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महामानव की महाफिल्म #NarendraModi का सूक्ष्म विश्लेषण!

हमारे प्रिय प्रधानमंत्री मोदी जी पर बनी विवेक ओबरॉय द्वारा अभिनीत फ़िल्म #NarendraModi 11 अप्रैल को रिलीज़ होनी थी जो कि चुनाव को देखते हुए आगे बढ़ाकर 24 मई को रिलीज रो रही है।

इस अनुपम व्यक्ति की महाकथा देखने को सभी देशभक्त उत्साहित हैं।
एक चाय वाले का बेटा, हिमालय में सिद्धि प्राप्त करने वाला योगी, माँ भारती का अनन्य सेवक, वर्ल्ड बैंक के कर्ज के नीचे दबे राज्य को एशिया का सबसे सफल राज्य बनाने वाला मुख्यमंत्री, पहली बार पूर्ण बहुमत से प्रधानमंत्री बनने वाला गैर-कांग्रेसी नायक और न जाने कितने ही रूप इस महामानव के व्यक्तित्व में आत्मसात हैं। इनको और जानने के लिए हर व्यक्ति इस फ़िल्म का इंतजार कर रहा है।

कांग्रेसी पंडितों ने फ़िल्म की रिलीज़ रोकने को एड़ी चोटी का जोड़ लगाया परन्तु वो इस फ़िल्म के पीछे की सद्भावना को नहीं जान सके। आप कांग्रेसी पंडित एक व्यक्ति की कथा से इतने भयभीत हैं कि आप अपनी हार पहले ही स्वीकार कर चुके हैं। सिर्फ मौका ढूंढ रहें हैं कि होने वाली हार का बहाना क्या बनाया जाए।

अब भाजपा ने अपने दम पर जो चमत्कार किया है वो इतिहास के पन्नों में हमेशा दर्ज रहेगा। पहली बार देश भर के 22 दलों से सिर्फ एक व्यक्ति मोदी जी ने चुनाव लड़ा और जीत कर दिखा दिया कि अब भारतवर्ष की जनता को और मुर्ख बना पाना सम्भव नहीं है।

फिर हुआ चमत्कार

अपने बुते 300 पार

बन गई मोदी सरकार

यदि फ़िल्म ही किसी चुनाव को प्रभावित कर सकती है तो ये रैली और प्रचार छोड़ कर सभी दलों को अपने नायकों पर फ़िल्म बना देनी चाहिए लेकिन यह तभी संभव है जब उनके नायकों में वह प्रतिभा हो और उन्होंने वह संघर्ष किया हो जिससे जनमानस प्रभावित हो।

सभी जानते हैं कि अन्य दलों के नायक या तो वंशवाद से बड़े बने हैं या फिर दुसरो का इस्तेमाल करके। कुछ तो ऐसे हैं जिन्होंने अपने वंश को ही धोका देकर सत्ता हतिया ली। फिर भी सब एक साथ इसलिए हैं क्योंकि इस महामानव को किसी भी तरह से हराना संभव नहीं है। यह फिजूल कोशिश सिर्फ इसलिए है की अपने दल की इज्जत बचाई जा सके।

जो पिछली बार 2014 में लहर थी अब वो सुनामी है और विश्व भर में मोदी जी की साख के आगे किसी का भी टिक पाना मुमकिन नहीं है।

इन सब बातों से दूर यह फ़िल्म आपके भीतर एक प्रेरणा को प्रज्वलित करेगी और आप भी अपनी वर्तमान परिस्थितियों पर पछताने को छोड़कर माँ भारती की सेवा करने को अग्रसर होंगे। फ़िल्म का आनंद उठाएं तथा औरों को भी माँ भारती की सेवा हेतु प्रेरित करें।

नोट: यह लेख AdTO.in के चीफ एडिटर के विचारों और शोध पर आधारित है। इसका किसी भी मीडिया समूह से कोई लेना-देना नहीं है और न ही किसी राजनीतिक दल के प्रभाव से शब्दों का चयन किया गया है।

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भाजपा का ‘संर्पक फॉर समर्थन’ अभियान शुरू, 50 लोगों से मिलेंगे शाह

