Posted on Leave a comment

स्काई डाइविंग के लिए इंडिया की ये 5 जगहें हैं बेस्ट

स्काई डाइविंग, सिंपल पैराशूटिंग का मॉर्डन रूप है जिसमें एयरक्रॉफ्ट द्वारा एक तय ऊंचाई से खुली हवा में जंप करना होता है और उसके कुछ समय बाद अपना पैराशूट खोलकर लैंड करना होता है।

इस एडवेंचर में एन्जॉयमेंट के साथ सुरक्षा के लिए आपको कुछ रूल्स भी फॉलो करने पड़ते हैं। जिसके लिए ट्रैनर्स मौजूद होते हैं। जहां कई जगहों पर 1-2 घंटे की ट्रेनिंग दी जाती है वहीं कुछ जगहों पर महज कुछ घंटों की। जिसके बाद आप तैयार होते हैं खुली हवा में आजाद चीड़िया की तरह उड़ने के लिए। तो आज हम इंडिया की ऐसी ही जगहों के बारे में जानेंगे, जहां जाकर आप अपने स्काई डाइविंग के शौक को आसानी से पूरा कर सकते हैं।

इंडिया की ये 5 जगहें हैं स्काई डाइविंग के बेस्ट

मैसूर, कर्नाटक- बेस्ट स्काई डाइविंग डेस्टिनेशन्स की लिस्ट में मैसूर सबसे ज्यादा पॉप्युलर है। बैंगलुरू से कुछ ही घंटे की दूरी पर बसे मैसूर में बहुत सारे स्काई डाइविंग कैंप्स मिलेंगे। यहां आकर स्काई डाइविंग करना बिल्कुल अलग ही तरह का एक्सपीरियंस होता है। टैंडेम से लेकर स्टेटिक और एक्सीलेरेटेड हर तरह के जंप्स के लिए प्रोफेशनल ट्रेनर्स द्वारा आपको 2-3 दिन की ट्रैनिंग दी जाती है। इसके बाद ही आप स्काई डाइविंग का मजा ले सकते हैं। हवा में फ्री होकर उड़ते हुए आसपास के खूबसूरत नजारों को देखने का एहसास अलग ही होता है

धाना, मध्यप्रदेश- धाना में इंडिया का पहला स्काई डाइविंग कैंप शुरू हुआ था। यहां आपको स्टेटिक और टैंडेम जंप्स के ऑप्शन्स मिलते हैं। 4000 फीट से जंप करते हुए यहां की खूबसूरती देखना वाकई बहुत अद्भुत होता हैशायद इसलिए ही धाना को इंडिया के बेस्ट स्काई डाइविंग डेस्टिनेशन्स में शामिल किया गया है

एंबी वैली, महाराष्ट्र- अगर आपको एंडवेंचर करना पसंद है तो महाराष्ट्र के एंबी वैली में स्काई डाइविंग जरूर ट्राय करें। 45 मिनट की ये डाइविंग आपको लाइफटाइम याद रहेगी। फिलहाल यहां 10,000 फीट से टैंडेम जंप की सुविधा अवेलेबल है जिसमें बेशक मज़ा तो आता है लेकिन उतना ही डर भी लगता है। तो अगर आप थ्रील के साथ इस एडवेंचर को वाकई एन्जॉय करना चाहते हैं तो फिर वीकेंड में महाराष्ट्र आने का प्लान करें

दीसा, गुजरात- एक्सपीरियंस्ड हो या फिर नौखिसिया, गुजरात का दीसा हर किसी को लाइफटाइम एक्सपीरियंस देने के लिए बेस्ट स्काई डाइविंग डेस्टिनेशन है।हां गुजरात स्पोर्ट्स अथॉरिटी और इंडियन पैराशूटिंग फेडरेशन द्वारा भी स्काई डाइविंग के कैंप्स लगाए जाते हैं

पांडिचेरी- इंडिया के खूबसूरत शहरों में शामिल पांडिचेरी सिर्फ स्कूवा ही नहीं स्काई डाइविंग के लिए भी बेस्ट डेस्टिनेशन है. ट्रैवलिंग के साथ एंडवेंचर पसंद वालों की तो ये सबसे पसंदीदा जगह है। पांडिचेरी में आपको स्टेटिक, टैंडेम और एक्सीलिरेटेड हर तरह के जंप्स के ऑप्शन मिलेंगे। फ्री बर्ड की तरह हवा में उड़ते हुए नैचुरल ब्यूटी को एक्सप्लोर करना है तो पांडिचेरी का ट्रिप रहेगा बेस्ट

Posted on Leave a comment

आपके रोमांच को और बढ़ाएंगी भारत की ये रहस्यमय गुफाएं

आइए, जानते हैं भारत की रहस्यमय गुफाओं के बारे में,

बोरा गुफाएं

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विलियम किंग जॉर्ज ने 1807 में आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले में अराकू वैली के पास अनंतगिरी की पहाडि़यों में खोजी थी। यहां कार्स्टिक चूना पत्थर से बनी हुई सबसे गहरी गुफा है। इसकी गहराई 80 मीटर है। ये भारत की सबसे गहरी गुफाओं में से एक है।

भीमबेटका रॉक शेल्‍टर

मध्‍य प्रदेश के रायसेन जिले में रतापानी वाइल्‍ड लाइफ सैंक्चुअरी के अंदर भीमबेटका गुफाएं हैं। ये गुफाएं पाषाण काल की बनी हुई हैं। गुफा की दीवारों पर इंसान और जानवरों की पेंटिंग उकेरी गई हैं। मानव सभ्‍यता की ये सबसे पुराने चिह्नों में से एक हैं। 2003 में इसे वर्ल्‍ड हैरिटेज साइट घोषित कर दिया गया था। ये गुफा लगभग 30 हजार साल पुरानी है। यहां पांच सौ से ज्‍यादा प्राकृतिक गुफाएं बनी हुई हैं। भीमबेटका में युद्ध की पेंटिंग दीवारों पर बनाई गई है। 1958 में इस पेंटिंग की खोज की गई थी।

