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एबी डिविलियर्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, इनके नाम दर्ज़ है ये विश्व रिकॉर्ड

डिविलियर्स ने द. अफ्रीका के लिए 114 टेस्ट 228 वनडे और 78 टी 20 मैच खेले हैं। 114 टेस्ट मैचों में 8765 रन बनाए हैं जिसमें 22 शतक और 46 अर्धशतक बनाए हैं। वे एक बेहतरीन बल्लेबाज के साथ ही एक शानदार विकेट कीपर भी रह चुके हैं।

एक वीडियो संदेश में कहा कि वे दक्षिण अफ्रीका और दुनियाभर में अपने फैंस के शुक्रगुजार हैं। एबी ने कहा अब समय आ गया है जब दूसरे युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाए। ईमानदारी से कहूं तो मैं अब थक गया हूं। ये एक मुश्किल निर्णय है और मैने ये फैसला काफी सोच समझकर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि  मैं अपने संन्यास का एलान बेहतरीन क्रिकेट खेलते हुए करना चाहता था। हालांकि वे घरेलू क्रिकेट के लिए उपलब्ध रहेंगे।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज़ शतक लगाने का रिकॉर्ड भी ए बी डिविलियर्स के नाम ही है। ये कमाल उन्होंने 18 जनवरी 2015 को वेस्टइंडीज के खिलाफ महज 31 गेंदों में शतक लगाकर किया था। डीविलियर्स ने कोरी एंडरसन के 36 गेंदों में शतक के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर ये रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 16 छक्कों और 9 चौके की मदद से वनडे का यह कीर्तिमान बनाया। उन्होंने इस मैच में कुल 149 रन बनाए थे।

एबी डीविलियर्स के नाम 31 गेंदों में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड तो है ही इसके अलावा सबसे तेज 150 रनों का रिकॉर्ड भी डीविलियर्स के ही नाम पर है। साल 2015 विश्व कप में डीविलियर्स ने सिडनी के मैदान पर 64 गेंदों में 150 रन ठोककर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था। उन्होंने इस दौरान नाबाद 66 गेंदों में 162 रन बनाए थे जिसमें 17 चौके और 8 छक्के शामिल थे।

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संसद ने ‘टैक्स फ्री ग्रेच्युटी’ की सीमा की दोगुनी, 20 लाख की रकम तक नहीं देना होगा कोई कर

ग्रेच्युटी से संबंधित उपदान भुगतान (संशोधन) विधेयक 2018 को गुरुवार को संसद की मंजूरी मिल गई. विधेयक में निजी क्षेत्र और सरकार के अधीन सार्वजनिक उपक्रम या स्‍वायत्‍त संगठनों के ऐसे कर्मचारियों के उपदान (ग्रेच्यूटी) की अधिकतम सीमा में वृद्धि का प्रावधान है, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अनुसार सीसीएस (पेंशन) नियमावली के अधीन शामिल नहीं हैं. लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है. कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड का गठन और आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने समेत अन्य मुद्दों पर विभिन्न दलों के भारी हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है. आज भी इन्हीं मुद्दों पर सदन में हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही बैठक शुरू होने के करीब 20 मिनट बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई. लेकिन ग्रेच्युटी से संबंधित उपदान भुगतान (संशोधन) विधेयक 2018 को श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार के अनुरोध पर बिना चर्चा के, सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया.

गंगवार ने विधेयक पेश करते हुए कहा ‘यह अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक है और मैं अनुरोध करता हूं कि इसे चर्चा के बिना पारित कर दिया जाए.’ विधेयक के लिए कांग्रेस के डॉ सुब्बीरामी रेड्डी ने दो संशोधन पेश किए थे लेकिन आज उन्होंने अपने दोनों ही संशोधन वापस ले लिये. इस विधेयक के तहत केंद्र सरकार में निरंतर सेवा में शामिल महिला कर्मचारियों को वर्तमान 12 सप्ताह के स्थान पर ‘प्रसूति छुट्टी की अवधि’ को अधिसूचित करने का प्रावधान किया गया है.

उल्लेखनीय है कि अभी दस अथवा अधिक लोगों को नियोजित करने वाले निकायों के लिए उपदान भुगतान अधिनियम 1972 लागू है जिसके तहत कारखानों, खानों, तेल क्षेत्रों, बागानों, पत्तनों, रेल कंपनियों, दुकानों या अन्य प्रतिष्ठानों में लगे कर्मचारी शामिल हैं जिन्होंने पांच वर्ष की नियमित सेवा प्रदान की है. इसी के तहत उपदान (ग्रेच्यूटी) संदाय की योजना अधिनियमित की गई थी. अधिनियम की धारा 4 के अधीन ग्रेच्यूटी की अधिकतम सीमा वर्ष 2010 में 10 लाख रुपये रखी गई थी.

