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मॉब लिंचिंग पर मोदी सरकार का बड़ा कदम, बनेगा सख्त कानून

सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग के खिलाफ सख्त रूख अख्तियार करते हुए सरकार को कड़े कानून बनाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही कई दिशा-निर्देश भी जारी किये थे। गृहमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उच्च स्तरीय समिति का गठन सुप्रीम कोर्ट के इसी आलोक के मद्देनजर किया गया है।

गृह सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में गठित समिति में न्यायिक विभाग के सचिव, विधायी विभाग के सचिव, विधि मामलों के सचिव और समाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के सचिव इसके सदस्य होंगे।

यह समिति को चार हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट पर विचार करने के लिए राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में अलग से मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया गया है। इसमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत को सदस्य बनाया गया है। मंत्रिमंडलीय समिति अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देगी।

गृहमंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया कि कानून व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है और मंत्रालय की ओर से उन्हें इस मामले में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये गए हैं। इसके साथ ही कथित गोरक्षकों के उत्पाद और बच्चा चोरी की अफवाहों से जुड़े मॉब लिंचिंग को लेकर भी राज्यों के अलग एडवाइजरी जारी की गई थी। इन एडवाइजरी में राज्य सरकारों को ऐसी घटनाओं रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किये गए हैं।

लोकसभा में गूंजा अलवर कांड, सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा
राजस्थान के अलवर में गाय ले जा रहे एक मुस्लिम युवक की पीट-पीटकर हत्या का मामला सोमवार को लोकसभा के साथ देश के सियासी मंच पर गूंजा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यू इंडिया में मानवता का स्थान नफरत ने ले लिया है। यह मोदी का ‘क्रूर न्यू इंडिया’ है। राहुल के इस बयान पर दो केंद्रीय मंत्रियों ने जमकर पलटवार किया और विपक्ष के नेता को ‘नफरत का सौदागर’ और ‘वल्चर पॉलिटिक्स’ (गिद्ध की तरह हर शिकार पर झपटने की प्रवृत्ति) करार दिया। इस बीच केंद्र ने भीड़ की हिंसा के बढ़ते मामलों पर काबू के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों का समूह और गृह सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता में अफसरों की कमेटी गठित कर दी है।

अलवर में कुछ कथित गोरक्षकों ने शुक्रवार रात रकबर खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वह गाय लेकर जा रहा था, इसलिए उसे गो तस्कर माना गया था। राहुल गांधी ने इस मामले में ट्विटर पर न्यूज रिपोर्ट शेयर करते हुए राजस्थान पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने सवाल किया कि अलवर में पुलिस ने मॉब लिंचिंग के शिकार रकबर खान को 6 किमी दूर स्थित अस्पताल पहुंचाने में तीन घंटे लगाए, क्यों? उन्होंने रास्ते में टी-ब्रेक भी लिया। यह मोदी का क्रूर ‘न्यू इंडिया’ है, जहां मानवता की जगह नफरत ने ले ली है और लोगों को कुचला जा रहा है, मरने के लिए छोड़ा जा रहा है।’

चुनावी लाभ के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे राहुल : गोयल
पीएम मोदी पर राहुल के हमले का जवाबी हमला दो केंद्रीय मंत्रियों पीयूष गोयल व स्मृति ईरानी ने दिया। गोयल ने कहा कि हर अपराध के बाद खुशी के मारे झूमना छोड़े राहुल। राज्य सरकार कठोर व तुरंत कार्रवाई के लिए आश्वस्त कर चुकी है। आप चुनावी लाभ के लिए हर संभावित तरीके से समाज को तोड़ने का प्रयास करते हो और फिर घड़ियाली आंसू बहाते हो। आप ‘नफरत के सौदागर’ हो। गोयल के इस बयान ने 2007 के गुजरात चुनाव के वक्त तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के उस बयान की याद दिला दी, जिसमें उन्होंने राज्य के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी को ‘मौत का सौदागर’ कहा था।

गिद्धिया राजनीति छोड़े राहुल : स्मृति
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जवाबी हमले में आरोप लगाया, ‘राहुल गांधी ‘वल्चर पॉलिटिक्स’ (गिद्धिया राजनीति) करना छोड़े। वह चुनावी लाभ के लिए ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं जो सामाजिक ताने-बाने को तोड़ता न हो। राहुल गांधी के परिवार ने 1984, भागलपुर समेत कई अन्य दंगों के जरिए देश में नफरत की आग फैलाई। ये शर्मनाक है कि अब वह इस तरह की राजनीति कर रहे हैं।’

जब स्पीकर ने सिंधिया से कहा-राजनीति मत करो
अलवर मामला लोकसभा में भी गूंजा। कांग्रेस सांसद करण सिंह यादव ने कहा कि यह राज्य में चौथी घटना है। इस दौरान भाजपा व कांग्रेस सांसदों में तकरार भी हुई। इसी बीच कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कठुआ कांड व महिलाओं से दुष्कर्म के मामले उठाए। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन मंत्री ने आरोपितों के समर्थन में जुलूस निकाला था, जबकि उप्र के उन्नाव कांड में भाजपा के एक विधायक आरोपित हैं। उन्होंने मप्र के मंदसौर दुष्कर्म कांड को भी उठाया, लेकिन स्पीकर सुमित्रा महाजन ने उन्हें रोका और ऐसी घटनाओं के लिए राजनीति करने पर उन्हें फटकारा। गुस्से महाजन ने कहा, ‘हर चीज पर राजनीति मत कीजिए, मैं भी महिला हूं। ‘