अमरनाथ गुफा

अमरनाथ गुफा भारतीय आस्‍था का केंद्र है। यहां बर्फ से भगवान के शिवलिंग का निर्माण होता है। हजारों की संख्‍या में भक्‍त यहां आते हैं। ये भारत के सबसे पूज्‍यनीय तीर्थ स्‍थलों में से एक है। जम्‍मू कश्‍मीर में बनी यह गुफा हिमालय की पहाडि़यों से घिरी हुई है। ये गुफा ज्‍यादातर बर्फ से ढकी रहती है।

अंडावल्‍ली गुफा

यह गुफा प्रचीन काल का सबसे बेहतरीन नमूना है। इसे विश्‍वकर्मा स्‍थापथीस कहा जाता है। आंध्र प्रदेश में यह गुफा विजयवाड़ा से सिर्फ 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इन गुफाएं चौथी-पांचवी शताब्‍दी की प्रतीत होती हैं। यह गुफाएं पत्‍थरों से निर्मित हैं। यह एक जैन गुफा थी। यह उदयगिरि और खांडगिरि के आर्कीटेक्‍चर का नमूना है। इसमें से प्रमुख गुफा गुप्‍त काल के आर्कीटेक्‍चर का नमूना है।

वैष्‍णो देवी

जम्‍मू कश्‍मीर में स्थित वैष्‍णो देवी मंदिर भारत की सबसे प्रचीन गुफाओं में से एक है। ये प्रमुख हिन्‍दू मंदिरों और शक्ति के 52 पीठों में से एक है। यह त्रिकूट पहाडि़यों पर स्थित है। यहां हर साल लाखों की संख्‍या में भक्‍त आते हैं।

उदयगिरि और खांडगिरि गुफा

उड़ीसा में बनी उदयगिरि और खांडगिरि गुफा प्रकृति और मानव निर्मित गुफा का अद्भुत नमूना है। इस आर्कियोलॉजिकल और हिस्‍टॉरिकल गुफा का अपना ही धार्मिक महत्‍व है। यह गुफा भुवनेश्‍वर के पास स्थित है। यहां की ज्‍यादातर गुफाएं जैन मॉंक का घर रहीं हैं। उदयगिरि का अर्थ होता है सूर्योदय गुफा। यहां 18 खांडगिरि गुफाएं भी है। जिनका अर्थ होता है टूटी हुई पहाडि़यां। जैन गुफाएं भारत में प्राचीन काल से हैं।

एलीफेंटा गुफाएं

महाराष्‍ट्र के एलीफेंटा आईसलैंड पर बनी ये गुफाएं मानव निर्मित गुफाओं का नेटवर्क है। इसे सिटी ऑफ केव्‍स भी कहा जाता है। ये मुंबई में हार्बॉर पर स्थित हैं। ये आइसलैंड दो गुफाओं का घर है। यहां दो ग्रुपो में पहली पांच हिन्‍दू गुफाएं है और छोटे ग्रुप में दो बुद्धिस्‍ट गुफाएं हैं। पहाड़ों को काट कर इन गुफाओं का निर्माण किया गया है।

Posted on Leave a comment

बालों की सेहत के लिए हर किसी को खानी चाहिए ये विशेष चीजें

आइए जानते हैं ऐसी चीजों के बारे में जिन्हें खाने से आपके बाल ना केवल स्वस्थ रहेंगे बल्कि खूबसूरत और चमकीले भी नजर आएंगे.

पालक-
अगर आप शाकाहारी हैं तो पालक से बेहतर बालों के लिए कोई चीज हो ही नहीं सकती है. पालक आयरन, विटामिन ए, सी औऱ प्रोटीन का बढ़िया स्रोत होता है. आय़रन की कमी से ही सबसे ज्यादा बाल झड़ते हैं. पालक केवल आयरन से ही भरपूर नहीं होता है बल्कि इसमें सेबम भी होता है जो बालों के लिए प्राकृतिक कंडीशनर माना जाता है. इसमें ओमेगा-3 एसिड, मैग्नीशियम, कैल्शियम और आयरन भी मौजूद होता है. इससे स्कैल्प हेल्दी और बाल स्वस्थ रहते हैं.

अंडा और दुग्ध उत्पाद-
बालों की ग्रोथ के लिए और मोटे-घने बालों के लिए अंडा व दुग्ध उत्पाद बहुत जरूरी हैं. दूध, योगर्ट और अंडे में कई सारे जरूरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, विटामिन बी12, आयरन, जिंक और ओमेगा 6 फैटी एसिड्स होते हैं. दुग्ध उत्पाद बियोटीन (विटामिन बी7) का भी अच्छा स्रोत है जो बालों को झड़ने से रोकता है.

नट्स-
बालों को झड़ने से रोकने के लिए अपनी डाइट में नट्स को शामिल कीजिए.  खासकर अखरोट इकलौता ऐसा नट है जिसमें बियोटीन, बी विटामिन्स, विटामिन ई और प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और मैग्नीशियम होता है. ये सभी बालों को मजबूत बनाते हैं.

अमरूद-
ये तो आप जानते ही होंगे कि बालों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन सी कितना जरूरी होता है. विटामिन सी बालों को पतला होने से रोकता है. अमरूद में संतरे से भी ज्यादा विटामिन सी होता है. इसकी पत्तियों में भी विटामिन बी और सी होता है जो बालों की ग्रोथ के लिए जरूरी कोलाजेन ऐक्टिविटी को बढ़ाने में मदद करता है.