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में केंद्र सरकार के चार साल पूरे होने पर भाजपा ने ‘संर्पक फॉर समर्थन’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को पूर्व सेना प्रमुख दलबीर सुहाग और संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप से उनके घर जाकर मुलाकात की। शाह ने सुहाग को केंद्र की भाजपा-नीत एनडीए सरकार की उपलब्धियों पर एक बुकलेट, एक पेन ड्राइव और इससे जुड़े अन्य साहित्य भी भेंट किये।

भाजपा के इस अभियान को 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी माना जा रहा है। इसके तहत पार्टी के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और पंचायत सदस्य समेत करीब 4000 कार्यकर्ता-नेता लोगों से खुद मिलेंगे। केंद्रीय आलाकमान ने पार्टी के हर एक कार्यकर्ता को कम से कम 25 लोगों से संपर्क कर सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक भाजपा के नेता देश के एक लाख प्रमुख व्यक्तियों से व्यक्तिगत संपर्क करेंगे, जिसमें कला जगत, संविधान विशेषज्ञ, सेना के रिटायर्ड अधिकारी, फिल्म और धर्म जगत की प्रमुख हस्तियाँ शामिल होगी।

इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के इन चार सालों के दौरान विशेषकर दो क्षेत्रों – ग्रामीण जीवन से असुविधाओं को समाप्त कर उन्हें प्रगति की राह पर आगे बढ़ाने और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में बहुत बड़ा काम हुआ है। साथ ही आने वाले पांचवें साल में केंद्र की भाजपा-नीत एनडीए सरकार का लक्ष्य लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देकर किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने और देश के लगभग 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये तक का बीमा देकर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त करने का है।

शाह ने विगत चार वर्षो के बारे मे बताया कि दुनिया में देश के गौरव को आजादी के बाद सबसे ऊँची सतह पर प्रतिष्ठित करने का काम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ है।

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मेघालय में 2 सीट वाली बीजेपी बना रही NDA सरकार, आज CM पद की शपथ लेंगे कोनराड संगमा

पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में आए चुनावी नतीजों के बाद अब सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. मंगलवार को कोनराड संगमा मेघालय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. गौरतलब है कि एनपीपी की अगुवाई में बन रही सरकार में बीजेपी भी हिस्सेदार है. संगमा करीब सुबह 10 बजे शपथ लेंगे. कोनराड के साथ करीब 11 विधायक भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले गठबंधन में हिस्सेदार HSPDP की मांग थी कि वे गैर बीजेपी-गैर कांग्रेस सरकार का गठन चाहते हैं.

कोनराड संगमा, मुख्यमंत्री समेत 7 मंत्री NPP के, दोनकुपर रॉय (यूडीपी) के दो मंत्री, बीजेपी की तरफ से ए.एल. हेक मंत्री पद की शपथ लेंगे.

ऐसी है विधानसभा की स्थिति

3 मार्च को आए नतीजों में 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के खाते में 21 , एनपीपी के खाते में 19 और बीजेपी के खाते में दो सीटें आई थीं. वहीं, यूनाईटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के छह विधायक और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के दो विधायक चुने गए थे. एनसीपी और खुन हनीट्रैप नेशनल अवेकिंग मूवमेंट के खाते में एक-एक सीट आई है. इसके अलावा तीन निर्दलीय विधायक भी चुनाव जीते हैं.

पिछड़ गई कांग्रेस

मेघालय में कांग्रेस को सबसे ज्यादा 21 सीटें मिली हैं, लेकिन वह 60 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए जरूरी आंकड़े जुटाने से 10 सीट पीछे रह गई. कांग्रेस की ओर से पार्टी के बड़े नेता अहमद पटेल, कमलनाथ समेत चार नेता वहां पर सरकार बनाने की संभावना तलाशने गए थे, लेकिन सफल नहीं हो सके.

और बन गई बीजेपी सरकार!

वहीं, दूसरे नंबर पर रही नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के पास 19 विधायक हैं. बीजेपी (2 विधायक), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (6 विधायक), एचएसपीडीपी (2 विधायक), पीडीएफ (4 विधायक) और 1 निर्दलीय विधायक के साथ आने से इस गठबंधन के पास 34 विधायकों का समर्थन हो गया है.

