बुक में भी ऐसे दावे…

– मोरक्को के अखबार के मुताबिक, शाही फैमिली की वंशावली की 43 पीढ़ियों को देखने के बाद इतिहासकारों का दावा है कि क्वीन एलिजाबेथ सेकंड असल में पैगंबर की दूर की रिश्तेदार हैं।
– ब्रिटिश वेबसाइट डेलीमेल ने भी दावा किया है कि इसी तरह की रिसर्च 1986 में बुर्केज पीराज (Burke’s Peerage) में भी पब्लिश हुई थी। इस बुक को शाही वंशावली के बारे में ऑथराइज्ड ब्रिटिश गाइड माना जाता है।
– हिस्टोरियंस के मुताबिक, एलिजाबेथ सेकंड की ब्लडलाइन 14वीं सदी के अर्ल ऑफ कैंब्रिज से जुड़ी हैं। ये ब्लडलाइन मध्यकालीन मुस्लिम स्पेन से लेकर पैगंबर साहब की बेटी फातिमा तक जाती हैं।
– फातिमा पैगंबर मोहम्मद की बेटी थीं और उनके वंशज स्पेन के राजा थे। इन्हीं से महारानी एलिजाबेथ का संबंध बताया जा रहा है। यही वजह है कि उन्हें पैगंबर का वंशज बताया जा रहा है।

ऐसे जोड़ा गया कनेक्शन

– मोरक्को के अखबार में इस पर आर्टिकल देने वाले हामिद अल अवनी ने लिखा कि 11 वीं सदी में स्पेन के सेविले के किंग अबू अल कासिम मुहम्मद बिन अब्बाद पैगंबर साहब की बेटी फातिमा के वंशज थे।
– उनकी बेटी का नाम जायदा था। बुर्केज पीराज की स्टडी के मुताबिक, महारानी मुस्लिम प्रिसेंज जायदा की फैमिली से ताल्लुक रखती हैं।
– जायदा बाद में सेविले के शासक अल मुतामिद इब्न अब्बाद की चौथी वाइफ बनीं, जिनका सांचो नाम का एक बेटा था।
– अब्बादी साम्राज्य पर हमला हुआ तो जायदा सेविले भागकर स्पेन के राजा अल्फोंसो सिक्स्थ के पास पहुंच गई। वहां उन्होंने धर्म परिवर्तन करा लिया और ईसाई बन गई। उनका नाम जायदा से इसाबेला हो गया।
– इसके बाद उनके बेटे सांचो के वंशज ने थर्ड अर्ल ऑफ कैंब्रिज रिचर्ड ऑफ कोनिसबर्ग से शादी कर ली। अर्ल ऑफ कैंब्रिज इंग्लैंड के राजा एडवर्ड तृतीय के पोते थे।

दावों को लेकर मतभेद
– कुछ हिस्टोरियन इसके सपोर्ट में नहीं हैं, लेकिन इस दावे का प्रारंभिक मध्ययुगीन स्पेन की वंशावली के रिकॉर्ड ने समर्थन किया है। मिस्र के पूर्व ग्रैंड मुफ्ती अली गोमा द्वारा भी इसे सत्यापित किया गया था।