दालें-
दालें प्रोटीन, आय़रन, जिंक, बायोटिन का भंडार होती हैं जोकि बालों के लिए जरूरी पोषक तत्व होते हैं. इसके अलावा दालें फोलिक एसिड का भी खजाना हैं. फोलिक एसिड लाल रक्त कोशिकाओं को दुरुस्त करती है जिससे स्किन और स्कैल्प को जरूरी ऑक्सीजन उपलब्ध हो पाती है और बाल टूटना रुक जाता है.

जौ- जौ में खूब विटामिन ई होता है जो पतले बालों को ठीक करने में मदद करता है. जौ में आयरन और कॉपर भी होता है जो रेड ब्लड सेल्स का उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है.

चिकन-
चिकन प्रोटीन का अच्छा स्रोत है लेकिन अगर आप शाकाहारी हैं तो आप टोफू और पीनट्स से इसकी भरपाई कर सकते हैं.

अलसी का बीज-
अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होता है. आपका शरीर जरूरी फैटी एसिड का उत्पादन नहीं कर पाता है इसलिए आपको अपने आहार से इसकी आपूर्ति करनी चाहिए. अलसी का बीज सबसे बढ़िया विकल्प है.

गाजर-
गाजर केवल आंखों की रोशनी के लिए ही नहीं बल्कि आपके बालों के लिए भी बहुत जरूरी है. इनमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ए होता है जो नैचुरल कंडीशनर का काम करता है और आपके बालों को झड़ने से रोकता है.

विटामिन सी की खुराक के लिए खट्टे फल-
आपके शरीर को आयरन के अवशोषण के लिए विटामिन सी की जरूरत होती है इसलिए आपको अपनी डाइट में साइट्रस फ्रूट्स को जरूर शामिल करना चाहिए. न्यूट्रिशनिस्ट का सुझाव है कि एक गिलास नींबू पानी भी पर्याप्त साबित होगा.

इसके अतिरिक्त स्वीट पोटैटो भी विटामिन ए का अच्छा स्रोत है. बालों को स्वस्थ रखने में मदद करता है.

 

Posted on Leave a comment

अच्छी खबर करिश्माई खेती की: डेढ़ लाख लगाकर इस किसान ने 70 दिन में कमाए 21 लाख रुपये

गुजरात के बनासकांठा जिले में एक सातवीं पास किसान सुर्खियों में छाया हुआ है. दरअसल, उसने फसल उगाने की ऐसी तरकीब अपनाई कि महज 70 दिन में 21 लाख रुपये का मुनाफा कमा लिया.

इस किसान का नाम है खेताजी सोलंकी. उसने अपने सात बीघा के खेत में आलू की जगह खरबूजे की फसल बोने का फैसला किया, लेकिन इसमें उन्होंने आधुनिक तकनीकों की मदद ली.

खेताजी सोलंकी ने बेहतर बीज, टपक सिंचाई और सोलर वॉटर पंप का इस्तेमाल किया. उनके खेत में 140 टन खरबूजा पैदा हुए. उन्होंने 1.21 लाख रुपये खर्च किए थे. पैदावार इतनी अच्छी थी कि उन्हें उसे बेचने के लिए कहीं जाना भी नहीं पड़ा बल्कि दूसरे राज्यों से व्यापारी उनके पास आकर खरबूजा खरीदकर ले गए. उन्हें इसके काफी अच्छे पैसे मिले. फरवरी में लगाई फसल अप्रैल में तैयार हो गई और 70 दिन में उन्होंने 21 लाख रुपये कमा लिए.

 

Posted on Leave a comment

एक कहानी जो यकीनंद आपके दिल को छु जायेगी।

एक लड़की की शादी उसकी मर्जी के खिलाफ एक सीधे-साधे लड़के से की जाती है जिसके घर मे एक मां के आलावा और कोई नहीं है। दहेज में लड़के को बहुत सारे उपहार और पैसे मिले होते हैं। लड़की किसी और लड़के से बेहद प्यार करती थी और लड़का भी।

लड़की शादी हो के आ गयी अपने ससुराल, सुहागरात के वक्त लड़का दूध लेके आता है तो दुल्हन सवाल पूछती है अपने पति से…एक पत्नी की मर्जी के बिना पति उसको हाथ लगाये तो उसे बलात्कार कहते है या हक?

पति – आपको इतनी लम्बी और गहरी जाने की कोईजरूरत नहीं है..बस दूध लाया हूँ पी लिजीयेगा। हम सिर्फ आपको शुभरात्रि कहने आये थे कहके कमरे से निकल जाता है। लड़कीमन मारकर रह जाती है क्योंकि लड़की चाहती थी कीझगड़ा हो ताकी मैं इस गंवार से पिछा छुटा सकूँ ।है तो दुल्हन मगर घर का कोई भी काम नहीं करती। बसदिनभर online रहती और न जाने किस किस से बातेंकरती मगर उधर लड़के की माँ बिना शिकायत के दिन भरचुल्हा चौका से लेकर घर का सारा काम करती मगर हरपल अपने होंठों पर मुस्कुराहट लेके फिरती । लड़का एककम्पनी मे छोटा सा मुलाजीम है और बेहद ही मेहनती औरइमानदार। करीब महीने भर बित गये मगर पति पत्नीअब तक साथ नहीं सोये… वैसे लड़का बहुत शांत स्वाभाववाला था इसलिए वह ज्यादा बातें नहीं करता था, बसखाने के वक्त अपनी पत्नी से पूछ लेता था कि, कहा खाओगी..अपने कमरे में या हमारे साथ। और सोने से पहले डायरी लिखने की आदत थी जो वह हर रात को लिखता था।ऐसे लड़की के पास एक स्कूटी था वह हर रोज बाहरजाती थी पति के अफीस जाने के बाद और पति के वापसलौटते ही आ जाती थी। छुट्टी का दिन था लड़का भीघर पे ही था तो लड़की ने अच्छे भले खाने को भी गंदा कहके माँ को अपशब्द बोलके खाना फेंक देती है मगर वह शांत रहने वाला उसका पति अपनी पत्नी पर हाथ उठा देता है मगर माँ अपने बेटे को बहुत डांटती है। इधर लड़की को बहाना चाहिए था झगड़े का जो उसे मिल गयाथा, वह पैर पटकती हुई स्कूटी लेके निकल पड़ती है। लड़की जो रोज घर से बाहर जाती थी वह अपने प्यार से मिलने जाती थी, लड़की भले टूटकर चाहती थी लड़के को मगर उसे पता था की हर लड़की की एक हद होती है जिसे इज्जत कहते हैं, वह उसको बचाये रखी थी। इधर लड़कीअपने प्यार के पास पहुँचकर कहती है। अब तो एक पल भी उस घर मे नहीं रहना है मुझे । आज गंवार ने मुझपर हाथ उठाके अच्छा नही किया ।

