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अब ट्रेन की लोकेशन भी बताएगा गूगल, जानें अन्य नई सुविधाओं के बारे में

Google for India Edition 4 इवेंट में गूगल के भारत के भविष्य के प्लान्स के बारे में कई घोषणाएं की गई हैं। जिनमें गूगल सर्च और मैप्स के साथ ही पेमेंट सिस्टम्स के बारे में कई घोषणाएं शामिल हैं। गूगल के सीनियर इंजीनियरिंग डायरेक्टर प्रवीर गुप्ता ने बताया कि गूगल असिस्टेंट अब मराठी भाषा को भी सपोर्ट करेगा। आइए, जानते हैं गूगल की बड़ी घोषणाओं के बारे में

गूगल तेज का नाम बदला

प्रवीर गुप्ता ने आगे कहा, Google असिस्टेंट जल्द ही अन्य 7 भाषाओं को भी सपोर्ट करेगा। इतना ही नहीं, आप अब अपने Google असिस्टेंट पर ट्रेन की लोकेशन भी जान सकते हैं। गूगल तेज ऐप का नाम बदलकर ”गूगल पे” रखा गया है। Google ने हाल में घोषणा की थी कि ”Tez” ऐप के डाउनलोड की संख्या 5 करोड़ पार कर गई है। Google के इस सालाना इवेंट में मैप्स और असिस्टेंट में भी कुछ खास फीचर जोड़ा सकता है।

भारत में अपार संभावनाएं

गूगल के वाइस प्रेसिडेंट सेल्स एंड ऑपरेशन (साउथ ईस्ट एशिया) राजन आनंदन ने कहा, भारत में इस समय 400 मिलियन इंटरनेट यूजर्स हैं, जिसमें 45 फीसद महिलाएं हैं। भारत में गूगल के लिए अपार संभावनाएं हैं।भारत में वॉयस सर्च करने के मामले में 270 फीसद की वृद्धि देखी गई है। हमारा लक्ष्य अगले 2 वर्षों में 500 मिलियन तक पहुंचने की है। हम इसलिए भारतीय भाषाओं में सर्च के ऑप्शन को बढ़ा रहे हैं।

50 फीसद से ज्यादा सर्च करने वाले यूजर्स बढ़े

आनंदन ने आगे कहा, भारत में कई यूजर्स अब गूगल पर सर्च करके अपने जवाब पा रहे हैं। पिछले 12 महीने में हर दिन मोबाइल पर 50 फीसद से ज्यादा बार भारतीय यूजर्स कुछ न कुछ सर्च कर रहे हैं।

प्रोजेक्ट नवलेखा की शुरुआत

गूगल ने इस इवेंट में अपने ”प्रोजेक्ट नवलेखा” की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट के तहत अब पब्लिशर्स अपने कंटेंट को ऑनलाइन पब्लिश कर सकेंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत देश के 1,35,000 भारतीय पब्लिशर्स को डिजिटाइज्ड किया जाएगा।

एंड्रॉइड गो में जोड़े दो नए फीचर्स

गूगल के एंड्रॉइड गो में दो नए फीचर्स जोड़े गए है। अब गो यूजर्स दो भाषाओं में न्यूज फीड और ऑडियो प्लेबैक के द्वारा आर्टिक्ल्स चुन सकेंगे। बाद में इस फीचर में अंग्रेजी और हिंदी के अलावा कई भारतीय भाषाओं जैसे मराठी, मलयालम आदि को जोड़ा जाएगा।

वॉयस असिस्टेंट अब भारतीय भाषाओं में करेगा काम

गूगल का वॉयस असिस्टेंट अब हिंदी और अंग्रेजी के अलावा मराठी भाषा को भी सपोर्ट करेगा। इसके साथ ही कंपनी वॉयस असिस्टेंट के साथ 7 अन्य भाषाओं को भी जो़ड़ेगा।

मैप्स गो ऐप में जोड़ा गया टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन फीचर

गूगल के मैप्स गो ऐप के साथ टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन फीचर को जोड़ा गया है। गूगल मैप्स के इस लाइट वर्जन में अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ भी वॉयस नेविगेशन फीचर काम करेगा। इसके अलावा कोलकाता के लाखों लोगों के लिए प्लस कोड भी प्रोवाइड करेगा।

