Posted on

खाली समय का करें उपयोग, YouTube देखकर ऐसे कमाएं पैसे

अगर आपको यूट्यूब वीडियो देखना पसंद है तो आप इस शौक के जरिए पैसा भी कमा सकते हैं। आपका यह शौक औसतन आपको 20 से 30 हजार तक की कमाई करवा देगा। ध्यान रहे ऑनलाइन साइट्स सेकंडों के हिसाब से पेमेंट करती हैं। ऐसे में आप जितने ज्यादा वीडियोज देखेंगे, उतना ही ज्यादा आपको फायदा होगा। इसलिए आप अपने दिन के कुछ खाली घंटे निकालकर ये काम करें। जानिए कौन सी साइट देती हैं वीडियो देखने का पैसा।

पेड2यूट्यूब (paid2youtube): जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस साइट पर आपको सबसे पहले खुद को रजिस्टर्ड करवाना होगा। यहां पर 30 सेकंड का यूट्यूब वीडियो देखने और उस पर कमेंट करने के पैसे मिलते हैं। यहां आप 200 रुपए प्रति घंटे तक की कमाई कर सकते हैं। आप यह काम एक साथ और कुछ-कुछ देर बाद समय निकालकर भी कर सकते हैं। आपके खाते में एक बार 670 रुपए की रकम जमा होने के सात दिन बाद पेपाल अकाउंट से आपको पेमेंट कर दी जाती है।

स्वैगबक्स (swagbucks): यहां भी आपको सबसे पहले अपना अकाउंट बनाना होगा। यहां पर आप सर्वे के जरिए भी कमाई कर सकते हैं। आपकी ओर से किए गए हर क्लिक और वीडियो देखने पर स्वैगबक्स आपको एक एसबी से लेकर 30 एसबी तक प्वाइंट्स देता है। 500 एसबी प्वाइंट्स पर आपको 250 रुपए का फ्लिपकार्ट और एमेजन का गिफ्ट कार्ड दे दिया जाता है।

यू-क्यूब्ज (you-cubez): यहां पर भी आपको सबसे पहले साइन अप करना होगा। यानी अपना अकाउंट बनाना होगा। इस एजेंसी पर प्रति क्लिक आपको 0.005 सेंट का भुगतान किया जा सकता है। यानी आप इस साइट पर अगर एक दिन में 400 बार क्लिक करते हैं तो आप 134 रुपए प्रति घंटे तक की कमाई कर सकते हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह एक एडवरटाइजिंग एजेंसी की साइट है।

Posted on

जानिए भारत में कैसे बढ़ती-घटती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमत

आइये जानते हैं वे कौन से फैक्टर हैं जो पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर प्रभाव डालते हैं।

कैसे तय होते हैं दाम

सबसे पहले खाड़ी या दूसरे देशों से तेल खरीदते हैं, फिर उसमें ट्रांसपोर्ट खर्च जोड़ते हैं। क्रूड आयल यानी कच्चे तेल को रिफाइन करने का व्यय भी जोड़ते हैं। केंद्र की एक्साइज ड्यूटी और डीलर का कमीशन जुड़ता है। राज्य वैट लगाते हैं और इस तरह आम ग्राहक के लिए कीमत तय होती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में बदलाव घरेलू बाजार में कच्चे तेल की कीमत को सीधे प्रभावित करता है। भारतीय घरेलू बाजार में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के लिए जिम्मेदार यह सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से है। अंतरराष्ट्रीय मांग में वृद्धि, कम उत्पादन दर और कच्चे तेल के उत्पादक देशों में किसी तरह की राजनीतिक हलचल पेट्रोल की कीमत को गंभीर रूप से प्रभावित करती है।

बढ़ती मांग

भारत और अन्य विकासशील देशों में आर्थिक विकास ने भी पेट्रोल और अन्य आवश्यक ईंधन की मांग में वृद्धि की है। हाल ही में निजी वाहनों के मालिकों की संख्या बढ़ी है, जिससे भारत में पेट्रोल की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।

