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अक्षय कुमार दिखेंगे इस महान राजपूत योद्धा के किरदार में, केसरी के बाद फिरसे निभाएंगे महान युद्धवीर की भूमिका

1897 के बैटल ऑफ़ सारागढ़ी पर आधारित ‘केसरी’ के बाद अक्षय कुमार एक और फ़िल्म में इतिहास का सफ़र कर रहे हैं। चाणक्य धारावाहिक और ‘पिंजर’ जैसी कालजयी फ़िल्म बनाने वाले डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी अब पृथ्वीराज चौहान पर फ़िल्म बना रहे हैं, जिसे यशराज फ़िल्म्स जैसा बड़ा प्रोडक्शन हाउस प्रोड्यूस कर रहा है। इस फ़िल्म में अक्षय पृथ्वीराज चौहान का किरदार ही निभा रहे हैं। फ़िल्म की बाक़ी स्टार कास्ट अभी तय की जा रही है। शूटिंग अगले साल शुरू होने की संभावना है।

अजय देवगन सरदार भगत सिंह बनकर पर्दे पर आ चुके हैं, अब वो मराठा योद्धा तानाजी मालसुरे के अंदाज़ में बड़े पर्दे पर उतरेंगे। इस फ़िल्म का शीर्षक ‘तानाजी- द अनसंग वॉरियर’ है, जिसकी पहली झलक अजय ने ट्विटर के ज़रिए शेयर की थी। तानाजी सत्रहवीं सदी में शिवाजी के जनरल थे।

हड़प्पा संस्कृति पर आधारित फ़िल्म ‘मोहनजो-दाड़ो’ बनाने के बाद निर्देशक आशुतोष गोवारिकर एक बार फिर इतिहास की तरफ़ देख रहे हैं। इस बार उन्होंने पानीपत की तीसरी लड़ाई चुनी है, जिस पर वो ‘पानीपत’ शीर्षक से फ़िल्म बना रहे हैं। फ़िल्म में अर्जुन कपूर, संजय दत्त और कृति सनोन भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। अर्जुन सदाशिव राव भाऊ के रोल में हैं, तो कृति उनकी पत्नी पार्वतीबाई का रोल निभा रही हैं। संजय दत्त अफ़गान शासक अहमद शाह अब्दाली के किरदार में हैं।

अंग्रेजों से लोहा लेने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की बायोपिक ‘मणिकर्णिका- द क्वीन ऑफ़ झांसी’ में कंगना रनौत झांसी की रानी का किरदार निभाने वाली हैं। यह फ़िल्म कृष के निर्देशन में बन रही है, जिन्होंने अक्षय कुमार की फ़िल्म ‘गब्बर इज़ बैक’ से बॉलीवुड में डायरेक्टोरियल पारी शुरू की थी। बंगाली कलाकार जीशु सेनगुप्ता राजा गंगाधर राव के किरदार में हैं, जबकि अतुल कुलकर्णी तात्या टोपे का रोल निभा रहे हैं। इस फ़िल्म से टीवी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं, जो झलकारीबाई के किरदार में हैं।

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मोदी सरकार को चाहिए 10 जॉइंट सेक्रेटरी, बिना UPSC किये प्रोफेशनल्स की होगी भर्ती

अब संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित होने वाली सिविल सर्विसेज परीक्षा पास किए बिना भी योग्य उम्मीदवार सरकार में वरिष्ठ अधिकारी बन सकते हैं.

कौन कर सकता है अप्लाई

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार इन पदों के लिए वो लोग अप्लाई कर सकते हैं, जिनकी उम्र 1 जुलाई तक 40 साल हो गई है और उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होना आवश्यक है. उम्मीदवार को किसी सरकारी, पब्लिक सेक्टर यूनिट, यूनिवर्सिटी के अलावा किसी प्राइवेट कंपनी में 15 साल काम का अनुभव होना भी आवश्यक है.

कब तक होगी नियुक्ति

इन पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों की नियुक्ति तीन साल तक के लिए की जाएगी और सरकार इस कॉन्ट्रेक्ट को पांच साल तक बढ़ा भी सकती है. बता दें कि इन पदों के लिए प्रोफेशनल उम्मीदवार ही अप्लाई कर सकते हैं.