400 से ज्यादा एंड्रॉइड गो स्मार्टफोन इस साल होंगे लॉन्च

सैमसंग के फ्लैगशिप वाला गैलेक्सी J2 कोर स्मार्टफोन एंड्रॉइड गो ऑपरेटिंग सिस्टम पर रन करेगा। सैमसंग का यह पहला स्मार्टफोन होगा जो गूगल के एंड्रॉइड गो को सपोर्ट करेगा। इस साल के अंत तक 400 से ज्यादा एंड्रॉइड गो ऑपरेटिंग सिस्टम वाला स्मार्टफोन लॉन्च किया जाएगा।

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कुली का कमाल: स्‍टेशन के फ्री वाई फाई की मदद से पास की UPSC की परीक्षा

सपने पूरे करने के लिए हौंसला चाहिए सुविधा नहीं इस सच को सुनाती है इस कुली कीकहानी जो स्‍टेशन के फ्री वाईफाई की मदद से सिविल सेवा परीक्षा में पास हुआ।

केरल में एर्नाकुलम स्टेशन पर कुली का काम करने वाले श्रीनाथ के. की कहानी कुछ अनोखी है, जिन्होंने रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध मुफ्त वाईफाई सुविधा के सहारे इंटरनेट के जरिये पढ़ाई की और केरल पब्लिक सर्विस कमीशन, केपीएससी की लिखित परीक्षा पास की। सबसे बड़ी बात ये है कि तैयारी के दौरान वह किताबों में नहीं डूबे रहे बल्‍कि अपना काम करते हुए स्मार्ट फोन और ईयरफोन के सहारे पढ़ाई करते रहे। अब अगर श्रीनाथ साक्षात्‍कार में सफल हो जाते हैं तो वह भूमि राजस्व विभाग के तहत विलेज फील्ड असिस्टेंट के पद पर नियुक्‍त्‍त हो जायेंगे।

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

श्रीनाथ पिछले पांच वर्ष से कुली के रूप में काम कर रहे हैं और उनका सिविल परीक्षा के इम्‍तिहान में बैठने का ये तीसरा प्रयास था। उनका कहना है कि यह पहला मौका था, जब उन्‍होंने स्टेशन पर उपलब्ध वाईफाई सुविधा का इस्तेमाल किया। उन्‍होंने ये भी बताया कि कुली का काम करने के दौरान वे हमेशा ईयरफोन कान में लगाए रखते थे और इंटरनेट पर अपने संबंधित विषयों पर लेक्चर सुना करते थे। उसे मन ही मन दोहराते भी रहते थे और रात को मौका मिलते ही फिर रिवाइज कर लेते थे। इसी वाईफाई की मदद से उन्‍होंने ऑनलाइन अपना परीक्षा फार्म भरा और देश दुनिया की ताजा जानकारियों से खुद को अपडेट किया साथ ही अपने विषयों की जम कर तैयारी की।

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जीएसटी काउंसिल की 26वीं बैठक आज, हो सकते हैं ये 4 बड़े फैसले

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की आज 26वीं बैठक होनी है। इस अहम बैठक में रिटर्न प्रक्रिया को और आसान किए जाने समेत कई बड़े फैसलों पर आम सहमति बनने की संभावना है। हम अपनी इस खबर में उन्हीं बड़े फैसलों के बारे में बताने जा रहे हैं जिस पर आज चर्चा हो सकती है।

GSTR-3B की डेडलाइन बढ़ सकती है: आज होने वाली अहम बैठक में पंजीकृत व्यवसायों के लिए रिटर्न फाइलिंग को और आसान किए जाने के लिए प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है। एक अधिकारी के मुताबिक, “नए रिटर्न फाइलिंग सिस्टम को अगर काउंसिल की ओर से सहमति मिलती है, तो इसके कार्यान्वित होने में लगभग 3 महीने का वक्त लग सकता है तब तक जीएसटीआर-3बी जारी रह सकता है।”जीएसटीआर 3बी फाइलिंग की डेडलाइन 31 मार्च 2018 है जिसे बढ़ाकर जून 2018 किया जा सकता है।

