Posted on Leave a comment

दास्ताँ फर्श से अर्श तक: सुंदर पिचाई की गूगल का सीईओ बनने तक के संघर्ष की प्रेरणादायक जीवनी

सुंदर पिचाई को आज हम सभी जानते हैं, लेकिन क्या गूगल क्रोम के आने से पहले कभी आपने इनका नाम सुना था।

हम आज आपको बता रहे हैं कैसे तमिलनाडु के छोटे से गांव का लड़का दुनिया की सबसे बड़ी वेब बेस्ड कंपनी और नंबर 1 वेबसाइट गूगल का सीईओ बन जाता है। मिलिए सुंदर जी से जो मेहनत और लगन की जीती जागती मिसाल हैं!

आरंभिक जीवन

सुंदर पिचाई का जन्म 12 जनवरी 1972 को मदुरै, तमिलनाडु के निम्न मध्यम वर्ग परिवार में हुआ। पिचाई सुंदरराजन अर्थात सुंदर पिचाई के पिता चेन्नई के अशोक नगर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे जिनसे बचपन से प्रभावित होने के कारण इनका लगाव टेक्नोलॉजी से जुड़ गया। पिचाई की माँ स्टेनोग्राफर थी और इनके छोटे भाई के जन्म के बाद इन्होंने यह काम छोड़ दिया।

12 साल की उम्र में पिचाई के घर फोन आने के बाद इनकी विलक्षण प्रतिभा का पता इनके घरवालों को चला। यह फोन नंबर को एक बार में याद कर लेते थे और फिर भूलते नहीं थे।

शिक्षण

सुंदर पिचाई ने 10वीं तक की पढ़ाई चेन्नई के अशोक नगर के जवाहर विद्यालय से पूरी की और 12वीं कक्षा चेन्नई के वाना वाणी स्कूल से करी। इन्होंने आई आई टी खड़गपुर से मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग की।

इसके बाद पिचाई ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से भौतिकी में मास्टर इन साइन्स किया और एम बी ए व्हार्टन स्कूल, यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेंसिल्वेनिया से किया।

इन्होंने अपनी पहली जॉब संचालन परामर्श के रूप में मैकिंसे एंड कम्पनी में करी और अपनी बेहतरीन प्रतिभा का नमूना पेश किया।

सुंदर पिचाई और गूगल

2004 में गूगल से जुड़ने के बाद इन्होने एक छोटी सी टीम के साथ गूगल सर्च टूलबार पर कार्य किया जिससे आज हम इंटरनेट एक्सप्लोरर और मोज़िला फायरफॉक्स जैसे ब्रॉउज़र्स में भी सीधे गूगल सर्च का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इन्होंने गूगल के अन्य उत्पाद जैसे Google Gear तथा Google Pack पर भी कार्य किया। सुंदर पिचाई ने एक इंटरनेट ब्रॉउज़र्स बनाने की पेशकश Google के समक्ष की लेकिन तत्कालीन Google CEO Eric Schmidt ने इसको एक बहुत महंगा प्रोजेक्ट करार देकर मना कर दिया। लेकिन पिचाई ने हार नही मानी और Google Cofounders Larry Page और Sergey Brin को इस प्रोजेक्ट के लिए मना लिया। 2008 में गूगल ने अपना इंटरनेट ब्रोउज़र लॉन्च किया जिसका नाम Chrome रखा गया और यह आज भी दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला इंटरनेट ब्रॉउज़र है। गूगल क्रोम की सफलता ने पिचाई को गूगल का वाइस प्रेसिडेंट ऑफ़ प्रोडक्ट डेवलेपमेंट बना दिया।

अच्छे कार्य और लगन से प्रभावित होकर गूगल ने इन्हें 2012 में Chrome and Apps का सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बना दिया। इसके बाद 2013 में एंड्रॉइड निर्माता एंडी रुबिन के किसी अन्य प्रोजेक्ट के कारण एंड्रॉइड को छोड़ दिया, जिससे पिचाई को उनकी कार्यकुशलता देखते हुए एंड्रॉइड का प्रोडक्ट इनचार्ज और 2014 में प्रोडक्ट चीफ बना दिया गया।

Google के CEO बनने का सुनहरा अवसर पिचाई को 10 अगस्त 2015 को मिला तथा अगले ही साल Google की संस्थापक कंपनी Alphabet Inc. ने इनको अपने 273,328 शेयर देकर सम्मानित किया गया।

सुंदर पिचाई का व्यक्तित्व बहुत ही साधारण है और पिचाई आज भी समय समय पर आई आई टी खड़गपुर के छात्रों से Skype के जरीर बातचीत करते हैं।