लड़का – अरे तुमसे तो मैं कब से कहता हूँ की भाग चलो मेरेसाथ कहीं दूर मगर तुम हो की आज कल आज कल पे लगीरहती हो।

लड़की – शादी के दिन मैं आई थी तो तुम्हारे पास। तुमही ने तो लौटाया था मुझे ।

लड़का – खाली हाथ कहा तक भागोगे तुम ही बोलो..मैंनेतो कहा था कि कुछ पैसे और गहने साथ ले लो तुम तोखाली हाथ आई थी।आखिर दूर एक नयी जगह मे जिंदगी नये सिरे से शुरू करने केलिए पैसे तो चाहिए न?

लड़की – तुम्हारे और मेरे प्यार के बारे में जानकर मेरे घरवालो ने बैंक के पास बुक एटी एम और मेरे गहने तक रखलिये थे। तो मैं क्या लाती अपने साथ । हम दोनों मेहनत करके कमा भी तो सकते थे।

लड़का – चालाक इंसान पहले सोचता है और फिर काम करता है। खाली हाथ भागते तो ये इश्क का भूत दो दिन में उतर जाता, समझी?और जब भी तुम्हें छुना चाहता हूँ बहुत नखरे है तुम्हारे ।बस कहती हो शादी के बाद।

लड़की – हाँ शादी के बाद ही अच्छा होता है ये सब औरसब तुम्हारा तो है। मैं आज भी एक कुवारी लड़की हूँ ।शादी करके भी आज तक उस गंवार के साथ सो न सकीक्योंकि तुम्हें ही अपना पति मान चुकी हूँ बस तुम्हारेनाम की सिंदूर लगानी बाकी है। बस वह लगा दो सबकुछतुम अपनी मर्जी से करना।लड़का – ठीक है मैं तैयार हूँ । मगर इस बार कुछ पैसे जरूरसाथ लेके आना, मत सोचना हम दौलत से प्यार करते हैं ।हम सिर्फ तुमसे प्यार करते है बस कुछ छोटी मोटीबिजनेस के लिए पैसे चाहिए ।

लड़की – उस गंवार के पास कहा होगा पैसा, मेरे बाप से 3 लाख रूपया उपर से मारूती कार ली है।बस कुछ गहने है वह लेके आउगी आज।लड़का लड़की को होटल का पता देकर चला जाता है ।लड़की घर आके फिर से लड़ाई करती है।मगर अफसोस वह अकेली चिल्लाती रहती है उससे लड़नेवाला कोई नहीं था।रात 8 बजे लड़के का मैसेज आता है वाटसप पे की कब आरही हो?लड़की जवाब देती है सब्र करो कोई सोया नहीं है। मैं12 बजे से पहले पहुँच जाउगी क्योंकि यंहा तुम्हारे बिना मेरी सांसे घुटती है।

लड़का -ओके जल्दी आना। मैं होटल के बाहर खड़ा रहूंगाbye…लड़की अपने पति को बोल देती है की मुझे खाना नहीं चाहिए मैंने बाहर खा लिया है इसलिए मुझे कोई परेशानन करे इतना कहके दरवाजा बंद करके अंदर आती हैकी…पति बोलता है की…वह आलमारी से मेरी डायरी दे दो फिर बंद करना दरवाजा। हम परेशान नहीं करेंगे ।लड़की दरवाजा खोले बिना कहती है की चाभीया दो अलमारी की।

लड़का – तुम्हारे बिस्तर के पैरों तले है चाबी ।मगर लड़की दरवाजा नहीं खोलती वल्की जोर जोर से गाना सुनने लगती है। बाहर पति कुछ देर दरवाजापिटता है फिर हारकर लौट जाता है। लड़की ने बड़े जोर से गाना बजा रखा था। फिर वह आलमारी खोलके देखतीहै जो उसने पहली बार खोला था, क्योंकि वह अपना समान अलग आलमारी मे रखती थी।आलमारी खोलते ही हैरान रह जाती है।

आलमारी में उसके अपने पास बुक एटी एम कार्ड थे जो उसके घरवालोने छीन के रखे थे, खोलके चेक किया तो उसमें वह पैसे भी एड थे जो दहेज मेलड़के को मिले थे। और बहुत सारे गहने भी जो एक पेपर केसाथ थे और उसकी मिल्कीयेत लड़की के नाम थी, लड़कीबेहद हैरान और परेशान थी।

