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रिलायंस जियो का कमाल का ऑफर, मुफ्त में मिलेगा 1.1 TB डेटा

मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी Jio टेलीकॉम सेक्टर में तूफान लाने के बाद अब अपने कदम ब्रॉडबैंड इंटरनेट की तरफ बढ़ा रही है. कंपनी अपने जियोफाइबर सर्विस के जरिए ब्रॉडबैंड इंटरनेट की दुनिया में कब्जा जमाना चाह रही है.

कंपनी ने देश के चुनिंदा बाजारों में 1.1TB (टेराबाइट) फ्री डेटा के साथ हाई-स्पीड फाइबर टू द होम (FTTH) ब्रॉडबैंड कनेक्शन देना शुरू कर दिया है. इसमें डेटा की स्पीड 100Mbps है. कंपनी इस सर्विस की कमर्शियल ओपनिंग इस साल सेकेंड हाफ में करेगी.

द हिंदू की खबर के मुताबिक, शुरुआत में FTTH प्लान में 100 Mbps की स्पीड के साथ 100GB डेटा मिलेगा. जैसे ही ये डेटा समाप्त हो जाएगा तब ग्राहक एक महीने में 25 बार तक फ्री में 40GB डेटा का रीचार्ज करवा सकेंगे. यानी ग्राहकों को एक महीने में कुल 1,100 GB डेटा मुफ्त में मिलेगा.

कंपनी इस सर्विस को घरेलू और कारोबारी दोनों तरह के ग्राहकों के लिए पेश करेगी. इसके अलावा ग्राहकों को बिना केबल के घर के हर कोने में WiFi कवरेज पहुंचाने के लिए जियो ‘एक्सटेंड’ का भी विकल्प मिलेगा.

जियोफाइबर कनेक्शन प्राप्त करने के लिए ग्राहकों को सिक्योरिटी के तौर पर 4,500 रुपये देने होंगे. साथ ही ये पैसा रिफंड भी कर दिया जाएगा और ये ब्याज मुक्त होगा. कंपनी एक जियो राउटर इंस्टॉल करेगी. इसे सेट-टॉप बॉक्स के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा, जब कंपनी इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (IPTV) सर्विस लॉन्च करेगी.

रिलायंस जियो के पास देशभर में 3 लाख किलोमीटर से ज्यादा ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क है. फिलहाल कंपनी जियोफाइबर को मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, अहमदाबाद, वड़ोदरा और जामनगर जैसे शहरों में उपलब्ध करा रही है.

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अमेजन के मालिक दुनिया में सबसे रईस, मुकेश अंबानी 19वें स्थान पर

फोर्ब्स की सालाना अरबपतियों की सूची में इस वर्ष अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन डॉट कॉम के मालिक जेफरी प्रेस्टन बेजॉस ने धमाकेदार प्रदर्शन के साथ बिल गेट्स से दुनिया के सबसे बड़े धनकुबेर का रुतबा छीन लिया है। सूची के मुताबिक 110 अरब डॉलर (करीब 7.15 लाख करोड़ रुपये) मूल्य की संपत्ति के साथ जेफ बेजॉस दुनिया के सबसे बड़े धनकुबेर बन गए हैं। इसके साथ ही जेफ 100 अरब डॉलर से ज्यादा संपत्ति वाले पहले अरबपति भी बन गए हैं।

माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक और सामाजिक कार्यों के लिए भरपूर दान देने वाले बिल गेट्स को वर्षों बाद पहली बार दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा है। फोर्ब्स की नवीनतम सूची में गेट्स की कुल संपत्ति 90 अरब डॉलर आंकी गई है। वहीं, भारत के सबसे बड़े धनकुबेर और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी 40.1 अरब डॉलर (करीब 2.61 लाख करोड़ रुपये) संपत्ति के साथ सूची में एक पायदान चढ़कर 19वें स्थान पर रहे हैं। पिछले वर्ष वे 20वें स्थान पर थे और उनकी संपत्ति में करीब आठ अरब डॉलर का इजाफा हुआ है।

फोर्ब्स के मुताबिक इस वर्ष इन्वेस्टमेंट गुरु वारेन बफेट (84 अरब डॉलर) तीसरे, बर्नार्ड अर्नाल्ट (72 अरब डॉलर) चौथे और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग (71 अरब डॉलर) पांचवें स्थान पर रहे। दुनिया के शीर्ष 100 धनकुबेरों की सूची में देश के अन्य दिग्गजों में हिंदुजा परिवार, अजीम प्रेमजी (विप्रो), लक्ष्मी निवास मित्तल (आर्सेलरमित्तल), शिव नाडर (एचसीएल), दिलीप सांघवी (सन फार्मा), उदय कोटक (कोटक महिंद्रा बैंक), राधाकिशन दमानी, सायरस पूनावाला (सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया), सुनील मित्तल और परिवार (भारती एयरटेल) तथा आचार्य बालकृष्ण (पतंजलि) शामिल हैं।

फोर्ब्स की सूची में शीर्ष 10 में कोई महिला नहीं है। अमेरिकी रिटेल चेन वालमार्ट की उत्तराधिकारी एलिस वाल्टन 16वें स्थान के साथ पहली महिला हैं।

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अडाणी खरीदेंगे अंबानी का पावर कारोबार, 18,800 करोड़ रुपए में हुआ सौदा

अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (आर इन्फ्रा) ने गुरुवार को संकेत दे दिए कि उसने अडाणी ट्रांसमिशन को अपने मुंबई के पावर बिजनेस को बेचने के लिए एक करार पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह पूरी डील करीब 18,800 करोड़ रुपए की बताई गई है।

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (आरइन्फ्रा) ने अडाणी ट्रांसमिशन (एटीएल) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत वह मुंबई के पावर बिजनेस की 100 फीसद हिस्सेदारी की बिक्री करेगा जिसमें कई एकीकृत व्यवसाय, ट्रांसमिशन और बिजली का वितरण भी शामिल है। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने बीएसई फाइलिंग में यह जानकारी दी है।

सौदे में किसको क्या मिलेगा: अडाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड जो कि अडाणी एंटरप्राइजेज की डिस्ट्रीब्यूशन इकाई है रिलायंस के मुंबई स्थित पावर बिजनेस को खरीदने के लिए शुरुआती तौर पर 13,251 करोड़ का भुगतान करेगा। बाकी के 5,550 करोड़ रुपए का भुगतान वह कुछ जरूरी मंजूरियों के आधार पर बाद में करेगा। रिलायंस की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। कंपनी का कहना है कि इस डील की कुल लागत 18,800 करोड़ रुपए है। यह लेनदेन कुछ अप्रूवल के अंतर्गत होना है।

पैसे का इस्तेमाल कहां करेगी रिलायंस: इस डील के अंतर्गत मिलने वाले पैसों में से अधिकांश का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज को कम करने के लिए करेगी, जो कि अपने कर्ज को लगातार कम कर रही है। 15,000 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाने के बाद कंपनी के पास तीन हजार करोड़ रुपए बच जाएगा।

डील पर क्या बोले अडाणी: अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा, “यह अधिग्रहण (डील) वितरण क्षेत्र में हमारी पहुंच का प्रतीक है। हम वितरण क्षेत्र को सनराइज सेक्टर के तौर पर देख रहे हैं, क्योंकि भारत लोगों को 24 घंटे बिजली महैया कराने के उद्देश्य की तरफ आगे बढ़ रहा है।”