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दुनिया के कई देशों को आधी कीमत पर पेट्रोल डीजल बेच रहा है भारत, जानिए कारण!

पंजाब के रोहित सभ्रवाल की आरटीआई से पता चला है कि मैंग्लोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमि. से 1 जनवरी 2018 से 30 जून 2018 के बीच पांच देशों – हांगकांग, मलेशिया, मॉरिशस, सिंगापुर और यूएई को 32 से 34 रुपए प्रति लीटर में रिफाइंड पेट्रोल और 34 से 36 रुपए में रिफाइंड डीजल बेचा गया। इस दैरान भारत में पेट्रोल की कीमत 69.97 रुपए से 75.55 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 59.70 रुपए से 67.38 रुपए प्रति लीटर रही।

– इन पांच देशों के अलावा अमेरिका, इंग्लैंड, ईराक, इजराइल, जॉर्डन, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में भारत से रिफाइन्ड पेट्रोल-डीजल निर्यात किया जाता है।

देशवासियों पर 150 फीसद तक टैक्स

रोहित सभ्रवाल कहते हैं, बाकी देशों को भारत से भले ही बेहद सस्ता रिफाइंड पेट्रोल-डीजल मिल रहा हो, लेकिन यहां के लोगों पर 125 से 150 फीसद तक टैक्स लगाया जा रहा है। यही कारण है कि भारत के अधिकांश राज्यों में पेट्रोल 75 से 82 रुपए लीटर और डीजल 66 से 74 रुपए लीटर तक बेचा जा रहा है। ताजा खबर तो यह भी है कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लेने से इन्कार कर दिया है। यानी दाम कम होने की यह उम्मीद भी खत्म हो गई है।

यही 35.90 रुपए प्रति लीटर वाला कच्चा पेट्रोल रिफाइन करने के बाद भारत में 77 से 82 रुपए लीटर हो जाता है, क्योंकि इसमें करीब 19.48 रुपए की एक्साइज ड्यूटी, 16.47 रुपए प्रति लीटर का VAT, अन्य टैक्स और डीलर कमीशन शामिल हो जाता है। डीजल पर भी ये सभी टैक्स लगते हैं।

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विपक्ष के बर्हिगमन के बीच विधानसभा में UP-COCA विधेयक पारित

विपक्ष के व्यापक विरोध और सदन से बर्हिगमन के बीच विधानसभा में उत्तर प्रदेश संगठित अपराध निरोधक विधेयक (यूपीकोका)आज एक बार फिर पारित हो गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधेयक पेश करते हुए इसे राज्य की कानून व्यवस्था के लिये जरुरी बताया, जबकि विपक्ष का कहना था कि यह विधेयक लोकतंत्र विरोधी है और इसका जमकर दुरुपयोग किया जायेगा। विपक्ष का कहना था कि विधेयक में कई खामियां हैं, इसलिये इसे विधानसभा की प्रवर समिति को सौंप दिया जाये। इससे पहले विधानसभा से गत 21 दिसंबर को विधेयक पारित होने के बाद विधान परिषद भेजा गया था।

परिषद ने विधेयक को प्रवर समिति के हवाले कर दिया था। प्रवर समिति से बिना संशोधन के विधेयक परिषद वापस कर दिया गया था। परिषद में विपक्ष का बहुमत होने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। इसलिये सरकार ने आज इसे फिर सदन में पेश किया। विपक्ष के व्यापक विरोध के बीच यूपीकोका विधेयक पारित हो गया।

विधेयक के पारित होने के बाद अब इसे मंजूरी के लिये राज्यपाल रामनाईक के पास भेजा जायेगा। अगर जरूरी हुआ तो राज्यपाल विधेयक को राष्ट्रपति के पास भी संदर्भित कर सकते है। सरकार का दावा है कि यूपीकोका से भूमाफिया, खनन माफिया समेत अन्य संगठित अपराधों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। सफेदपोशों को बेनकाब करने वाले इस कानून में 28 ऐसे प्रावधान है जो गिरोहबंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) का हिस्सा नही थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपीकोका के जरिये फिरौती के लिये अपहरण,अवैध खनन, अवैध शराब की बिक्री, बाहुबल के बूते ठेकों को हथियाना, वन क्षेत्र में अतिक्रमण और वन संपत्तियों का दोहन,वन्य जीवों का शिकार और बिक्री, फर्जी दवाओं का कारोबार, सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जा, रंगदारी जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लग सकेगा। इसके जरिये संगठित अपराध करने वाले लोगों की मदद करने वालों पर भी नकेल कसी जा सकेगी।

योगी ने कहा कि समाज और राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा पैदा करने वालों के खिलाफ यह कानून प्रभावी होगा। पांच वर्ष में एक से अधिक मामलों में जिसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल होंगें, उन्हीं पर यह कानून लागू होगा। यूपीकोका लगाने से पहले पुलिस महानिरीक्षक या उपमहानिरीक्षक से अनुमोदन लेना जरुरी होगा। इसमें अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने से पहले भी इन्हीं अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।

उन्होंने कहा कि इस कानून का दुरुपयोग रोकने के लिये उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय अपील प्राधिकरण बनाया जायेगा। इसमें प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक स्तर का अधिकारी सदस्य होगा। इसके लिये प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय निगरानी समिति का भी गठन किया जायेगा। ऐसी ही समिति जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित होगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि इस कानून का कोई दुरुपयोग नहीं कर सकता। हाँ, समाज की व्यवस्था और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये एक साल में किये गये कार्यों का सिलसिलेवार ब्याैरा दिया।

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दाऊद इब्राहिम करना चाहता है सरेंडर? उज्ज्वल निकम ने कहा, ‘बेगर्स हैव नो चॉइस’

 मुंबई में 1993 के बम धमाकों का आरोपी और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की खोज कई देशों की पुलिस कर रही है. भारत दाऊद को गिरफ्तार करने के लिए हर हथकंडे अपना रहा है. लेकिन दाऊद कहां है, इस बारे में कोई पुख्ता खबर तक नहीं है, यहां तक कि वह जिंदा भी है या नहीं, इस बारे में भी अक्सर अटकलें उजागर होती रहती हैं.

