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उत्तराखण्ड बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट घोषित, दिव्यांशी ने किया टॉप

उत्तराखंड बोर्ड ने आज अपने 12वीं के नतीजे की घोषणा कर दी है. छात्र परीक्षा के रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं. इस 12वीं की परीक्षा 5 मार्च से 24 मार्च तक चली थी. बता दें, रिजल्ट 11 बजे जारी होनेा था पर रिजल्ट घोषित होने में देरी की गई. देहरादून स्थित शिक्षा निदेशालय में रिजल्ट की घोषणा शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने की.

इस साल 12वीं में ऑवरोल 78.97 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं. इस साल 12वीं की परीक्षा में 75.03 प्रतिशत लड़के पास हुए हैं और 82.83 प्रतिशत लड़कियां पास हुई है. 12वीं में इस साल दिव्यांशी राज ने 98.4 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉप किया है.

ऐसे देखें रिजल्ट

– सबसे पहले उत्तराखंड बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.ubse.uk.gov.in और www.uaresults.nic.in. पर जाएं.

–  उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट 2018 कक्षा 12 पर लिंक पर क्लिक करें.

– अपना रोल नंबर और सभी जरूरी जानकारियां भरें.

– रिजल्ट स्क्रीन पर दिखने लगेगा.

– भविष्य के लिए प्रिंटआउट लेना न भूलें.

आपको बता दें,  इस साल 12वीं में 130094 छात्र शामिल हुए थे. पिछले साल 12वीं में 78.89 प्रतिशत छात्र पास हुए थे.

देखें पांच साल का कक्षा 12वीं  उत्तराखंड रिजल्ट

2013- 79.82 प्रतिशत

2014- 70.39 प्रतिशत

2015- 74.54 प्रतिशत

2016-  78.41 प्रतिशत

2017-  78.89 प्रतिशत

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उत्तर प्रदेश में है दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल, 300 रुपये कर्ज लेकर हुआ था शुरू

कम लोग ही ये जानते होंगे कि दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल भारत में है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बना ये स्कूल पूरी दुनिया में मशहूर है और यहां हजारों लोग पढ़ाई करते हैं. आइए जानते हैं दुनिया के सबसे बड़े इस स्कूल के बारे में और जानते हैं यहां क्या खास है…
बता दें कि लखनऊ का सिटी मोंटेसरी स्कूल दुनिया में सबसे बड़ा स्कूल है. यह स्कूल बच्चों की संख्या को लेकर सबसे बड़ा स्कूल है. इस स्कूल में करीब 55 हजार बच्चे पढ़ाई करते हैं.
इस स्कूल में 55 हजार बच्चों के लिए 4500 लोगों को स्टाफ काम करता है. स्कूल के लखनऊ शहर में 18 कैंपस हैं.
यह स्कूल साल 1959 में 5 बच्चों के साथ शुरू हुआ था. उस वक्त यह 300 रुपये की कैपिटल से शुरू किया गया था. आज इस स्कूल का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज है.
इसकी स्कूल की स्थापना डॉ जगदीश गांधी और डॉ भारती गांधी ने की थी. अब यह स्कूल से आईसीएसई से मान्यता प्राप्त है. इस स्कूल का रिजल्ट भी सर्वश्रेष्ठ रहता है.
वैसे तो लखनऊ के इस स्कूल ने 2005 में ही 29,212 छात्रों के साथ रिकॉर्ड बना लिया था. इससे पहले सबसे बड़े स्कूल का रिकॉर्ड फिलिपीन्स के मनीला स्थित रिजाल हाई स्कूल के नाम था, जिसमें केवल 19,738 छात्र थे.
इस स्कूल में 2,500 टीचर हैं, 3,700 कंप्यूटर और 1,000 क्लासरूम है, जहां हजारों बच्चे शिक्षा लेते हैं. हालांकि किसी भी अन्य निजी स्कूल की तरह यहां भी बच्चों के माता पिता को इन सब सुविधाओं की अच्छी खासी कीमत देनी होती है.
वहीं पढ़ाई के साथ यहां खेलकूद को लेकर भी खास ध्यान दिया जाता है. पहला मॉनटेसरी स्कूल खोलने वाली मारिया कभी शिक्षा को व्यवसाय नहीं मानती है.
स्कूल को यूनेस्को से भी पीस एजुकेशन का अवार्ड मिल चुका है.
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13 राज्‍यों में जारी किया आंधी-तूफान का अलर्ट, हरियाणा में आज और कल बंद रहेंगे स्‍कूल, बरतें ये सावधानियां

दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में शुक्रवार तक आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है. हाल ही में हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों में ताजा बर्फबारी हुई. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक और केरल आंधी-तूफान से प्रभावित हो सकते हैं.