निजी जीवन

सुंदर पिचाई ने अपनी आई आई टी खड़गपुर की सहपाठी और गर्लफ्रेंड अंजलि से शादी करी और आज इनके दो सुंदर बच्चे एक लड़का और एक लड़की हैं। इन्होंने Brooklyn, New York में 6.8 मिलियन डॉलर का एक आशियाना ख़रीदा और आज भी उसी लगन और मेहनत से इंटरनेट युग को और प्रगति प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं।

Posted on Leave a comment

भारत ने लिया पहले मैच में मिली हार का बदला, श्रीलंका को 6 विकेट से हराया

ट्राई सीरीज के चौथे मुकाबले में भारत और श्रीलंका एक दूसरे के आमने-सामने थे। बारिश की वजह से इस मैच में टॉस में 1 घंटे 5 मिनट की देरी से हुई और खेल 1 घंटे 20 मिनट की देरी से शरू हुई। बारिश के कारण मैच का ओवर कम करके इसे 19-19 ओवर का कर दिया गया। इस मुकाबले में भारतीय कप्तान रोहित ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने कुशाल मेंडिस के अर्धशतक के दम पर निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट पर 152 रन बनाए। भारत ने जीत के लिए मिले 153 रन के लक्ष्य को 17.3 ओवर में 6 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। अंक तालिका में अब भारत चार अंकों के साथ पहले नंबर पर आ गया है।

मनीष पांडे व दिनेश कार्तिक ने दिलाई जीत

दूसरी पारी में जीत के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। इन दिनों लचर फॉर्म में चल रहे रोहित शर्मा एक बार फिर से फ्लॉप रहे और 11 रन बनाकर अकीला धनंजय की गेंद पर कुशाल मेंडिस द्वारा लपके गए। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे धवन को भी अकीला धनंजय ने अपना दूसरा शिकार बनाया। 8 रन के स्कोर पर वो कैच आउट हो गए। तेज बल्लेबाजी कर रहे रैना ने 15 गेंदों पर 27 रन बनाए। उन्हें नुवान प्रदीप ने परेरा के हाथों कैच आउट करवा दिया। लोकेश राहुल मेडिंस की गेंद को खेलने के चक्कर में हिट विकेट आउट हो गए। उन्होंने 17 गेंदों पर 18 रन बनाए। मनीष पांडे ने नाबाद 42 जबकि दिनेश कार्तिक ने नाबाद 39 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिला दी। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच पांचवें विकेट के लिए नाबाद 68 रन की साझेदारी हुई।

श्रीलंका की तरफ से अकीला धनंजय को दो जबकि फर्नांन्डो और मेंडिस को एक-एक विकेट मिले।

कुशाल मेंडिस का अर्धशतक

पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका टीम के ओपनर गुणाथिलाका खतरनाक नजर आ रहे थे और उन्होंने 8 गेंदों पर 17 रन बनाए। उनकी पारी का अंत सुरेश रैना ने शानदार कैच पकड़कर किया। रैना ने ये कैच शर्दुल ठाकुर की गेंद पर लिया। भारत को दूसरी सफलता वाशिंगटन सुंदर ने दिलाई। उन्होंने कुशाल परेरा को महज तीन पर पर क्लीन बोल्ड कर दिया। 22 रन के स्कोर पर उपल थरंगा को विजय शंकर ने क्लीन बोल्ड कर दिया। थिसारा परेरा ने 6 गेंदों पर 15 रन बनाए लेकिन शर्दुल ठाकुर की गेंद पर वो चहल के हाथों कैच आउट हो गए। वाशिंगटन सुंदर ने जीवन मेंडिस को एक रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया। कुशाल मेंडिस ने 38 गेंदों पर 55 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके और तीन छक्के लगाए। मेंडिस को चहल ने अपनी गेंद पर रोहित के हाथों कैच आउट करवाया। अकीला धनंजय को उनादकट ने 5 रन पर लोकेश राहुल के हाथों कैच आउट करवाया। शनाका 19 रन बनाकर शर्दुल ठाकुर की गेंद पर विकेट के पीछे कैच आउट हो गए। चमीरा बिना खाता खोले ही शर्दुल की गेंद पर उनदाकट के हाथों कैच हो गए। लकमल पांच रन बनाकर नाबाद रहे।

भारत की तरफ से शर्दुल ठाकुर ने 4, वाशिंगटन सुंदर ने दो जबकि जयदेव उनादकट और विजय शंकर ने एक-एक विकेट लिए।