सरेंडर करना चाहता है डॉन
इसी बीच एक खबर आ रही है कि दाऊद इब्राहिम भारत में सरेंडर करना चाहता है. दाऊद के वकील ने यह बात कही है. हालांकि दाऊद के वकील के दावों को देश के जाने-माने वकील और विशेष पब्लिक प्रोसिक्यूटर उज्ज्वल निकम ने इस बातों को हवाई करार दिया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम ने अपने वकील के मार्फत भारत में आत्मसमर्पण की पेशकश की है. इस पेशकश को झुठलाते हुए विशेष पब्लिक प्रोसिक्यूटर उज्ज्वल निकम ने कहा है कि यह दाऊद का पुराना स्टाइल है. उन्होंने कहा कि अब दाऊद के पास कोई रास्ता नहीं है, जिस तरह भिखारी के पास कोई चीज चुनने का विकल्प नहीं होता, इसी तरह दाऊद के पास बच निकलने का कोई रास्ता नहीं है.

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बेगर्स हैव नो चॉइस
हालांकि इन खबरों का खंडन करते हुए उज्ज्वल निकम ने कहा कि दाऊद के वकील को यह किसने बताया कि वह (दाऊद) सरेंडर करना चाहता है. यदि दाऊद ने अपने वकील से संपर्क किया है तो हमारी जांच एजेंसियों को उसका पता लगाना चाहिए. उन्होंने इन खबरों को एक अफवाह करार दिया है.

छोटा शकील ने ‘D’ कंपनी से नाता तोड़ा
पिछले दिनों खबर आई थी कि अंडरवर्ल्‍ड डॉन दाऊद इब्राहीम के बेहद विश्‍वस्‍त और दायां हाथ माने जाने वाले छोटा शकील ने ‘डी’ कंपनी से नाता तोड़ लिया है. छोटा शकील, दाऊद के गैंग में दूसरे नंबर की हैसियत रखता था और पिछले 30 सालों से डॉन का बेहद करीबी था. अबु सलेम को दाऊद इब्राहीम का बायां हाथ और छोटा शकील को दायां हाथ माना जाता था.

पाकिस्तान में रह रहा है दाऊद
पिछले साल मुंबई पुलिस ने दाऊद के भाई इकबाल कासकर को गिरफ्तार किया था. पुलिस पूछताछ में इकबाल कासकर ने बताया कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में रह रहा है. उसने बताया कि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान में दाऊद इब्राहिम की सुरक्षा में 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी गई है. इकबाल ने बताया कि साल 2014 के बाद से पाकिस्तान के भीतर ही दाऊद इब्राहिम ने चार ठिकाने बदले हैं.

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लेनिन की मूर्ति पर घमासान: वामदल घटना के खिलाफ देशभर में करेंगे प्रदर्शन

त्रिपुरा में प्रशासन, भाजपा और माकपा की ओर से सभी से शांति बनाए रखने के आह्वान के बावजूद चुनाव के बाद की हिंसा जारी रही। सोमवार को बेलोनिया टाउन में रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा बुल्डोजर से गिरा दिया गया।

इसके बाद हिंसा और भड़क गई और सियासी घमासान शुरू हो गया। घटना के खिलाफ कोलकाता में वामदलों ने प्रदर्शन किया। इस बीच, मंगलवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यपाल और डीजीपी से नई सरकार के कामकाज संभालने तक शांति सुनिश्चित करने को कहा।

माकपा का आरोप है कि त्रिपुरा में भगवा पार्टी की जीत के बाद बेलोनिया स्थित कॉलेज स्क्वायर में कथित तौर पर भाजपाइयों ने सोमवार दोपहर बुल्डोजर से पांच फुट लंबी प्रतिमा गिरा दी। इस दौरान भारत माता की जय के नारे भी लगाए गए। कुछ महीने पहले पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात ने इस प्रतिमा का अनावरण किया था। माकपा ने कथित तौर पर वामपंथी कैडरों और कार्यालय पर हुए हमलों की एक सूची भी जारी की है।

सामने आया भाजपा का असली चेहरा: येचुरी

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने मंगलवार को कहा कि भाजपा और आरएसएस का असली चेहरा सामने आ गया है। भाजपा की सोच सिर्फ साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के आधार पर चुनाव जीतना है। माकपा नेता ने यह भी कहा कि इस घटना के विरोध में सभी राज्यों की राजधानी में प्रदर्शन होगा। भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ हम अपने जनसंघर्षों के साथ देश भर में जनता तक पहुंचेंगे। भाजपा की सहयोगी जदयू के सांसद हरिवंश ने कहा, हमारा देश रूस नहीं है। हिंसा की घटनाएं गलत हैं।

लोकतंत्र में यह स्वीकार्य नहीं

भाकपा नेता डी. राजा ने कहा कि यह लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। हम लोकतंत्र में कुछ पार्टियां जीत जाती हैं और कुछ हार जाती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वे हिंसा का सहारा ले सकते हैं। लेनिन की प्रतिमा गिराना निंदनीय है।

