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हिमयुग की शुरुआत : दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ

 

  • दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फबारी हुई है. सहारा रेगिस्तान का प्रवेश द्वार माने जाने वाले उत्तरी अल्जीरिया के ऐन सफेरा में लाल रेत पर सफेद बर्फ की चादर गिरी है. रविवार को यहां 16 इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई है. करीब 38 साल पहले फरवरी 1979 में यहां कुछ घंटे तक बर्फबारी हुई थी. पिछले साल दिसंबर में भी हल्की बर्फबारी हुई थी. लेकिन, इस बार यहां पूरे दिन बर्फबारी हुई. आइए देखते हैं दुनिया के अन्य शहरों में हुई बर्फबारी की PHOTOS…

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    एलटल माउंटेन से घिरा अल्जीरिया का ये इलाका समुद्र तल से करीब 1000 मीटर ऊंचा है. गर्मियों में यहां का तापमान 48 डिग्री सेल्‍सियस तक चला जाता है. वहीं मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए वैज्ञानिकों के इस अनुमान को बल मिला है कि अगले करीब 15 हजार सालों में सहारा रेगिस्तान फिर से हरा भरा हो जाएगा.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    दूसरी ओर दुनिया के अन्य शहरों में भी बर्फबारी देखने को मिल रही है. बता दें कि अमेरिका के न्यूयॉर्क, शिकागो समेत कई बड़े शहर डीप फ्रीजर में तब्दील हो गए हैं. वहीं चीन में जमीन से लेकर ऊंची इमारतों तक बर्फ का कब्जा है. (फोटो- कनाडा के ओटावा की है)

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    इटली में भी बर्फबारी हो रही है. ये तस्वीर सेस्त्रियेर नाम के इलाके की है.

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    यह तस्वीर कनाडा के ओन्टरियो के नियाग्रा फॉल्स की है. कनाडा में काफी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ उठाने पहुंचे हैं.

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    ये तस्वीर स्विटजरलैंड के जरमैट की है. यहां इतनी बर्फबारी हुई है कि सड़क मार्ग बंद हो गया है. सिर्फ हवाई सफर से ही टूरिस्ट यहां आ सकते हैं.

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    यह तस्वीर इटली की है. इटली में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है. कई गांवों का संपर्क शहर से कट गया है.

 

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साल 2017 में भारत ने 28 शहादतों का बदला 138 पाकिस्तानी जवानों को मार कर लिया

भारत और पाकिस्तान भले ही सीधे युद्ध की स्थिति में न हों, लेकिन दोनों देशों की सीमा पर गोलीबारी होती रहती है. इसी गोलीबारी में साल 2017 में भारत ने अपने 28 सैनिक गंवाए, लेकिन इसी दौरान पाकिस्तान के 138 सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी.

यह आंकड़े जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर गोलीबारी में हुई मौतों के हैं और भारत सरकार के खुफिया सूत्रों ने जारी किए हैं. सूत्रों का कहना है कि अक्सर यह देखने को मिलता है कि पाकिस्तानी सरकार अपने सैनिकों की मौत को स्वीकार ही नहीं करती.

खुफिया सूत्रों का कहना है कि सीमा पर मारे जाने वाले सैनिकों को पाकिस्तानी सरकार आम नागरिक बताती है. सूत्रों के मुताबिकभारतीय सेना ने पिछले साल घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों पर काफी सख्त रुख अपनाया था.

सूत्रों के अनुसार कि साल 2017 में सीमा पर हुई गोलीबारी में पाकिस्तान के 138 सैनिकों की जानें गईं और 158 सैनिक घायल हुए. वहीं, इस दौरान 70 भारतीय सैनिक घायल हुए. भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों की मौत पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है.

हालांकि, सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा है कि भारतीय सेना सीमा पर होने वाली गोलीबारी का कड़ा जवाब देती है और आने वाले दिनों में भी ऐसा करना जारी रखेगी.

एक आंकड़े के मुताबिक 2017 में पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम तोड़ने की 860 घटनाएं हुईं, जबकि 2016 में ऐसी 221 घटनाएं ही हुई थीं. भारतीय सेना का कहना है कि पाकिस्तान अपने सैनिकों की मौतों को कभी स्वीकार नहीं करता है. करगिल युद्ध में भारत के सबूत दिए जाने के बावजूद पाकिस्तान ने अपने सैनिकों की मौत से इनकार किया था.

