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5 दिन में डिफॉल्‍टर हो सकता है पंजाब नेशनल बैंक, जानें क्‍या होगा लाखों कस्‍टमर्स का

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80:20 स्कीम: रघुराम राजन ने किया बचाव, कहा-रोजगार की खातिर थी स्कीम

यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहने के दौरान पी. चिदंबरम सोने के आयात पर नियंत्रण के लिए 80:20 स्कीम लाए थे. आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने इस स्कीम का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि यह स्कीम सोने के आयात पर नियंत्रण लगाने के लिए लाई गई थी. उन्होंने कहा कि आरोप लगाने से पहले हमें यह देखना होगा कि असल में हुआ क्या था.

मोदी सरकार के सत्ता में आने से कुछ दिन पहले से ही 80:20 स्कीम के तहत कुछ कारोबारियों को सहयोग देने को लेकर भाजपा लगातार पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को घेर रही है. अब इसमें आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का नाम भी घसीटा जा रहा है. सीएनबीसी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में रघुराम राजन ने इस मामले को लेकर अपना पक्ष रखा.

रघुराम ने कहा कि हमें यह देखने की जरूरत है कि पंजाब नेशनल बैंक घोटाला कैसे हुआ और इसमें कहां खामियां रह गईं. उन्होंने गोल्ड स्कीम 80:20 को लेकर कहा कि हमें यह देखना होगा कि हमने इस स्कीम को किस समय पर लाया. 2013 के दौरान जब इस स्कीम को लाया गया, तब देश में फॉरेन एक्सचेंज क्राइस‍िस की स्थ‍िति थी. इसकी वजह से सबने यह आशंका जताई थी कि चालू खाता घाटा नियंत्रण से बाहर हो सकता है.उन्होंने कहा कि यह स्कीम ज्वैलरी सेक्टर में रोजगार पैदा करने की जरूरत को ध्यान में रखकर भी लाई गई थी.

चालू खाते के घाटे में एक सबसे बड़ी हिस्सेदारी सोने की बड़ी खरीदारी थी. ऐसे में जब जनता बड़े स्तर पर सोना खरीद रही थी, तो सरकार ने इस पर थोड़ा नियंत्रण पाने के लिए कदम उठाने की सोची. इस समय यह सोचा गया कि एक अस्थाई समाधान सोने के आयात पर लगाम लगेगी.

उन्होंने बताया कि इस स्कीम के तहत हर 100 ग्राम के आयात में से 20 ग्राम सोने का निर्यात करना जरूरी था. इसी वजह से सोने के आयात पर लगाम लगाई जा सकी.

भाजपा का ये है आरोप

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया है कि 2014 में जिस दिन लोकसभा चुनाव के रिजल्ट आए, उस दिन तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने 7 निजी कंपनियों को 80:20 गोल्ड स्कीम के तहत सहयोग दिया. प्रसाद का आरोप है कि इसमें मेहुल चौकसी की कंपनी गीतांजलि भी शामिल थी.

क्या है 80:20 गोल्ड स्कीम?

यूपीए सरकार के राज में इस स्कीम की शुरुआत अगस्त, 2013 में की गई थी. ज्वैलर्स के लगातार दबाव के बाद यूपीए सरकार ने सोने के आयात-निर्यात में कुछ राहत दी थी. इस स्कीम के तहत निजी कंपनियों को भी आयात करने की सुविधा दी गई. इस स्कीम में यह शर्त रखी गई थी कि कारोबारियों ने जो भी सोना आयात किया है. इसमें से वह सिर्फ 20 फीसदी निर्यात कर सकते हैं और 80 फीसदी उन्हें घरेलू इस्तेमाल के लिए रखना होगा.