फिर उसकी नजर डायरी मेपड़ती है और वह जल्दी से वह डायरी निकालके पढ़ने लगती है। लिखा था, तुम्हारे पापा ने एक दिन मेरी मां की जान बचाइ थी अपना खून देकर । मैं अपनी माँ से बेहद प्यारकरता हूँ इसलिए मैंने झूककर आपके पापा को प्रणाम करकेकहा की…आपका ये अनमोल एहसान कभी नही भूलूंगा, कुछदिन बाद आपके पापा हमारे घर आये हमारे तुम्हारेरिश्ते की बात लेकर मगर उन्होंने आपकी हर बात बताईहमें की आप एक लड़के से बेहद प्यार करती हो। आपकेपापा आपकी खुशी चाहते थे इसलिए वह पहले लड़के कोजानना चाहते थे। आखिर आप अपने पापा की princessजो थी और हर बाप अपने Princess के लिए एक अच्छाइमानदार Prince चाहता है। आपके पापा ने खोजकर केपता लगाया की वह लड़का बहुत सी लड़की को धोखा देचुका है। और पहली शादी भी हो चुकी है पर आपको बतान सके क्योंकि उन्हें पता था की ये जो इश्क का नशा हैवह हमेशा अपनों को गैर और गैर को अपना समझता है।ऐक बाप के मुँह से एक बेटी की कहानी सुनकर मै अचम्भीतहो गया। हर बाप यंहा तक शायद ही सोचे। मुझे यकीनहो गया था की एक अच्छा पति होने का सम्मान मिले नमिले मगर एक दामाद होने की इज्जत मैं हमेशा पा सकताहूँ।मुझे दहेज मे मिले सारे पैसे मैंने तुम्हारे ए काउण्ट मे करदिए और तुम्हारे घर से मिली गाड़ी आज भी तुम्हारे घरपे है जो मैंने इसलिए भेजी ताकी जब तुम्हें मुझसे प्यार होजाये तो साथ चलेंगे कही दूर घूमने। दहेज…इस नाम सेनफरत है मुझे क्योंकि मैंने इ दहेज मे अपनी बहन और बापको खोया है। मेरे बाप के अंतिम शब्द भी येही थेकी..कीसी बेटी के बाप से कभी एक रूपया न लेना। मर्दहो तो कमाके खिलाना, तुम आजाद हो कहीं भी जासकती हो। डायरी के बिच पन्नों पर तलाक की पेपर हैजंहा मैंने पहले ही साईन कर दिया है । जब तुम्हें लगे कीअब इस गंवार के साथ नही रखना है तो साईन करके कहींभी अपनी सारी चिजे लेके जा सकती हो।लड़की …हैरान थी परेशान थी…न चाहते हुए भी गंवार केशब्दों ने दिल को छुआ था। न चाहते हुए भी गंवार केअनदेखे प्यार को महसूस करके पलके नम हुई थी।आगे लिखा था, मैंने तुम्हें इसलिए मारा क्योंकि आपने माको गाली दी, और जो बेटा खुद के आगे मा की बेइज्जतीहोते सहन कर जाये…फिर वह बेटा कैसा ।कल आपके भी बच्चे होंगे । चाहे किसी के साथ भी हो, तबमहसूस होगी माँ की महानता और प्यार।आपको दुल्हन बनाके हमसफर बनाने लाया हूँ जबरजस्तीकरने नहीं। जब प्यार हो जाये तो भरपूर वसूल कर लूँगाआपसे…आपके हर गुस्ताखी का बदला हम शिद्दत से लेंगे हमआपसे…गर आप मेरी हुई तो बेपनाह मोहब्बत करकेकिसी और की हुई तो आपके हक मे दुवाये माँग केलड़की का फोन बज रहा था जो भायब्रेशन मोड पे था,लड़की अब दुल्हन बन चुकी थी। पलकों से आशू गिर रहे थे ।सिसकते हुए मोबाइल से पहले सिम निकाल के तोड़ा फिरसारा सामान जैसा था वैसे रख के न जाने कब सो गई पतानहीं चला। सुबह देर से जागी तब तक गंवार अफीस जाचुका था, पहले नहा धोकर साड़ी पहनी । लम्बी सीसिंदूर डाली अपनी माँग मे फिर मंगलसूत्र ।जबकि पहले एक टीकी जैसी साईड पे सिंदूर लगाती थीताकी कोई लड़का ध्यान न देमगर आज 10 किलोमीटर से भी दिखाई दे ऐसी लम्बीऔर गाढी सिंदूर लगाई थी दुल्हन ने। फिर किचन मे जाकेसासुमा को जबर्दस्ती कमरे मे लेके तैयार होने को कहतीहै। और अपने गंवार पति के लिए थोड़े नमकीन थोड़े हलुवेऔर चाय बनाके अपनी स्कूटी मे सासुमा को जबर्दस्तीबिठाकर (जबकी कुछ पता ही नहीं है उनको की बहू आजमुझे कहा ले जा रही है बस बैठ जाती है)फिर रास्ते मे सासुमा को पति के अफीस का पता पूछकरअफीस पहुँच जाती है। पति हैरान रह जाता है पत्नी कोइस हालत मे देखकर।पति – सब ठीक तो है न मां?मगर माँ बोलती इससे पहले पत्नी गले लगाकर कहती हैकी..अब सब ठीक है…I love you forever…अफीस के लोग सब खड़े हो जाते है तो दुल्हन कहती हैकी..मै इनकी धर्मपत्नी हूँ । बनवास गई थी सुबह लौटीहूँअब एक महीने तक मेरे पतिदेव अफीस मे दिखाई नहीं देंगे

अफीस के लोग- ?????

दुल्हन – क्योंकि हम लम्बी छुट्टी पे जा रहें हैं साथ साथ।

पति- पागल..