ई-वे बिल पर आ सकता है अहम फैसला: ई-वे बिल सरकार के मुख्य एजेंडे में शामिल है। ऐसा माना जा रहा है कि इस अहम बैठक में वैट और एक्साइज के तर्ज पर प्रोविजनल इनपुट टैक्स क्रेडिट देने के विकल्प देने पर विचार करने के साथ ही ई-वे बिल की व्यवस्था को 1 अप्रैल से लागू होने को मंजूरी दी जा सकती है।

रिटर्न फाइलिंग को और आसान करने पर बन सकती है सहमति: केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल जिसमें अन्य राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल हैं जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत कंपनियों के लिये सरल रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को अंतिम रूप दे सकती है। माना जा रहा है कि जीएसटी के तहत टैक्स रिटर्न भरने के लिए 3 की बजाय सिर्फ 1 ही फॉर्म भरने की व्यवस्था शुरू की जा सकती है।

ईएनए पर जीएसटी लगाने पर हो सकता है विचार: जीएसटी लागू होने के बाद परोक्ष कर संग्रह में अपेक्षानुरूप वृद्धि न होते देख सरकार अब खजाना भरने के लिए अतिरिक्त उपाय करने में जुट गयी है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए केंद्र शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) को जीएसटी के दायरे में लाने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शनिवार को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में ईएनए पर जीएसटी लगाने पर विचार किया जा सकता है। काउंसिल में अगर इस प्रस्ताव पर आम राय बनी तो ईएनए पर 18 फीसद की दर से जीएसटी लगाया जा सकता है।

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Jio ने अवार्ड मिलने की खुशी ग्राहकों के साथ बांटी, फ्री में दे रहा है 10GB डेटा

मुकेश अंबानी की कंपनी की जियो टीवी को उसकी उपलब्धियों की वजह से 2018 का प्रतिष्ठित ग्लोबल मोबाइल (GLOMO) अवॉर्ड्स मिला है। बार्सिलोना में मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में जियो टीवी को GLOMO अवार्ड्स देने की घोषणा की गई। इस सम्मान को हासिल करने के बाद जियो ने ये खुशी अपने यूजर्स के साथ बांटी है।

जियो ने इस अवार्ड्स के मिलने की खुशी में अपने ग्राहकों को 10GB डेटा देने का ऐलान किया है। इस बारे में जियो ने अपने ग्राहकों को सूचित कर दिया है। कंपनी नोटिफिकेशन और एसएमएस भेजकर अपने यूजर्स को 10GB डेटा फ्री देने की सूचना दे रही है।

जियो को मिला GLOMO अवार्ड्स जियो ने अपने कस्टमर्स को मैसेज भेजकर इस बारे में जानकारी दी है। जियो ने अपने संदेश में लिखा है कि जियो टीवी ने मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में ‘बेस्ट मोबाइल विडियो कॉन्टेंट’ का प्रतिष्ठित ग्लोबल मोबाइल अवॉर्ड्स 2018 जीता है।

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इस जीत को साझा करते जियो ने अपने यूजर्स को धन्यवाद दिया है और लिखा है कि उत्साहवर्धन के लिए हमने आपके अकाउंट में 10GB का कंप्लीमेंट्री डेटा ऐड किया है।

जियो की नई उपलब्धि आपको बता दें कि जियो टीवी GLOMO अवॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित सम्मान को हासिल करने वाली भारत की एक मात्र कंपनी है।

जियो को अमेरिकी कंपनी सिस्को के साथ साझे तौर पर बेस्ट मोबाइल ऑपरेटर सर्विस फॉर कन्ज्यूमर्स का अवॉर्ड भी मिला है। इसके साथ-साथ जियो टीवी ऐप को बेस्ट मोबाइल विडियो कॉन्टेंट सर्विस का अवॉर्ड भी मिला है।

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भारत की नई पनडुब्बी INS करंज कितनी ताकतवर है!

भारतीय नौसेना ने बुधवार को भारत में बनने वाली स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी आईएनएस करंज को पानी में उतारा.

आईएनएस करंज स्टेल्थ और एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन समेत कई तरह की तकनीकों से लैस है.

