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थानेदार के 14 साल के लड़के ने बनाए ये 3 एप, गूगल ने बताया शानदार, कमाई कर दी गरीबों को दान

14 वर्ष का आर्यन राज नौवीं कक्षा का छात्र है। आर्यन मार्च-अप्रैल में स्कूल की छुट्टी के समय तीन एप मोबाइल शॉर्ट कट, कम्प्यूटर शॉर्ट कट और वाट्सएप क्लीनर लाइट तैयार किया। तीनों एप को गूगल प्ले स्टोर पर अपलोड करने के लिए भेज दिया। उसके बाद वह अपनी पढ़ाई में व्यस्त हो गया। उधर, गूगल ने उसके तीनों एप की जांच की। रिसर्च किया। पाया गया कि अच्छे और कारगर एप हैं। गूगल ने तीनों एप को अप्रैल में अपने प्ले स्टोर में अपलोड कर दिया है। एक माह में प्ले स्टोर से आर्यन के एप को दस हजार लोगों ने डाउनलोड किया है।

क्या खासियत है एप की

– मोबाइल और कंप्यूटर शॉर्टकट एप : ये दोनों एप इंटरनेट के माध्यम से किसी तरह के मॉलवेयर और वायरस का प्रवेश रोकता है।

– वाट्सएप क्लीनर लाइट एप : यह वाट्सएप के बैकग्राउंड का रंग बदल देता है। साथ ही फोटो और वीडियो के माध्यम से किसी प्रकार के वायरस का प्रवेश रोकता है।

कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहता है पटना के थानेदार का बेटा

पत्रकार नगर थानाध्यक्ष संजीत सिन्हा का बेटा है आर्यन राज। कक्षा दो से ही वह कंप्यूटर फ्रेंडली हो गया। वह सेंट माइकल दीघा में नौंवी का छात्र है। संजीत सिन्हा कहते हैं कि बेटा इंजीनियर बनना चाहता है। पूर्व में आर्यन ने बिहार पुलिस को लेकर एक एक एप बनाया था, जो सफल नहीं हो सका।

एप बनाने से भी एक बड़ा काम आर्यन ने किया है। उसने पुरस्कार की राशि स्वीकार करने से मना कर दिया। गूगल को बैंक अकाउंट नंबर न देकर यह आग्रह किया है कि इस राशि को उन बच्चों की शिक्षा पर खर्च किया जाए, जो अभाव की वजह से पढ़ाई नहीं पूरी कर पा रहे। पटना के एक थानेदार के बेटे की मेधा और बड़प्पन की खूब चर्चा हो रही।

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Facebook डेटा लीक : JDU के सवाल पर केसी त्यागी की सफाई, कंपनी से कोई लेना-देना नहीं

कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा कई देशों में चुनाव के दौरान फेसबुक के जरिए डाटा चोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. आरोप है कि इस कंपनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के लिए माहौल बनाने के लिए फेसबुक के 5 करोड़ लोगों के डाटा चुराए थे. अब इस मामले की लपटें भारत में भी पहुंच चुकी हैं और देश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है.

भारत से जुड़े हैं तार
कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी से एक भारतीय कंपनी एससीएल इंडिया जुड़ी हुई है. इस कंपनी के मालिक जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी हैं. इस तरह जनता दल (यू) समेत कई राजनीति दलों के इस मामले में शामिल होने के आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं. बताया जा रहा है कि भारत होने वाले चुनावों में भी इस कंपनी की मदद से लोगों के डाटा का इस्तेमाल किया जा रहा है.

केसी त्यागी ने दी सफाई
जेडीयू ने इस मामले में केसी त्यागी से सफाई मांगी है. केसी त्यागी ने उनके बेटे की कंपनी और कैंब्रिज एनालिटिका के बीच केवल कारोबारी रिश्ते हैं. दोनों कंपनियों के बीच किसी तरह का आर्थिक व्यवहार नहीं है. और पूरा मामला एक खुली किताब की तरह है. उन्होंने कहा कि 2010 में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में कंपनी कंपनी ने किसी तरह का कोई सहयोग नहीं दिया था.