कई इलाकों में निषेधाज्ञा

जिला मजिस्ट्रेट मिलिंद रामटेके ने बताया कि हिंसा के कारण श्रीनगर, लेफुंगाख, मंडई, आमतली, राधापुर, अरुंधति नगर,  जिरनिया, मोहनपुर सहित दक्षिण त्रिपुरा जिले के कई इलाकों में निषेघाज्ञा लागू कर दी गई है। दक्षिण त्रिपुरा जिले के एसपी मोनचक इप्पर ने बताया कि जेसीबी मशीन (बुलडोजर) चालक ने शराब पी रखी थी। उसे गिरफ्तार कर बुलडोजर को सीज कर दिया है। बाद में जमानत पर उसे रिहा कर दिया गया।

हालात की जानकारी ली

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यपाल राज्यपाल तथागत राय और डीजीपी एके शुक्ला से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान गृहमंत्री को भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन की जीत के बाद भड़की हिंसा पर नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों से अवगत कराया गया। गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि सिंह ने राज्यपाल और डीजीपी से हर तरह की हिंसा पर रोक लगाने और त्रिपुरा में नई सरकार के गठन तक शांति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

लोकतांत्रिक सरकार सब ठीक कर सकती है 

लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार जो कर सकती है, एक अन्य लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार उसे ठीक कर सकती है। – तथागत रॉय, त्रिपुरा के राज्यपाल

विदेशी नेताओं की प्रतिमाओं के लिए भारत में जगह नहीं: अहीर

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने मंगलवार को कहा कि सरकार हर तरह की हिंसा की निंदा करती है, लेकिन विदेशी नेताओं की प्रतिमाओं के लिए भारत में कोई स्थान नहीं है। अहीर की टिप्पणी उस वक्त आई है जब कल त्रिपुरा में सोवियत संघ के संस्थापक लेनिन की प्रतिमा गिरा दी गई।

मंत्री ने कहा, हम हर तरह की हिंसा की निंदा करते हैं और राज्य सरकार इस मामले को देख रही है। परंतु मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि भारत में विदेशी नेताओं की प्रतिमाओं की जरूरत नहीं है। इस देश में महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, बीआर अंबेडकर, दीनदयाल उपाध्याय और राम मनोहर लोहिया जैसे कई बड़े आदर्श पुरुष हैं।

जनता सही जवाब देगी

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने त्रिपुरा में भाजपा के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद मंगलवार को कहा कि राज्य की जनता ने वोटों के जरिये हत्याओं का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वामपंथी पार्टियों ने त्रिपुरा में भाजपा के नौ कार्यकर्ताओं की हत्या की थी और जनता ने चुनावों में इसका जवाब दे दिया है। कर्नाटक में कांग्रेस की शह पर 24 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है, इसका जवाब भी जल्द ही जनता देगी।

वाम मोर्चे से उत्पीड़ित लोगों ने प्रतिमा गिराई होगी: गिरिराज

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को कहा कि त्रिपुरा में वाम मोर्चे के 25 साल के शासन के दौरान उत्पीड़ित लोगों ने सोवियत संघ के संस्थापक व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा गिराई होगी। भाजपा या उसकी विचारधारा हिंसा को बढ़ावा नहीं देती, लेकिन वामपंथी ऐसा करते हैं। उन्होंने कहा, वाम शासन के दौरान बहुत सारे लोगों का उत्पीड़न हुआ। उनमें से कुछ लोगों में बदले की भावना रही होगी। यह समय बताएगा कि लेनिन की प्रतिमा गिराने के लिए कौन जिम्मेदार हैं।

मुख्यालय में प्रतिमा लगाएं कम्युनिस्ट पार्टी: स्वामी

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि लेनिन तो विदेशी हैं। ऐसे व्यक्ति की मूर्ति हमारे देश में क्यों? वे कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्यालय के अंदर मूर्ति रख सकते हैं और पूजा कर सकते हैं।

मैं माकपा के खिलाफ हूं और मार्क्स या लेनिन मेरे नेता नहीं हैं। मैंने हमेशा माकपा के अत्याचारों के खिलाफ विरोध जताया है। इसी तरह से मैं भाजपा के अत्याचारों को स्वीकार नहीं कर सकती। -ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख

यह भाजपा की घटिया दर्जे की हिंसा और तोड़फोड़ है। यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। -सुधाकर रेड्डी, वामपंथी नेता

यह कम्युनिस्टों को राष्ट्रीय स्तर पर निशाना बनाने का षड्यंत्र है। भाजपा को यह नहीं सोचना चाहिए कि सिर्फ चार प्रतिमाओं को ढहाने से कम्युनिस्टों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। -पी. विजयन, केरल के मुख्यमंत्री

विचारधारा अलग-अलग हो सकती है, लेकिन कोई मूर्ति तोड़ना ठीक नहीं। भारतीयों की विचारधारा सबको साथ लेकर चलने की है। -संजय राउत, शिवसेना सांसद

माकपा ने प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन

नई दिल्ली। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को लेकर माकपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें राज्य में शांति बहाल करने और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।