इस पनडुब्बी को मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड ने फ्रांसीसी कंपनी मेसर्स नेवल ग्रुप (पहले डीसीएनएस) के साथ ट्रांसफर ऑफ़ टेक्नोलॉजी के क़रार के तहत बनाया है.

इस डील के तहत कुल छह पनडुब्बियां बनाई जानी हैं. इस श्रेणी की पहली पनडुब्बी कलवरी की लंबाई 61.7 मीटर, चाल 20 नॉट और वजन 1565 टन था.

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नौसेना के एडमिरल सुनील लांबा ने कहा है, “आईएनएस करंज अब से लगभग एक साल तक बंदरगाह से लेकर खुले समुद्र में कई तरह के परीक्षणों से गुज़रेगी.”

कितनी ताक़तवर है ये पनडुब्बी?

आईएनएस करंज में सतह और पानी के अंदर से टॉरपीडो और ट्यूब लॉन्च्ड एंटी-शिप मिसाइल दागने की क्षमता है.

ऐसा दावा है कि आईएनएस करंज में सटीक निशाना लगाकर दुश्मन की हालत खराब करने की क्षमता है.

इसके साथ ही इस पनडुब्बी में एंटी-सरफेस वॉरफेयर, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, खुफ़िया जानकारी जुटाने, माइन लेयिंग और एरिया सर्विलांस जैसे मिशनों को अंजाम देने की क्षमता है.

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दुश्मन की नज़रों से रहेगी ओझल?

स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस करंज में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिससे दुश्मन देशों की नौसेनाओं के लिए इसकी टोह लेना मुश्किल होगा.

इन तकनीकों में अत्याधुनिक अकुस्टिक साइलेंसिंग तकनीक, लो रेडिएटेड नॉइज़ लेवल, हाइड्रो डायनेमिकली ऑपटिमाइज़्ड शेप शामिल है.

पनडुब्बी को बनाते हुए पनडुब्बियों का पता लगाने वाले कारणों को ध्यान में रखा गया है जिससे ये पनडुब्बी ज़्यादातर पनडुब्बियों की अपेक्षा सुरक्षित हो गई है.

रक्षा मामलों के जानकार उदय भास्कर ने बीबीसी से बात करते हुए बताया, “पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए सोनार तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. इस पनडुब्बी के लक्षण कुछ बेहतर हैं. मेटलर्जी से स्टेल्थ तकनीक के लक्षण बढ़ाए जा सकते हैं. सामान्य रूप से पनडुब्बी अपनी आवाज़ की वजह से पकड़ा जाता है, लेकिन इस पनडुब्बी में आवाज़ को काफ़ी कम किया गया है”

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पनडुब्बी में ऑक्सीज़न बनाने की क्षमता

ये एक ऐसी पनडुब्बी है जिसे लंबी दूरी वाले मिशन में ऑक्सीजन लेने के लिए सतह पर आने की ज़रूरत नहीं है. इस तकनीक को डीआरडीओ के नेवल मैटेरियल्स रिसर्च लैब ने विकसित किया है.

उदय भास्कर बताते हैं, “इस सबमरीन में एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन तकनीक है जिसकी मदद से सबमरीन के अंदर ही ऑक्सीज़न बनाई जा सकती है. ये हमारे डीआरडीओ ने विकसित की है. पुरानी पनडुब्बी करंज के मुकाबले नई करंज में एआईपी को शामिल किया गया है. दरअसल, जब हम पनडुब्बी को बैटरी से चलाते हैं तो बैटरी को रिचार्ज करने के लिए पनडुब्बी को सतह पर आना पड़ता है. क्योंकि डीज़ल इंजन से हम बैटरी को चार्ज करते हैं और डीज़ल इंजन चलाने के लिए आपको ऑक्सीज़न की जरूरत होती है. लेकिन एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन एक ऐसी तकनीक है जिसकी मदद से पनडुब्बी को बैटरी चार्ज करने के लिए सतह पर आने की ज़रूरत नहीं पड़ती है.”

क्या दोहरे मोर्चे पर युद्ध में होगी मददगार?