कोनराड संगमा कौन हैं?

मेघालय में मजबूत नेता के रूप में सामने आए कोनराड संगमा राज्य में आठवीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं. उन्होंने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के विधायक के रूप में सदन में विपक्ष का नेतृत्व किया. 27 जनवरी 1978 को जन्मे कोनराड संगमा वेस्ट गारो हिल्स जिले के सेलसेल्ला निर्वाचन क्षेत्र का विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया. इससे पहले कोनराड संगमा 2008 में मेघालय के सबसे युवा वित्त मंत्री बने थे और अभी वह मेघालय की तुरा सीट से लोकसभा सदस्य हैं.

सियासी करियर की शुरुआत

अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद कोनराड संगमा 1990 दशक के अंतिम दिनों में पिता पीए संगमा के प्रचार प्रबंधक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की. उस समय पीए संगमा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में थे. बता दें कि राकांपा से विवाद के बाद अलग होकर पीए संगमा ने जुलाई 2012 में नेशनल पीपुल्स पार्टी का गठन किया था.

मेघालय विधानसभा में 2009-2013 तक कोनराड संगमा विपक्ष के नेता रहे. वह अभी तुरा सीट से लोकसभा सांसद हैं, जो उनके पिता पीए संगमा के निधन के बाद खाली हुई थी.

मेघालय में बन रही बीजेपी सरकार को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बीजेपी पर निशाना साधा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि मेघालय में बीजेपी धोखे से सत्ता आ रही है. उन्होंने कहा है कि इसी तरह से बीजेपी गोवा और मणिपुर में भी सत्ता में आई थी. राज्य के विधानसभा चुनावों में केवल दो सीटें पाने वाली बीजेपी सरकार में शामिल होने जा रही है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट किया, ‘सिर्फ 2 सीटों के साथ ही बीजेपी मेघालय में अपनी सरकार बनाने में कामयाब रही. मणिपुर और गोवा की तरह, मेघालय में भी जनादेश का अपमान हुआ. सत्ता के लालच में बीजेपी बड़े पैमाने पर पैसों का इस्तेमाल करके एक अवसरवादी गठबंधन बनाने में कामयाब रही है.’

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LIVE विधानसभा चुनाव परिणाम: लेफ़्ट भारत के किसी भी हिस्से के लिए राइट नहीं है- अमित शाह

  • त्रिपुरा विधानसभा चुनावों के रुझानों में बीजेपी को भारी बढ़त25 साल से है लेफ्ट की सरकार.
  • मेघालय में रुझानों में कांग्रेस को बढ़त. राज्य में अभी है कांग्रेस की सरकार.
  • नागालैंड में बीजेपी गठबंधन और नगा पीपुल्स फ्रंट में कांटे का मुकाबला.

पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है. त्रिपुरा विधानसभा में बीजेपी की कामयाबी के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस जीत के लिए जनता का धन्यवाद किया.

उन्होंने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिली है. साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में वामपंथी हिंसा में मारे गए बीजेपी के नौ कार्यकर्ताओं को यह जीत एक श्रद्धांजली है.

अमित शाहइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES
Image captionबीजेपी अध्यक्ष ने त्रिपुरा की जीत को जनता की जीत बताया है

2013 के चुनावों की बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस समय पार्टी को 1.3 फ़ीसदी वोट मिले थे और एक सीट छोड़कर सारे उम्मीदवारों की ज़मानत ज़ब्त हो गई थी. उन्होंने आगे कहा कि इस बार बीजेपी गठबंधन को 50 फ़ीसदी से अधिक वोट मिले हैं.

अमित शाह ने वामपंथी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, “लेफ़्ट भारत के किसी भी हिस्से के लिए राइट नहीं है.”

मेघालय के चुनाव परिणामों को अमित शाह ने त्रिशंकु बताया है. उन्होंने संकेत दिए हैं कि जहां विधयाक बीजेपी के साथ होंगे वहां उनकी पार्टी की सरकार बनेगी. बीजेपी के गोल्डन पीरियड पर अमित शाह ने कहा कि वह कर्नाटक, केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद आएगा.