भारत सरकार के खुफिया सूत्रों ने 25 दिसंबर को हुई घटना का भी हवाला दिया, जब पांच पाक सैन्य कमांडो ने सीमा पार कर ली थी और उसमें से तीन कमांडो मारे गए थे. पहले पाकिस्तानी सेना ने एक ट्वीट करके इन मौतों की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में यह ट्वीट डिलीट कर दिया. दो दिन बाद पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया था कि भारतीय सेना की गोलीबारी में तीन पाक सैनिक मारे गए हैं.

सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना ने एलओसी पर स्नाइपर फाइरिंग में 27 पाक सैनिकों को मारा, जबकि पाकिस्तान की ओर से की गई ऐसी कार्रवाई में 7 भारतीय सैनिक मारे गए.

भारतीय सेना लगातार कोशिश में है कि पाकिस्तानी सेना और आतंकियों के गठजोड़ का मजबूती से सामना किया जाए. पिछले साल मई में भारतीय सेना ने कहा था कि वह एलओसी पर पाकिस्तानी सेना के बंकरों को निशाना बना रही है. इसके कुछ दिनों बाद ही दो भारतीय सैनिकों के सिर काट लिए गए थे.

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मेरठ में एंबुलेंस में शराब और रशियन डांस, रसिया डॉक्टरों के खिलाफ जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश में भले ही गंभीर मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस न मिले, लेकिन जलवा तो डाक्टर्स का हैं। इनके फंक्शन हो तो शराब एंबुलेंस में भरकर लाई जाती है। इसके साथ ही मेडिकल कालेज प्रांगण में रशियन डांसर के बैले भी होता है। जमकर जाम झलकाए जाते हैं और मामला बढऩे पर कॉलर भी पकड़े गए।

मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में कल 1992 बैच के डाक्टर्स का वार्षिक समारोह था। मेरठ के मेडिकल कालेज में बीते दो दिन से ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन 1992 बैच के डाक्टरों का सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन हुआ। भयंकर ठंड में यहां पर रशियन डांसरों के नाच पर डॉक्टरों ने जमकर ठुमके लगाए. इतना ही नहीं जिन वाहनों में मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है उनमें मेडिकल कॉलेज के परिसर में शराब ढोकर लाई गई। मेडिकल कालेज परिसर में इस दौरान कल जमकर धमाल हुआ. खुले आसमान में शराब के जाम छलके, नाच-गाना हुआ. मनोरंजन के लिए रशियन डांसरों का डांस भी रखा गया और इस सबके बीच मरीजों से जुड़े संसाधन शराब ढोने में लगाये गये।

चिकित्सा के मंदिर मे सरेआम मदिरापान ने मर्यादाओं को तार-तार कर दिया। लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज के 1992 बैच की रजत जयंती मे विदेशी महंगी शराब परोसी गई। अपने वरिष्ठों के सामने डाक्टरो ने न सिर्फ जमकर शराब पी, बल्कि कैपस मे मारपीट भी हो गई।

लाला लाजपत राय की मूर्ति के पायदान पर बैठकर शराब पी गई। शराब परोसने के लिए बाहर से बुलाई गई लड़कियां भी चर्चा का विषय बनी रही। उधर, कैपस मे खुलेआम शराब छलकाने की शिकायत शासन तक पहुंच गई।

मेडिकल कालेज में डाक्टरों ने इस बार तो दो पायदान आगे बढ़कर रजत जयंती मनाया।

इससे पहले डाक्टर कैंपस में गीत-संगीत, डांस और कामेडी तक सीमित थे, जबकि इस वर्ष पहली बार बेली डांस की थिरकन आकर्षक का केंद्र बनी।

एल्युमनी मीट में शराब का सेवन कोई नई बात नहीं है लेकिन प्रशासनिक ब्लाक के सामने स्थित कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में पहली बार विदेशी बालाएं भी नजर आईं। इस दौरान बेली डांस के तीन आयटम पेश किए गए। यही आयोजन खासा चर्चा में रहा।

कुछ लोगों ने इसे लेकर असहजता भी दिखाई। मेडिकल कालेज परिसर में आयोजन में इस तरह के कार्यक्रमों को शामिल न करने की भी सलाह दी। यही वजह रही कि जब डाक्टर बेली डांस का आनंद उठा रहे थे, वहीं वरिष्ठ चिकित्सक दूसरे लान में चले गए।

कैंपस की एक वीडियो वायरल हुई और मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया। सीएम कार्यालय से प्रशासन से जवाब-तलब की भी सूचना है। कार्यक्रम के दौरान कई बार लोग एक दूसरे से उलझते नजर आए।