There was only a work relation between my son Amrish’s company and #CambridgeAnalytics , there is no financial transaction or shareholding, everything is open to probe. JDU also has no links with this,neither did they promote us in 2010 polls: KC Tyagi,JDU

JDU has no relation with #CambridgeAnalytics , neither has its CEO ever met Nitish ji nor me. In any case JDU is a Socialist outfit and we stay away from such things, except for maybe Prashant Kishore ji helping us during last assembly polls: KC Tyagi,JDU

Twitter पर छबि देखें

केसी त्यागी ने साफ कहा कि कंपनी से उनके बेटे का कारोबारी संबंध तो है, लेकिन जेडीयू का पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने यहां तक कहा कि कैंब्रिज कंपनी के सीईओ या अन्य अधिकारी ने उनसे या नीतीश कुमार से कभी कोई मुलाकात भी नहीं की है.

आरोप-प्रत्यारोप
डाटा चोरी मामले में बीजेपी और कांग्रेस एकदूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की है. उधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी इस मामले को बीच में लाकर मोसुल में हुए 39 भारतीयों की हत्या के मामले को दबाने की कोशिश कर रही है.

RJD ने भी किया पलवटवार
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इस मामले में बीजेपी को घसीटते हुए कहा कि चूंकि भाजपा की लोकप्रियता फेसबुक पर कम हो रही है, वे फेसबुक के मालिक को चुनौती दे रहे हैं कि उन्हें बुलाया जा सकता है. सरकार को हमें यह बताना चाहिए कि अगर उनके पास शक्तियां हैं तो वे नीरव मोदी, ललित मोदी और विजय माल्या को क्यों नहीं बुला सकती?

तेजस्वी ने कहा कि इस कंपनी के ग्राहकों की सूची में बीजेपी का नाम शामिल है और कंपनी को जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी के बेटे द्वारा चलाया जा रहा है. और केसी त्यागी कह रहे हैं कि उन्हें कुछ नहीं पता, यह भला कैसे संभव हैं?

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सीबीआइ की एक छापेमारी पड़ी भारी, लपेटे में आए कार्ति चिदंबरम

सियासी लोगों की पोशाक अक्सर सफेद होती है ये दिखाने के लिए वो दिल और दिमाग दोनों से पाकसाफ हैे। उनके लिए जनता की सेवा करना ही महान लक्ष्य है। लेकिन उन पोशाकों पर आरोपों के छीटें पड़ते ही रहते हैं। वो उस कमीज को दागदार करते हैं, तो कमीज बेदाग भी बनी रहती है। आइएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब वो विदेश से स्वदेश वापस लौट रहे थे। कार्ति की गिरफ्तारी किसी एक सामान्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं है बल्कि इसमें सियासत भी जुड़ी हुई है।

2014 के आम चुनाव से पहले और प्रचार के दौरान भाजपा नेता कहा करते थे कि कांग्रेस का मतलब अब भ्रष्टाचार है ऐसी कोई जगह नहीं है जहां भ्रष्टाचार की गंगा न बह रही हो। चुनावी सभाओं में पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी कहा करते थे कि अगर उनकी सरकार बनी तो एक एक गुनहगार जेल के अंदर होंगे। सरकार के चार साल बीत जाने के बाद लोग पूछते हैं कि आखिर मौजूदा सरकार क्यों नहीं कुछ कर पा रही है। इस सवाल के जवाब में भाजपा की तरफ से ये तर्क दिया जाता रहा है कि राजनीतिक विद्वेष की भावना से वो काम करने में यकीन नहीं रखते हैं। जिस किसी आरोपी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध होंगे तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी की अलग अलग ढंग से व्याख्या हो सकती है लेकिन ये तो साफ है कि कांग्रेस बैकफुट पर आ चुकी है। आगे हम बताएंगे कि भ्रष्टाचार के कुछ मामलों के सामने आने के बाद कांग्रेस बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरती लेकिन क्या ये दिलचस्प नहीं है कि हमलावर कांग्रेस के सामने अब रक्षात्मक उपाय अपनाने के अलावा और कोई दूसरा चारा नहीं है।