लोकसभा में पार्टी के उपनेता एवं पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि त्रिपुरा में चुनाव के नतीजे आने के बाद से माकपा समर्थकों, पार्टी के कार्यकर्ताओं, पार्टी कायार्लयों तथा जन संगठनों के दफ्तरों पर हमले हो रहे हैं। सोमवार तक 1539 घरों पर हमले हुए हैं और 196 घरों को आग लगा दी गई है। उन्होंने त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह संवैधानिक पद पर आसीन हैं, लेकिन हिंसा की घटनाओं को न्यायोचित ठहरा रहे हैं।

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पूर्वोत्तर में लहराया भगवा,BJP की जीत से आसान हुई 2019 की राह

2014 के आम चुनाव में केंद्र में सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषणों में लगातार पूर्वी भारत का बार-बार जिक्र किया जिसका नतीजा त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में देखने को मिला। पूर्वोत्तर में भाजपा को मिली इस जीत से 2019 की उसकी राह आसान होगी। बता दें कि पूर्वोत्तर राज्यों में लोकसभा की 25 सीटें हैं और 2014 में हुए आम चुनाव में भाजपा को पूर्वोत्तर राज्यों में 8 सीटों पर जीत हासिल हुई थी तो वहीं कांग्रेस को भी 8 सीटों से संतोष करना पड़ा था और सी.पी.एम. को 4 सीटें मिलीं। बाकी सीटें स्थानीय दलों के खाते में चली गईं। 2014 में सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार पूर्वोत्तर राज्यों पर फोकस किया और लगातार पूर्वी भारत की बात करते नजर आए।
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देश में है मोदी लहर
2019 में होने वाले आम चुनाव में भाजपा की राह आसान होती नजर आ रही है क्योंकि इस वक्त भाजपा के अधिकतर राज्यों में भाजपा सत्ता पर काबिज है। पी.एम. मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के लिए यह अच्छा है। 2014 में सरकार बनाने के बाद भाजपा लगातार कांग्रेस मुक्त भारत की बात करती आई है। त्रिपुरा व नागालैंड में मिली जीत के बाद भाजपा आलाकमान संतुष्ट नजर आ रहा है। भाजपा के लिए एक और अच्छी बात यह है कि देश में अभी मोदी लहर का असर बाकी है। वहीं 2009 के आम चुनाव में पूर्वी राज्यों में भाजपा को निराशा हाथ लगी थी। 2009 में पूर्वोत्तर में एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी और सी.पी.एम. के हाथ यहां से 16 सीटें लगी थीं, वहीं सी.पी.आई. को 4 सीटों पर ही जीत मिली थी। गौरतलब है कि कांग्रेस की सरकार केंद्र में होने के बावजूद पूर्वोत्तर में पार्टी को ज्यादा सफलता हासिल नहीं हुई थी।
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किस राज्य में किसे फायदा और किसे नुक्सान हुआ
त्रिपुरा
कांग्रेस को हुआ ज्यादा नुक्सान

सबसे ज्यादा नुक्सान कांग्रेस को हुआ। 25 साल से सत्ता से बाहर कांग्रेस यहां मुख्य विपक्षी दल था। इस बार उसके हाथ एक भी सीट नहीं लगी जबकि पिछले चुनावों में उसे 10 सीटें मिली थीं। नार्थ ईस्ट में भाजपा की लगातार बढ़ती सक्रियता और वहां हो रही राजनीतिक उठा-पठक का सबसे ज्यादा नुक्सान कांग्रेस को हो रहा है। त्रिपुरा में 2013 में उसके भले ही सिर्फ 10 विधायक थे लेकिन पार्टी का वोट शेयर 36.5 फीसदी था जो अब घटकर 2 फीसदी से कम हो गया है।

लैफ्ट ने क्या खोया
पिछले 40 साल के दौरान त्रिपुरा में हुए 8 चुनावों में लैफ्ट का वोट शेयर कभी भी 45 प्रतिशत से कम नहीं था। इस बार यह घटता दिख रहा है। बंगाल में सत्ता जाने के बाद त्रिपुरा लैफ्ट का सबसे मजबूत गढ़ था। त्रिपुरा से भी सत्ता जाने के बाद लैफ्ट अब केवल केरल में ही सत्ता में रह गया है।
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मेघालय
चुनाव में सबसे ज्यादा बढ़त किसे

सबसे ज्यादा फायदा भाजपा और एन.पी.पी. को होता दिख रहा है। भाजपा अपने पुराने सहयोगियों एन.पी.पी. और यू.डी.पी. के साथ मिलकर सरकार बना सकती है। पिछले चुनावों में जहां भाजपा ने इस राज्य में खाता भी नहीं खोला था वहीं यू.डी.पी. और एन.पी.पी. की भी हालत खराब ही थी लेकिन इस बार तीनों पार्टियों की सीटों में इजाफा हुआ।

पी.ए. संगमा की पार्टी का आगे क्या
2013 में पूर्व लोकसभा स्पीकर पी.ए. संगमा की पार्टी एन.पी.पी. को 2 सीटें मिली थीं। उनके निधन के बाद संगमा के बेटे कॉनरोड संगमा के हाथ में पार्टी की कमान है। कॉनरोड को इस बार सी.एम. पद का बड़ा दावेदार बताया जा रहा है।
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नागालैंड
सबसे ज्यादा नुक्सान में कौन रहा

एन.पी.एफ. को चुनाव से पहले ही काफी नुक्सान हो चुका है। नेतृत्व की लड़ाई में पार्टी के दो हिस्से हो चुके हैं। अब पार्टी के हाथ से सत्ता जाती दिख रही है। सी.एम. टी.आर. जेलियांग के लिए बिना नेफ्यू रियो के एन.पी.एफ. को जिताने की मुश्किल चुनौती है।

