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ऑस्ट्रेलिया की संसद में पहली बार किया गया योग, भारत से आया योग अब पूरी दुनिया में मचा रहा धूम

केनबरा स्थित संसद के कम्युनिटी हाल में इस सत्र में पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट समेत कई मंत्रियों व सांसदों ने हिस्सा लिया और विभिन्न आसनों का अभ्यास किया। दो घंटे तक चले इस सत्र का आयोजन मेलबर्न स्थित वासुदेव क्रिया योग समूह ने किया था।

हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। एबॉट ने कहा, ‘यह बहुत अच्छा है कि हम संसद में योग दिवस मना रहे हैं। चिंता और तनाव से घिरे नेताओं के लिए योग फायदेमंद है। कई भारतवंशी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को योग अभ्यास करते देखना बेहद सुखद है। ऑस्ट्रेलियाई भी योग में काफी रुचि दिखाते हैं।’

योग को प्रसारित करने में भारत की सफलता का जिक्र करते हुए एबॉट ने कहा, ‘भारत उभरती विश्व शक्ति है और योग उससे जुड़ा हुआ है। मुझे खुशी है भारत से आया योग पूरी दुनिया में फैल रहा है।’

हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। एबॉट ने कहा, ‘यह बहुत अच्छा है कि हम संसद में योग दिवस मना रहे हैं। चिंता और तनाव से घिरे नेताओं के लिए योग फायदेमंद है। कई भारतवंशी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को योग अभ्यास करते देखना बेहद सुखद है। ऑस्ट्रेलियाई भी योग में काफी रुचि दिखाते हैं।’

वासुदेव क्रिया योग के राजेंद्र येंकानमुले ने कहा, ‘पहली बार किसी देश की संसद में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया है। यह कार्यक्रम बहुत सफल रहा। हमें उम्मीद है कि आने वाले सालों में यह और भी सफल होगा।’

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SC/ST Act: सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च के फैसले पर नहीं लगाई रोक, 10 दिन बाद होगी सुनवाई

SC/ST एक्ट में गिरफ्तारी से पहले जांच अनिवार्य करने के मामले में केंद्र की पुनर्विचार याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. सुनवाई के दौरान एजी की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम एक्ट के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बेगुनाह को सजा न मिले, यह देखा जाना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा

  • हम फिलहाल तुरंत गिरफ्तारी पर रोक के निर्देश पर रोक नहीं लगाएंगे.
  • SC/ST एक्ट में केस दर्ज दर्ज करने के लिए प्रारंभिक जांच जरूरी
  • कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पीडित को मुआवजे का भुगतान तुरंत किया जा सकता है चाहे शिकायत आने के बाद FIR दर्ज ना हुई हो
  • कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि FIR IPC के अन्य प्रावधानों पर दर्ज हो सकती है.

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी –

  • कोर्ट ने जो सुरक्षा उपाय किये है ताकि किसी निर्दोष को सजा न मिले.
  • ये अकेला ऐसा कानून है कि जिसमें किसी व्यक्ति को कोई कानूनी उपचार नहीं मिलता.
  • अगर एक बार मामला दर्ज हुआ तो व्यक्ति गिरफ़्तार हो जाता है.
  • इस मामले में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है.
  • जबकि दूसरे मामलों में संरक्षण के लिए फ़ोरम है, कोर्ट हैं जो झूठे मामलों में सरंक्षण दे सकता है.
  • कोर्ट ने कहा कि अगर कोई दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए लेकिन बेगुनाह को सजा न मिले.
  • कोर्ट ने कहा कि प्रेरित, दुर्भावना और झूठे आरोप लगाकर उनकी स्वतंत्रता का हनन नहीं कर सकते.

जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने ये भी कहा

  • इस कानून में आरोपों को वैरीफाई करना मुश्किल है इसलिए इस तरह की गाइडलाइन जारी की गई.
  • जबकि अन्य अपराध में आरोपों को वैरीफाई किया जा सकता है.

जस्टिस गोयल ने कहा
हम एक्ट के खिलाफ नहीं हैं, हमारा मकसद सिर्फ निर्दोष को बचाना है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा

  • जो लोग सडकों पर प्रदर्शन कर रहे हैं शायद उन्होंने हमारे फैसले को नहीं पढ़ा
  • सरकार क्यों ये चाहती है कि जांच के बिना हीलोग गिरफ्तार हो
  • अगर सरकारी कर्मी पर कोई आरोप लगाए तो वो कैसे काम करेगा
  • हमने एक्ट को नहीं बल्कि सीआरपीसी की व्याख्या की है

जस्टिस यू यू ललित ने कहा

  • हमने जो गाइडलाइन जारी की हैं वो कानून में सेफगार्ड हैं
  • ये जरूरी नहीं कि समुदाय के लोग ही इसका मिसयूज करें, पुलिस भी कर सकती है