चेन्नई में हुई कार्ति की गिरफ्तारी

आइएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिग केस में ईडी ने कार्ति चिदंबरम को चेन्नई से गिरफ्तार किया। सीबीआइ का कहना है कि जांच प्रक्रिया में वो सहयोग नहीं कर रहे हैं। इससे पहले एस भास्कर रमन कार्ति का सीए था जिसे सीबीआइ ने कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया था। विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड एफआइपीबी ने आइएनएक्स मीडिया को वर्ष 2007 में विदेशी पूंजी जुटाने की अनुमति दी थी। इस मामले में कार्ति का नाम सामने आया। कार्ति चिदंबरम, कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बेटे हैं जो उस समय वित्त मंत्री थे। ईडी ने दावा किया था कि सीए भास्कर रमन ने गलत तरीके के अर्जित संपत्ति के प्रबंधन में कार्ति की मदद की थी।

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत कार्ति और कई दूसरे आरोपियों पर पिछले साल मई में केस दर्ज किया गया था। कार्ति पर आरोप है अपने पिता के वित्त मंत्री रहते वक्त उन्होंने आइएनएक्स मीडिया को एफआइपीबी की मंजूरी दिलाने के एवज में 3.5 करोड़ की घूस ली थी। दरअसल ये मामला आसानी से नहीं खुला होता अगर शीना बोरा हत्याकांड में सीबीआइ ने पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी के घर में छापेमारी न की होती। सीबीआइ की छापेमारी में कुछ अहम दस्तावेज बरामद हुए जिससे पता चला कि एफआइपीबी को धता बता कर कार्ति ने फायदा उठाया था।

घोटालों के घेरे में कार्ति
-कार्ति चिदंबरम को 45 करोड़ रुपए के फॉरेन एक्सनचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) उल्लंघन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी आरोपी बना चुका है।

-कार्ति पर वासन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से कथित तौर पर जुड़ने का मामला है।
-इस कंपनी से जुड़े विदेशी निवेशकों से कई अलग नामों से करीब 2100 करोड़ रुपए और इसके साथ ही 162 करोड़ रुपए अलग से भी लिए गए।
– आरोपों के मुताबिक इस लेन-देन में कार्ति चिदंबरम की कंपनी मैसर्स एडवांटेज स्ट्रैटजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल थी। इस कंपनी को इसमें करीब 45 करोड़ रुपए मिले थे।
-कार्ति पर एयरसेल-मैक्सिस डील में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप।
-कार्ति की कंपनी मैसर्स एडवांटेज स्ट्रेटजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड जांच के घेरे में
– पी. चिदंबरम के वित्त मंत्री रहते हुए कई गैर कानूनी क्लीरियेंस दिलाने का आरोप।

मामले में पहली बार कार्ति का नाम सुब्रमण्यम स्वामी ने उछाला। साल 2015 में तत्कालीन जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यन स्वामी ने कार्ति चिदंबरम की विभिन्न कंपनियों के बीच वित्तीय लेनदेन का खुलासा किया। स्वामी ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहते पी. चिदंबरम ने बेटे कार्ति को एयरसेल-मैक्सिस मर्जर से लाभ उठाने में मदद की। इसके लिए उन्होंने दस्तावेजों को जानबूझकर रोका और अधिग्रहण प्रक्रिया को नियंत्रित किया ताकि उनके बेटे को अपनी कंपनियों के शेयर की कीमत बढ़ाने की दिशा में कारोबारी कदम उठाने का वक्त मिल जाए।

कौन हैं कार्ति चिदंबरम ? 