त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018

त्रिपुरा

त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 292 उम्मीदवार हैं, जिनमें 23 महिलाएं हैं. त्रिपुरा की 59 सीटों पर वोटिंग हुई है.

राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा सीटों में से 59 पर मतगणना हो रही है. चारीलाम सीट से मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार रामेंद्र नारायण देबर्मा के निधन की वजह से इस सीट पर 12 मार्च को मतदान होगा.

माणिक सरकार, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018
Image captionमाणिक सरकार

त्रिपुरा में साल 1993 से ही मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा की सरकार रही है और पिछले 20 सालों से राज्य की बागडोर मुख्यमंत्री माणिक सरकार के हाथों में है. हालांकि इस बार शुरुआती रुझानों में इस बार बीजेपी माकपा को टक्कर देती दिख रही है. यहां बीजेपी ने क्षेत्रीय दल इंडीजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के साथ गठबंधन किया है.

2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने त्रिपुरा में 50 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 49 की जमानत जब्त हो गई थी. तब बीजेपी को यहां केवल 1.87 फ़ीसदी वोट मिले थे और वो एक भी सीट नहीं जीत सकी थी. वहीं माकपा को 49 सीटें मिली थीं जबकि कांग्रेस को 10 सीटों से संतोष करना पड़ा था.

पूर्वोत्तर विधानसभा चुनाव नतीजे, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018

नागालैंड

नागालैंड में 59 सीटों के लिए हुए चुनाव में 193 उम्मीदवार मैदान में हैं.

नगालैंड में बीजेपी इस बार नवगठित नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के साथ गठबंधन कर चुनावी अखाड़े में उतरी. बीजेपी ने 20 जबकि एनडीपीपी ने 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारे.

विलियमनगर सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के उम्मीदवार जोनाथन संगमा की 18 फरवरी को ईस्ट गारो हिल्स जिले में आईईडी विस्फोट में मौत के बाद इस सीट पर मतदान रद्द कर दिया गया.

कांग्रेस राज्य पर एक दशक से राज कर रही है. पार्टी ने इस बार भी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे.

कांग्रेस ने 2013 चुनाव में 29 सीटें हासिल की थी. राज्य के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा इस बार दो विधानसभाओं अमपाती और सोंगसक से चुनाव में उतरे और दोनों ही सीटें उन्होंने जीत लीं.

त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018इमेज कॉपीरइटDILEEP SHARMA-BBC

मेघालय

मेघालय विधानसभा की 59 सीटों के लिए 372 उम्मीदवार मैदान में हैं.

मेघालय में इस बार 84 फ़ीसदी मतदान हुआ है. सत्तारूढ़ कांग्रेस के अलावा बीजेपी, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और नवगठित पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट मुकाबले में है.

साल 2013 के चुनाव में भाजपा ने इस राज्य में 13 उम्मीदवार उतारे थे, मगर कोई जीत न सका था. एनपीपी को 32 में से मात्र दो सीटें मिली थीं.

त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018इमेज कॉपीरइटDEBALIN ROY/BBC

सभी राज्यों में मतों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू हुई. त्रिपुरा में 18 फ़रवरी को वोट डाले गए थे, जबकि मेघालय और नगालैंड में 27 फ़रवरी को मतदान हुआ था.

तीनों राज्यों में कुल 857 उम्मीदवारों की किस्मत का फ़ैसला होना है.

इन राज्यों में सबसे ज्यादा नज़रें त्रिपुरा पर टिकी हैं, जहां पिछले 25 सालों से वाम दलों का शासन है. केरल के अलावा लेफ्ट की सरकार बस इसी राज्य में है. अगर त्रिपुरा में वामपंथियों की हार होती है तो उनके लिए यहां एक युग का अंत हो जाएगा.