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मोबाइल वॉलेट की केवाईसी के लिए आज आखिरी मौका, चूक गए तो फंस जाएगा पैसा

आप यदि  पेटीएम, फ्रीचार्ज या ऐसे किसी दूसरे मोबाइल वॉलेट का उपयोग करते हैं तो उसे अपने ग्राहक को जानें ( केवाईसी) अपडेट कराने की 28 फरवरी आखिरी तारीख है। अगर आपने आज यह काम नहीं कराया तो आपका पैसा फंस जाएगा।

रिजर्व बैंक का समय सीमा बढ़ाने ने इनकार
आरबीआई ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि मोबाइल वॉलेट को केवाईसी से जोड़ने की 28 फरवरी की अंतिम तारीख को और आगे नहीं बढ़ाएगा। हालांकि, आरबीआई ने यह राहत जरूर दी है कि मोबइल वॉलेट में रखा मौजूदा बैलेंस बरकरार रहेगा और ग्राहक इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। केन्द्रीय बैंक ने पिछले सोमवार को यह भी कहा था कि ग्राहक अपने पैसे को बैंक खाते में भी ट्रांसफर कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि केवाईसी के लिए पहले 31 दिसंबर, 2017 तक का समय दिया गया था। बाद में इस समयसीमा को बढ़ाकर 28 फरवरी, 2018 किया गया।

ऐसे कराएं मोबाइल वॉलेट की केवाईसी
ऐसे कराएं मोबाइल वॉलेट की केवाईसी

आसान है प्रक्रिया
यदि आप पेटीएम का इस्तेमाल करते हैं तो सबसे पहले आपको अपने पेटीएम वॉलेट में लॉग इन कर केवाईसी या फिर लिंक आधार आइकॉन पर जाना होगा। इसके बाद प्रोसीड पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज खुलेगा, जिसमें आधार नंबर और उस पर मौजूद अपना नाम डालकर प्रोसीड पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपको केवाईसी विकल्प चुनना है। इसमें आपके पास दो विकल्प रिक्‍वेस्‍ट ए विजिट और विजिट ए केवाईसी कस्‍टमर हैं।

अगर आप रिक्‍वेस्‍ट ए विजिट ऑप्‍शन चुनते हैं तो इसमें पेटीएम आपके घर पर अपना एजेंट भेजेगा। इसके लिए आपको अपना नाम, पता डालना होगा। इसके बाद आपको पेटीएम की तरफ से कॉल आएगी और एक्जिक्यूटिव को घर पर बुलाने के लिए समय और तारीख तय की जाएगी। एक्जिक्यूटिव आपके घर आकर आधार नंबर और ओटीपी के जरिये चंद मिनट में आपकी केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर देगा।

अगर आप विजिट ए केवाईसी कस्‍टमर विकल्प चुनते हैं तो आपको अपने निकटतक केवाईसी केन्द्र जाना होगा। इसे चुनने पर आपके पास के केवाईसी केन्द्र की लिस्‍ट सामने आएगी। आप उसमें से केन्द्र चुन सकते हैं। केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के लिए आपको अपना आवासीय पता का प्रमाण पत्र भी देना होगा।

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डिजिटल पेमेंट: Whatsapp जल्द देगा यूजर्स को यह बड़ा तोहफा, शुरू होगी ये खास सेवा

Whatsapp अपने करोड़ों यूजर्स को जल्द एक तोहफा दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जल्द ही व्हाट्सएप के जरिए से यूजर्स पेमेंट भी कर सकेंगे।

फरवरी महीने से व्हाट्सएप यूपीआई बेस्ड पेमेंट सेवा की शुरुआत कर सकता है। रिपोर्ट्स की मानें तो शुरुआत में केवल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के ग्राहकों के लिए यह सुविधा दी जाएगी।

इससे जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि व्हाट्सएप एक बैंक के साथ इस तकनीक की टेस्टिंग की शुरुआत कर चुका है। हम उम्मीद जता रहे हैं कि फरवरी के अंत व्हाट्सएप यूजर्स को इस सेवा की सौगात दे दी जाएगी।

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एक बैंकर ने भी इस खबर को कंफर्म किया है। उन्होंने बताया कि डाटा को और सुरक्षित बनाने के लिए हम कई सिक्योरिटी चेक्स कर रहे हैं।

गौरतलब है व्हाट्सएप का स्वामित्व फेसबुक के पास है और भारत में व्हाट्सएप के कुल 20 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। वहीं, बीते साल जुलाई में सरकार ने व्हाट्सएप को यूपीआई सेवा लाने के लिए इजाजत भी दे दी थी।

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ऐसा होगा 10 रुपये का नया नोट, आरबीआई जल्द करेगा जारी, 10 खास बातें

