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गगनशक्ति 2018: वायुसेना का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, एयरचीफ मार्शल बोले- आसमान को हिलाने का है माद्दा

पिछले तीन दशक में भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े अभ्यास ‘गगन शक्ति-2018’ में पिछले तीन दिनों के अंदर करीब 1100 विमानों ने हिस्सा लिया। जिनमें करीब आधा लड़ाकू विमान थे। वायुसेनाध्यक्ष बी.एस. धनोवा ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान बेहद करीब से इस ऑपरेशन पर नज़र रख रहा था जो “आसमान को हिला रहा है और धरती को चीर रहा है।”

अब वायुसेना अपना अभ्यास वेस्टर्न सेक्टर से ईस्टर्न सेक्टर में करने जा रही है। धनोवा ने कहा कि सभी तरह के प्रशिक्षण को 22 अप्रैल तक दो चरणों में चलनेवाले अभ्यास के चलते सस्पेंड किया जा रहा है। अमूमन यह युद्ध के समय में ऐसा होता है जब सेना की तरफ से सभी गतिविधियों को रोक दिया जाता है।

वायुसेना ने आकाश से दुश्मन के खात्मे का दम दिखाया
भारतीय वायुसेना का युद्धाभ्यास ‘गगन शक्ति 2018’ पिछले एक सप्ताह से पश्चिमी क्षेत्र में जारी है। पैराशुट ब्रिगेड की बटालियन के साथ वायुसेना ने आकाश से दुश्मन की धरती पर निशाना साधने का अभ्यास किया। वहीं पश्चिम बंगाल के खड़गपुर स्थित कलाईकुंडा एयरबेस से उड़े सुखाई 30 लड़ाकू विमानों ने भी दुश्मन को नेस्तेनाबूत करने का दम दिखाया। इस दौरान लक्षद्वीप तक की उड़ान के दौरान दो बार आकाश में ही सुखोई से सुखोई में ईंधन भरा गया।

वायुसेना ने तैयारी और दमखम को दो हिस्सों में परखा है। पहला पश्चिमी सीमा में और दूसरा उत्तरी सीमा पर। पश्चिमी सीमा के लिए पाकिस्तान सरकार को पूर्व सूचना दी गई। इस चरण में भारतीय सेना पाकिस्तान की हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए दम दिखाया। दूसरे चरण में तिब्बत की ओर से चीन की सेना के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए अभ्यास किया।

जैसलमेर, जोधपुर, खड़गपुर में सैन्य विमानों ने हिस्सा लिया
लड़ाकू विमान तेजस वायुसेना में शामिल होने के बाद पहली बार गगन शक्ति युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहा है। सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, मिग 27, जगुआर व मिराज जैसे 600 लड़ाकू विमान शामिल हैं। बड़े परिवहन विमान सी-17 ग्लोब मास्टर, सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस और अटैक हेलिकॉप्टर एमआई 35, एमआई 17 वी 5, एमआई 17, एएलएच ध्रुव, एएलएच भी शामिल हैं।

अड्डों पर धुआंधार गोलीबारी की गई
जैसलमेर में वायुसेना के विमानों ने विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाकर युद्धाभ्यास किया।
‘गगन शक्ति 2018’ युद्धाभ्यास में पहली बार महिला फाईटर पायलट हिस्सा ले रही हैं। युद्धाभ्यास के दौरान स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस की पूरी स्कवाड्रन ताकत दिखा रही है।

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चिंता जताते रह गए चीन-पाक, सुखोई पर सवार ब्रह्मोस ने उड़ा दिया टारगेट

 

  • भारत ने दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल ब्रम्होस का फाइटर जेट सुखोई-30 MKI से सफल परिक्षण किया. सुखोई से छोड़ी गई मिसाइल बंगाल की खाड़ी में अपने टारगेट पर हिट हुई.

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    यह पहला मौका है जब ब्रम्होस का परिक्षण किसी फाइटर जेट से दिया गया हो. इसके पहले इसे जमीन और लड़ाकू जहाज से दागा जा चुका है.

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    बता दें कि रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया और भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने इस कम दूरी की रैमजेट, सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल तो तैयार किया है.

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    इसकी सबसे ख़ास बात तो यह कि आदेश मिलते ही यह मिसाइल अपना रूट बदल सकती है. यही नहीं, रडार सिस्टम भी रफ़्तार के कारण धोखा खा जाते हैं.

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    मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस मिसाइल के जरिए 400 किमी की दूरी तक हमला किया जा सकता है. साथ ही यह  न्यूक्लियर वॉर हेड तकनीक से लैस होती है.

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    यही वजह है कि न्यूक्लियर वॉर हेड के डर से पाकिस्तान और चीन इस मिसाइल को लेकर पहले ही चिंता जता चुका है.

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    इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मसक्वा के नाम पर रखा गया है. यह अब तक की सुखोई द्वारा दागी गई सबसे भारी मिसाइल है. इसका वजन 2.5 टन बताया जा रहा है.