कितनी होगी सैलरी

मोदी सरकार इन पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को 1.44 लाख से 2.18 रुपये प्रति महीना सैलरी देगी और इस सैलरी के साथ उम्मीदवारों को कई भत्ते और सुविधाएं भी सरकार की ओर से दी जाएंगी.

किन विभागों में होगी नियुक्ति

सरकार ने जिन पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, उनकी नियुक्ति 10 मंत्रालयों में होनी है. इनमें वित्तीय सेवा, इकोनॉमिक अफेयर, कृषि, सड़क परिवहन, शिपिंग, पर्यावरण और वन, नागरिक उड्डयन और वाणिज्य क्षेत्र शामिल हैं.

बता दें कि सरकार अब इसके लिए सर्विस रूल में जरूरी बदलाव भी करेगी. पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने 10 विभागों में बतौर जॉइंट सेक्रेटरी 10 पदों के लैटरल एंट्री से जुड़ी अधिसूचना पर कहा कि इससे उपलब्ध स्रोतों में से सर्वश्रेष्ठ को चुनने का मौका मिलेगा. गौरतलब है कि किसी मंत्रालय या विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी का पद काफी अहम होता है और तमाम बड़ी नीतियों को अंतिम रूप देने में या उसके अमल में इनका अहम योगदान होता है.

कैसे होगा चयन

इनके चयन के लिए उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाएगा और कैबिनेट सेक्रेटरी के नेतृत्व में बनने वाली कमिटी इनका इंटरव्यू लेगी.

आवेदन करने की आखिरी तारीख- 30 जुलाई 2018

सालों से ठंडे बस्ते में था प्रस्ताव

ब्यूरोक्रेसी में लैटरल ऐंट्री का पहला प्रस्ताव 2005 में ही आया था, जब प्रशासनिक सुधार पर पहली रिपोर्ट आई थी. लेकिन तब इसे सिरे से खारिज कर दिया गया. फिर 2010 में दूसरी प्रशासनिक सुधार रिपोर्ट में भी इसकी अनुशंसा की गई. लेकिन पहली गंभीर पहल 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद हुई.

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रेलवे ने तत्काल टिकटों की बुकिंग के लिए दी नई सुविधा, जानें कैसे करें बुकिंग और कैसे उठाएं लाभ

रेलवे की टिकट बुकिंग सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए लोगों को नई सुविधा दी है। अब आप स्टेशन और IRCTC के अलावा एक और तरीके से तत्काल टिकटों की बुकिंग कर सकेंगे। ये तरीका बेहद आसान और तेजी से होने वाला है। इस तरीके से तत्काल टिकटों की बुकिंग तेजी से की जा सकेगी। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने आईआरसीटीसी ई-वॉलेट यूजर रेल टिकट एंड्रॉइड ऐप ‘रेल कनेक्ट’ के जरिए भी सामान्य और तत्काल टिकटों की बुकिंग की सुविधा दी है।

आईआरसीटीसी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी कि यूजर्स अब एंड्रॉइड मोबाइल एप आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट के जरिए भी रेल टिकट बुक कर सकते हैं। तत्काल टिकट बुकिंग का आसान तरीका रेलवे ने तत्काल टिकटों की बुकिंग का एक और तरीका यात्रियों को दिया है। अब आप IRCTC के मोबाइल एप रेल कनेक्ट के जरिए भी सामान्य और तत्काल टिकटों की बुकिंग कर सकेंगे। ये तरीका बेहद आसान और तेज है, क्योंकि तत्काल टिकट बहुत ही जल्दी बुक हो जाते हैं, जिसकी वजह से कई बार पेमेंट के दौरान बैंकों से OTP आने में देर हो जाती है और तब तक सारे सीट बुक हो जाते हैं। ऐसे में ये तरीका बेहतर हैं, क्योंकि इसमें आप पहले से आईआरसीटीसी वॉलेट में एडवांस में पैसा डालकर रख सकते हैं। टिकट बुकिंग का तरीका मोबाइल एप के जरिए टिकट बुक करने के लिए आप पेटीएम या मोबिक्विक की तरह आईआरसीटीसी ई-वॉलेट में पैसे रख लें। ई-वॉलेट सुविधा के इस्तेमाल के लिए आप को आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। आप प्रिफरेंस लिस्ट में छह बैंकों को रख सकते हैं। जिनका इस्तेमाल आप पेमेंट के दौरान कर सकेंगे। कैसे उठाएं इस सुविधा का लाभ आप अपने IRCTC यूजर आईडी पासवर्ड से लॉगइन करें। इसके बाद आपको प्लान माई ट्रैवल पेज पर जाना होगा, जहां आप आईआरसीटीसी ई-वॉलेट रजिस्ट्रेशन पर क्लिप कर अपने पैन या आधार की जानकारी भरकर उसे वेरिफाई करेंगे। आपको बता दें इस सेवा के इस्तेमाल के लिए 50 रुपए का वन-टाइम रजिस्ट्रेशन शुल्क चुकाना होगा। आप ई-वॉलेट अकाउंट में 10000 रुपए तक जमा कर सकते हैं। फिर जैसे आईआरसीटीसी की साइड पर बुकिंग होती है वहीं प्रक्रिया यहां करनी होगी।