खास बातें

  1. RBI ने ट्वीट कर 10 रुपये के नए नोट की दी जानकारी
  2. नोट चॉकलेटी- भूरे रंग में होगा.
  3. नोट का आकार 6.3सेमीX 12.3सेमी होगा

पुराने नोटों का मेकओवर करने और उसे लॉन्च करने का सिलसिला जारी है. अब भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई जल्द ही 10 रुपये के नोट का मेकअवर कर उसे जारी करने जा रहा है. यानी आरबीआई जल्द ही 10 रुपये का नये नोट जारी करेगा. इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक 2000 रुपये, 500 रुपये 200 रुपये और 50 रुपये के नये नोट जारी कर चुका है. 10 रुपये के नोट को लेकर काफी समय से उहापह की स्थिति थी, मगर अब खुद आरबीआई ने इसकी पुष्टि कर दी है कि जल्द ही लोगों के जेब में नये रंग में 10 रुपये के नोट होंगे.

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क्या है नए नोट की खूबिंयां :

  1. नोट चॉकलेटी- भूरे रंग में होगा.
  2. नोट के आगे वाले भाग पर मध्य में महात्मा गांधी की बड़ी तस्वीर होगी.
  3. इसके पृष्ठ भाग पर कोणार्क का सूर्य मंदिर की आकृति अंकित होगी.
  4. रिजर्व बैंक ने कहा है कि दस रुपये का नया नोट महात्मा गांधी की तस्वीर वाले नोटों की नई श्रृंख्ला के अंतर्गत जारी किया जाएगा.
  5. इस पर गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे.
  6. नोट का आकार 6.3सेमीX 12.3सेमी होगा.
  7. रिजर्व बैंक द्वारा पहले से जारी 10 रुपये के नोटों का चलन मान्य बना रहेगा.
  8. नोट के दाईं तरफ निचले हिस्से में 10 रुपये लिखा हुआ होगा और नोट के बाईं तरफ देवनागरी में 10 रुपये लिखा हुआ होगा.
  9. नए नोट में अलग-अलग जगह छोटे शब्दों में RBI,भारत, INDIA और 10 रुपये लिखा होगा.
  10. नोट के पिछले हिस्से में बाईं तरफ नोट छपने का साल लिखा है और स्वच्छ भारत का नारा भी लिखा हुआ होगा.

बता दें कि साल 2016 में नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी कर 1000 और पांच सौ के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था. इसके बाद दो हजार और पांच सौ के नये नोट मार्के में लाए गये. उसी सीरीज में दस रुपये का नोट भी मार्केट में आ रहा है.

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पहली बार 14,000 डॉलर के पार पहुंचा बिटकॉइन, एक दिन में 1,29,000 रुपये बढ़ी कीमत

भारतीय रिजर्व बैंक ने भले ही भारत में बिटकॉइन को लेकर निवेशकों को आगाह किया हो, लेकिन इसकी कीमत दिन-दूनी रात चौगुनी गति से बढ़ रही है। बुधवार को 12,000 अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रहे बिटकॉइन की कीमत महज 24 घंटे के भीतर 14,000 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई । इस तरह कह सकते हैं कि महज एक दिन में ही निवेशकों ने इस डिजिटल करंसी से करीब 1,29,084 रुपये की कमाई कर ली। इस साल की शुरुआत से ही बिटकॉइन की कीमत में लगातार इजाफा हो रहा है। हालांकि बुधवार को ही भारतीय रिजर्व बैंक ने आगाह करते हुए कहा था कि इसमें लेन-देन या निवेश करने का जोखिम निवेशकों को खुद उठाना होगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह इसमें किसी भी धोखाधड़ी के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

इस साल की शुरुआत में 1,000 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहे बिटकॉइन ने बीते सप्ताह ही 10,000 डॉलर के लेवल को पार किया था। दिग्गज अर्थशास्त्रियों और बिजनस लीडर्स की ओर से बिटकॉइन को लेकर चेतावनी जारी किए जाने के बाद भी इसमें निवेशकों का उत्साह बरकरार है। बीते 24 घंटे में ही इसने 12,000 के स्तर और फिर 13,000 के स्तर को पारकर 14,000 डॉलर के आंकड़े को छू लिया।