केंद्र की दलील –

  • केंद्र सरकार ने कहा कि इस कानून के प्रावधान में किसी गाइडलाइन की जरूरत नहीं है.
  • AG ने जस्टिस करनन के मामले का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने चीफ जस्टिस व सुप्रीम कोर्ट के जजों पर दलित होने की वजह से प्रताडित करने का आरोप लगाया था.
  • AG ने कहा कि वो आरोप सही नहीं थे तो कोई कार्रवाई नहीं की गई

AG ने कहा
इस आदेश के बाद समाज में जबरदस्त रोष है और प्रदर्शन हो रहे हें

जस्टिस गोयल ने कहा
  • हम सिर्फ कानूनी बात करेंगे, बाहर क्या हो रहा है हमें नहीं पता
  • हमने शिकायत की वैरिफिकेशन के लिए सात दिनों का वक्त रखा है

अमिक्स क्यूरी अमरेंद्र शरण ने कहा कि

  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखे को सीआरपीसी भी यही कहता है कि गिरफ्तारी से पहले जांच हो.
  • भले ही प्रावधान एक्ट के हों लेकिन प्रक्रिया सीआरपीसी की होती है
  • ये गाइडलाइन जारी होने से केस की जांच, ट्रायल आदि प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

इससे पहले सुनवाई में एजी की ओर से खुली अदालत में इस संबंध में सुनवाई की अपील पर कोर्ट ने हामी भर दी थी. कोर्ट में एजी केके वेणुगोपाल ने कहा कि आज ही सुनवाई हो. इस पर जस्टिस आदर्श गोयल ने कहा कि वो खुली अदालत में सुनवाई को तैयार हैं, कोई परेशानी नहीं है लेकिन वही बेंच होनी चाहिए जिसका फैसला था. जस्टिस गोयल ने कहा कि बेंच के गठन के लिए चीफ जस्टिस के सामने मेंशन करें. केंद्र की ओर से AG ने आज ही दो बजे सुनवाई की मांग की. AG केके वेणुगोपाल ने सीजेआई कोर्ट में कहा, देश में कानून व्यवस्था खराब हो रही है. ऐसे में मामले की आज ही सुनवाई की जानी चाहिए. कोर्ट ने मांग मान ली. अमिक्स क्यूरी अमरेंद्र शरण ने इसका विरोध किया.

सुनवाई के बाद CJI ने कहा – वही बेंच आज दो बजे सुनवाई करेगी जिसने फैसला दिया. फैसले पर रोक लगे या नहीं वहीं बेंच तय करेगी.

शरण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सिर्फ इसलिए रोक नहीं लगाई जा सकती क्योंकि कानून व्यवस्था खराब हो रही है. बता दें कि 20 मार्च के फैसले के खिलाफ केंद्र ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. मामले पर जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस यू यू ललित की बेंच ने आदेश दिया था.

SC/ ST एक्ट मामले में केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट का 20 मार्च का फैसला SC/ ST समुदाय के संविधान के तहत दिए गए अनुच्छेद 21 के तहत जीने के मौलिक अधिकार से वंचित करेगा. SC/ ST के खिलाफ अपराध लगातार जारी है तथ्य बताते हैं कि कानून के लागू करने में कमजोरी है ना कि इसका दुरुपयोग हो रहा है.
अगर आरोपी को अग्रिम जमानत दी गई तो वो पीडित को आतंकित करेगा और जांच को रोकेगा.

अग्रिम जमानत का प्रावधान 1973 में अधिकार के तहत जोड़ा गया. कोर्ट ने गलत कहा है कि जमानत देने से इंकार करना जीने के अधिकार का उल्लंघन है.

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भारतीय क्रिकेट की धरोहर साबित हो सकते हैं पांड्या : क्लूसनर

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व हरफनमौला लांस क्लूसनर ने कहा कि हार्दिक पांड्या भारत के लिए बेहतरीन हरफनमौला साबित हो सकते हैं । पांड्या ने पहले टेस्ट में 95 गेंद में 93 रन बनाए और दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी में 27 रन देकर 2 विकेट लिए ।

क्लूसनर ने कहा कि भारत की पहली पारी में उसकी बल्लेबाजी बेहतरीन थी । उसने टीम को दबाव से निकालकर दक्षिण अफ्रीका पर दबाव बनाया । वह भारत के लिये धरोहर साबित होगा । अभी वह सीख रहा है और अगर अपनी गेंदबाजी में रफ्तार शामिल कर ले तो उम्दा हरफनमौला बन सकता है। पांड्या अपने संक्षिप्त कैरियर में ही टीम का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेटमें उनका रिकार्ड बल्ले और गेंद दोनों से शानदार है।   क्लूसनर ने कहा कि वह भविष्य में शानदार हरफनमौला साबित होगा। कई मौकों पर नाकामी भी मिलेगी लेकिन उसे सकारात्मक सोच के साथ हौसलाअफजाई की जरूरत है ।