कांग्रेस मजबूत हुई या कमजोर
पिछले चुनाव में कांग्रेस के यहां 8 एम.एल.ए. थे। यह सभी 2 साल पहले एन.पी.एफ. में शामिल हो गए थे। इस तरह वर्तमान में यहां कांग्रेस का एक भी एम.एल.ए. नहीं है। 15 साल पहले सत्ता में रही कांग्रेस को इस चुनाव में कैंडीडेट मिलने में भी काफी परेशानी हुई। पार्टी ने 23 सीटों पर कैंडीडेट उतारे थे। इनमें से 5 ने नाम वापस ले लिया।

भाजपा मजबूत हुई या कमजोर
15 साल से एन.पी.एफ. की जूनियर पार्टनर रही भाजपा को विशेषज्ञ एन.पी.एफ. में हुई टूट का कारण बताते हैं।  इस पार्टी की टूट का फायदा भाजपा को हुआ है। पार्टी पहली बार कई सीटें जीत कर सरकार बनाने के कगार पर है।

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ऑटो एक्सपो 2018: एक नजर, पहले दिन लॉन्च हुए वीइकल्स पर

ऑटो एक्सपो 2018: एक नजर, पहले दिन लॉन्च हुए वीइकल्स पर

आॅटो एक्सपो 2018: एक नजर, पहले दिन लॉन्च हुए वीइकल्स पर

ऑटो एक्सपो 2018 ग्रेटर नोएडा में 7 फरवरी से शुरू हो गया। पहले दिन कई वाहन लॉन्च किए गए। एक नजर में जानें पहले दिन के महत्वपूर्ण लॉन्चेज के बारे में…

मारुति ने दिखाया ऐसी होगी नई मिनी एसयूवी

मारुति ने दिखाया ऐसी होगी नई मिनी एसयूवी

मारुति सुजुकी ने अपनी ‘कॉन्सेप्ट फ्यूचर S’ का वर्ल्ड प्रीमियर किया। बेहद बोल्ड डिजाइन के साथ पेश की गई इस कार के इंटीरियर्स भी काफी फ्यूचरिस्टिक हैं। कंपनी ने कार के डिजाइन पर काफी काम किया है। कंपनी के सीईओ केनिचि अयुकावा ने कहा कि कॉम्पैक्ट स्पोर्ट्स यूटिलिटी वीकल भारतीय कार कस्टमर की नेचुरल चॉइस हैं। कंपनी ने कार को एसयूवी लुक देने की कोशिश की है।

टोयोटा ने उतारी यारिस सिडैन

टोयोटा ने उतारी यारिस सिडैन

टोयोटा ने इंडिया में अपनी नई मिड लेवल सिडैन कार ‘यारिस’ को पेश किया है। इस कार की कीमत का अभी खुलासा नहीं किया गया है लेकिन यह माना जा रहा है कि यह होंडा सिटी और मारुति सुजुकी सियाज के सेगमेंट में आ रही है। यानी इसकी अलग-अलग वैरियंट्स की कीमत 8 से 12 लाख रुपये के बीच में रहेगी। कंपनी का दावा है कि इस कार में 12 ऐसे फीचर्स हैं जो इस सेगमेंट की दूसरी कारों में नहीं हैं। सेफ्टी के लिए इसमें 7 एयरबैग्स दिए हैं। रेगुलर सेफ्टी और कंफर्ट फीचर्स के अलावा इसमें टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, रूफ माउंटेड रियर एयर वेंट्स, फ्रंट पार्किंग सेंसर्स, इलेक्ट्रिक ड्राइवर सीट, ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन विद पैडल शिफ्ट सिस्टम जैसे ढेरों फीचर्स दिए गए हैं। यह गाड़ी दुनिया के 120 देशों में टोयोटा बेच रही है।

‘किआ’ की 16 गाड़ियां

'किआ' की 16 गाड़ियां

ह्यूंदै की सिस्टर कंपनी किआ मोटर कॉरपोरेशन ने अपने 16 मॉडल्स को सामने रखा। 2019 में इनमें से कुछ मॉडल्स इंडियन मार्केट में लॉन्च किए जाएंगे। खासतौर पर इंडियन मार्केट के लिए डिजाइन किया गया SP कॉन्सेप्ट भी शोकेस किया गया।
  

यामाहा की नई बाइक

यामाहा की नई बाइक

प्राइस : 1.25 लाख रुपए

Yamaha ने YZF-R15 वर्जन 3.0 को भारत में लॉन्च किया। लैटेस्ट वर्जन की कीमत 1.25 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) रखी गई है। नई YZF-R15 की सबसे बड़ी खूबी इसका इंजन है। इसमें नया फ्यूल इंजेक्शन के साथ 155.1cc सिंगल-सिलिंडर लिक्विड-कूल्ड फोर-स्ट्रोक SOHC इंजन दिया गया है।

होंडा की नई अमेज, जल्द आएगी इंडिया में

होंडा की नई अमेज, जल्द आएगी इंडिया में

होंडा कार्स इंडिया ने अपनी कॉम्पैक्ट सिडैन नेक्स्ट जेनरेशन होंडा अमेज का वर्ल्ड प्रीमियर किया। यह कार अगले फाइनैंशियल ईयर में लॉन्च होगी। सेकंड जेनरेशन होंडा अमेज का एक्सटीरियर काफी स्टाइलिश है। इसके अलावा कंपनी ने 5वीं जेनरेशन की होंडा सीआर-वी और टेंथ जेनरेशन की होंडा सिविक को भी अन्वेल किया। दोनों ही मॉडल 2018-19 में लॉन्च होंगे। नई सीआरवी की खास बात यह है कि इसमें इस बार 7 सीटों का ऑप्शन मिलेगा और पेट्रोल के अलावा इस बार इसमें डीजल इंजन भी मिलेगा।

