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न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर पाकिस्तान के पीएम अब्बासी की तलाशी, जांच के बाद बेल्ट कसते दिखे

 

यहां जॉन एफ केनेडी एयरपोर्ट पर सिक्युरिटी जांच के नाम पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी की तलाशी ली गई। पाकिस्तान मीडिया ने यह दावा किया। इसे एक रुटीन प्रॉसेस बताया जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान मीडिया में इसे लेकर नाराजगी जाहिर की जा रही है।

क्या निजी दौरे की वजह से हुई चेकिंग?

– बताया जा रहा है कि पिछले दिनों अब्बासी अपनी बीमार बहन को देखने अमेरिका गए थे। यह उनका निजी दौरा था। हालांकि, इस दौरान वह अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस से भी मिले।

– पाकिस्तान मीडिया का कहना है कि यह निजी दौरा था तब भी प्रधानमंत्री के पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट है। ऐसे में उनकी जांच करना गलत है। पाकिस्तान के टीवी चैनल्स पर इस जांच का एक वीडियो भी जारी किया गया।

कुछ ने अब्बासी की तारीफ की, कुछ ने आलोचना

– जियो न्यूज के मुताबिक, अब्बासी ने सभी यात्रियों के लिए लागू स्टैंडर्ड सिक्युरिटी प्रोटोकॉल का पालन किया। जैसा कि वे अपनी सादगी के लिए ही जाने जाते हैं।
– कुछ मीडिया रिपोर्टों में अब्बासी की आलोचना की गई है, क्योंकि उन्होंने राष्ट्रप्रमुख होने के लिहाज से एक शर्मिंदगी-भरी प्रक्रिया का पालन किया, जबकि उनके पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट था।

पाबंदियों को लेकर पाक-अमेरिका में चल रही तनातनी

– पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की चेकिंग से पहले अमेरिका ने 7 पाकिस्तानी कंपनियों को परमाणु व्यापार के शक में बैन कर दिया था।

– कहा जा रहा है कि अमेरिका पाकिस्तानी सरकार पर वीजा बैन समेत कई और प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है।

– बता दें कि आतंकवाद पर नरमी के चलते अमेरिका पाकिस्तान से खफा है। ट्रम्प प्रशासन ने उसे दी जाने वाली करीब 25.5 करोड़ डॉलर की सहायता राशि रोक दी है।

कलाम की तलाशी पर अमेरिका ने मांगी थी माफी

– 2011 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर तलाशी ली गई थी। हालांकि, भारत की आपत्ति के बाद अमेरिका ने माफी मांगी थी।

जॉर्ज फर्नांडीज की कपड़े उतारकर ली गई थी तलाशी

– पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का वाशिंगटन के डल्लास अतंर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सन् 2002 और 2003 में स्ट्रिप सर्च किया गया था। जिस पर उन्होंने वहां के डिप्टी सेक्रेटरी स्ट्रोब टैलबॉट से गुस्से में शिकायत की थी।

शाहरुख समेत कई भारतीय लिए जा चुके हिरासत में

– अगस्त 2016 में शाहरुख खान को अमेरिका के लॉस एंजिल्स एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। इसकी जानकारी खुद शाहरुख ने ट्वीटर पर दी।

– एक्टर इरफान खान को 2008 में लॉस एंजिल्स और 2009 में न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था।

– 2009 में ही नील नितिन मुकेश को न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया।

– 2010 में भारत के तत्कालीन एविएशन मिनिस्टर प्रफुल्ल पटेल से शिकागो के एयरपोर्ट पर पूछताछ की गई।

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सहवाग ने आइस क्रिकेट मैच में की जबरदस्त बैटिंग, बोले- हथियार छोड़े हैं, चलाना नहीं भूले

स्विट्जरलैंड की बर्फीली पहाड़ियों पर गुरुवार को पूर्व दिग्गज क्रिकेटर्स की टीमों के बीच एक एग्जिबिशन मैच खेला गया। इस मैच में शाहिद आफरीदी की कप्तानी वाली रॉयल्स ने वीरेंद्र सहवाग की पैलेस डायमंड्स को 6 विकेट से हरा दिया। भले ही सहवाग की टीम ये मैच हार गई हो लेकिन मैच में उन्होंने एकबार फिर अपना विस्फोटक अंदाज दिखाया और धुआंधार बैटिंग की। ऐसा रहा मैच…

– इस एक्जिबिशन मैच में वीरेंद्र सहवाग के चौके-छक्के के साथ शोएब अख्तर की तूफानी बॉलिंग भी देखने को मिली।
– सेंट मॉरिट्ज आइस क्रिकेट मैच में पैलेस डायमंड्स के कप्तान सहवाग ने 31 बॉल पर ताबड़तोड़ 62 रन बनाए।
– सहवाग आइस क्रिकेट में फिफ्टी लगाने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए हैं। अपनी इनिंग में उन्होंने 4 चौके और 5 सिक्स भी लगाए।
– वीरू की टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 164 रन का स्कोर बनाया था। जवाब में रॉयल्स ने 4 विकेट पर 166 रन बनाकर मैच जीत लिया।


– रॉयल्स की ओर से ओवेस शाह ने 34 बॉल पर 74* रन बनाए। वहीं जैक्स कैलिस ने 36 रन की इनिंग खेली।
– मैच के लिए बर्फ जमी झील पर आर्टिफिशियल पिच बनाई गई थी और ये मैच गुलाबी बॉल से खेला गया। माइनस 20 डिग्री तापमान में हुए इस मैच को देखने 500 दर्शक मौजूद थे।