उन्होंने कहा कि वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेले या भारतीय टीम के लिए उसके पास पास अच्छे लोग है और यह उनकी जिम्मेदारी है कि उसकी प्रतिभा को तराशें।  पांड्या ने टेस्ट श्रृंखला से पहले एकमात्र अभ्यास मैच नहीं खेला और क्लूसनर इसके हिमायती नहीं हैं ।  उन्होंने कहा कि अभ्यास मैच खेलना हमेशा अच्छा होता है । यदि भारतीय टीम उपमहाद्वीप के दौरे पर होती तो अभ्यास मैच नहीं खेलने से कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन दक्षिण अफ्रीका में खेलने से पहले अभ्यास मैच से अनुकूलन में मदद मिलती।

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मुझे जेल में डालने के लिए कैसी-कैसी साजिशें नहीं की गईं : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व को विकास एवं गुजरात विरोधी करार देते हुए कहा कि बीजेपी के लिए चुनाव विकासवाद की जंग है, जबकि कांग्रेस के लिए यह वंशवाद की जंग है. पीएम मोदी ने कहा, जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब मुझे जेल में डालने के लिए मेरे खिलाफ कैसी-कैसी साजिशें नहीं की गईं. लेकिन आज देखें कि हम कहां है और वो कहां हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि जब-जब गुजरात में चुनाव आता है, उनको (कांग्रेस) जरा ज्यादा बुखार आता है, तकलीफ ज्यादा बढ़ जाती है. इस पार्टी और परिवार को गुजरात आंखों में चुभता रहा है.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
  1. गुजरात गौरव महासम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी ने हमेशा कुर्सी का खेल खेला, वंशवाद को कैसे सलामत रखना है, इस पार्टी ने हमेशा इसकी चिंता की. उनको न देश की चिंता है और न समाज की.
  2. पीएम मोदी ने कहा, ये जहर, गुजरातियों के प्रति द्वेष… इसी का परिणाम था कि पंडित नेहरू ने नर्मदा परियोजना का शिलान्यास किया, लेकिन वह आंखों में इसलिए चुभती थी, क्योंकि इसकी संकल्पना सरदार पटेल ने की थी, इसलिए पूरा नहीं होने दिया. कोई कल्पना कर सकता है कि 40 साल तक यह अटकी रही.
  3. प्रधानमंत्री ने कहा, कांग्रेस ने विकास के मुद्दे पर कभी चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं दिखाई. मैं एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी को चुनौती देता हूं कि वे विकासवाद के मुद्दे पर चुनाव लड़ें और लोगों को भ्रमित करने का काम छोड़ें.
  4. राहुल और सोनिया गांधी का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा कि जो जेल की सजा काटे हैं, उनके साथ ये कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं.
  5. पीएम मोदी ने कहा कि इनको गुजरात से नफरत है, जनसंघ से नफरत है, भाजपा से नफरत है. इन लोगों और पार्टी ने कभी हमें गांधी का हत्यारा कहा, कभी दलित विरोधी कहा. आज सबसे ज्यादा दलित सासंद बीजेपी के हैं.
  6. पीएम मोदी ने कहा, इनका विकास से कोई नाता नहीं है. उनको एक ही चीज की आदत लगी है और उनके नेता, पार्टी और परिवार भ्रष्टाचार में डूबी रही है.
  7. प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव एक यज्ञ होता है. चुनाव के यज्ञ में लोकतंत्र के सभी सिपाही, सभी मतदाता और अधिक अच्छा करने के भाव से हर कोई जुटता है। लेकिन सतयुग से, रामायण-महाभारत के काल से ऐसा होता आया है कि जब-जब यज्ञ होता है रुकावट डालने वाले इसमें रुकावट डालते हैं
  8. लोगों ने बहुत सरकारें देखी हैं, धनबल और बाहुबल से चलने वाली पार्टियां, वंशवाद से चलने वाली पार्टियां हैं, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से चलने वाली भाजपा इकलौती पार्टी है.
  9. प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की इतनी सरकारें आईं, लेकिन सिंचाई से जु़ड़ी तमाम योजनाएं अटकी पड़ी रहीं, क्योंकि कांग्रेस को विकास में कोई रुचि नहीं है. 12 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट अटके पड़े थे, हमने उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया.
  10. नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या कारण है कि चुनाव से पहले कांग्रेस के 25 प्रतिशत विधायकों ने उस पार्टी को छोड़ दिया… ऐसा इसलिए क्योंकि राजनेता हवा का रुख भांप लेते हैं.