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‘परी’ के ट्रेलर पर विराट कोहली- अनुष्का का डरावना अवतार देखने के लिए उत्साहित हूं

अभिनेत्री अनुष्का शर्मा का ग्लैमरस अवतार तो आपने अब तक बहुत सी फिल्मों में देखा लेकिन अब जिस रूप में वो नज़र आने वाली हैं आप देखकर सिहर जाएंगे. सही समझे आप…हम अनुष्का की फिल्म ‘परी’ की बात कर रहे हैं. आज इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है. फिल्म का नाम तो ‘परी’ है लेकिन ट्रेलर इसके उलट हॉरर है. इसमें अनुष्का शर्मा का डरावना अवतार देखने को मिला है. फिल्म का ट्रेलर शेयर करते हुए अनुष्का के पति और क्रिकेटर विराट कोहली ने लिखा है वो अनुष्का का ये नया अवतार देखने को लिए उत्साहित हैं.

बता दें कि ये फिल्म 2 मार्च को रिलीज होने वाली है. दर्शकों के लिए ये फिल्ल इसलिए भी खीस है क्योंकि शादी के बाद ये अनुष्का शर्मा की पहली फिल्म है. फिल्म का निर्देशन प्रोसित रॉय ने किया है. फिल्म में अनुष्का के साथ परमब्रता चटर्जी, रजत कपूर और रीता बिहारी चक्रवर्ती ने भी नजर आने वाले हैं. यहां क्लिक करके देखें ट्रेलर

इस फिल्म को खुद अनुष्का ने ही प्रोड्यूस किया है. उनकी प्रोडक्शन कंपनी क्लीन स्लेट प्रोडक्शन की ये तीसरी फिल्म होगी. इससे पहले फिल्म ‘एनएच 10’ और ‘फिल्लौरी’ को प्रोड्यूस कर चुकी हैं. दोनों ही फिल्मों को दर्शकों ने पसंद किया था. खासतौर पर फिल्म ‘एनएच 10’ के लिए अनुष्का को उनके किरदार के लिए काफी सराहा गया था.

पहले अनुष्‍का शर्मा की ये फिल्म 9 फरवरी को ही रिलीज होनी थी, लेकिन अब इसे बदल दिया गया है. अब ये फिल्म होली के मौके पर रिलीज होने वाली है.

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अक्षय कुमार नहीं ये हैं असली पैडमैन, जानें इनके संघर्ष के बारे में ये 5 खास बातें

अक्षय कुमार का संदेश भरे मनोरंजन का सफर जारी है और इस कड़ी में वे अपनी अगली फिल्म ‘पैडमैन’ लेकर आए हैं. ‘पैडमैन’ असली कहानी पर आधारित फिल्म है और एक शख्स के संघर्ष को दिखलाती है. ‘पैडमैन’ में वे सस्ते सैनिटरी पैड बनाने वाले अरुणाचलम मुरुगअनंतम का किरदार निभा रहे हैं. जिन्होंने अपने मजबूत इरादों की बदौलत महिलाओं की जिंदगी को आसान बनाने का काम किया. ‘पैडमैन’ को आर. बाल्की ने डायरेक्ट किया है और इस फिल्म की प्रोड्यूसर अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना हैं. अक्षय परदे पर अरुणाचलम का किरदार निभा रहे हैं, और वे उनकी जिंदगी से आपको रू-ब-रू कराएंगे. लेकिन उससे पहले ही हम आपको अरुणाचलम के इस सफर के बारे में विस्तार से बता देते हैंः

अक्षय कुमार के करियर से जुड़ी ये 5 बातें जानते हैं आप?