त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018इमेज कॉपीरइटDEBALIN ROY/BBC
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टेरर से जंग किसी धर्म के खिलाफ नहीं: मोदी

कट्टरपंथ और आतंक के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए पीएम मोदी ने गुरुवार को कहा कि आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ाई किसी पंथ के खिलाफ नहीं बल्कि युवाओं को गुमराह करने वाली मानसिकता के खिलाफ है।

पूरी खुशहाली, समग्र विकास तभी संभव है, जब मुस्लिम युवाओं के एक हाथ में कुरान शरीफ हो और दूसरे हाथ में कंप्यूटर। मोदी ने यह बात एक सम्मेलन में कही, जिसमें जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय भी मौजूद थे।

शाह ने कहा कि कट्टरपंथ चिंता का विषय है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है।

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VIDEO: जब अमित शाह ने उतारी राहुल गांधी की नकल

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी जंग तेज हो गई है जिसके मद्देनजर सभी राजनीतिक दल एक-दूसरे की चुटकी लेने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी इन चुनावों के मद्देनजर सोमवार को कर्नाटक का दौरा किया। यहां बीदर में आयोजित नवशक्ति समावेश कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नकल उतारी। यही नहीं, उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि देश की जनता आपके पास 4 पीढ़ी का हिसाब मांग रही है।

‘जनता चार पीढ़ी का हिसाब मांग रही’

शाह ने राहुल के अंदाज में कहा, ‘अभी राहुल बाबा कर्नाटक में घूम रहे हैं, और बड़े जोर-जोर से बोल रहे थे, मोदी जी बताओ आपने चार साल में क्या किया। शाह ने अंत में कहा “अरे राहुल बाबा क्यों इतने चिल्ला रहे हो, आप हमें पूछ रहे हो कि “मोदी जी ने चार साल में क्या किया” हमारे से हिसाब मांग रहे हो। शाह ने कहा, “राहुल बाबा इस देश की जनता आपसे चार पीढ़ी का हिसाब मांग रही है।

अमित शाह ने जनसभा में कहा कि कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनती है तो पड़ोसी राज्य गोवा के साथ महादयी नदी विवाद का हल निकाला लिया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने नदी के विवाद का समाधान में देरी के लिए कांग्रेस की सिद्धरमैया सरकार को दोषी बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्र का सहयोग किया होता तो अब तक इसका हल निकल गया होता।

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सहवाग ने आइस क्रिकेट मैच में की जबरदस्त बैटिंग, बोले- हथियार छोड़े हैं, चलाना नहीं भूले

स्विट्जरलैंड की बर्फीली पहाड़ियों पर गुरुवार को पूर्व दिग्गज क्रिकेटर्स की टीमों के बीच एक एग्जिबिशन मैच खेला गया। इस मैच में शाहिद आफरीदी की कप्तानी वाली रॉयल्स ने वीरेंद्र सहवाग की पैलेस डायमंड्स को 6 विकेट से हरा दिया। भले ही सहवाग की टीम ये मैच हार गई हो लेकिन मैच में उन्होंने एकबार फिर अपना विस्फोटक अंदाज दिखाया और धुआंधार बैटिंग की। ऐसा रहा मैच…

– इस एक्जिबिशन मैच में वीरेंद्र सहवाग के चौके-छक्के के साथ शोएब अख्तर की तूफानी बॉलिंग भी देखने को मिली।
– सेंट मॉरिट्ज आइस क्रिकेट मैच में पैलेस डायमंड्स के कप्तान सहवाग ने 31 बॉल पर ताबड़तोड़ 62 रन बनाए।
– सहवाग आइस क्रिकेट में फिफ्टी लगाने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए हैं। अपनी इनिंग में उन्होंने 4 चौके और 5 सिक्स भी लगाए।
– वीरू की टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 164 रन का स्कोर बनाया था। जवाब में रॉयल्स ने 4 विकेट पर 166 रन बनाकर मैच जीत लिया।


– रॉयल्स की ओर से ओवेस शाह ने 34 बॉल पर 74* रन बनाए। वहीं जैक्स कैलिस ने 36 रन की इनिंग खेली।
– मैच के लिए बर्फ जमी झील पर आर्टिफिशियल पिच बनाई गई थी और ये मैच गुलाबी बॉल से खेला गया। माइनस 20 डिग्री तापमान में हुए इस मैच को देखने 500 दर्शक मौजूद थे।

सहवाग बोले हथियार चलाना नहीं भूला

– अपनी जबरदस्त बैटिंग के बाद सहवाग भी बेहद खुश नजर आए। जिसके बारे में उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा।
– सहवाग ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘हथियार छोड़े हैं, चलाना नहीं भूले हैं। बर्फ पर खूब मजे आए।’