मर्सेडीज का इलेक्ट्रिक मॉडल कॉन्सेप्ट

मर्सेडीज का इलेक्ट्रिक मॉडल कॉन्सेप्ट

मर्सेडीज के सुपरलग्जरी ब्रैंड मेबैक की कारों की कीमतें भी 4 से 5 करोड़ रुपये से शुरू होती हैं लेकिन अब कंपनी ने कुछ कम कीमत में मेबैक ब्रैंड की कारें लॉन्च की हैं। बुधवार को एक्सपो में मर्सेडीज ने 2.73 करोड़ रुपये की कीमत में मेबैक एस 650 और 1.94 करोड़ रुपये की कीमत में मेबैक एस 560 को लॉन्च किया। इसके अलावा कंपनी ने ई-क्लास का ऑल टैरेन मॉडल पेश किया। कॉन्सेप्ट EQ के माध्यम से कंपनी ने यह दिखाने की कोशिश की कि इलेक्ट्रिक कारें न सिर्फ स्पोर्ट कारों की तरह तेज हो सकती हैं बल्कि एसयूवी की तरह दमदार भी हो सकती हैं।

आ गई नई एलीट आई20

आ गई नई एलीट आई20

ह्यूंदै की नई एलीट आई20 भी फेस की गई। इसकी खूबी 17.77 सेमी. का टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम और ऑडियो —विडियो नैविगेशन है। कार ड्यूल टोर एक्सटीरियर कलर ऑप्शन के साथ आती है। इसमें 6 एयरबैग्स दिए गए हैं। यह डीजल—पेट्रोल, दोनों वर्जनों में आएगी। कार का लुक स्पॉर्टी है। कार में सिंगल क्लिक के जरिए उसकी हेल्थ मिनिस्ट्री, ड्राइविंग हिस्ट्री पता कर सकते हैं। कंपनी ने इलेक्ट्रिक वीकल ‘इवोनिक’ ने भी अट्रैक्ट किया। कंपनी ने इसे शोकेस किया है। यह दुनिया की पहली कार है, जो कि 3 इलेक्ट्रिकफाइड वर्जन के साथ तैयार की गई है। ये हैं- हाइब्रिड, प्लग—इन हाइब्रिड और ऑल इलेक्ट्रिक।

बीएमडब्ल्यू की 6 सीरीज जीटी कार

बीएमडब्ल्यू की 6 सीरीज जीटी कार

जर्मन कार लग्जरी कार कंपनी ने भी ऑटो एक्सपो में 6 सीरीज जीटी को लॉन्च किया। इस कार की शुरुआती कीमत 58.9 लाख रुपए है। यह एक्स शोरूम कीमत है। यह बीएमडब्ल्यू की पहली कार है जिसमें बीएस6 नॉर्म्स वाला इंजन लगा है। बता दें कि बीएस6 नॉर्म्स इंडिया में 2020 में लागू होने हैं। इस गाड़ी में 2 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन लगा है जो कि 258 बीएचपी का पावर और 400 न्यूटन मीटर टॉर्क जेनरेट करता है। इसके अलावा बीएमडब्ल्यू की दो बाइक्स भी लॉन्च की गईं। एफ750 जीएस की कीमत 12.2 लाख रुपए और एफ 850 जीएस की कीमत 13.7 लाख रुपए रखी गई।

टीवीएस मोटर्स का नया कॉन्सेप्ट स्कूटर

टीवीएस मोटर्स का नया कॉन्सेप्ट स्कूटर

TVS मोटर्स ने नया कॉन्सेप्ट स्कूटर शोकेस किया है। यह स्कूटर एक परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट स्कूटर होगा और इसका नाम TVS क्रेऑन रखा गया है। कंपनी की मानें तो क्रेऑन एक इलेक्ट्रिक स्कूटर है, बल्कि पर्यावरण के लिए बिल्कुल नुकसानदायक नहीं है। क्रेऑन को नेक्स्ट जनरेशन का इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाया है। स्पीड के मुकाबले में क्रेऑन महज 5.1 सेकंड में 0-60 किमी/घंटा की स्पीड पकड़ लेता है। इसे एक बार फुल चार्ज करने के बाद 80 किमी तक चलाया जा सकता है और सिर्फ 60 मिनट में ही यह फुल चार्ज हो जाता है। कंपनी ने इस स्कूटर को बेहतर डिजाइन और स्पोर्टी स्टाइल में शोकेस किया है जो ऑटो एक्सपो 2018 के पहले दिन का शो स्टॉपर रहा।

कंपनी जल्द ही बाजार में अपना एक इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करेगी जो TVS क्रेऑन पर आधारित होगा। जैसा TVS के इस स्कूटर का कॉन्सेप्ट मॉडल दिख रहा है, ऐसे में माना जा सकता है कि कंपनी इस ई-स्कूटर का प्रोडक्शन मॉडल भी काफी बेहतर बनाएगी।

ऑटो एक्सपो 2018: Hyundai आई-20 एलीट का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च

ऑटो एक्सपो 2018: Hyundai आई-20 एलीट का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च

ह्यूंदै मोटर कंपनी ने बुधवार को ऑटो एक्सपो 2018 के पहले दिन अपनी पॉप्युलर प्रीमियम हैचबैक, आई20 का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। इसकी कीमत, फीचर्स आदि की जानकारी:

