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फेसबुक पर दिल लगा गायब हुई नाबालिग को मुंबई से रुड़की लेकर पहुंची पुलिस

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अपने प्रेमी से शादी करने घर से भागकर मुंबई पहुंची किशोरी को रुड़की पुलिस मंगलवार को ले आई। यहां पुलिस ने परिजनों को कोतवाली में बुलाकर नाबालिग के बयान दर्ज किए। साथ ही उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। नाबालिग के सकुशल घर पहुंचने पर पुलिस ने भी राहत की सांस ली।

सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की किशोरी की मुंबई के युवक से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। फेसबुक पर ही दोनों ने अपने मोबाइल नंबर एक-दूसरे को दिए और फिर बातचीत शुरू हो गई। इस बीच दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। युवक ने किशोरी को मुंबई में अपने घर का पूरा पता भी बताया। इस बीच वह अपने प्रेमी से शादी करने की जिद करने लगी। इस पर प्रेमी ने शादी करने से इंकार कर दिया। इस बात से नाराज होकर किशोरी घर पर बिना बताए प्रेमी से शादी करने के लिए मुंबई चली गई। परिजनों ने उसकी खोजबीन की, उसका पता नहीं लगने पर परिजनों ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस भी लगातार उसकी छानबीन कर रही थी। इस बीच करीब तीन दिन पूर्व रुड़की पुलिस के पास मुंबई पुलिस ने कॉल कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। साथ ही बताया कि वह मुंबई में नारी निकेतन में रह रही है। इंस्पेक्टर साधना त्यागी ने बताया कि पुलिस नाबालिग को मुंबई से रुड़की ले आई है और उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

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मानो या न मानो षड्यंत्र बहुत ही योजनाबद्ध है। #JusticeForAsifa #CBI4KathuaCase #CBI4Ashifa

मैं बार-बार बस यही सोच रहा हूँ, आसिफा की ये फोटो किसने और क्यूँ ली?

बड़ी और गौर करने वाली बात ये है कि फोटो खींचने वाले को कैसे पता था ये फोटो पूरे भारत में एक एजेंडा चलाने में काम आएगी क्यूंकि आसिफा की लाश भी इन्हीं कपड़ों में मिली थी। क्या आपने निर्भया रेप कांड की प्रताड़ित दामिनी(जिसकी पहचान भी अब तक किसी को नहीं पता) की तस्वीर कभी देखी, तो सोचिये सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन्स के उलट एक रेप प्रताड़ित की तस्वीर वायरल होना भी एक बहुत बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रही है।

प्रारम्भिक जाँच के बाद लिखी गयी FIR में सिर्फ हत्या का केस दर्ज हुआ था और वारदात की जगह भी लकड़ी का गोदाम था। फिर जाँच राज्य की क्राइम ब्रांच के पास आते ही यह केस ऐसे पलटा की अब इसके सहारे कुछ नेतागण अपनी बिखर चुकी राजनीति पलटने की कोशिश कर रहे हैं!

कौन हैं आखिर वो लोग?? मानो या न मानो षड्यंत्र बहुत ही योजनाबद्ध है।

जहाँ एक तरफ आरोपियों के बार बार बोलने पर भी जम्मू कश्मीर क्राइम ब्रांच उनका नार्को टेस्ट नहीं करवा रही और बस आरोप थोप के कबूल करने के लिए प्रताड़ित कर रही है, यह बेहद ही संघीन है।

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती का CBI जाँच की मंजूरी अब तक न देना उनके कर्तव्य-परायण पर भी संदेह उत्पन्न करता है।

भारतीय राजनीतिज्ञों का स्तर भी अब इतना गिर चुका है कि बस रोटियां सिंकनी चाहिए, फिर चाहें वो छोटे बच्चों के रेप और मौत करने के बाद उनकी लाशों पर ही क्यों न सेंकनी पड़े!

आइये आपको ABP News का एक विश्लेषण दिखाएं जिसमे उस मंदिर के बारे में रची गयी मनगढ़ंत बातें बिलकुल साफ हो जाएँगी।

इस मुहीम को आगे बढ़ाएं और निष्पक्ष जाँच की मांग करें। #JusticeForAsifa #CBI4KathuaCase #CBI4Ashifa

(लेख: संपादकीय)