– बैटिंग के दौरान सहवाग ने आते ही पहली बॉल पर चौका मारा, फिर सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी की। उनका स्ट्राइक रेट 200 रहा।
– उनके इस ट्वीट के बाद फैन्स ने भी उनकी जमकर तारीफ की और जीरो पर आउट होने वाले आफरीदी का मजाक उड़ाया।

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संसद के अपने पहले भाषण में अमित शाह ने इंदिरा गांधी को सराहा…

बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह राज्‍यसभा सांसद चुने जाने के बाद पहली बार सदन में बोले. उन्‍होंने इस दौरान इंदिरा गांधी को याद करते हुए कहा कि 1969 में बैंकों के राष्‍ट्रीयकरण का सराहनीय काम किया. इसी तरह उन्‍होंने लालबहादुर शास्‍त्री को याद करते हुए कहा कि 1965 में भारत-पाक युद्ध के बाद जब देश में अनाज का संकट पैदा हुआ तो तत्‍कालीन प्रधानमंत्री ने लोगों से सोमवार को एक वक्‍त का भोजन छोड़ने का आग्रह किया. उनकी अपील का व्‍यापक असर हुआ और जनता की उनके आग्रह का सम्‍मान किया. उसके बाद अब पीएम नरेंद्र मोदी का ही व्‍यक्तित्‍व ऐसा है कि उनके आग्रह पर कई लोगों ने कई किस्‍म की सब्सिडी छोड़ी. मसलन एक बड़े तबके ने गैस पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ी.

पकौड़ा पॉलिटिक्‍स पर जवाब
बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने विपक्ष की ‘पकौड़ा’ पॉलिटिक्‍स पर जवाब देते हुए कहा है कि पकौड़ा बेचना कोई शर्म की बात नहीं है. यह कम से कम बेरोजगारी से तो अच्‍छा है. दरअसल कांग्रेस नेता पी चिदंबरम समेत कई विपक्षी नेताओं के पकौड़ा बेचने संबंधी पीएम के बयान पर निशाना साधा था. इसी कड़ी में अमित शाह ने कहा कि जिस तरह एक चायवाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, उसी तरह एक पकौड़े वाले की भी अगली पीढ़ी उद्योगपति बन सकती है.

‘पकौड़ा’ पॉलिटिक्‍स- पकौड़ा बेचना शर्म की बात नहीं, यह बेरोजगारी से तो अच्‍छा है: अमित शाह

अमित शाह ने कहा, ”अभी मैं चिदंबरम साहब का ट्वीट पढ़ रहा था कि मुद्रा बैंक के साथ किसी ने पकौड़े का ठेला लगा दिया, इसको रोजगारी कहते हैं? हां मैं मांगता हूं कि भीख मांगने से तो अच्‍छा है कि मोई मजदूरी कर रहा है. उसकी दूसरी पीढ़ी आगे आएगी तो उद्योगपति बनेगी.”

इसके साथ ही अमित शाह ने कहा, ‘हमारी सरकार को विरासत में गड्ढे मिला, जिसे भरने में वक्‍त लग रहा है’. उन्‍होंने आगे कहा कि, ‘2013 में देश के लोगों में भय का माहौल था. सीमा पर असुरक्षा का माहौल था. 30 साल से इस देश में अस्थिरता थी’.
राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा, ‘2013 में घोटालों-घपलों की सीरीज लोगों के दिमाग में घर कर गई थी. देश को समस्‍याओं को दूर करने के लिए हमें बहुमत मिला’.