9 मई तक ऐसे ही हालात

आंधी-तूफान की चपेट में इस बार राजधानी दिल्ली भी आ सकती है. दिल्ली में तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में मंगलवार दोपहर 4 बजे बारिश हो सकती है. हालांकि सोमवार रात आंधी तूफान का असर कम दिखेगा, लेकिन मंगलवार को इसकी तीव्रता ज्यादा हो सकती है. ऐसे हालात 9 मई तक बने रह सकते हैं.

मौसम विभाग ने कहा कि हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर आंधी की संभावना है. राजस्थान में धूलभरी आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है, जबकि छह पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की उम्मीद है. महाराष्ट्र के विदर्भ में कुछ इलाकों में लू की भी चेतावनी दी गई है.

मौसम लेगा करवट

मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में आंधी के साथ गरज के साथ छींटे पड़ने की चेतावनी जारी की है. हरियाणा सरकार ने सोमवार को एहतियातन दो दिनों के लिए स्कूल बंद करने के निर्देश दिए. हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में सोमवार को हल्की बर्फबारी हुई जबकि कुछ हिस्सों में बारिश हुई. स्थानीय मौसम विभाग ने बुधवार तक राज्य में धूलभरी आंधी, बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी है.

आंधी-तूफान के दौरान बरतें ये सावधानी

-अगर बाहर हों तो किसी पेड़ के नीचे न ठहरें और न ही अपनी गाड़ी पेड़ के नीचे पार्क करें.

-तेज आंधी तूफान आने पर घर में ही रहें, बाहर न निकले.

-अगर बाहर फंस भी जाएं तो पार्क जैसी किसी खुली जगह में लेट जाएं.

-घर के अंदर ऐसे जगह पर जमा हो जाएं जो सबसे मजबूत हो.

-घर में लाइट, गैस, पानी के नल पूरी तरह बंद कर दें.

-अगर एक तरफ से तेज हवा आ रही हो तो दूसरी तरफ की खिड़कियां खोल दें.

पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश और राजस्थान में आंधी की वजह से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. 4 मई को आए भयंकर आंधी तूफान ने यूपी में करीब 70 और राजस्थान में करीब 40 लोगों की जान ले ली. आगरा में ही करीब 45 लोगों की मौत हुई. इस बार अलर्ट के मद्देनजर हरियाणा सरकार ने 7 और 8 मई को स्कूल बंद रखने का ऐलान किया है. इसके अलावा दूसरी राज्य सरकारें भी पूरी तरह अलर्ट हैं.

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सीएम योगी ने खोया आपा, कुशीनगर में दी ‘नौटंकी’ बंद करने की चेतावनी

कुशीनगर में गुरुवार को रेलवे क्रॉसिंग पर स्कूली बच्चों की दर्दनाक मौत की घटना के बाद घायलों को देखने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना आपा खो बैठे। योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘यह एक दुखद घटना है और इस वक्त नारेबाजी बंद कर दें। मैं अभी भी बोल रहा हूं नोट कर लो। यह नौटंकी बंद करो। दुखद घटना है और हम शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।’

कुशीनगर में एक मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर गुरुवार सुबह हुए भीषण हादसे में 13 स्‍कूली बच्‍चों की मौत हो गई। हादसे के बाद घायलों को देखने पहुंचे मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने माना कि ड्राइवर ने कान में ईयरफोन लगा रखा था जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ।

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अमेरिका: पूर्व छात्र ने गुस्से में स्कूल में की अंधाधुंध गोलीबारी, 17 की मौत; 14 घायल

अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित हाईस्कूल में एक पूर्व छात्र ने अचानक फायरिंग कर दी। इस हमले में 17 लोगों के मारे जाने की खबर है और 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं। भारतीय समयानुसार घटना  देर रात हुई। स्थानीय पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के कर्मी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं।

यह घटना पार्कलैंड के मार्जरी स्टोनमैन डगलस हाई स्कूल में हुई। यह शहर मियामी से 80 किलोमीटर उत्तर की ओर है। गोलीबारी के दौरान छात्र बुरी तरह डर गए थे और चीखने लगे थे। उन्होंने अपने दोस्तो और परिवार के लोगों को बचाने के लिए संदेश भेजे।

आरोपी छात्र की पहचान 19 साल के निकोल्स क्रूज के रुप में की गई है। क्रूज इसी स्कूल में पढ़ता था। कुछ दिन पहले ही उसकी गलत आदतों और गलत व्यवहार के कारण उसे स्कूल से निकाल दिया गया था जिसके बाद से वह गुस्सा में था। आरोपी छात्र के पास स्कूल से संबंधित सभी जानकारी थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पहले स्कूल का फायर अलार्म बजाया। फायर अलार्म बजते ही स्कूल में अफरा तफरी मच गई जिसके बाद आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी छात्र ने इस वारदात में AR-15 असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल किया।

ब्रोवर्ड काउंटी स्कूल के सुपरिटेंडेंट रॉबर्ट रुन्सी ने कहा कि घटनास्थल पर स्थिति भयावह है। उन्होंने कहा कि स्कूल के पास संभावित हमलावर की कोई जानकारी नहीं थी। बंदूकधारी हमलावर ने चुपचाप पुलिस को आत्मसमर्पण कर दिया। हमले में घायल 14 लोगों को इलाज के लिए नजदीक के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अमेरीकी टीवी चैनलों के अनुसार स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के परिवार के लोग बड़ी संख्या में पुलिस परिसर के बाहर जमा हो गए हैं और अपने बच्चों की सुरक्षा में जुटे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्वीट कर अपनी संवेदनाएं जतायीं। उन्होंने कहा, ‘मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं फ्लोरिडा में हुई गोलीबारी में पीड़ितों के साथ हैं।’

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प्रद्युम्न मामले में अभियुक्त पर बालिग की तरह मुकदमा चलेगा

गुड़गांव के चर्चित प्रद्युम्न हत्याकांड में एक बड़ा फ़ैसला आया है.

जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने फ़ैसला दिया है कि प्रद्युम्न की हत्या के नाबालिग अभियुक्त पर बालिग की तरह मुकदमा चलाया जाएगा.

11वीं में पढ़ने वाले इस अभियुक्त को सीबीआई ने आठ नवंबर को गिरफ़्तार किया था.

इस फ़ैसले के बाद अब जुवेनाइल बोर्ड ने ये मामला ज़िला सत्र अदालत को सौंप दिया है जहां 22 दिसंबर को अभियुक्त की पेशी होगी.

सात साल के प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या आठ सितंबर को हुई थी. उनका शव गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में शौचालय के बाहर मिला था.

अभियुक्त भी उसी स्कूल का छात्र है. सीबीआई का दावा है कि अभियुक्त ने प्रद्युम्न की हत्या परीक्षाएं टलवाने के लिए की थी.

जुवेनाइल जस्टिस क़ानून में बदलाव के बाद ये पहला मामला है जिसमें किसी नाबालिग को जघन्य अपराध करने की वजह से बालिग मानकर मुकदमा चलाया जाएगा.

दिसंबर 2012 में हुए निर्भया हत्याकांड के बाद जुवेनाइल जस्टिस क़ानून को सख़्त किया गया था. नया क़ानून जनवरी 2016 में लागू हुआ.