हॉन्ग कॉन्ग में गुरुवार को शुरुआती कारोबार में इसकी कीमत 14,000 डॉलर तक पहुंच गई। इस क्रिप्टोकरंसी में इस साल बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। बीते सप्ताह ही 11,000 डॉलर के आंकड़े तक गिरने के बाद इसमें अचानक इजाफा हुआ है और 3,000 डॉलर तक की ग्रोथ देखने को मिली है।

गौरतलब है कि सितंबर में ही अमेरिका के सबसे बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमॉन ने कहा था कि बिटकॉइन फ्रॉड करंसी है। उन्होंने तो यहां तक कहा था कि यह ड्रग डीलर्स और धोखाधड़ी करने वाले लोगों की करंसी है। जेमी ने कहा था, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैं अचंभित हूं कि इस करंसी को कोई देख भी नहीं सकता कि आखिर यह क्या है।’

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लिखे हुए 500 और 2000 हजार के नोटों को लेने से मना नहीं कर सकते बैंक: आरबीआई

कोई भी बैंक 500 और 2000 रुपये के उन नोटों को लेने से इनकार नहीं कर सकता है जिनपर कुछ लिखा हुआ है। हालां​कि व्यक्ति ऐसे नोटों को बदलवा नहीं सकता है, यह नोट सिर्फ जमाकर्ता के व्यक्तिगत खाते में जमा किये जा सकते हैं। आरबीआई के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में रिजर्व बैंक ऑफ ​इंडिया आर्थिक साक्षरता के तहत मेला आने वाले लोगों को जागरूक कर रहा है। यहां नए नोटों के फीचर समेत लोगों को उनके अधिकारों के प्रति साक्षर किया जा रहा है। साथ में, डिजिटल माध्यम से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रगति मैदान के हॉल संख्या 18 में लगे आरबीआई के स्टॉल में लोग अपने सवाल लेकर भी पहुंच रहे हैं। कोई यहां 500 और 2000 रुपये के ऐसे नोटों की वैधता जानना चाह रहा है जिनपर कुछ लिखा हुआ है। तो कोई बैंक के खिलाफ शिकायत करने के तरीके के बारे में जानकारी मांग रहा है। किसी को 10 रुपये के ​सिक्कों की स्थिति​ के बारे में जानकारी चाहिए।

आरबीआई के अधिकारियों ने ‘‘भाषा’’ को बताया कि केंद्रीय बैंक पहले भी इस संबंध में भ्रम दूर कर चुका है। मेला के दौरान लोग हमसे 500 और 2000 रुपये के नए नोटों पर कुछ लिखा होने की स्थिति में उनकी वैधता पर सवाल कर रहे हैं। हम यहस्पष्ट करना चाहते हैं कि नोट पर कुछ लिखा होने या रंग लग जाने की स्थित में भी वह वैध हैं। बैंक उन्हें लेने से इनकार नहीं कर सकते हैं।

साथ ही उन्होंने कहा, हालांकि, ग्राहक ऐसे नोटों को बैंक से बदलवा नहीं सकते हैं, लेकिन ऐसे नोट वह अपने व्यक्तिगत खातों में जमा करवा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आरबीआई स्वच्छ नोटों की नीति का अनुसरण करता है। नए नोटो को लेकर अभी रिफंड नीति नहीं आई है इसलिए जिन नोटों पर कुछ लिखा है उन्हें बदलवाया नहीं जा सकता है पर खाते में जमा किया जा सकता है। आरबीआई ने ऐसे नोटों का लीगल टेंडर वापस नहीं लिया है।

अ​धिकारियों ने कहा कि इसके अलावा हम मेला देखने आने वाले लोगों को नए नोटों के फीचर के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं ताकि वह जाली नोटों की पहचान कर सकें।

उन्होंने कहा ​कि इसके लिए हमने पैमफ्लैट्स प्रकाशित कराए हैं। इनपर नोटों के बारे में ​विस्तृत जानकारी मुद्रित है जिनका अध्ययन करके लोग नोट की सही तरीके से पहचान कर सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि 500, 2000 और 200 रुपये के नोटों पर 17 फीचर हैं जबकि 50 रुपये के नए नोट पर 14 फीचर हैं।