तमिलनाडु के शिवगंगा में 16 नवंबर 1971 को जन्मे कार्ति चिदंबरम कांग्रेस के नेता और व्यापारी हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्सास और कैंब्रिज से उन्होंने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और लॉ की पढ़ाई की है। वह तामिलनाडु टेनिस एसोसिएशन के वाइस प्रेसीडेंट रहे हैं। भरतनाट्यम नृत्यांगना श्रीनिधि रंगराजन से उनकी शादी हुई है।

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तेजप्रताप ने भूतों के डर से छोड़ा बंगला, सुशील मोदी बोले- वे लोग खुद भूत हैं

राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े पुत्र एवं पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने सरकारी बंगले को खाली कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस बंगले में भूत छोड़ दिया है। इसलिए यहां रहना अब ठीक नहीं है। तेज प्रताप के बयान पर पलटवार करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि जो लोग खुद भूत हैं, वे भूत की बात करते हैं।

दरअसल, राज्य की महागठबंधन सरकार में तेजप्रताप जब स्वास्थ्य मंत्री थे तो उन्हें देशरत्न मार्ग स्थित तीन नंबर का बंगला आवंटित किया गया था। वास्तुविदों और ज्योतिषियों की सलाह पर उन्होंने उक्त बंगले में कई बदलाव भी किए थे। जुलाई में महागठबंधन में बिखराव के बाद राज्य सरकार ने सभी पूर्व मंत्रियों को सरकारी बंगले खाली करने का नोटिस जारी किया था। फिर भी कई पूर्व मंत्रियों ने अभी तक बंगला खाली नहीं किया है।

तेजप्रताप ने कहा कि उन्हें सरकारी भीख की जरूरत नहीं है। उनके पास पहले से ही 10 सर्कुलर रोड का बंगला है, जो उनकी मां राबड़ी देवी के नाम से आवंटित है।

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जिया खान केस में आरोप तय होने के बाद सलमान के इस ‘हीरो’ का फिल्मी भविष्य खतरे में

मुंबई के सत्र न्यायालय ने जिया खान आत्महत्या मामले में आरोपी अभिनेता सूरज पंचोली के ख़िलाफ़ आरोप तय कर दिए हैं। और इस कारण हिंदी फिल्मों में बतौर हीरो लॉन्च हुए सूरज का फिल्मी करियर अब खतरे में नज़र आ रहा है।

मंगलवार को मुंबई की एक अदालत ने सूरज के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत आरोप तय कर दिया और अब इस मामले में गवाहों की तफ़तीश 14 फरवरी से शुरू होगी। सूरज ने अदालत में ख़ुद को निर्दोष बताया है। अमिताभ बच्चन के साथ निशब्द सहित कई फिल्मों में काम कर चुकी जिया खान साल 2013 में तीन जून को अपने घर पर मृत पाई गई थीं। उन्होंने गले में फ़ांस लगा कर ख़ुदकुशी की थी लेकिन उनकी माँ ने अदालत में जिया के ख़ास दोस्त सूरज पंचोली के ख़िलाफ़ केस दर्ज़ करते हुए आरोप लगाया कि जिया सूरज के साथ पिछले दो दिन से रह रही थी और उसी दिन अपने घर वापस आई थी जिसके बाद उसने ये कदम उठाया। उसने सूरज की वजह से मौत को गले लगाया है। उसी साल अक्टूबर में जिया खान ने मुंबई हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सीबीआई जांच की मांग करते हुए दावा किया कि उनकी बेटी की ह्त्या की गई है।

अभी हाल ही में जिया ख़ान की मां राबिया ख़ान की याचिका पर सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने सूरज के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाने के लिए निचली अदालत को निर्देश दिए थे। अपनी जांच के दौरान सीबीआई ने भी बताया कि सूरज ने पूछताछ में तथ्यों को छिपाया और मनगढ़ंत जानकारी दी। केस की जांच के दौरान सूरज ने ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाने से भी मना कर दिया था।