दुल्हन – आपके सादगी और भोलेपन ने बनाया है।सभी लोग तालीया बजाते हैं और दुल्हन फिर से लिपटजाती है अपने गंवार से …जंहा से वह दोबारा कभी भी छूटना नहीं चाहती।बड़े कड़े फैसले होते है कभी कभी हमारे अपनों के मगर हम समझ नहीं पाते कि हमारे अपने हमारी फिकर खुद से ज्यादा क्यों करते हैं

** मां बाप के फैसलों का सम्मान करे**

Posted on Leave a comment

अब से आपके वाहन में पड़ेगा नए किस्म का पेट्रोल-डीजल, जानें क्यों है खास

राजधानी और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंचने की चुनौती से निपटने के लिये सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने एक अप्रैल से राजधानी में यूरो-6 मानक के  डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति शुरू कर देंगी। कंपनियां इसके लिये कोई अतिरिक्त कीमत नहीं वसूलेंगी।

दिल्ली देश का पहला ऐसा शहर होगा जहां यूरो-4  मानक ईंधन का प्रयोग बंद कर सीधे यूरो-6  मानक ईंधन को इस्तेमाल में लाया जायेगा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित अन्य शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के अलावा मुंबई, चेन्नई,  बेंगलुरू, हैदराबाद और पुणे समेत 13 प्रमुख शहरों में यूरो-6 मानक ईंधन की आपूर्ति अगले साल एक जनवरी से शुरू होगी। देश के बाकी हिस्सों में यह अप्रैल 2020 से शुरू होगा।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी)  के निदेशक (रिफाइनरी) बी. वी. रामगोपाल ने कहा कि सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियां आईओसी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड  कल से दिल्ली के अपने सभी 391 पेट्रोल पंपों पर यूरो-छह उत्सर्जन मानक वाले ईंधन की आपूर्ति शुरू कर देंगी।

उन्होंने कहा कि भले ही कंपनियों ने स्वच्छ ईंधन उत्पादन के लिए भारी निवेश किया है, उपभोक्ताओं के ऊपर अभी कुछ समय तक इसका बोझ नहीं डाला जाएगा। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, आश्वस्त रहिये, खर्च का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने की कोई योजना नहीं है।  अभी उपभोक्ताओं से तत्काल लागत वसूलने की कोई योजना नहीं है।

लागत के हिसाब से स्वच्छ ईंधन50  पैसे प्रति लीटर महंगाहोना चाहिये। उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में यूरो-6  मानक के ईंधन की आपूर्ति शुरू हो जाएगी तब लागत वसूलने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

रामगोपाल ने कहा कि दिल्ली की 9.6 लाख टन पेट्रोल तथा 12.65 लाख टन डीजल की सालाना खपत देखते हुए उत्तर प्रदेश स्थित मथुरा परिशोधन संयंत्र, हरियाणा की पानीपत रिफाइनरी, मध्य प्रदेश के बिना संयंत्र तथा पंजाब के बठिंडा  संयंत्र ने स्वच्छ ईंधन का उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अकेले पानीपत संयंत्र पर ही करीब 183  करोड़ रुपये खर्च किये गये।

उन्होंने कहा कि बाकी के संयंत्रों के उन्नयन का काम चल रहा है। वर्ष 2015 में निर्णय लिया गया था कि यूरो6  मानक के अनुकूल ईंधन की आपूर्ति पूरे देश में एक अप्रैल 2020 से शुरू की जायेगी  हालांकि, जहरीली धुंध की समस्या को देखते हुए दिल्ली में इसे पहले ही किया जा रहा है।

गोपाल ने कहा कि स्वच्छ यूरो6  मानक के ईंधन तथा पुराने इंजन के इस्तेमाल से पार्टिकुलेट उत्सर्जन में10 से 20  प्रतिशत की कमी आएगी। इसका पूरा लाभ उठाने के लिए यूरो6 मानक के इंजनों की भी जरूरत होगी।

उन्होंने कहा, यूरो6 मानक के ईंधन की आपूर्ति कल से शुरू हो जाने से वाहन निर्माता कंपनियों को यह भरोसा मिलेगा कि स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता कोई समस्या नहीं है।

दिल्ली में सुचारू आपूर्ति के लिए आईओसी मथुरा और पानीपत संयंत्रों से स्वच्छ ईंधन मंगाएगी। एचपीसीएल की बठिंडा स्थित संयुक्त संयंत्र तथा बीपीसीएलबीना  संयंत्र से ईंधन मंगाएगी।

Posted on Leave a comment

जब ब्रह्मांड नहीं था, तब क्‍या था? स्‍टीफन हॉकिंग ने खोला राज!

बिगबैंग थ्‍योरी के बारे में तो आप शायद जानते ही होंगे। हमारा संसार, आकाश गंगाएं, सौरमंडल और सारे ग्रह Big Bang के कारण अपने अस्तित्‍व में हैं। सालों से वैज्ञानिक यही मानते और बताते चले आ रहे हैं कि इस संसार में सबसे पहले बिगबैंग हुआ और उसके कारण ही पूरे ब्रह्मांड का उदय हुआ। अब दुनिया के फेमस वैज्ञानिक स्‍टीफन हॉकिंग ने वो राज खोला है, जिसे पूरी दुनिया बरसों से जानता चाहती है। स्‍टीफन हॉकिंग ने हाल ही में बिगबैंग के पहले के संसार के बारे में कुछ ऐसा बताया है, जिसे जानकर विज्ञान भी अचंभित है।

बिगबैंग के पहले क्‍या था संसार में? स्‍टीफन हॉकिंग ने किया खुलासा

आज से करीब 13.8 अरब साल पहले ब्रह्मांड बहुत छोटे से आकार से बढ़ना शुरु हुआ था। फिर बहुत ज्‍यादा तापमान और फोर्स के दम पर इसका आकार बढ़ना शुरु हुआ। इसके बाद अणुओं को आपस में मिलना शुरु हुआ। पहले उनका आकार बहुत बढ़ा और फिर उनका विघटन शुरु हुआ, जिससे तमाम तारा मंडल, ग्रह और आकाश गंगाएं अस्तित्‍व में आईं। यही बिगबैंग था, जिससे हमारा संसार बना और आजतक ब्रह्मांड का आकार धीरे धीरे बढ़ रहा है। पूरी दुनिया के वैज्ञानिक ब्रह्मांड के बारे में यही जानते हैं, लेकिन इस बिगबैंग के पहले क्‍या था या कहें कि दुनिया कैसी थी, इस पर अब तक वैज्ञानिक कुछ खास नहीं जान सके हैं और इस पर वैज्ञानिकों की बहस का कोई रिजल्‍ट नहीं निकल पाया है। इसी बीच वर्ल्‍ड फेमस वैज्ञानिक स्‍टीफन हॉकिंग ने टीवी शो StarTalk पर खुलासा करते हुए बताया है कि बिगबैंग के पहले आखिर क्‍या हुआ करता था।