अरुणाचलम मुरुगअनंतम का जन्म 1962 में तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुआ. पिता का निधन सड़क हादसे में होने की वजह से उन्हें गरीबी में बचपन गुजारना पड़ा. मां खेतों में काम करके गुजारा चलाती थीं. 14 साल की उम्र में उनका स्कूल भी छूट गया. उसके बाद उन्होंने कई तरह के काम किए ताकि परिवार को मदद कर सकें.

अरुणाचलम की 1998 में शांति से शादी हो गई. लेकिन उन्होंने एक दिन देखा कि उनकी पत्नी पीरियड्स के दौरान गंदे कपड़ों और अखबार का इस्तेमाल करती हैं क्योंकि सैनिटरी पैड महंगे आते थे. बस इसके बाद अरुणाचलम इस समस्या से निबटने के लिए जुट गए.

अरुणाचलम ने सबसे पहले कॉटन का इस्तेमाल करके पैड बनाने शुरू किए. उनकी पत्नी और बहन ने इसे सिरे से नकार दिया. दोनों ने अरुणाचलम का साथ देने से भी साफ इनकार कर दिया. उन्हें इस काम के लिए कोई वॉलंटियर भी नहीं मिली तो उन्होंने सैनिटरी पैड का परीक्षण खुद पर ही करना शुरू कर दिया. हालांकि गांव के लोगों ने उनका विरोध किया.

arunachalam

अरुणाचलम को यह बात जानने में दो साल का समय लग गया कि कॉमर्शियल पैड सेल्यूलोज से बने होते हैं. लेकिन इसे बनाने वाली मशीन बहुत महंगी थी इसलिए उन्होंने खुद मशीन बनाने का इरादा बनाया और 65,000 रु. की मशीन तैयार कर दी. उन्होंने इसका इस्तेमाल पैड बनाने के लिए किया.

अरुणाचलम के इस प्रयोग को दुनियाभर में पहचाना गया और कई औरतों की जिंदगी को बदलने में इसने अहम भूमिका निभाई. उनसे कई अन्य उद्यमियों ने भी प्रेरणा ली. उनकी ये मिनी मशीन 29 में से 23 राज्यों में लगाई गई हैं और ये पैड बाजार में मिलने वाले सैनिटरी पैड की एक तिहाई कीमत पर ल जाते हैं. वे अपने इस प्रोजेक्ट को 106 देशों तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं.

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अयोध्या में CM योगी की दिवाली, दो लाख दीयों की रोशनी में हेलिकॉप्टर से आएंगे राम-सीता और लक्ष्मण

भगवान राम, पत्नी सीता के साथ 14 वर्ष के वनवास और लंका विजय के बाद जब अयोध्या आए तो अयोध्यावासियों ने खुशियों से अयोध्यानगरी को दीपों से सजा दिया और दीवाली मनाई. आपने ये प्रसंग या तो पढ़ा या सुना होगा, लेकिन अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ छोटी दीपावली यानि 18 अक्टूबर को एक बार फिर त्रेता युग के उसी वैभव को अलग तरह से दोहराने जा रहे हैं. इस कार्यक्रम के साक्षी अयोध्यावासियों के साथ-साथ विदेशी सैलानी भी होंगे.

18 अक्टूबर यानि छोटी दीपावली के दिन अयोध्या का मुख्य आकर्षण होगी. राम से जुड़े अलग-अलग काण्ड पर आधारित झाकियां जो अपने भव्य स्वरूप में दिखाई देगी. ट्रकों पर बने मंच पर शोभायमान कुल 11 झाकियां होंगी, जिसके सामने लोक कलाकार संबंधित काण्ड से जुड़ी नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर रहे होंगे.

भगवान राम के स्वागत में उमड़ेगी अयोध्या

यह शोभायात्रा अयोध्या स्थित साकेत महाविद्यालय से दोपहर बाद 2 बजे निकलकर अयोध्या की सड़कों से गुजरती हुई लगभग 3 किलोमीटर के सफर के बाद शाम 4 बजे रामकथा पार्क पहुंचेगी. रास्ते में लोग इन शोभायात्राओं पर पुष्प वर्षा कर रहे होंगे और खुशियां मनाते हुए जयकारे लगा रहे होंगे.