उदय भास्कर बताते हैं, “ये अजीब बात की जा रही है कि इससे चीन और पाकिस्तान परेशान हो जाएंगे. भारत की पनडुब्बी शक्ति काफ़ी कम हो गई थी. पिछले साल दो एक्सीडेंट हो गए थे. 15 साल तक हमने नई पनडुब्बी शामिल नहीं की थी. ऐसे में हम इस समय बेहद नाज़ुक स्थिति में पहुंच गए थे. इसलिए पाकिस्तान और चीन इस पनडुब्बी से डरने वाले नहीं हैं. वे इसकी निगरानी ज़रूर रखेंगे.”

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टाटा टेली का एयरटेल में विलय

सौदे के तहत भारती एयरटेल को मिलेगी मुफ्त में कर्ज रहित कंपनी

4 करोड़ से अधिक ग्राहक भारती एयरटेल से जुड़ेंगे और अत्याधुनिक 4जी मोबाइल नेटवर्क का फायदा उठाएंगे
कर्ज और नकदी मुक्त आधार पर होगा विलय
सभी पिछले बकायों को निपटाएगा टाटा
एयरटेल को चुकाना होगा स्पेक्ट्रम बकाये का छोटा हिस्सा
विलय से एयरटेल को 1800, 2100 और 850 मेगाहर्ट्ज में अतिरिक्त स्पेक्ट्रम मिलेगा जिनका 4जी में व्यापक इस्तेमाल होता है
एयरटेल को टाटा के मौजूदा फाइबर नेटवर्क के इस्तेमाल का भी अधिकार मिलेगा
बाजार में बढ़ेगी एयरटेल की हिस्सेदारी
टाटा व्योम में हिस्सेदारी बरकरार रखेगा और इससे जुड़ी देनदारियों को संभालेगा

इस साल की शुरुआत में नॉर्वे की दूरसंचार कंपनी टेलीनॉर के भारतीय कारोबार को करीब-करीब मुफ्त में हासिल करने के बाद भारती एयरटेल ने अब टाटा टेलीसर्विसेज का अधिग्रहण किया है। एयरटेल ने इस सौदे के साथ ही वित्तीय दबाव से जूझ रहे घरेलू दूरंसचार क्षेत्र में एकीकरण को एक नए चरण में ले गई है। नकदी-रहित और कर्ज मुक्त इस सौदे से सुनील भारती मित्तल की कंपनी एयरटेल को 71 मेगाहर्ट्ज से अधिक उदार स्पेक्ट्रम हासिल होगा और साथ ही उसके खाते में 4 करोड़ ग्राहक भी जुड़ेंगे। इस सौदे का मतलब है कि टाटा समूह अपने दूरसंचार कारोबार को बंद नहीं करेगी और हजारों नौकरियों के जाने का खतरा भी नहीं होगा।

149 साल के इतिहास में टाटा ने कभी भी अपना कोई कारोबार बंद नहीं किया है। इस विलय सौदे को टाटा के लिए अपनी छवि बचाने के मौके के तौर पर देखा जा रहा है। टाटा के वायरलेस कारोबार के अधिग्रहण के साथ ही एयरटेल को एक कर्ज-मुक्त कंपनी मिलेगी और उसके ग्राहकों की संख्या बढ़कर करीब 32.1 करोड़ हो जाएगी। देश की दूसरी बड़ी दूरंसचार कंपनी वोडाफोन 20.8 करोड़ ग्राहकों के साथ एयरअेल से काफी पीछे छूट जाएगी। हालांकि वोडाफोन और आइडिया के विलय के बाद उसके ग्राहकों की संख्या एयरटेल को पार कर सकती है। इस साल अगस्त तक आइडिया के पास 19.1 करोड़ ग्राहक थे। दूरसंचार क्षेत्र में यह एकीकरण नई कंपनी रिलायंस जियो द्वारा प्रतिस्पर्धी शुल्क दरों को पेश करने का नतीजा है। जियो ने महज एक साल में ही 12.8 करोड़ ग्राहक बना लिए।