आपूर्ति और मांग में असंतुलन
कच्चे तेल के इनपुट मूल्य की उच्च लागत के कारण भारत में तेल रिफाइनरी कंपनियों को बाजार की मांगों को पूरा करने में समस्या का सामना करना पड़ता है। जिससे देश में पेट्रोल की कम आपूर्ति और अधिक मांग होती है।

टैक्स रेट
पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से लगाए जाने वाले टैक्स पर भी काफी हद तक निर्भर करती हैं। सरकार की ओर से टैक्स दरें बढ़ाने की स्थिति में कंपनियां अक्सर उसका बोझ ग्राहकों पर डाल देती हैं। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि होती है।

चार साल में 12 बार बढ़ीं कीमतें
बीते चार साल में सरकार ने कम से कम एक दर्जन बार ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी यानी उत्पाद शुल्क में इजाफा किया है। नतीजतन मौजूदा सरकार को पेट्रोल पर मनमोहन सिंह की सरकार के कार्यकाल में 2014 में मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी के मुकाबले 10 रुपये प्रति लीटर ज्यादा मुनाफा होने लगा। इसी तरह डीजल में सरकार को पिछली सरकार के मुकाबले 11 रुपये प्रति लीटर ज्यादा मिल रहे हैं।

पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 105. 49 फीसदी और डीजल में 240 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। दरअसल, फिलहाल पेट्रोल डीजल में कई सारे टैक्स शामिल हैं। मसलन, एक्साइज ड्यूटी और वैट (मूल्य संवर्धित कर)। इसके अलावा डीलर की ओर से लगाया गया रेट और कमीशन भी कीमतों में जुड़ते हैं। एक्साइज ड्यूटी तो केंद्र सरकार लेती है, जबकि वैट राज्यों की आमदनी (राजस्व) में जुड़ता है।

89.97 प्रति लीटर
महाराष्ट्र के परभणी में पेट्रोल सोमवार को हो गया। यह पूरे देश में पेट्रोल की सर्वाधिक कीमत है।

रुपये की हालत
डॉलर की तुलना में रुपये की कीमत भी उन प्रमुख कारकों में से एक है, जो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत को प्रभावित करती हैं। भारतीय तेल कंपनियां अन्य देशों से आयातित तेल का भुगतान डॉलर में करती हैं। लेकिन उनके खर्च रुपये में दर्ज होते हैं। जब डॉलर की तुलना में रुपये में गिरावट आती है, तो कंपनियों के लाभ पर असर पड़ता है और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढ़ जाती है। इसी तरह रुपया मजबूत होने पर कीमतों में राहत मिलती है।

Posted on

दुनिया के कई देशों को आधी कीमत पर पेट्रोल डीजल बेच रहा है भारत, जानिए कारण!

पंजाब के रोहित सभ्रवाल की आरटीआई से पता चला है कि मैंग्लोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमि. से 1 जनवरी 2018 से 30 जून 2018 के बीच पांच देशों – हांगकांग, मलेशिया, मॉरिशस, सिंगापुर और यूएई को 32 से 34 रुपए प्रति लीटर में रिफाइंड पेट्रोल और 34 से 36 रुपए में रिफाइंड डीजल बेचा गया। इस दैरान भारत में पेट्रोल की कीमत 69.97 रुपए से 75.55 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 59.70 रुपए से 67.38 रुपए प्रति लीटर रही।

– इन पांच देशों के अलावा अमेरिका, इंग्लैंड, ईराक, इजराइल, जॉर्डन, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में भारत से रिफाइन्ड पेट्रोल-डीजल निर्यात किया जाता है।