इसके पीछे न सिर्फ अयोध्या के साधू संत दिखाई देंगे बल्कि अयोध्यावासी भी झूमते, गाते और इठलाते हुए खुशियाँ मनाते दिखाई देंगे. रामकथा पार्क में यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी और राज्यपाल रामनाईक ही नहीं बल्कि प्रदेश और केंद्र के कई मंत्री भी मौजूद रहेंगे, जो राम-सीता लक्ष्मण का स्वागत और पूजन अर्चन करेंगे. यही पर राम दरबार लगेगा और राम का राज्याभिषेक होगा.

रामजन्म से लेकर लवकुश तक को प्रतिबिंबित करने की कोशिश

कार्यक्रम के लिए अयोध्या की सड़कों को ठीक किया जा रहा है तो रामदरबार भी बनाया जा रहा है. बढ़ी हुई घासों को काटा जा रहा है और इस कदर सजाया जा रहा है कि त्रेता युग के वैभव को प्रतिबिंबित किया जा सके. कुल 11 झांकियां हैं. इसमें रामजन्म से लेकर लवकुश तक का, राज्याभिषेक तक कुल 11 झाकियां हैं, जो अलग-अलग परिवेश में सजाई जाएंगी.

इन झांकियों में जीवंत कलाकार अभिनय करेंगे, इस पर दिन रात काम चल रहा है जो बुधवार तक पूरा हो जाएगा. इस आयोजन से जुड़े आचार्य सत्येन्द्र दास ( मुख्य पुजारी रामलला ) कहते हैं कि जिस समय भगवान राम अयोध्या आए थे, तो उनके ऊपर पुष्प वर्षा हुई थी. उसी प्रकार से यहां पुष्प वर्षा होगी.

त्रेता युग के कालक्रम के दृश्यांकन की तैयारी

दास के मुताबिक ऐसा मालूम होगा कि जैसे साक्षात राम लक्ष्मण और सीता लंका विजय करके अयोध्या आ गए हैं. पूरे अयोध्या के लोग उनके स्वागत के लिए चलेंगे. ऐसा माहौल होगा जैसे भगवान त्रेता युग में आए थे और आने के बाद जो स्वरूप और जो स्थिति रही वही दीपावली के एक दिन पहले छोटी दीपावली के दिन दृश्य दिखाई देगा.

रामकथा पार्क के बाद 5.45 बजे योगी सीधे सरयू तट पर जाएंगे, जहां सबसे पहले सरयू का 15 मिनट तक पूजन होगा. इसके बाद 5100 बत्ती की महाआरती होगी. इसके लिए सरयू तट पर स्टेज बनाया जा रहा है, जिस पर योगी आदित्य नाथ मौजूद रहेंगे. इस दौरान 11 पुजारी वैदिक मंत्रोच्चार करेंगे.

इसके बाद मुख्यमंत्री राम की पैड़ी पर जाएंगे. वहां दीपोत्सव का कार्यक्रम है. 1 लाख 71 हजार दीपों को प्रज्वलित किया जाएगा और आरती में ‘ॐ जय सरयू माता’ का जाप लगातार होता रहेगा. इसके साथ ही 11 वैदिक ब्राह्मण मंत्रोचार करते रहेंगे, जब तक आरती चलती रहेगी.

5100 दीयों से होगी सरयू की आरती

महाआरती के मुख्य पुरोहित शशिकांत दास ( पुरोहित महाआरती ) बताते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आना है, जिसमें 15 मिनट तक मां सरयू जी का पूजन और अभिषेक होगा. इसके बाद 5100 दीपों से मां सरयू जी की आरती करेंगे.

कुम्हारों को दिया दो लाख दीयों का ऑर्डर

इसके बाद सरयू तट से सटे 1,71, 000 दीपों को जलाकर एक साथ दीप जलाने का विश्व रिकार्ड बनाने की तैयारी है. इसके लिए 2 लाख दीयों का ऑर्डर दिया जा चुका है, जिसके निर्माण के लिए बड़ी संख्या में कुम्हार लगे हैं और घर-घर दीये बनाए जा रहे हैं. कुम्हार इससे उत्साहित तो है ही साथ ही उन्हें इस बात की खुशी भी है कि वह त्रेता युग के इस महाआयोजन में भागीदार बनने जा रहे है.