पेट्रोल वेरियंट की कीमत

पेट्रोल वेरियंट की कीमत

ह्यूंदै ने आई20 के नए पेट्रोल वेरियंट की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 5.35 लाख रुपए और टॉप मॉडल की कीमत 7.91 लाख रुपए रखी है।

डीजल वेरियंट की कीमत

डीजल वेरियंट की कीमत

डीजल वेरियंट की बात करें तो शुरुआती कीमत 6.73 लाख रुपए से है और यह 9.16 लाख रुपए तक जाती है।
  

हेडलैम्प्स को पतला किया गया है

हेडलैम्प्स को पतला किया गया है

आई20 के फेसलिफ्ट मॉडल में ह्यूंदै ने फ्रंट ग्रिल में बदलाव किया है। काले रंग के नए ग्रिल से इसका आकर्षण बढ़ गया है। हेडलैम्प्स को पतला किया गया है जो कि इसके लुक को अट्रैक्टिव बनाते हैं।

इंटीग्रेटेड एलईडी डेटाइम रनिंग लाइट्स

इंटीग्रेटेड एलईडी डेटाइम रनिंग लाइट्स

कंपनी ने इसमें प्रॉजेक्टर हेडलैम्प्स देने के साथ ही इंटीग्रेटेड एलईडी डेटाइम रनिंग लाइट्स और नई डिजाइन वाले फॉग लैम्प्स दिए हैं।

इसके दरवाजों का डिजाइन नया है

इसके दरवाजों का डिजाइन नया है

इसके दरवाजों का डिजाइन नया है और इसके नए अलॉय वील्ज इसे मस्क्युलर लुक देते हैं। रियर लुक की बात करें तो नए आई20 मॉडल में फ्रेश टेल लैम्प क्लस्टर दिया गया है।

ह्यूंदै ने लग्जरी को बढ़ाया है। कार

ह्यूंदै ने लग्जरी को बढ़ाया है। कार

नए मॉडल में ह्यूंदै ने लग्जरी को बढ़ाया है। कार के इंटीरियर में नया टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम है जो कि पहले वाले मॉडल के मुकाबले अधिक बड़ा है। यह सिस्टम ऐंड्रॉयड ऑटो और ऐपल कारप्ले को सपॉर्ट करता है।

इंजन

इंजन

नई Hyundai i20 एलीट में इंजन सेम है। इसमें अब भी 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन है जो कि 5 स्पीड मैन्युअल ट्रांसमिशन से लैस है। इसके अलावा 1.4 लीटर डीजल इंजन का भी ऑप्शन है जो कि 6 स्पीड मैन्युअल ट्रांसमिशन सिस्टम से लैस है। सेफ्टी के लिए इसमें 6 एयर बैग्स दिए गए हैं।

नए मॉडल की बुकिंग्स शुरू

नए मॉडल की बुकिंग्स शुरू

इस नए मॉडल की बुकिंग्स शुरू हो चुकी हैं। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला मारुति की बलेनो से होगा। बलेनो मारुति की हाई डिमांडिंग कार है। इसके लिए 18 से 19 महीनों का वेटिंग पीरियड चल रहा है।
  

ऑटो एक्सपो: होंडा अमेज का नया मॉडल पेश, मारुति डिजायर से मुकाबला!

आॅटो एक्सपो: होंडा अमेज का नया मॉडल पेश, मारुति डिजायर से मुकाबला!

ऑटो एक्सपो 2018 शुरू हो चुका है। इसमें होंडा कार्स इंडिया ने अपनी लो​कप्रिय कॉम्पैक्ट सिडैन अमेज का सेकेंड जेनरेशन मॉडल अनवील कर दिया है। भारत में इसका मुकाबला मारुति डिजायर और ह्यूंदै एक्सेंट से होगा। इसे अगले कुछ महीनों के भीतर लॉन्च कर दिया जाएगा। आइए, जानते हैं क्या कुछ खास है इस कार में…

नई होंडा अमेज की कीमत

नई होंडा अमेज की कीमत

नई होंडा अमेज की कीमत मौजूदा होंडा अमेज मॉडल जितनी ही रहने की उम्मीद है। यह 5.5 लाख रुपए की शुरुआती कीमत पर लॉन्च की जा सकती है।

सेकेंड जेनरेशन मॉडल नए प्लैटफॉर्म पर तैयार

सेकेंड जेनरेशन मॉडल नए प्लैटफॉर्म पर तैयार

होंडा अमेज का सेकेंड जेनरेशन मॉडल नए प्लैटफॉर्म पर तैयार है जो कि होंडा थाइलैंड ने तैयार किया है। इसके स्टाइल, लुक्स और ड्राइविंग परफॉर्मेंस पर होंडा ने मुख्य रूप से काम किया है।

होंडा सिविक से इंस्पिरेशन ली गई है

होंडा सिविक से इंस्पिरेशन ली गई है

स्टाइलिंग फ्रंट पर देखें तो नई होंडा अमेज बड़ी है। इसमें काफी हद तक होंडा सिविक से इंस्पिरेशन ली गई है। नई Amaze का प्रोफाइल कूपे लुक वाली रूफलाइन से लैस है। कार देखने में भी मौजूदा मॉडल के मुकाबल अधिक लंबी लगती है।