देशवासियों पर 150 फीसद तक टैक्स

रोहित सभ्रवाल कहते हैं, बाकी देशों को भारत से भले ही बेहद सस्ता रिफाइंड पेट्रोल-डीजल मिल रहा हो, लेकिन यहां के लोगों पर 125 से 150 फीसद तक टैक्स लगाया जा रहा है। यही कारण है कि भारत के अधिकांश राज्यों में पेट्रोल 75 से 82 रुपए लीटर और डीजल 66 से 74 रुपए लीटर तक बेचा जा रहा है। ताजा खबर तो यह भी है कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लेने से इन्कार कर दिया है। यानी दाम कम होने की यह उम्मीद भी खत्म हो गई है।

यही 35.90 रुपए प्रति लीटर वाला कच्चा पेट्रोल रिफाइन करने के बाद भारत में 77 से 82 रुपए लीटर हो जाता है, क्योंकि इसमें करीब 19.48 रुपए की एक्साइज ड्यूटी, 16.47 रुपए प्रति लीटर का VAT, अन्य टैक्स और डीलर कमीशन शामिल हो जाता है। डीजल पर भी ये सभी टैक्स लगते हैं।

Posted on

4 लाख से कम कीमत में आती हैं ये टॉप 3 कारें

आज हम अपनी इस खबर में हैचबैक सेगमेंट की उन टॉप मॉडल कारों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी कीमत 4 लाख रुपये से कम है।

1. रेनो क्विड

रेनो की एंट्री लेवल हैचबैक सेगमेंट कार क्विड की डिमांड काफी तेजी से बढ़ रही है। छोटी कारों में स्टाइलिश लुक और फीचर्स के मामले में क्विड को सबसे पहले गिना जाता है। रेनो क्विड चार अलग-अलग वेरिएंट में उपलब्ध है और इसके टॉप वेरिएंट को आप 4 लाख रुपये से कम कीमत पर खरीद सकते हैं, जिसमें सेफ्टी के तौर पर आपको साइड एयरबैग का विकल्प भी मिलेगा। इसकी कीमत 2.66 लाख से 3.82 लाख रुपए (एक्‍स शोरूम दि‍ल्‍ली) है। इसमें 799 cc का इंजन दिया गया है जो 54 PS की पावर जनरेट करता है। एक लीटर पेट्रोल में यह कार 25.17 किमी का माइलेज देती है।

फीचर्स के तौर पर कार में ड्राइवर एयरबैग ऑप्शन, मोनो टोन डैशबोर्ड, प्लेन डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, प्लेन साइड एयर वेंट, फ्लोर कनसोल के साथ दो कैन होल्डर्स, पार्किंग ब्रेक कंसोल, सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक पावर स्टियरिंग दिए गए हैं।

2. ऑल्टो 800

मारुति सुजुकी इंडिया की सबसे सस्ती और छोटी कार ऑल्टो 800 देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है। इस कार के टॉप मॉडल को भी आप 4 लाख रुपये से कम कीमत में खरीद सकते हैं। इसकी कीमत 2.54 लाख से 3.81 लाख रुपये (एक्‍स शोरूम दि‍ल्ली) है। कार में 796cc का इंजन दिया गया है, जो 48 PS की पावर जनरेट करता है। एक लीटर पेट्रोल में यह कार 24.7 किमी का माइलेज देती है और एक किलोग्राम सीएनजी पर यह 33.44 किमी का माइलेज देती है।

फीचर्स की बात करें तो कार में फॉग लैंप, सीएनजी विकल्प, फैब्रि‍क आपहोलस्‍ट्री ऑन डोर पैनल, रीयर डोर चाइल्‍ड लॉक, रीमोट कीलेस एंट्री, डि‍जि‍टल क्‍लॉक (स्‍पीडोमीटर डि‍स्‍प्‍ले) दिए गए हैं।

