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शहीद भगत सिंह की 110वीं वर्षगांठ पर नमन करें उनकी शहादत को

 

The date of Singh’s birth is subject to dispute. Commonly thought to be born on either 27 or 28 September 1907, some biographers believe that the evidence points to 19 October 1907. His family disclose the date 28 on the occasion of his sister’s death, that was his 107th birth anniversary.

 

तेरा वैभव अमर रहे माँ।

हम दिन चार रहे न रहें।।

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टॉप -10 अमीरों की सूची में पतंजलि के बालकृष्ण, मुकेश अंबानी पहले नंबर पर

बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण और डी-मार्ट के राधाकिशन दमनी का नाम भारत के अमीरों की सूची में शामिल हो गया है. उद्योगपति मुकेश अंबानी अब भी सबसे अमीर भारतीय बने हुए हैं.पिछले छह साल से अमीरों की सूची तैयार कर रही शोध इकाई हुरन ने बयान में कहा, एफएमसीजी कंपनी पतंजलि के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बालकृष्ण अब देश के शीर्ष 10 अमीरों में शामिल हो गये हैं. रिटेल सेक्टर के नये सितारे दमनी सबसे लंबी छलांग लगाने वाले अमीर रहे. उनकी संपत्ति में 320 प्रतिशत का इजाफा हुआ. एवेन्यू सुपरमार्ट्स की शानदार सूचीबद्धता से अमीरों की सूची में आठ नये लोगों को जगह मिली.

बालकृष्ण पिछले साल 25वें स्थान पर थे जबकि इस बार वह आठवें स्थान पर पहुंच गये हैं. उनकी संपत्ति 173 प्रतिशत बढ़कर 70 हजार करोड़ रुपये हो गयी है. पिछले वित्त वर्ष में पतंजलि का कारोबार 10,561 करोड रुपये पर पहुंच गया. वह कई विदेशी ब्रांडों को टक्कर दे रही है. मुकेश अंबानी सबसे अमीर भारतीय बने रहे. वैश्विक स्तर पर वह पहली बार शीर्ष 15 में जगह बनाने में कामयाब रहे. शेयर बाजार में आये उछाल से रिलायंस के शेयर बढ़ गये. इससे अंबानी की संपत्ति 58 प्रतिशत बढकर 2,570 अरब रुपये पर पहुंच गयी है. उनकी यह संपत्ति यमन देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से 50 प्रतिशत अधिक है.

कौन हैं आचार्य  बालकृ्ष्ण
आचार्य बालकृष्ण पतंजलि आयुर्वेद के एमडी है. बालकृष्ण के नेतृत्व में पतंजलि देश के शीर्ष एफएमसीजी सेक्टर में शामिल हो गया है.मूल रूप से नेपाल के रहने वाले बालकृ्ष्ण को शुरू से ही आयुर्वेद में रूचि थी. उन्होंने सम्पूर्णानंद विश्वविद्यालय बनारस से आचार्य की डिग्री भी ली है. पतंजलि का प्रमुख चेहरा भले ही रामदेव हो लेकिन सारे कामकाज में बालकृष्ण की भूमिका अहम होती है.
बता दें कि बाबा रामदेव का पतंजलि कंपनी में बालकृ्ष्ण की 94 प्रतिशत हिस्सेदारी है. 10 साल पहले 50 -60 करोड़ के बैंक कर्ज से शुरू होने वाली यह कंपनी हिन्दुस्तान यूनीलीवर जैसी कंपनियों की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनी बन गयी है. 15 घंटा हर दिन काम करने वाले बालकृ्ष्ण किसी बिजनेस कॉलेज से एमबीए नहीं हैं और धोती – कुर्ता पहनते हैं. बाबा रामदेव जहां मीडिया में खुलकर अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं. वहीं बालकृ्ष्ण अकसर पर्दे के पीछे रहकर काम करना पसंद करते हैं. दोनों की मुलाकात 30 साल पहले हरियाणा के गुरूकुल में हुई थी. जहां वे एक दूसरे के दोस्त बने.
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जानें, महिषासुर मर्दिनी कात्यायनी माता के जन्म का रहस्य

आज नवरात्रि का छठा दिन है और इस दिन देवी मां के छठे स्वरूप यानी मां कात्यायनी की उपासना होती है.

कहते हैं कि जिसने मां कात्यायनी को प्रसन्न करके उनकी कृपा प्राप्त कर ली, उसमें असंभव को भी संभव करने की शक्ति आ जाती है. मां कात्यायनी के भक्त दृढ़ प्रतिज्ञ होते हैं और अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करते हैं.