अमित शाह द्वारा कही गईं मुख्‍य बातें…

  •     अंत्‍योदय के लक्ष्‍य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध.
  •     देश में 31 करोड़ बैंक खाते खोले गए.
  •     आजादी के बाद 55 साल एक ही परिवार का देश में राज रहा.
  •     देश में 60 फीसदी लोगों के पास बैंक खाते ही नहीं थे.
  •     देश का गरीब खुद को अर्थतंत्र से जोड़ने लगा है.
  •     शास्‍त्री जी के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने पाकिस्‍तान को सबक सिखाया.
  •     पीएम मोदी ने पाकिस्‍तान को सबक सिखाने की हिम्‍मत की.
  •     घर में शौचालय न होना बड़ी त्रासदी है.
  •     लुटियंस में रहने वालों को इस दर्द का अहसास नहीं.
  •     गैस सब्सिडी छोड़ने का सार्थक अभियान चलाया गया.
  •     गरीब के घर में पैदा नहीं हुआ, लेकिन गरीबी को करीब से देखा है.
  •     देश के हर गरीब के लिए घर होना बहुत जरूरी.
  •     देश में बेरोजगारी की समस्‍या है और इससे इंकार नहीं किया जा सकता है.
  •     55 साल तक राज करने वाले बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हैं.
  •     पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्‍ट्रीयकरण कर सराहनीय काम किया.
  •     देश में बैंकों के राष्‍ट्रीयकरण के बाद भी गरीब बैंक तक नहीं पहुंच पाए.
  •     देश के हर गरीब को घर देना हमारी सरकार का लक्ष्‍य है.
  •     बेरोजगारी से अच्‍छा है कोई युवा मेहनत कर पकौड़े बेचे.
  •     पकौड़े बेचना कोई शर्म की बात नहीं है.
  •     पकौड़ा बेचने वाले की अगली पीढ़ी उद्योगपति बनेगी.
  •     चाय बेचने वाले का बेटा इस सदन में प्रधानमंत्री बनकर बैठा है.
  •     गरीब के घर बिजली, स्‍वास्‍थ्‍य पहुंचाना हमारी सरकार का लक्ष्‍य है.
  •     50 करोड़ लोगों को बीमा देना का साहस किसी सरकार में नहीं था.
  •     देश में भाजपा सरकार को आने के बाद नदियों को जोड़ने का काम दोबारा शुरू किया गया.
  •     गरीबों का जीवन स्‍तर उठाने का काम बीजेपी ने किया.
  •     गरीबी हटाओ के नारे के साथ बहुत सरकारें आई, लेकिन गरीबों का जीवन स्‍तर सुधारने का काम बीजेपी ने किया.
  •     पहले यूरिया की कालाबाजारी होती थी. हमारी सरकार के एक फैसले ने सारी दिक्‍कतें दूर कीं.
  •     5 करोड़ 70 लाख किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिला.
  •     देश में यूरिया के 6 कारखाने बीजेपी ने शुरू किए.
  •     कई सुधार किए गए, जिसकी वजह से भारत की अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर रेटिंग सुधरी.
  •     हम ऐसे फैसले लेते हैं, जो लोगों के लिए अच्‍छे हों.
  •     किसानों को डेढ़ गुना समर्थन मूल्‍य दिया जाना.
  •     पूरे देश में जीएसटी पर राजनीति की गई.
  •     बीजेपी ने कभी जीएसटी का विरोध नहीं किया.
  •     कांग्रेस जब जीएसटी की बात करती थी, हमने विरोध नहीं किया.
  •     हम बजट भी एक फरवरी को लेकर आए, जिससे उसे लागू करने के लिए वक्‍त मिल सके.
  •     बीजेपी सरकार संवेदनशील है.
  •     कांग्रेस ने जीएसटी को गब्‍बर सिंह टैक्‍स कहा.
  •     कांग्रेस की सहमति से ही जीएसटी बिल पास हुआ.
  •     जीएसटी काउंसिल में कांग्रेस शामिल राज्‍यों ने भी अपनी राय रखी.
  •     कुछ मुद्दों पर राजनीति करने से ऊपर उठना पड़ता है.
  •     देश की सुरक्षा तब तक नहीं हो सकती, जब तक उसका जवान गरिमा से न जिए.
  •     हमारा चुनावी वादा था और हमने एक ही साल में ओआरओपी का वादा पूरा किया.
  •     सेना ने दस दिन में आतंकियों से बदला लिया.
  •     सरकार ने सर्जिकल स्‍ट्राइक की और सीमापार घुसकर अपना बदला लेकर जवान वापस आए.
  •     मोदी सरकार में सर्जिकल स्‍ट्राइक का फैसला लिया गया.