इस सौदे से एयरटेल को 850, 1800 और 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड पर 178.5 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम (इनमें से 71.2 मेगाहर्ट्ज उदार स्पेक्ट्रम श्रेणी के हैं) मिलेंगे और टाटा के मौजूदा फाइबर नेटवर्क के इस्तेमाल का भी अधिकार हासिल होगा। टाटा टेलीसर्विसेज को 34,000 करोड़ रुपये के संचयी कर्ज का भुगतान करना होगा। दोनों कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि पिछला सभी बकाया और देनदारियों का वहन टाटा की ओर से किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक स्पेक्ट्रम के विलंबित भुगतान की कुल रकम करीब 10,000 करोड़ रुपये है जिनमें से करीब 1,500 करोड़ रुपये एयरटेल अपने जिम्मे ले सकती है। शेष 8,500 करोड़ रुपये का भुगतान टाटा की ओर से किया जाएगा। इस सौदे से टाटा टेली के 5,500 कर्मचारियों को नौकरी नहीं गंवानी होगी जबकि कंपनी के बंद होने की चर्चा से उन पर संकट की तलवार लटक रही थी। हालांकि अभी इसका अनुमान नहीं लगाया गया है कि नई व्यवस्था के तहत कितने कर्मचारियों को लिया जाएगा। भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने कहा, ‘भारत के दूरसंचार उद्योग में एकीकरण की दिशा में यह एक महत्त्वपूर्ण कदम है और यह भारत में डिजिटल क्रांति का नेतृत्व करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’ उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अधिग्रहण के पूरा होने से कई प्रमुख सर्किलों में एयरटेल की स्थिति और सुदृढ़ होगी। 

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा, ‘हमारा मानना है कि आज का यह समझौता टाटा समूह और इसके शेयरधारकों के लिए सबसे उपयुक्त और बेहतरीन समाधान है। हमारे पुराने ग्राहकों और कर्मचारियों के लिए सही जगह की तलाश करना हमारे लिए पहली प्राथमिकता रही है। हमने तमाम विकल्पों का आकलन किया और भारती के साथ इस समझौते से खुश हैं।’

दोनों कंपनियों- भारती एयरटेल और टाटा- ने टाटा टेलीसर्विसेज और टाटा टेलीसर्विसेज महाराष्ट्र के उपभोक्ता मोबाइल कारोबार (सीएमबी) को एकीकृत करने के लिए सहमति जताई है। इस सौदे के तहत एयरटेल देश के 19 दूरसंचार सर्किल में टाटा समूह के उपभोक्ता मोबाइल कारोबार का अधिग्रहण करेगी। गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड इस समझौते के लिए टाटा समूह का वित्तीय सलाहकार है।

प्रस्तावित विलय में टाटा सीएमबी के सभी ग्राहक एवं परिसंपत्तियों का एयरटेल में स्थानांतरण भी शामिल है। कंपनी के एक बयान में कहा गया है कि इससे एयरटेल को 178.5 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम हासिल होने के साथ ही स्पेक्ट्रम के लिहाज से उसकी स्थिति काफी मजबूत होगी। दोनों कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि टाटा और एयरटेल आगे आपसी सहयोग के अन्य क्षेत्रों में सभावनाएं तलाशने के लिए साथ मिलकर काम करेंगी जो मूल्य के लिहाज से दोनों समूहों के लिए बेहतर हों। टाटा के कर्मचारियों को दो कारोबारी लाइन यानी सीएमबी और ईएफएल (एंटरप्राइज ऐंड फिक्स्ड लाइन एवं ब्रॉडबैंड) के लिहाज से अलग किया जाएगा। उसके बाद एक उपयुक्त श्रमशक्ति योजना के तहत उन्हें एयरटेल में शामिल किया जाएगा।

टाटा समूह टाटा कम्युनिकेशंस के साथ अपने एंटरप्राइज कारोबार एवं खुदरा फिक्स्ड लाइन और टाटा स्काई के साथ ब्रॉडबैंड कारोबार को एकीकृत करने की संभावनाएं तलाशने के भी आरंभिक चरण में है। हालांकि इस प्रकार के किसी भी लेनदेन के लिए संबंधित कंपनियों के बोर्ड और अन्य नियामकों से मंजूरी लेनी होगी। टावर कंपनी व्योम में टाटा अपनी हिस्सेदारी बरकरार रखेगी और उसके साथ उसकी देनदारियां भी बरकरार रहेंगी। टाटा संस, टीटीएसएल और टीटीएमएल के बोर्ड ने इस लेनदेन को मंजूरी दे दी है।
(Source: Business Standard)