सहवाग बोले हथियार चलाना नहीं भूला

– अपनी जबरदस्त बैटिंग के बाद सहवाग भी बेहद खुश नजर आए। जिसके बारे में उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा।
– सहवाग ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘हथियार छोड़े हैं, चलाना नहीं भूले हैं। बर्फ पर खूब मजे आए।’

– बैटिंग के दौरान सहवाग ने आते ही पहली बॉल पर चौका मारा, फिर सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी की। उनका स्ट्राइक रेट 200 रहा।
– उनके इस ट्वीट के बाद फैन्स ने भी उनकी जमकर तारीफ की और जीरो पर आउट होने वाले आफरीदी का मजाक उड़ाया।

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पद्मावत फैसला: कोर्ट ने कहा पूरे देश में कहीं रोक नहीं, करणी सेना बोली हम तो रोकेंगे

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संजय लीला भंसाली की फिल्म फिल्म ‘पद्मावत’ को 25 जनवरी को पूरे देश में रिलीज़ किये जाने का रास्ता साफ़ हो गया है। कोर्ट ने राजस्थान और गुजरात सरकार के उस आदेश और नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया है जिसके तहत पद्मावत को इन राज्यों ने अपने यहां रिलीज़ करने पर रोक लगाई थी। इस बीच शुरू से ही इस फिल्म का विरोध कर रही करणी सेना ने कहा है कि उनका विरोध जारी रहेगा और वो फिल्म को रिलीज़ नहीं होने देंगे।

सुप्रीम कोर्ट में आज तीन सदस्यीय बेंच ने,(न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड) जिसके प्रमुख मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिसरा थे, ये कहा कि अपने यहां कानून और व्यवस्था को बनाये रखना राज्यों का कर्तव्य है। सिर्फ राजस्थान और गुजरात ही नहीं बल्कि उन सभी राज्यों ने जिन्होंने पद्मावत की रिलीज़ को रोके जाने संबंधी आदेश दिया है, उसे खारिज़ किया जाता है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह से फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने के तरीके ने उन्हें स्तब्ध कर दिया है। इस दौरान वायकॉम 18 की तरफ़ से कोर्ट में मौजूद वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी ने बेंच को बताया कि जब सेंसर ने इस फिल्म को रिलीज़ के लिए पास कर दिया है तो राज्यों के पास उसे रोकने के कोई अधिकार नहीं हैं। साल्वे ने 2011 के प्रकाश झा के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक जजमेंट का उदहारण देते हुए कहा कि कानून और व्यवस्था बनाये रखना राज्यों का संवैधानिक कर्तव्य है।

बता दें कि फिल्म के निर्माता ने गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा सरकार की तरफ़ से अपने यहां फिल्म को रिलीज़ न होने देने के ख़िलाफ़ अदालत में याचिका दाखिल की थी। इन राज्यों का प्रतिनिधित्व कर रहे एडिशनल सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बेंच को बताया कि सिर्फ दो राज्यों(गुजरात और राजस्थान) ने ही इस तरह के आदेश जारी किये हैं । उन्होंने सुनवाई को आगे बढ़ाने की भी गुजारिश की और कहा कि इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक राज्यों में पद्मावत रिलीज़ होने की स्थिति में लॉ एंड ऑर्डर की बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिसके बारे में संभवतः सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट देते समय संज्ञान में नहीं लिया । फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन का मतलब चीजों को तोड़ मरोड़ कर पेश किये जाने से नहीं हो सकता। सेंसर, सुपर सेंसर बोर्ड नहीं बन सकता। इस बीच राजपूत करणी सेना ने अदालत के फैसले के बाद भी अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है। राजपूत करणी सेना के प्रमुख लोकेन्द्र सिंह कलवी ने कहा है कि किसी भी हालत में पद्मावत को रिलीज़ नहीं होने दिया जाएगा। राजस्थान में सिनेमाहाल मालिको ने लेटर के जरिये भरोसा दिलाया है कि वो इस बारे में करणी सेना से पूछेंगे। राजस्थान में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार इस मामले को लेकर विचार विमर्श कर रही है। उधर राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेडी ने इस मामले में राष्ट्रपति से गुहार लगाने की बात कही है।

24 जनवरी को भी दिखाई जायेगी

पद्मावत संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत 25 जनवरी को देश भर में रिलीज़ होगी लेकिन ये फिल्म कुछ लोग 24 जनवरी को भी देख सकते हैं। फिल्म की निर्माता कंपनी ने 24 जनवरी को पेड-प्रीव्यू रखने का फ़ैसला किया है। आमतौर पर बड़ी फिल्मों के पेड-प्रीव्यू किये जाते हैं। 25 जनवरी को अक्षय कुमार की पैड मैन भी रिलीज़ हो रही है, यानि बॉक्स ऑफ़िस पर बड़ा मुकाबला होने वाला है।

सशर्त पास है पद्मावत

सेंसर बोर्ड ने दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर इस फिल्म को 30 दिसंबर को यू/ए सर्टिफिकेट के साथ पास कर दिया था, लेकिन साथ में पांच शर्ते भी थीं, जिसमें फिल्म का नाम बदल कर पद्मावती से पद्मावत करना और डिस्क्लेमर लगाना शामिल था। दरअसल पद्मावती का विरोध, चित्तौड़ की महारानी रानी पद्मिनी के गलत चरित्र चित्रण को लेकर शुरू हुआ था और उसके बाद पूरे देश में फिल्म के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हुए।