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दीपिका पादुकोण शामिल हुई बैलाट्रिक्स एरोस्पेस के सीड फंडिंग इन्वेस्टर्स में। जानें क्या है इस स्पेस कंपनी की विशेषता!

फ्लिपकार्ट से भारत में शुरू हुआ स्टार्टअप युग अब और संभावनाएं लेकर आ रहा है, जहाँ परंपरागत उद्योगों से हटकर काम करने वाली अलग क्षेत्रों की कंपनियों को भी महत्व दिया जा रहा है। आज हम आपको बताएंगे बैलाट्रिक्स एरोस्पेस के बारे में जिसने बॉलीवुड की शीर्ष अदाकारा दीपिका पादुकोण को भी अपने सीड राउंड में इन्वेस्ट करने को राजी कर लिया है।

Bellatrix logo

रोहन स. गणपति(CEO), यशस कर्णम और नूथन प्रसन्ना ने मिलकर 2015 में बैलाट्रिक्स एरोस्पेस की शुरुआत की और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलोर से इन्क्यूबेशन प्राप्त किया। वहाँ इनको अच्छा मार्गदर्शन मिला और अपनी कंपनी के लिए नई प्रतिभाओं को भी शामिल किया।

Bellatrix founders

हाल ही में बैलाट्रिक्स एरोस्पेस ने अपनी सीड फंडिंग के लिए कई जगह अप्रोच किया और इनकी प्रतिभा का कमाल ही है कि, दीपिका पादुकोण सहित, IDFC परंपरा, StartupXseed, Karsemven Fund, Survam Partners, GrowX Ventures, CIEE(IIM-A) और SINE(IIT-B) ने सम्मिलित रूप से 3 मिलियन डॉलर इन्वेस्ट किया।

Bellatrix founders Forbes
Forbes founders under 30

बैलाट्रिक्स एरोस्पेस ने इको-फ़्रेंडली इलेक्ट्रिक बेस्ड प्रोपल्शन सिस्टम तैयार किया है जो कि माइक्रोवेव प्लाज्मा थ्रस्टर(MPT) के नाम से जाना जाता है। इस नवीन सिस्टम की बदौलत सैटेलाइट को स्पेस में ले जाना अधिक सस्ता हो जाएगा। इनको मई 2017 में नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा सम्मानित किया गया।

Bellatrix awarded by President of India

हम आपको बता दें कि भारत मे और भी स्टार्टअप हैं जो स्पेस टेक्नोलॉजी में क्रांतिकारी शोध करने का कार्य कर रहे हैं जिनमें Deep Space, Momentus Space Industries और Tethers Unlimited प्रमुख कंपनियां हैं।

Bellatrix chetak rocket
Bellatrix Rocket Chetak
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इंफोसिस को मिला नया सीईओ, सलिल एस पारेख 5 साल तक संभालेंगे कमान

आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों में शुमार इंफोसिस को नया सीईओ मिल गया है। सलिल एस पारेख को इंफोसिस का नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) नियुक्त कर दिया गया है। सलिल सिर्फ सीईओ ही नहीं होंगे बल्कि वो कंपनी में मैनेजिंग डॉयरेक्टर का पद भी संभालेंगे। उनके पास ये दोनों पद अगले पांच सालों तक रहेंगे। हालांकि पारेख की यह नियुक्ति 2 जनवरी 2018 से ही प्रभावी होगी।

इंफोसिस ने अपनी नियामकीय फाइलिंग (स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग) में यह जानकारी दी है कि यह नियुक्ति उस समिति के नामांकन और सिफारिश के आधार पर की गई है जिसका गठन नए सीईओ की तलाश करने के लिए किया गया था। आपको बता दें कि इस समिति का गठन नंदन नीलेकणि के इंफोसिस प्रमुख बनने के बाद किया गया था।

पारेख की नियुक्ति पर क्या बोले नीलेकणि: पारेख की नियुक्ति पर टिप्पणी करते हुए इन्फोसिस बोर्ड के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि सलिल को सीईओ एवं एमडी के रूप में चुनते हुए कंपनी को खुशी हो रही है। कंपनी बोर्ड का मानना है कि पारेख उद्योग में इस परिवर्तनशील समय में इंफोसिस का नेतृत्व करने के लिहाज से एक उचित व्यक्ति हैं। आपको बता दें कि नीलेकणि आन से पहले इंफोसिस कई तरह की मुश्किलों का सामना कर रही थी।

पारेख के पास कितना अनुभव: पारेख में आईटी उद्योग में तीन दशकों से अधिक काम करने का अंतर्राष्ट्रीय अनुभव हैं। इसके अलावा व्यापार के बेहतर संचालन और अधिग्रहण के सफल प्रबंधन का भी उनके पास एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है। पारेख फ्रांसीसी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी कैपजेमिनी में समूह कार्यकारी बोर्ड के सदस्य थे। वो साल 2000 में कैपजेमिनी से जुड़े थे। उन्होंने कॉर्नेल विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है। साथ ही उनके पास भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की डिग्री भी है।