अब सवाल उठता है कि सूरज पंचोली के फिल्मी करियर का क्या होगा? आदित्य पंचोली और ज़रीना वहाब के बेटे सूरज ने साल 2015 में फिल्म हीरो से बॉलीवुड में एंट्री ली थी। ये सलमान खान प्रोडक्शन की फिल्म थी और इस फिल्म में उन्होंने सूरज के साथ सुनील शेट्टी की बेटी अतिया को भी लांच किया था। सूरज की अब तक वो पहली और आख़िरी फिल्म है क्योंकि उसके बाद से उनके नेक्स्ट प्रोजेक्ट को लेकर कई तरह की ख़बरें आई लेकिन कुछ फाइनल नहीं हुआ। अभी हाल ही में एक अवॉर्ड शो में आये सूरज ने बताया था कि उनकी अगली फिल्म की शूटिंग 20 से 25 दिनों में शुरू हो रही है। ये फिल्म भी प्रेम कहानी है। जिसमें अधिक एक्शन भी होगा। बताया जाता है कि ये फिल्म रेमो डिसूज़ा निर्देशित करने वाले हैं, जिसमें अजय देवगन भी होंगे लेकिन इस फिल्म का क्या हुआ कुछ पता नहीं क्योंकि रेमो इन दिनों सलमान खान की रेस 3 को डायरेक्ट कर रहे हैं।

पिछले साल जून में सूरज ने ट्विट कर बताया था कि वो प्रभुदेवा की फिल्म में काम करने जा रहे हैं, हालांकि उसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं है क्योंकि प्रभुदेवा कुछ महीनों बाद सलमान खान के साथ दबंग 3 को डायरेक्ट करेंगे। ऐसे में माना जा सकता है कि इस केस के चलते सूरज के फिल्मी भविष्य पर अभी संकट के बादल हैं।

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हिजबुल के सरगना सैयद सलाहुद्दीन के बेटे को NIA ने टेरर फंडिंग केस में अरेस्ट किया

कश्मीर में कई आतंकी घटनाओं के लिए जिम्मेदार हिजबुल मुजाहिदीन के चीफ सैयद सलाहुद्दीन के बेटे सैयद शाहिद यूसुफ को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को अरेस्ट कर लिया। यूसुफ की गिरफ्तारी 2011 के टेरर फंडिंग केस में हुई है। यूसुफ जम्मू-कश्मीर सरकार के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में काम करता है। उसे पहले हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा, NIA आतंकी गतिविधियों के लिए हवाला चैनल के जरिए टेरर फंडिंग से जुड़े दूसरे कई मामलों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी ने अब तक इन केस में करीब 7 से ज्यादा अलगाववादी नेताओं को अरेस्ट किया है।
क्या आरोप हैं सैयद शाहिद यूसुफ पर…
– सलाहुद्दीन के आदेश पर सीरिया में मौजूद गुलाम मोहम्मद बट नाम के संदिग्ध ने यूसुफ को कुछ पैसे भेजे थे। यह पैसा 2011 से 2014 के बीच भेजा गया। यह पैसा कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ था।
– एनआईए के एक अफसर ने न्यूज एजेंसी को बताया- “इस बात के भी सबूत हैं कि सऊदी अरब से भी पैसे भेजे गए। हमारे पास पैसा ट्रांसफर किए जाने के डॉक्यूमेंट्स और कॉल रिकॉर्ड भी हैं। इन पुख्ता सबूतों के आधार पर ही हमने युसूफ को अरेस्ट करने का फैसला लिया।”

कौन-कौन है सलाहुद्दीन के परिवार में ?