आज हम आपको मां कात्यायनी से जुड़े अद्भुत रहस्यों के बारे में बताएंगे, लेकिन सबसे पहले जान लेते हैं कि आखिर मां कात्यायनी का स्वरूप कैसा है…

मां कात्यायनी का शरीर स्वर्ण के समान चमकीला है. चार भुजाओं वाली मां कात्यायनी की सवारी सिंह हैं. मां के एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में उनका प्रिय पुष्प कमल है. बाकी दो हाथ वरमुद्रा और अभयमुद्रा में सुशोभित होते हैं.

कहते हैं मां कात्यायनी की उपासना से भक्तों को अमोघ फल प्राप्त होता है. यानी मां की उपासना का फल कभी नष्ट नहीं होता. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर मां कात्यायनी की उत्पत्ति कैसे हुई और देवी के इस स्वरूप का नाम कात्यायनी क्यों पड़ा. आइए हम आपको बताते हैं…

मां कात्यायनी के जन्म का रहस्य

एक वन में कत नाम के एक महर्षि रहते थे. उनका एक पुत्र था, जिसका नाम कात्य रखा गया. कात्य गोत्र में ही महर्षि कात्यायन का जन्म हुआ, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी.

उनकी तीव्र कामना थी कि मां भगवती उनको पुत्री के रूप में प्राप्त हों. इसके लिए महर्षि कात्यायन ने देवी पराम्बा की कठोर तपस्या की. महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर देवी पराम्बा ने उन्हें वरदान दिया और उनकी पुत्री के रूप में प्रकट हुईं.

महर्षि कात्यायन की पुत्री होने के कारण उनका नाम कात्यायनी पड़ा. मां कात्यायनी ने ही आगे चलकर राक्षस महिषासुर का वध किया था.

पूजन विधि

– पीले या लाल वस्त्र धारण करके मां कात्यायनी की पूजा करना उत्तम होगा

– मां कात्यायनी को पीले सुगंधित फूल और पीला नैवेद्य अर्पित करें

– मां को शहद अर्पित करना विशेष शुभ होता है

– इसके बाद मां कात्यायनी के मन्त्र का जाप करें

इस मंत्र का करें जाप…

चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना|

कात्यायनी शुभं दद्या देवी दानव घातिनि||

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सुपर-30 के आनंद कुमार बने ऋतिक रोशन, क्लियर करवाएंगे IIT Exam!

खास बातें

  1. विकास बहल करेंगे डायरेक्ट
  2. क्वीन के डायरेक्टर हैं विकास बहल
  3. ऋतिक बनेंगे मैथेमेटिशियन

ऋतिक रोशन ने कुछ समय पहले इस बात का खुलासा किया था कि सुपर-30 के आनंद कुमार की बायोपिक के लिए उनसे बातचीत चल रही है. अब इस बात की पुष्टि हो गई है कि ऋतिक रोशन को मैथेमेटिशियन आनंद कुमार के रोल के लिए फाइनल कर लिया गया है. ऋतिक रोशन की इस फिल्म को विकास बहल डायरेक्टर करेंगे. विकास बहल इससे पहले कंगना रनोट की ‘क्वीन’ को डायरेक्ट किया था. यह पहला मौका होगा जब ऋतिक रोशन किसी बायोपिक को करेंगे. इससे पहले वे ‘जोधा अकबर’ और ‘मोहनजोदाड़ो’  जैसी पीरियड फिल्में कर चुके हैं.

Video: पटना: सुपर-30 के सभी छात्रों ने क्रैक किया IIT JEE

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taran adarsh 

@taran_adarsh

#BreakingNews: Hrithik Roshan to play mathematician #AnandKumar in his biopic, titled #Super30… Vikas Bahl will direct the film.

आनंद कुमार पटना के रहने वाले मैथेमेटिशियन हैं. कुमार पटना में आईआईटी प्रतिभागियों के लिए ‘सुपर 30’ नाम से कोचिंग चलाते हैं. वह आईआईटी-जेईई के लिए मुख्य तौर पर आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को प्रशिक्षित करते हैं. उन्होंने 2002 में इस कोचिंग की शुरुआत की थी.

कुछ दिन पहले वे अमिताभ बच्चन के साथ कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट पर भी नजर आए थे और उन्होंने 25 लाख रु. जीते थे. उन्होंने उस समय बताया था, ‘पिताजी चाहते थे कि हम और पढ़े लिखें, लेकिन उनका अचानक देहांत हो गया. इसके बाद हमारे घर की हालत बिगड़ गई. तब मां ने पापड़ बनाना शुरू किया. मैं और मेरा भाई पापड़ बेचने जाते थे.’ सुपर 30 के अभी तक 450 में से 390 स्‍टुडेंट आईआईटी में चुने जा चुके हैं.