क्‍या बताया स्‍टीफन हॉकिंग ने

वैज्ञानिक स्‍टीफन हॉकिंग ने इस शो के होस्‍ट और एस्‍ट्रोफिजीसिस्‍ट नील डिग्रास से बात करते हुए बताया कि बिगबैंग के पहले क्‍या था, इस बारे में मेरा यह कहना है कि वो जितना आसान था उतना ही ज्‍यादा कॉम्‍प्‍लेक्‍स था, क्‍योंकि वास्‍तव में बिगबैंग से पहले कुछ नहीं था। हॉकिंग ने कहा कि एल्‍बर्ट आइंसटाइन की जनरल थ्‍योरी ऑफ रिलेटीविटी के अनुसार स्‍पेस और टाइम ने साथ मिलकर दुनिया में स्‍पेस और समय का कभी न रुकने वाला चक्र बनाया है, लेकिन सच में वो बिल्‍कुल सपाट नहीं है बल्कि ऊर्जा और भौतिक पदार्थ के दबाव के कारण ये आपस में घूमा हुआ है। यहीं वजह है कि इसे समझ पाना आसान नहीं है।

science news,stephen hawking,big bang,pre big bang physics,big bang theory,space science,science news hindi,stephen hawking new big bang theory

स्‍टीफन हॉकिंग ने बताया, बिगबैंग के पहले समय’ का भी अस्तित्‍व नहीं था

बिगबैंग के पहले की दुनिया को लेकर स्‍टीफन हॉकिंग ने एक काफी नया विचार इस रखा है जो चौंकाने वाला है। उनका कहना है कि बिगबैंग के पहले टाइम यानि समय का भी कोई अस्तित्‍व नहीं था। वो कहते हैं कि Einstein के सिद्धांत के मुताबिक ब्रह्मांड की उत्‍पत्ति के समय संसार में मौजूद सभी भौतिक पदार्थ और ऊॅर्जा बहुत ही छोटी जगहों पर केंद्रित थी, लेकिन उनकी यह थ्‍योरी बिगबैंग के पहले और बाद की कंडीशन के बीच कोई गणितीय लिंक नहीं बताती।

स्‍टीफन हॉकिंग की थ्‍योरीज दुनिया के लिए अचंभा

वैसे तो स्‍टीफन हॉकिंग हमारी दुनिया और हमारे भविष्‍य के बारे में इससे पहले भी बहुत कुछ बता चुके हैं। जैसे कि उनका मानना है कि कोई भी एलियन प्रजाति हम इसांनो को खत्‍म नहीं करेंगे, बल्कि विज्ञान द्वारा बनाया गया आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस ही धरती पर हम इसांनों को रिप्‍लेस कर देगा। उनका तो यह भी कहना है कि इंसानों जल्‍दी से जल्‍दी इस धरती को छोड़ देना चाहिए। स्‍टीफन हॉकिंग के लॉजिक्‍स भले ही कई बार आम लोगों को समझ नहीं आते हैं, लेकिन वैज्ञानिक उनके दिमाग का लोहा मानते हैं।

Posted on Leave a comment

LIVE विधानसभा चुनाव परिणाम: लेफ़्ट भारत के किसी भी हिस्से के लिए राइट नहीं है- अमित शाह

  • त्रिपुरा विधानसभा चुनावों के रुझानों में बीजेपी को भारी बढ़त25 साल से है लेफ्ट की सरकार.
  • मेघालय में रुझानों में कांग्रेस को बढ़त. राज्य में अभी है कांग्रेस की सरकार.
  • नागालैंड में बीजेपी गठबंधन और नगा पीपुल्स फ्रंट में कांटे का मुकाबला.

पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है. त्रिपुरा विधानसभा में बीजेपी की कामयाबी के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस जीत के लिए जनता का धन्यवाद किया.

उन्होंने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिली है. साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में वामपंथी हिंसा में मारे गए बीजेपी के नौ कार्यकर्ताओं को यह जीत एक श्रद्धांजली है.

अमित शाहइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES
Image captionबीजेपी अध्यक्ष ने त्रिपुरा की जीत को जनता की जीत बताया है

2013 के चुनावों की बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस समय पार्टी को 1.3 फ़ीसदी वोट मिले थे और एक सीट छोड़कर सारे उम्मीदवारों की ज़मानत ज़ब्त हो गई थी. उन्होंने आगे कहा कि इस बार बीजेपी गठबंधन को 50 फ़ीसदी से अधिक वोट मिले हैं.

अमित शाह ने वामपंथी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, “लेफ़्ट भारत के किसी भी हिस्से के लिए राइट नहीं है.”

मेघालय के चुनाव परिणामों को अमित शाह ने त्रिशंकु बताया है. उन्होंने संकेत दिए हैं कि जहां विधयाक बीजेपी के साथ होंगे वहां उनकी पार्टी की सरकार बनेगी. बीजेपी के गोल्डन पीरियड पर अमित शाह ने कहा कि वह कर्नाटक, केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद आएगा.

त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018

त्रिपुरा

त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 292 उम्मीदवार हैं, जिनमें 23 महिलाएं हैं. त्रिपुरा की 59 सीटों पर वोटिंग हुई है.

राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा सीटों में से 59 पर मतगणना हो रही है. चारीलाम सीट से मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार रामेंद्र नारायण देबर्मा के निधन की वजह से इस सीट पर 12 मार्च को मतदान होगा.