– सैयद सलाहुद्दीन के 4 बेटे और 2 बेटियां हैं। 4 बेटे और एक बेटी सरकारी नौकरी में हैं। फरवरी में पम्पोर में हुए लश्कर के एक आतंकी हमले में सेना ने सलाउद्दीन के 31 साल के बेटे सैयद मुईद को भी बचाया था।
– सलाहुद्दीन का बेटा वाहिद यूसुफ शेर-ए-कश्मीर हॉस्पिटल में डॉक्टर है। दूसरा भाई शकील अहमद मेडिकल असिस्टेंट है। जावेद यूसुफ एजुकेशन ऑफिस में कम्प्यूटर ऑपरेटर है। शाहिद यूसुफ एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में है।
– आतंकी सरगना की एक बेटी सरकारी टीचर है। दूसरी बेटी आर्ट की टीचर है। 71 साल का सलाउद्दीन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में रहता है। हिजबुल के अलावा वह यूनाइटेड जिहाद काउंसिल भी चलाता है। पठानकोट एयरबेस स्टेशन पर हमले की जिम्मेदारी यूनाइडेट जिहाद काउंसिल ने ली थी।

कश्मीर में इलेक्शन लड़ चुका है सैयद सलाहुद्दीन

– सलाहुद्दीन ने यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर से पॉलिटकल साइंस की पढ़ाई की और इसी दौरान वो जमीयत-ए-इस्लामी के संपर्क में आया। यूनिवर्सिटी में रहने के दौरान ही सलाहुद्दीन ने पाकिस्तान के सपोर्ट की बात शुरू कर दी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वो मदरसे में टीचर बन गया। सलाहुद्दीन ने 1987 में श्रीनगर की अमीराकदाल विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा, लेकिन हार गया। 1989 में अपनी गिरफ्तारी और रिहाई के दौरान हुई हिंसा और प्रदर्शनों के बाद उसने हिजबुल मुजाहिद्दीन ज्वाइन किया।

टेरर फंडिंग में एनआईए ने कार्रवाई कब से शुरू की?

– एक न्यूज चैनल ने 16 मई को एक स्टिंग ऑपरेशन ब्रॉडकास्ट किया था। जिसमें कश्मीर के अलगाववादियों को पाकिस्तान के आतंकी गुटों से पैसे मिलने की बात का खुलासा हुआ था। इसके बाद 19 मई को एनआईए ने इन अलगाववादी नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था और प्रिलिमिनरी इन्क्वायरी शुरू की थी। हुर्रियत नेता नईम खान को स्टिंग ऑपरेशन में लश्कर से पैसे लेने की बात कबूल करते दिखाया गया था। खान रिपोर्टर से यह कहते नजर आए थे कि पाकिस्तान से आने वाला पैसा सैकड़ों करोड़ से ज्यादा है, लेकिन हम और ज्यादा की उम्मीद करते हैं। हालांकि बाद में खान ने स्टिंग को फर्जी करार दिया था।
– एनआईए की तरफ से कार्रवाई शुरू होने के बाद हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने नईम खान को सस्पेंड कर दिया था।

क्या हैं आरोप?

– अलगाववादी नेताओं पर आरोप है कि इन्हें कश्मीर में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, स्कूलों और अन्य सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाने के लिए लश्कर चीफ हाफिज सईद से पैसा मिलता है। घाटी में सिक्युरिटी फोर्सेस पर पत्थर बरसाने के लिए हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और पाक खुफिया एजेंसी ISI दोनों से फंडिंग होती है।

एनआईए ने कब-कब छापे डाले

– एनआईए ने इस मामले में सबसे पहले 3 जून को देश में 24 जगहों पर छापे मारे थे। कश्मीर में 14, दिल्ली में 8 और हरियाणा के सोनीपत में 2 जगहों पर छापे मारे गए थे। इस दौरान अलगाववादी नेताओं के घरों, ऑफिस और उनके कमर्शियल ठिकानों पर कार्रवाई की गई। दिल्ली में 8 हवाला डीलर्स और ट्रेडर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी।
– इसके बाद सितंबर में कश्मीर और दिल्ली में 16 ठिकानों पर NIA ने छापे मारे।

कश्मीर में अब तक कितने लोग अरेस्ट

– बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह (अल्ताफ फंटूश), अयाज अकबर, टी. सैफुल्लाह, मेराज कलवल और शहीद-उल-इस्लाम शामिल हैं। अल्ताफ हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी का दामाद है।
– अब सैयद शाहिद यूसुफ को अरेस्ट किया गया है।