फ्रंट में क्रोम का इस्तेमाल और रियर में क्लासी लुक

फ्रंट में क्रोम का इस्तेमाल और रियर में क्लासी लुक

भारत में कॉम्पैक्ट सिडैन के डिजाइन्स की बात करें तो उस लिहाज से नई अमेज शानदार लगती है। फ्रंट में क्रोम का इस्तेमाल और रियर में क्लासी लुक इसको प्रीमियम फील देता है। भारत में बिकने वाली कॉम्पैक्ट सिडैन कारों के मुकाबले यह एकदम यूनीक और अलग दिखने वाली कार है।
  

होंडा अमेज सेकेंड जेनरेशन मॉडल का इंजन

होंडा अमेज सेकेंड जेनरेशन मॉडल का इंजन

होंडा अमेज के नए मॉडल में 1.2 लीटर i-VTEC यूनिट इंजन है जो कि 87 Bhp-110 Nm का आउटपुट देता है। यह इंजन 5 स्पीड मैन्युअल और सीवीट ऑटोमैटिक गियरबॉक्सेज से लैस है। डीजल इंजन का भी विकल्प दिया जा सकता है। इसमें 1.5 लीटर i-DTEC ऐल्युमिनियम डीजल इंजन होगा जो कि 98.6 Bhp-200 Nm का आउटपुट देगा। इसको भी 6 स्पीड मैन्युअल गियरबॉक्स से लैस किया जाएगगा। डीजल में ऑटोमैटिक का ऑप्शन नहीं होगा। ऑफिशल लॉन्च के बाद ही गाड़ी से जुड़े अन्य डीटेल्स सार्वजनिक होंगे।

होंडा ने इन कारों को भी किया पेश

होंडा ने इन कारों को भी किया पेश

होंडा ने ऑटो एक्सपो में इस बार नई अमेज के अलावा 5वीं जेनरेशन सीआर-वी और 10 जेनरेशन होंडा सिविक को भी पेश किया है। सीआर-वी का डीजल मॉडल पेश हुआ है। होंडा इन दोनों कारों को भी मौजूदा साल में ही लॉन्च करेगी। होंडा सिविक का नया मॉडल स्पॉर्टी है। इसमें स्टाइलस एलईडी हेडलैम्प्स, स्पॉर्टी अलॉय वील्ज, एलईडी टेललैम्प्स हैं। इसका पहला मॉडल 2006 में लॉन्च किया गया था। 2013 में इसको बंद कर दिया गया था। अब फिर से होंडा ने इसका नया मॉडल पेश किया है।
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शराब पीने के बाद लोग अंग्रेज़ी क्यों बोलते हैं?

गैर-अंग्रेजीभाषियों के साथ आपने अक्सर ऐसा महसूस किया होगा?

अगर आप किसी दूसरी भाषा में बोलने की कोशिश करते हैं तो कई बार आपके साथ ऐसा हुआ होगा. सही शब्द आपको मुश्किल से मिलेंगे और उनका ठीक से उच्चारण करना भी चुनौती जैसा लगेगा.

लेकिन अगर आप थोड़ी सी शराब पी लें तो उस दूसरी भाषा के शब्द अपने आप मुंह से धारा प्रवाह निकलेंगे. लफ्जों की तलाश खत्म हो जाएगी और आपकी बातें लच्छेदार लगने लगेंगी. मानो ये जुबान आपकी अपनी हो.

सांकेतिक तस्वीरइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

सामाजिक व्यवहार

ये शराब को लेकर कोई अंदाज़े की बात नहीं है. बल्कि इसे लेकर एक अध्ययन आया है. साइंस मैगज़ीन ‘जर्नल ऑफ़ साइकोफ़ार्माकोलॉजी’ में छपे एक अध्ययन के मुताबिक थोड़ी सी शराब किसी दूसरी भाषा में बोलने में मदद करती है.

ये भी सही है कि शराब हमारी याददाश्त और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर असर डालती है और इस लिहाज से ये एक बाधा है. लेकिन दूसरी तरफ ये हमारी हिचकिचाहट भी दूर करती है, हमारा आत्म-विश्वास बढ़ाती है और सामाजिक व्यवहार में संकोच कम करती है.

जब हम किसी दूसरे शख्स से मिलते हैं और बात करते हैं तो इन सब बातों का असर हमारी भाषाई क्षमता पर पड़ता है. इस विचार अब तक बिना किसी वैज्ञानिक आधार के ही स्वीकार किया जाता था.

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थोड़ा एल्कोहल

लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ लीवरपूल, ब्रिटेन के किंग्स कॉलेज और नीदरलैंड्स के यूनिवर्सिटी ऑफ़ मास्ट्रिच के शोधकर्ताओं ने इस विचार को टेस्ट किया. टेस्ट के लिए 50 जर्मन लोगों के एक समूह को चुना गया जिन्होंने हाल ही में डच भाषा सीखी थी.

कुछ लोगों को पीने के लिए ड्रिंक दिया गया जिनमें थोड़ा एल्कोहल था. लोगों के वजन के अनुपात में एल्कोहल की मात्रा दी गई थी. कुछ के ड्रिंक्स में एल्कोहल नहीं था. टेस्ट में भाग लेने वाले जर्मन लोगों को नीदरलैंड्स के लोगों से डच में बात करने के लिए कहा गया.

डच भाषियों को ये पता नहीं था कि किसने शराब पी रखी है और किसने नहीं. जांच में ये बात सामने आई कि जिन्होंने शराब पी रखी थी वे बेहतर उच्चारण के साथ बात कर रहे थे. शोधकर्ताओं ने ये साफ किया कि उन्हें ये नतीजे शराब की बहुत कम मात्रा में खुराक देने से मिले हैं.