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन के बाद केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिये ग्रेच्यूटी की अधिकतम सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया. इसलिए निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के मामले में भी महंगाई और वेतन वृद्धि पर विचार करते हुए सरकार का अब यह विचार है कि उपदान भुगतान अधिनियम,1972 के अधीन शामिल कर्मचारियों के लिए उपदान (ग्रेच्यूटी) की पात्रता में संशोधन किया जाना चाहिए.

इस अधिनियम को लागू करने का मुख्‍य उद्देश्‍य सेवानिवृत्ति के बाद कामगारों की सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, चाहे सेवानिवृत्ति की नियमावली के परिणामस्‍वरूप सेवानिवृत्ति हुई हो अथवा शरीर के महत्‍वपूर्ण अंग के नाकाम होने से शारीरिक विकलांगता के कारण सेवानिवृत्ति हुई हो.

विधेयक के उद्देश्य एवं कारणों में कहा गया है कि उपदान संदाय संशोधन विधेयक 2017 में अन्य बातों के साथ साथ अधिनियम की धारा 2क का संशोधन करने का प्रावधान किया गया है जिससे सरकार को निरंतर सेवा विधेयक में शामिल महिला कर्मचारियों को वर्तमान 12 सप्ताह के स्थान पर ‘प्रसूति छुट्टी की अवधि’ को अधिसूचित किया जाए. ऐसा इसलिये किया गया क्योंकि प्रसूति सुविधा संशोधन अधिनियम 2017 के माध्यम से प्रसूति छुट्टी की अवधि को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया था. ऐसे में केंद्र सरकार को वर्तमान 12 सप्ताह की अवधि को ऐसी अन्य अवधि के लिये अधिसूचित करने की बात कही गई है.

इसके तहत दस लाख रुपये शब्द के स्थान पर ‘एक ऐसी रकम जो केंद्रीय सरकार द्वारा समय समय पर अधिसूचित की जाए’ शब्द रखने के लिये अधिनियम की धारा 4 का संशोधन करने का प्रस्ताव है.

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कल घरेलू मैदान पर क्रिकेट को अलविदा कहेंगे नेहरा, 19 साल का रहा साथ

खास बातें

  1. दिल्‍ली टी-20 मैच के बाद संन्‍यास लेंगे तेज गेंदबाज आशीष नेहरा
  2. कल के मैच में उन्‍हें प्‍लेइंग 11 में जगह मिलना लगभग तय
  3. कानपुर वनडे में महंगे रहे भुवनेश्‍वर को दिया जा सकता है रेस्‍ट

वनडे सीरीज 2-1 के अंतर से जीतने के बाद टीम इंडिया यहां कल होने वाले पहले टी20 में भरपूर आत्‍मविश्‍वास के साथ न्‍यूजीलैंड के खिलाफ उतरेगी. विराट कोहली के नेतृत्‍व वाली टीम इंडिया का पहला लक्ष्‍य ‘बुजुर्ग’ तेज गेंदबाज आशीष नेहरा को विजयी विदाई देकर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेल के सबसे छोटे प्रारूप में अपना खाता खोलना होगा. लगभग 19 साल पहले अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले नेहरा ने घोषणा की है कि घरेलू मैदान फिरोजशाह कोटला में होने वाला पहला टी20 मैच उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच होगा. इस 38 वर्षीय तेज गेंदबाज ने भारत की तरफ से अपना आखिरी मैच भले ही इस साल पहले एक फरवरी को बेंगलुरू में खेला था लेकिन संन्यास की पूर्व घोषणा के कारण उनका इस मैच में खेलना तय है.

नेहरा ने अपना अंतिम टेस्ट मैच अप्रैल 2004 जबकि आखिरी वनडे वर्ल्‍डकप 2011 में खेला था लेकिन वह आईपीएल और अन्य टूर्नामेंटों में नियमित तौर पर खेलते रहे हैं. इस बीच छोटे प्रारूप में वे भारतीय टीम का हिस्सा भी बने रहे. दिल्ली का यह तेज गेंदबाज अपने परिजनों और शहर के दर्शकों के सामने जब आखिरी मैच खेलने के लिये उतरेगा तो निश्चित तौर पर मैदान के अंदर और बाहर भावनाओं का ज्वार भी उमड़ रहा होगा. यह देखना जरूर दिलचस्प होगा कि नेहरा को किस गेंदबाज के स्थान पर अंतिम एकादश में रखा जाता है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टी20 मैचों में भारत भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव के साथ उतरा था. भुवनेश्वर कानपुर में आखिरी वनडे में नियंत्रित गेंदबाजी नहीं कर पाए थे और उनको विश्राम दिया जा सकता है.