आयोजन कमेटी के अध्यक्ष डा. परवेज अहमद ने एक व्यक्ति को बाहर निकाला, जिसके बाद कैंपस में कुछ देर के लिए तनाव बढ़ा। नौबत मारपीट की भी आ गई थी। इस पर डा. परवेज का कहना था कि जो गलत ढंग से कार्यक्रम में पहुंचा था, उसे बाहर निकाला गया।

दिनभर गुलजार रहा कैंपस

मेडिकल कैंपस में रजत जयंती कार्यक्रम में 1992 के डाक्टरों के अलावा करीब तीन हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। व्यंजनों की खुशबू थी तो महंगी शराब का भी खुमार छाया हुआ था।

 

मेहमानों के साथ तमाम डाक्टर भी लडख़ड़ाते नजर आए। कैंपस में क्रिसमस का भी रंग था, इसलिए कई परिवार-बच्चों को भी लेकर पहुंचे।

सभी ने पल्ला झाड़ा अब जांच का आदेश 

लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज की इस भद्दी तस्वीर को जब मीडिया ने दिखाया तो कॉलेज प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल ने इस मामले में जांच करने के आदेश दे दिए। उन्होंने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनकी जानकारी के बिना मेडिकल कॉलेज में रशियन बालाएं नचाई गई हैं। साथ ही एंबुलेंस में शराब ढोकर लाई गई। डॉक्टरों ने जाम छलकाते हुए फूहड़ गानों पर डांस किया।

सीएमओ मेरठ बेहद नाराज

सीएमओ मेेरठ, राजकुमार ने बताया मुझे पता चला कि कार्यक्रम में रूसी बैली नर्तकियों को बुलाया गया था।

कार्यक्रम के लिए शराब की पेटियां लाने को एंबुलेंस वैन का प्रयोग किया है। यह बिल्कुल गलत है, यह किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में नहीं होना चाहिए था। इस मामले में जांच का आदेश दिया गया है।

मामले की जांच होनी चाह‍िए

इस मामले में बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि यह घटना शर्मनाक है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। विहिप के प्रांत प्रवक्ता शीलेंद्र कुमार ने कहा, डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं। यदि वो ही ये सब करेंगे तो हमारे समाज पर इसका क्या असर होगा। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए कहा कि है कि भविष्य में ऐसा फिर न हो, इसकी भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

बैले डांस में मानक का उल्लंघन नहीं

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. परवेज अहमद ने कहा कि आबकारी एवं फायर समेत सभी संबंधित विभागों से परमीशन ली गई। कार्यक्रम पूरी तरह अनुशासित रहा। बेली डांस में किसी मानक का उल्लंघन नहीं हुआ। सभी ने पूरा सहयोग दिया। परिवार के जनों के साथ हम सभी ने कार्यक्रम का लुत्फ उठाया।

मेरे सामने तो सब ठीक था

कार्यवाहक प्रिसिंपल डॉ. विनय अग्रवाल ने कहा कि मेरे सामने तो सबकुछ ठीक था। कार्यक्रम के बाद कुछ लोगों ने शिकायतें की। हालांकि शासन से अब तक कोई पूछताछ नहीं हुई है।

आबकारी विभाग की अनुमति थी

जिला आबकारी अधिकारी मोहम्मद असलम ने कहा कि मेडिकल कालेज परिसर में सोमवार को चिकित्सकों के कार्यक्रम के लिए जिला आबकारी विभाग से अनुमति ली गई थी। डा. परवेज की ओर से अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था।

जिला प्रशासन की अनुमति 

एडीएम सिटी, मुकेश चंद्र ने कहा कि मेडिकल कालेज में चिकित्सकों के सोमवार को आयोजित कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन से अनुमति ली गई थी। इस कार्यक्रम के बाबत कोई शिकायत आदि अभी जिला प्रशासन को प्राप्त नहीं हुई है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री बेहद गंभीर

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने मेडिकल कालेज में दारू पार्टी तथा अश्लील डांस के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज में डांस बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, यह प्रकरण बेहद ही गंभीर है। डॉक्टर्स की शराब पार्टी बेहद शर्मनाक कृत्य है। फूहड़ डांस के साथ ही मैदान में दारू परोसा जाना निंदनीय है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी मामले की जांच करेगी। इसकी रिपोर्ट 48 घंटे में मांगी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी, यह तय है।