3. डेटसन रेडी-गो

छोटी हैचबैक सेगमेंट में डेटसन रेडी-गो तेजी से पॉपुलर हो रही है। डैटसन की इस हैचबैक को कई वेरिएंट्स – रेडी गो स्मार्ट ड्राइव ऑटो, रेडी गो गोल्ड, रेडी-गो 1.0 लीटर और रेडी गो 0.8 लीटर में उतारा गया है। बाजार में इसकी कीमत 2.50 लाख से 4.05 लाख रुपये (एक्‍स शोरूम दि‍ल्ली) रखी गई है। कार में 799 सीसी का इंजन लगा है, जो 54 PS की पावर जनरेट करता है।

फीचर्स के तौर पर कार में डे लाइट रनिंग लैंप रेडियो, सीडी, एमपी3, यूएसबी और ऑक्स, इन फ्रंट पावर, माइलेज और डिस्टेंस टू एम्टी डिसप्ले, ब्लूटुथ ऑडियो सिस्टम, रिमोट कीलेस एंट्री दिए गए हैं।

Posted on

राज़ी के 100 करोड़ होते ही आलिया भट्ट के बढ़ गए ‘भाव’

लगातार सफ़लता और मार्केट पोजीशन देखते हुए आलिया भट्ट ने अपनी फीस बढ़ा ली है l बताते हैं कि अब वो करीब नौ करोड़ रूपये मेहनताना लेंगी l सूत्रों के मुताबिक उनके पास लगातार बड़े बजट की फिल्मों के ऑफ़र आ रहे हैं l इस समय वो करण जौहर, साजिद नाडियाडवाला, ज़ोया अख्तर जैसे बड़े मेकर्स के साथ कलंक, ब्रह्मास्त्र, गल्ली बॉय जैसी फिल्मों में काम कर रही हैं l ऐसी भी ख़बर है कि संजय लीला भंसाली भी आलिया को लेकर एक फिल्म बनने की प्लानिंग कर चुके हैं l ऐसे में आलिया चाहती हैं कि उन्हें उनकी मेहनत का कुछ और ज़्यादा पुरस्कार मिले l

आलिया भट्ट के करियर पर गौर करें तो पायेंगे कि छह साल के छोटे से करियर में सिर्फ शानदार को छोड़ कर उनकी सारी फिल्में क्रिटिकली और कमर्शियली सफ़ल रही हैं l उनकी आख़िरी रिलीज़ फिल्म राज़ी ने तो अब तक 108 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली है l हाल ही में आलिया ने एक ख्वाहिश ज़ाहिर की थी कि वो अब निर्माता बनना चाहती हैं। आलिया के मुताबिक हालांकि वो इसके लिए अभी बहुत जल्दबाज़ी में नहीं हैं कि वो तुरंत अपना कोई प्रोडक्शन हाउस खोल लें लेकिन अगर कोई अच्छी स्क्रिप्ट आती है और उन्हें कंटेंट पसंद आता है तो वो इस दिशा में जरुर कदम बढ़ाना चाहेंगी। मज़े की बात है कि आलिया ने अपने पिता के नामी प्रोडक्शन हाउस विशेष फिल्मस में अब तक कोई फिल्म नहीं की है लेकिन ख़ुद निर्माता बनने की इच्छा उनमें जरुर है।

आलिया ने एक बातचीत में ये भी कहा है कि उन्हें छोटे परदे पर भी काम करना है लेकिन इसके लिए अभी समय है। अलिया, आजकल के दौर को देखते हुए एक वेब सीरीज़ और इंटरनेशनल फिल्म में भी काम करना चाहती है। लेकिन उसकी ये सब ख्वाहिशें कब पूरी होंगी ये कहा नहीं जा सकता।

Posted on

सस्ता हुआ LPG सिलेंडर, जानिए अब देने होंगे कितने कम दाम

होली से ठीक पहले घरेलू गैस सिलेंडर (एलपीजी गैस सिलेंडर) के दाम कम कर दिए गए हैैं। सरकार ने बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में कटौती के साथ-साथ सब्सिडी वाले सिलेंडर के भी दाम घटा दिये हैं। इसके अलावा कॉमर्शियल इस्तेमाल में आने वाले 19 किलोग्राम के रसोई सिलेंडर के दाम में भी कटौती की गई है। नई दरें आज से ही लागू हो गई हैं।

बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में कटौती:

बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 45.50 रुपये प्रति सिलेंडर से लेकर 47 रुपये प्रति सिलेंडर तक की कटौती की गई है। वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर का दाम 47 रुपये की कटौती के बाद 689 रुपये हो गया है, इसके अलावा कोलकाता में यह 45.50 रुपये की कटौती के साथ 711.50 रुपये, मुंबई में 47 रुपये की कटौती के बाद 661 रुपये और चेन्नई में 46.50 रुपये घटकर 699.50 रुपये हो गया है।

सब्सिडी वाला सिलेंडर भी हुआ सस्ता

वहीं, सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में 2.5 रुपये से अधिक की कटौती की गई है। आज से, यानि कि एक मार्च से सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए दिल्ली में 493.09 रुपये देने होंगे। पहले इसकी कीमत 495.63 रुपये थी। कोलकाता में इसकी कीमत 2.53 रुपये घटाकर 496.60 रुपये, मुंबई में 2.55 रुपये घटाकर 490.80 रुपये और चेन्नई में 2.48 रुपये घटाकर 481.21 रुपये कर दी गई है।

कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती

इसी तरह 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में सात रुपये से लेकर 80 रुपये तक की कटौती कर दी गई है। दिल्ली में इसकी कीमत 78.50 रुपये घटाकर 1230 रुपये, कोलकाता में 77 रुपये घटाकर 1270.50 रुपये, मुंबई में 79 रुपये घटाकर 1181 रुपये और चेन्नई में 80 रुपये घटाकर 1307 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया है।

बीएसई पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का हाल-

करीब 12.45 बजे हिंदुस्तान पेट्रोलियन कॉरपोरेशन लिमिटेड 0.07 फीसद की बढ़त के साथ 380.35 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम 384.90 और निम्नतम 367.90 का स्तर रहा है। वहीं, इसका 52 हफ्तों का उच्चतम 493 और निम्नतम 327 रुपये का स्तर रहा है।

बीएसई पर आईओसी 0.13 फीसद की बढ़त के साथ 379.75 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम 380.90 का स्तर और निम्नतम 378.05 का स्तर रहा है। वहीं 52 हफ्तों का उच्चतम 462.60 का स्तर और निम्नतम 361.85 का स्तर रहा है।

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड 2.83 फीसद की तेजी के साथ 441.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम 443.85 का स्तर और निम्नतम 430.65 का स्तर रहा है। वहीं, 52 हफ्तों का उच्चतम 550 और निम्नतम 400.37 का स्तर रहा है।

Posted on

सीलिंग: लाखों व्यापारियों को मिली बड़ी राहत, रंग लाई DDA-एलजी की बैठक

जहां एक ओर दिल्ली में सीलिंग के खिलाफ सात लाख से अधिक दुकानें बंद हैं, वहीं शुक्रवार सुबह सीलिंग पर बढ़ते विरोध के बीच उपराज्यपाल निवास में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की बैठक हुई। इस बैठक में सीलिंग का समाधान निकल आया है। बैठक में लिए गए फैसले के बाद राजधानी दिल्ली में सीलिंग से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है।

डीडीए की शुक्रवार को एलजी हाउस में हुई बैठक में लोगों को राहत देने के लिए कई बड़े फैसले किए गए। बैठक में FAR (फ्लोर एरिया रेश्यो) में बदलाव को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा 12 मीटर से चौड़ी सड़कों पर बने गोदामों को नियमित करने का फैसला किया गया है। जानकारी के मुताबिक, सीलिंग पर राहत के लिए उपराज्यपाल अनिल बैजल के निवास पर हुई बैठक में डीडीए अध्यक्ष भी शामिल हुए। डीडीए की विशेष बोर्ड बैठक में कई अहम फैसलों के मद्देनजर सीलिंग से व्यापारियों को राहत दिलाने का मसौदा तैयार हुआ है।