विराट कोहली एंड कंपनी एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश करेगी. प्रत्येक क्रिकेटर चाहता है कि उनका वरिष्‍ठ साथी जीत के साथ विदाई ले तथा वर्तमान टीम भी नेहरा को यह सम्मान देने में कसर नहीं छोड़ेगी. अगर भारत जीत दर्ज करता है तो यह उसकी न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 में पहली जीत भी होगी. इससे भारत जहां हार के अपने क्रम को तोड़ेगा वहीं आखिरी दो वनडे की जीत से मिली विजयी लय भी जारी रखेगा.

भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ जो पांच टी20 मैच खेले हैं उन सभी में उसे हार का सामना करना पड़ा. इनमें पिछले साल वर्ल्‍ड टी20 चैंपियनशिप का नागपुर में खेला गया मैच भी शामिल है जब भारतीय टीम 79 रन पर ढेर हो गई थी. न्यूजीलैंड एकमात्र ऐसी टीम है जिसके खिलाफ भारत अब तक छोटे प्रारूप में जीत दर्ज नहीं कर पाया है. पूरी संभावना है कि यह क्रम वर्तमान सीरीज में टूट जाएगा. लेकिन कोहली की टीम के लिए यह आसान भी नहीं होगा क्योंकि जिस तरह से वनडे सीरीज में मैच काफी करीबी रहे और कीवियों ने अपने जज्बे और जोश का जानदार नमूना पेश किया उससे यह उम्मीद बन गयी है कि टी20 सीरीज भी रोमांचक होगी. न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों विशेषकर मध्यक्रम का प्रदर्शन काबिलेतारीफ रहा है और कप्तान केन विलियमसन इसे टीम के लिए सकारात्मक पक्ष मानते हैं. विलियमसन के अलावा टॉम लाथम और हेनरी निकोल्स ने मध्यक्रम में अच्छी बल्लेबाजी की है जबकि सलामी बल्लेबाज कॉलिन मुनरो ने भी अपने शॉट चयन से प्रभावित किया है. मार्टिन गुप्टिल वनडे की असफलता की भरपाई टी20 में करने के लिए बेताब होंगे.

नेहरा जहां अपने आखिरी मैच को यादगार बनाना चाहेंगे वहीं कप्तान कोहली भी अपने घरेलू मैदान पर पहली बड़ी पारी खेलने की कोशिश करेंगे. फिरोजशाह कोटला पर भारत अपना पहला टी20 मैच खेलेगा जहां कोहली ने कुछ यादगार पारियां खेली हैं. शिखर धवन का भी यह घरेलू मैदान पर है जिसमें अब तक वह टेस्ट और वनडे में बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं. वह कल इसकी भरपाई करने की कोशिश करेंगे. केएल राहुल टी20 के लिये टीम में हैं और धवन जानते हैं कि आगे किसी तरह की असफलता से उन्हें अंतिम एकादश में अपनी जगह गंवानी पड़ सकती है. आलराउंडर पंड्या पर भी निगाहें टिकी रहेंगी. भारत ने अच्‍छे फॉर्म में चल रहे श्रेयस अय्यर और तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के रूप में दो नए चेहरे टीम में लिए हैं. अय्यर को मध्यक्रम में केदार जाधव की जगह पर मौका मिल सकता है लेकिन पहले मैच में नेहरा के खेलने के कारण सिराज को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के लिये थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. मैच शाम सात बजे शुरू होगा और ऐसे में ओस की भूमिका भी अहम होगी. बाद में गेंदबाजी करने वाली टीम को इससे अधिक जूझना पड़ सकता है और ऐसे में टॉस की भूमिका भी महत्वपूर्ण बन जाएगी. भारत जहां कोटला पर अपना पहला टी20 मैच खेलेगा वहीं न्यूजीलैंड ने पिछले साल वर्ल्‍ड टी20 में एक मैच यहां खेला था जिसमें उसे इंग्लैंड के हाथों सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा था.

दोनों टीमें इस प्रकार हैं…
भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, दिनेश कार्तिक, महेंद्र सिंह धोनी, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद सिराज, आशीष नेहरा, अक्षर पटेल और लोकेश राहुल.

न्यूजीलैंड : केन विलियमसन (कप्तान), टाड एस्टल, ट्रेंट बोल्ट, टाम ब्रूस, कोलिन डि ग्रैंडहोम, मार्टिन गुप्टिल, मैट हेनरी, टॉम लाथम, एडम मिल्ने, कोलिन मुनरो, हेनरी निकोलस, ग्लेन फिलिप्स, मिशेल सेंटनर, ईश सोढ़ी और टिम साउथी.
मैच शाम सात बजे से होगा.