दीये बनाने का काम करने वाले विनोद प्रजापति ने बताया कि 2 लाख दीयों को ऑर्डर है इसमें 50 ग्राम तेल आना चाहिए. इन दीयों को योगी आदित्यनाथ जलाएंगे. इसमें से 1 लाख दीये पहुंचा दिए हैं और 1 लाख कल तक पहुंचा देंगे.

18 अगस्त को कुछ ऐसा होगा अयोध्या का नजारा

यूँ तो सरयू में दीपदान भी होता है और अयोध्या के मंदिर हो या घर सभी सजाये भी जाते हैं, लेकिन इस बार अयोध्या रोशनी में नहाई नजर आने वाली है. कुछ इस तरह जैसे किसी उत्सव की उन्मुक्तता में डूबी हो.

फैजाबाद हवाई पट्टी से उड़ान भरेंगे भगवान राम

राम अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ फैजाबाद हवाई पट्टी से हेलिकॉप्टर में सवार होकर सीधे अयोध्या के रामकथा पार्क पहुंचेंगे. जहां खड़ाऊं लेकर योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल रामनाइक उनकी अगवानी करेंगे. उसके बाद उनका पूजन अर्चन होगा और बाकायदा रामदरबार लगेगा और उनका राज्याभिषेक किया जाएगा.

यह सब उसी तरह दिखाई देगा जैसे त्रेता युग में लंका विजय के बाद भगवान राम के पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचने पर हुआ था. इस सबको देखते हुए सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था भी की गई है. सरयू में जल पुलिस की टुकड़ियां गश्त करती दिखाई देंगी तो सड़कों पर पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान गश्त करेंगे.

सरयू के घाट पर पौने 2 लाख दीये जलाने की तैयारी

इस कार्यक्रम का शुभारम्भ दिन के 2 बजे शोभा यात्रा से होगा जो 4 बजे रामकथा पार्क पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल स्वागत करेंगे. मंच पर लाभार्थियों के कई कार्यक्रम होंगे, आवास, बिजली कनेक्शन और कुछ बच्चों और महिलाओं को वस्त्र और उपहार भी दिया जाएगा.

इसके बाद 6 बजे के करीब घाट पर सरयू आरती के लिए जाएंगे. मुख्यमंत्री के आदेश पर रोज आरती का कार्यक्रम हो रहा है. इसके ही वृहद रूप में लगभग पौने 2 लाख दिए जलाने का कार्यक्रम है.

योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का सबसे खास पहलू त्रेता युग के उस दृश्य को अवतरित करना है, जिसमें भगवान राम लंका विजय के बाद भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ अयोध्या पहुंचे थे और भाई भरत उनकी खड़ाऊं लेकर अगवानी को दौड़े थे और फिर उनका राजतिलक किया गया था.

भरत की भूमिका में होंगे CM योगी

इस बार भी पुष्पक विमान की तरह ही हेलिकॉप्टर होगा, जो फैजाबाद हवाई पट्टी से राम-लक्ष्मण और सीता को लेकर सीधे अयोध्या के रामकथा पार्क पहुंचेगा, जहां भरत की जगह योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल रामनाइक उनकी अगवानी करेंगे.

समय कुछ इस तरह रखा गया है कि 18 अक्टूबर को शाम 4 बजे जैसे ही योगी आदित्यनाथ फैजाबाद हवाई पट्टी पर उतरने के बाद सड़क मार्ग से अयोध्या के रामकथा पार्क पहुंचेंगे. वैसे ही साकेत से निकली शोभा यात्रा की रामलीला झाकियां भी पहुंचेंगी.

खड़ाऊं लेकर अगवानी करेंगे योगी आदित्यनाथ

अभी योगी इन शोभा यात्राओं का निरीक्षण ही कर रहे होंगे कि तभी फैजाबाद हवाई पट्टी से राम-लक्ष्मण और सीता को लेकर हेलिकॉप्टर सीधे रामकथा पार्क पहुंचेगा, जहां योगी खड़ाऊं के साथ उनकी अगवानी करेंगे.