इसमें तीन प्रस्तावों पर लगी मुहर है। इसके तहत एफएआर बढ़ाकर 350 किया जाएगा। वहीं, दूसरे प्रस्ताव के तहत कन्वर्जन शुल्क 10 गुना से घटाकर सिर्फ दोगुना किया जाएगा। तीसरे प्रस्ताव में 12 मीटर चौड़ी सड़कों पर कृषि गोदाम नियमित किए जाएंगे। यह भी जानकारी मिली है कि तीन दिन तक इन पर जनता की आपत्तियां  ली जाएंगीं। इसके बाद तीन दिन बाद फिर बैठक होगी। इसमें सभी प्रस्तावों पर मुहर लगेगी।

एलजी निवास पर हुई बैठक में डीडीए सदस्य भी शामिल हुए। माना जा रहा है कि दोपहर बाद राजधानी को सीलिंग से राहत दिलाने का एलान हो सकता है।

बता दें कि इस विशेष बैठक के लिए डीडीए ने पूरी तैयारियां कर ली थीं। जानकारी के मुताबिक, एलजी अनिल बैजल और डीडीए सदस्यों की बैठक में सीलिंग से राहत दिलाने के लिए प्रस्ताव रखे गए।

शुक्रवार की बैठक मे मंजूर हुए निर्णयों को अंतिम स्वीकृति के लिए शहरी आवास एवं विकास मंत्रालय में भेजा जाएगा। इस बीच डीडीए ने बोर्ड बैठक को लेकर ड्राफ्ट प्लान तैयार कर लिया है।

कहा जा रहा है कि दिल्ली को सीलिंग से निजात दिलाने के लिए डीडीए मास्टर प्लान-2012 में संशोधन किया जाएगा। इस संशोधन के विकल्पों को लेकर 24 और 30 जनवरी को डीडीए के अधिकारियों और शहरी आवास एवं विकास मंत्रालय की लबी बैठकें हो चुकी हैं।

शुक्रवार की बैठक में व्यापारियों को एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) में भी बड़ी राहत मिल सकती है। इसे 180 से बढ़ाकर 300 से 350 तक किया जा सकता है। ज्यादा सभावनाएं 300 किए जाने की बनी हुई हैं।

इसके अलावा दिल्ली में एक समान एफएआर की व्यवस्था भी लागू की जा सकती है। इतना ही नहीं, कनवर्जन चार्ज और उस पर लगी पैनाल्टी पर भी व्यापारियो को बड़ी राहत देने का निर्णय बैठक में लिया जा सकता है।

डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार प्रस्ताव का पूरा ड्राफ्ट लगभग तैयार है। 4 से 5 प्रस्ताव बनाए गए हैं।डीडीए अधिकारियों के अनुसार, बोर्ड बैठक में पास हुए प्रस्तावों को आम तौर पर जनता की प्रतिक्रिया के बाद मंत्रालय से मजूरी दी जाती है।

जनता को राय देने के लिए 45 दिन का समय दिए जाने का नियम है, लेकिन अब इसके लिए तीन दिन का समय देने की तैयारी भी की जा रही है। यानी तीन दिन में ही पब्लिक से मिली शिकायतों और सुझावों पर विचार किया जाएगा।