माणिक सरकार, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018
Image captionमाणिक सरकार

त्रिपुरा में साल 1993 से ही मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा की सरकार रही है और पिछले 20 सालों से राज्य की बागडोर मुख्यमंत्री माणिक सरकार के हाथों में है. हालांकि इस बार शुरुआती रुझानों में इस बार बीजेपी माकपा को टक्कर देती दिख रही है. यहां बीजेपी ने क्षेत्रीय दल इंडीजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के साथ गठबंधन किया है.

2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने त्रिपुरा में 50 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 49 की जमानत जब्त हो गई थी. तब बीजेपी को यहां केवल 1.87 फ़ीसदी वोट मिले थे और वो एक भी सीट नहीं जीत सकी थी. वहीं माकपा को 49 सीटें मिली थीं जबकि कांग्रेस को 10 सीटों से संतोष करना पड़ा था.

पूर्वोत्तर विधानसभा चुनाव नतीजे, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018

नागालैंड

नागालैंड में 59 सीटों के लिए हुए चुनाव में 193 उम्मीदवार मैदान में हैं.

नगालैंड में बीजेपी इस बार नवगठित नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के साथ गठबंधन कर चुनावी अखाड़े में उतरी. बीजेपी ने 20 जबकि एनडीपीपी ने 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारे.

विलियमनगर सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के उम्मीदवार जोनाथन संगमा की 18 फरवरी को ईस्ट गारो हिल्स जिले में आईईडी विस्फोट में मौत के बाद इस सीट पर मतदान रद्द कर दिया गया.

कांग्रेस राज्य पर एक दशक से राज कर रही है. पार्टी ने इस बार भी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे.

कांग्रेस ने 2013 चुनाव में 29 सीटें हासिल की थी. राज्य के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा इस बार दो विधानसभाओं अमपाती और सोंगसक से चुनाव में उतरे और दोनों ही सीटें उन्होंने जीत लीं.

त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018इमेज कॉपीरइटDILEEP SHARMA-BBC

मेघालय

मेघालय विधानसभा की 59 सीटों के लिए 372 उम्मीदवार मैदान में हैं.

मेघालय में इस बार 84 फ़ीसदी मतदान हुआ है. सत्तारूढ़ कांग्रेस के अलावा बीजेपी, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और नवगठित पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट मुकाबले में है.

साल 2013 के चुनाव में भाजपा ने इस राज्य में 13 उम्मीदवार उतारे थे, मगर कोई जीत न सका था. एनपीपी को 32 में से मात्र दो सीटें मिली थीं.

त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018इमेज कॉपीरइटDEBALIN ROY/BBC

सभी राज्यों में मतों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू हुई. त्रिपुरा में 18 फ़रवरी को वोट डाले गए थे, जबकि मेघालय और नगालैंड में 27 फ़रवरी को मतदान हुआ था.

तीनों राज्यों में कुल 857 उम्मीदवारों की किस्मत का फ़ैसला होना है.

इन राज्यों में सबसे ज्यादा नज़रें त्रिपुरा पर टिकी हैं, जहां पिछले 25 सालों से वाम दलों का शासन है. केरल के अलावा लेफ्ट की सरकार बस इसी राज्य में है. अगर त्रिपुरा में वामपंथियों की हार होती है तो उनके लिए यहां एक युग का अंत हो जाएगा.

त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018इमेज कॉपीरइटDEBALIN ROY/BBC
Posted on Leave a comment

सहवाग ने आइस क्रिकेट मैच में की जबरदस्त बैटिंग, बोले- हथियार छोड़े हैं, चलाना नहीं भूले

स्विट्जरलैंड की बर्फीली पहाड़ियों पर गुरुवार को पूर्व दिग्गज क्रिकेटर्स की टीमों के बीच एक एग्जिबिशन मैच खेला गया। इस मैच में शाहिद आफरीदी की कप्तानी वाली रॉयल्स ने वीरेंद्र सहवाग की पैलेस डायमंड्स को 6 विकेट से हरा दिया। भले ही सहवाग की टीम ये मैच हार गई हो लेकिन मैच में उन्होंने एकबार फिर अपना विस्फोटक अंदाज दिखाया और धुआंधार बैटिंग की। ऐसा रहा मैच…

– इस एक्जिबिशन मैच में वीरेंद्र सहवाग के चौके-छक्के के साथ शोएब अख्तर की तूफानी बॉलिंग भी देखने को मिली।
– सेंट मॉरिट्ज आइस क्रिकेट मैच में पैलेस डायमंड्स के कप्तान सहवाग ने 31 बॉल पर ताबड़तोड़ 62 रन बनाए।
– सहवाग आइस क्रिकेट में फिफ्टी लगाने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए हैं। अपनी इनिंग में उन्होंने 4 चौके और 5 सिक्स भी लगाए।
– वीरू की टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 164 रन का स्कोर बनाया था। जवाब में रॉयल्स ने 4 विकेट पर 166 रन बनाकर मैच जीत लिया।


– रॉयल्स की ओर से ओवेस शाह ने 34 बॉल पर 74* रन बनाए। वहीं जैक्स कैलिस ने 36 रन की इनिंग खेली।
– मैच के लिए बर्फ जमी झील पर आर्टिफिशियल पिच बनाई गई थी और ये मैच गुलाबी बॉल से खेला गया। माइनस 20 डिग्री तापमान में हुए इस मैच को देखने 500 दर्शक मौजूद थे।

सहवाग बोले हथियार चलाना नहीं भूला

– अपनी जबरदस्त बैटिंग के बाद सहवाग भी बेहद खुश नजर आए। जिसके बारे में उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा।
– सहवाग ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘हथियार छोड़े हैं, चलाना नहीं भूले हैं। बर्फ पर खूब मजे आए।’

– बैटिंग के दौरान सहवाग ने आते ही पहली बॉल पर चौका मारा, फिर सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी की। उनका स्ट्राइक रेट 200 रहा।
– उनके इस ट्वीट के बाद फैन्स ने भी उनकी जमकर तारीफ की और जीरो पर आउट होने वाले आफरीदी का मजाक उड़ाया।