उन्होंने कहा कि लोग हमारे पास शिकायतें ले कर आ रहे हैं कि दुकानदार 10 रुपये के सिक्के नहीं ले रहे हैं। हमने ऐसी शिकायतें लेकर आ रहे लोगों को स्पष्ट कर दिया है कि 10 रुपये के सभी सिक्के मान्य है। हमने संबंध में अधिसूचना को मेले में लगाया हुआ है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा हम मेले में डिजिटल लेन देन के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

अधिकारी ने कहा कि नेट बैंकिंग का इस्तेमाल सिर्फ स्मार्ट फोन वाले ही नहीं बल्कि फीचर फोन रखने वाले भी कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि फीचर फोन को इस्तेमाल करने वाले लोग अपने फोन से *99# डायल करके इंटरनेट के बिना भी दो खातों के बीच लेन देन कर सकते हैं। इसके ​लिए उपयोगकर्ता को इसी नम्बर पर डायल करके अपना पंजीकरण कराना होगा।

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रघुराम राजन को मिल सकता है अर्थशास्त्र नोबेल, इसलिए चुना गया उनका नाम

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को इस साल का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिल सकता है। क्लैरिवेट एनालिटिक्स ने छह संभावितों की जो सूची तैयार की है, उसमें राजन का भी नाम है। सोमवार को इस पुरस्कार का एलान स्टॉकहोम में किया जाएगा।

थॉमसन रायटर्स की इकाई रह चुकी क्लैरिवेट एनालिटिक्स ने शोध पत्रों के आधार पर संभावित नोबेल पुरस्कार विजेताओं की सूची तैयार की है। क्लैरिवेट एनालिटिक्स अकादमिक और साइंटिफिक रिसर्च कंपनी है। वह अपने शोध के आधार पर नोबेल पुरस्कार के संभावित विजेताओं की सूची तैयार करती है। उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछले 15 सालों में उसके चुने गए अर्थशास्ति्रयों में से 45 नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित हुए।

राजन का नाम इसलिए चुना गया 

कॉर्पोरेट फाइनेंस के क्षेत्र में किए गए काम के लिए राजन का नाम सूची में आया है। माना जाता है कि राजन ने वर्ष 2008 में आई अमेरिका में मंदी की भविष्यवाणी बहुत पहले ही कर दी थी। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा था। राजन ने वर्ष 2005 में अमेरिका में अर्थशास्त्री और बैंकरों की प्रतिष्ठित वाषिर्षक सभा में शोध पत्र पढ़ा था। इसमें उन्होंने आर्थिक मंदी का अनुमान जताया था, जिसका उस समय मजाक उड़ाया गया। मगर तीन साल बाद यह भविष्यवाणी सच साबित हो गई। रघुराम राजन ने अपने शोध पत्र में कहा था कि वित्तीय बाजार विकसित होकर अधिक जटिल और कम सुरक्षित हो गए हैं।

नोटबंदी की आलोचना कर चुके हैं राजन 

रघुराम राजन 4 सितंबर 2016 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे। इस पद से हटने के बाद उन्होंने अपनी किताब ‘आई डू व्हाट आई डू’ में खुलासा किया कि उन्होंने फरवरी 2016 में नोटबंदी के प्रस्ताव का विरोध किया था। उनका मानना था कि लंबे समय में इसके फायदे हो सकते हैं, लेकिन अल्प अवधि में अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। सरकार ने राजन के सुझाव को नहीं माना और 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 के नोट बंद करने का एलान कर दिया।

कौन हैं रघुराम राजन 

3 फरवरी 1963 को भोपाल में जन्मे रघुराम राजन अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की दुनिया में बड़ा नाम है। आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएट राजन 40 की सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में मुख्य अर्थशास्त्री व अनुसंधान निदेशक बन गए थे। सितंबर 2013 से सितंबर 2016 के बीच वह भारतीय रिजर्व बैंक के 23वें गवर्नर रहे। वर्तमान में वह बतौर फैकल्टी शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में पढ़ा रहे हैं। वर्ष 2013 में रुपए को संकट से उबारने में किए गए योगदान के लिए ब्रिटिश पत्रिका सेंट्रल बैंकिंग का सेंट्रल बैंकर ऑफ द ईयर अवॉर्ड मिल चुका है।