Posted on

हरिद्वार जिले में सर्वाधिक बढ़े सर्किल रेट

हरिद्वार जिले में गैर कृषि और कृषि दोनों ही श्रेणियों में चिह्नित क्षेत्रों में राज्य में सर्वाधिक सर्किल रेट तय किए गए हैं। जिले के आबादी क्षेत्र में गैर कृषि भूमि में सर्किल रेट में एक फीसद से 233 फीसद तक वृद्धि की गई है। सर्वाधिक 233 फीसद की वृद्धि पिरान कलियर के बेड़पुर गांव में की गई है। गांव में अब 1500 रुपये प्रति वर्गमीटर सर्किल रेट को बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है। रुड़की क्षेत्र में हरिद्वार मार्ग, नया बाइपास, बुग्गावाला समेत प्रमुख मार्गों पर सर्किल छह फीसद से 100 फीसद तक बढ़ाए गए हैं। वहीं कृषि भूमि में शून्य से 400 फीसद तक वृद्धि हुई है। हाईवे स्थित पतंजलि योगपीठ के समीप हरिद्वार बार्डर पर सांतरशाह में सर्किल रेट को 60 लाख प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर तीन करोड़ प्रति हेक्टेयर किया गया है। यह रेट बाजार भाव से अब भी काफी कम बताया जा रहा है।

ऊधमसिंहनगर में 25 फीसद तक वृद्धि

ऊधमसिंहनगर जिले के आबादी क्षेत्रों की गैर कृषि भूमि में तीन फीसद से 25 फीसद तक सर्किल रेट बढ़ाने का निर्णय हुआ। 25 फीसद तक वृद्धि वाले क्षेत्रों में गदरपुर के 13 गांव शामिल हैं। इनमें सर्किल रेट 4400 रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है। सितारगंज के कुछ मोहल्लों में सर्किल रेट में 30 फीसद तक कमी भी की गई है। रुद्रपुर के प्रमुख मार्ग व नए नगरीय क्षेत्रों में भी सर्किल रेट में 25 फीसद तक वृद्धि हुई है। वहीं कृषि भूमि के सर्किल रेट तीन से 81 फीसद तक बढ़े हैं। सर्किल रेट में सर्वाधिक 81 फीसद वृद्धि दिनेशपुर मार्ग पर की गई है। कृषि भूमि के सर्किल रेट में  सामान्य वृद्धि 15 फीसद तक है।

  • नैनीताल: सर्वाधिक 60 हजार रुपये सर्किल रेट नैनीताल जिले में आबादी क्षेत्र में गैर कृषि भूमि के सर्किल रेट एक फीसद से 208 फीसद तक बढ़े हैं। हालांकि आबादी क्षेत्र में सामान्य वृद्धि 15 फीसद है।

पर्वतीय जिले

  • टिहरी-गैर कृषि भूमि में सर्किल रेट में दो फीसद से 20 फीसद और कृषि भूमि में दो फीसद से 35 फीसद तक वृद्धि की गई है। जिले में चंबा रोड पर सर्किल रेट में काफी इजाफा हुआ है।
  • पौड़ी-अकृषि और कृषि दोनों भूमि श्रेणियों के सर्किल रेट में 10 फीसद से 100 फीसद तक इजाफा। सौ फीसद इजाफा लैंसडौन क्षेत्र में किया गया है। जिले के प्रमुख मार्गों के इर्द-गिर्द कृषि भूमि के सर्किल रेट भी बढ़ाए गए हैं।
  • उत्तरकाशी-गैर कृषि और कृषि भूमि के सर्किल रेट में पांच से दस फीसद तक वृद्धि।
  • रुद्रप्रयाग-गैर कृषि व कृषि भूमि सर्किल रेट में पांच से दस फीसद वृद्धि
  • चमोली-गैर कृषि व कृषि भूमि सर्किल रेट में तीन फीसद से 15 फीसद तक इजाफा
  • अल्मोड़ा-कृषि व अकृषि भूमि सर्किल रेट में पांच से दस फीसद वृद्धि
  • पिथौरागढ़-गैर कृषि भूमि में तीन फीसद से 20 फीसद और कृषि भूमि के सर्किल रेट में एक फीसद से 20 फीसद तक इजाफा
  • चंपावत-अकृषि भूमि व कृषि भूमि के सर्किल रेट में दो फीसद से 25 फीसद तक बढ़ोतरी
  • बागेश्वर-गैर कृषि व कृषि भूमि के सर्किल रेट में दो फीसद से दस फीसद तक इजाफा।