रेयान इंटरनेशनल स्कूल, गुड़गांवइमेज कॉपीरइट/AFP/GETTY

इस क़ानून के मुताबिक़

  • अगर जुर्म ‘जघन्य’ हो, यानी आईपीसी में उसकी सज़ा सात साल से ज़्यादा हो तो, 16 से 18 साल की उम्र के नाबालिग़ को वयस्क माना जा सकता है.
  • ऐसा होने पर किशोर अपराधी पर सामान्य कोर्ट में मुकदमा चलाए जाने के बारे में निर्णय लेने का अधिकार जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पास होगा.
  • पुराने क़ानून के तहत 18 साल से कम उम्र के अभियुक्त पर मुकदमा अदालत की जगह जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में चलता था.
  • जघन्य अपराधों में दोषी पाए गए किशोर अपराधी को जेल की सज़ा दी जा सकती है, हालांकि उसे उम्र क़ैद या मौत की सज़ा नहीं होगी.
  • दोषी पाए जाने की सूरत में अपराधी को अधिकतम तीन साल की अवधि के लिए किशोर सुधार गृह भेजा जाता है.
रेयान इंटरनेशनल स्कूल, गुड़गांवइमेज कॉपीरइट/PTI

बालिग की तरह मुकदमा

किस अभियुक्त को बालिग माना जाए, इसकी सिफ़ारिश जांच एजेंसी करती है.

प्रद्युम्न मामले में सीबीआई ने अभियुक्त पर बालिग की तरह मुकदमा चलाने की सिफ़ारिश की थी. साथ ही प्रद्युम्न के पिता ने भी इसके लिए अर्ज़ी लगाई थी.

जुवेनाइल बोर्ड के वजह पूछने पर सीबीआई ने बताया कि अभियुक्त का जुर्म जघन्य की श्रेणी में आता है.

  • अभियुक्त को अगले तीन साल तक सुधार गृह में रखा जा सकता है.
  • उसके बाद भी अगर ज़मानत न मिली तो उसे जेल भेज दिया जाएगा.
  • उस पर मुकदमा बालिग के तौर पर चलेगा लेकिन उसे उम्र क़ैद या फांसी की सज़ा नहीं हो सकती
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डेंटर ने अपने पैसे से बनाया स्कूल, सिलाई केंद्र और गरीबों के लिए गाड़ी

पिछले लंबे समय से हरिद्वार में कारों की डेंटिंग पेंटिंग करने वाला एक मिस्त्री समाज के लिए मिसाल बन गया है. अपने छोटी-छोटी बचत से मिस्त्री ने लोगों के वह सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं जो कायदे से सरकार को उपलब्ध करवानी चाहिए थी.

मोती बाबा के नाम से मशहूर इस मिस्त्री ने अपनी कमाई से थोड़ा-थोड़ा पैसा जोड़कर गरीब बच्चों के पढ़ने के लिए स्कूल और विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई केंद्र खोला है. अब इन्होंने टिबड़ी क्षेत्र के गरीब लोगों के लिए एक गाड़ी भी तैयार करके दी है.

इसका उपयोग कोई भी दुख परेशानी के समय में मुफ़्त में कर सकता है. बाबा की इस पहल ने सरकारी तंत्र को आइना दिखाने का काम किया है.

कारों की डेंटिंग पेंटिंग से होने वाली रोज़ की कमाई से बाबा एक हिस्सा निकाल देते हैं. इस बचत से टिबड़ी क्षेत्र की जनता के लिए उन्होंने एक कार तैयार कर दी है जो परेशानी के समय महिलाओं को निशुल्क सेवा देगी.


इसके अलावा बाबा ने गरीब बच्चों के लिए एक छोटा सा स्कूल और विधवा हुई महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई केंद्र भी खोला है.

बाबा की इस पहल का क्षेत्र की जनता खूब स्वागत कर रही है. महिलाओं का तो यहां तक कहना है कि उनके क्षेत्र में बड़े-बड़े नेता आए लेकिन आज तक किसी ने उनके लिए कुछ नहीं किया. अब इस गाड़ी के मिलने से परेशानी के समय में उन्हें बड़ी राहत मिलेगी.

ख़ास बात यह है कि बाबा ने जो कार तैयार कर टिबड़ी के लोगों के लिए सौंप दी है उसका खर्च भी वे खुद ही वहन करेंगे.

आज के समय में जनता से वोट लेने वाले नेता सिर्फ चुनाव के समय में ही लोगों के बीच नज़र आते हैं तो वही इस मिस्त्री ने अपनी जन सेवा की भावना से इन नेताओं को आइना दिखाने का काम किया है.