अवमानना याचिका दायर
उधर अलवर कांड को लेकर महात्मा गांधी के पौत्र तुषार गांधी व कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानन याचिका दायर कर दी। कोर्ट इस पर 28 अगस्त को सुनवाई करेगी।

पुलिस की भूमिका जांचने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी
अलवर मामले में पुलिस की भूमिका की जांच के लिए राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अफसरों की एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। यह टीम सोमवार को ही मौके पर पहुंची और जांच भी शुरू कर दी। राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि डीजीपी को तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्रालय ने भी राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

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किम के बड़े कदम से टली परमाणु आपदा, अब नए रिश्ते की होगी शुरुआत: डोनाल्ड ट्रम्प

सिंगापुर में मंगलवार को हुई शिखर वार्ता में किम ने अमेरिकी राष्ट्रपति से सुरक्षा की गारंटी मिलने पर कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी तरह परमाणु मुक्त करने का वादा किया। ट्रंप ने एयर फोर्स वन विमान से वाशिंगटन डीसी लौटते वक्त ट्वीट किया, ‘अपने लोगों के उज्जवल भविष्य की खातिर साहसिक कदम उठाने के लिए मैं किम को धन्यवाद कहना चाहता हूं। हमारी अप्रत्याशित मुलाकात से यह साबित होता है कि वास्तविक बदलाव संभव है।’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘रॉकेट लांच, परमाणु परीक्षण या रिसर्च और नहीं। हम लोगों का एक साथ गुजरा दिन ऐतिहासिक रहा। धन्यवाद किम।’

दक्षिण कोरिया, चीन के दौरे पर पोंपियो

ट्रंप-किम शिखर वार्ता संपन्न होने के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो दक्षिण कोरिया रवाना हो गए, जहां से वह चीन जाएंगे। पोंपियो दोनों देशों के अपने समकक्षों को शिखर वार्ता के बारे में जानकारी देंगे।

अन्य मिसाइल लांच स्थलों को भी ध्वस्त करने का एलान करेंगे किम

शिखर वार्ता के एक दिन बाद ट्रंप ने बताया कि उत्तर कोरिया एक मिसाइल परीक्षण स्थल को नष्ट करने पर सहमत हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के नेता किम आगामी कुछ दिनों में अन्य मिसाइल स्थलों को भी ध्वस्त करने का एलान करेंगे। उत्तर कोरिया ने पिछले महीने विदेशी मीडिया की मौजूदगी में अपना एक परमाणु परीक्षण स्थल ध्वस्त कर दिया था।

किम ने ट्रंप को दिया प्योंगयांग आने का न्योता

किम जोंग उन ने शिखर वार्ता के दौरान डोनाल्ड ट्रंप को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग आने का न्योता दिया। उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी केसीएनए ने बुधवार को कहा कि दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को अपने यहां आने का निमंत्रण दिया। दोनों ने इस आमंत्रण को खुशी से स्वीकार किया है। इससे नए रिश्ते की शुरुआत होगी।

ट्रंप-किम वार्ता को उत्तर कोरिया के मीडिया ने बताया अपनी जीत

उत्तर कोरिया के मीडिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच मंगलवार को सिंगापुर में हुई ऐतिहासिक शिखर वार्ता को उत्तर कोरिया की जीत करार दिया है। अमेरिकी मीडिया में भी यह खबर छाई रही। न्यूयॉर्क टाइम्स और वाशिंगटन पोस्ट ने हालांकि शिखर वार्ता में हुए समझौते का विस्तृत ब्योरा जारी नहीं किए जाने पर सवाल भी उठाए।

दोनों अखबारों ने पहले पेज पर शिखर वार्ता की खबर को ट्रंप-किम की तस्वीरों के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया। उत्तर कोरिया के सरकारी अखबार रॉडोंग सिनमुन ने अपने पहले पेज पर शिखर वार्ता को ‘सदी की बैठक’ बताया। सरकारी न्यूज एजेंसी कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने लिखा, ट्रंप ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया संयुक्त सैन्य अभ्यास को बंद करने, उत्तर कोरिया को सुरक्षा की गारंटी देने और प्रतिबंधों को हटाने का इरादा जाहिर किया है।

उत्तर कोरिया के सरकारी टेलीविजन पर स्टार न्यूज एंकर री चुन ही ने भी इसी तरह की खबर पढ़कर सुनाई। 75 वर्षीय री आमतौर पर बड़ी घोषणाओं के मौके पर ही सामने आती हैं। पिछले साल सितंबर में उत्तर कोरिया के छठे परमाणु परीक्षण का एलान भी उन्होंने ही किया था।

सरकारी अखबार ने पहले पेज पर ट्रंप और किम के हाथ मिलाने समेत कई तस्वीरों को प्रकाशित किया है। जबकि अंदर के पेज पर अधिकारियों के साथ शिखर वार्ता, लंच और संयुक्त समझौते पर हस्ताक्षर करने की तस्वीरें छापी गई हैं।

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अच्छी खबर: वेटिंग लिस्ट ई-टिकट वाले यात्री अब कर सकेंगे ट्रेन में सफर

रेलवे के एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये अहम फैसला सुनाया है। जिसके तहत अगर किसी भी रेल यात्री के पास ई-टिकट है और उसका नाम वेटिंग लिस्ट में शामिल है, तो उन्हें भी यात्रा करने का पूरा अधिकार रहेगा। हालांकि अब तक सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर रेलवे की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

दरअसल, साल 2014 में दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि काउंटर टिकट धारकों की तरह वेटिंग वाले ई-टिकट वालों यात्रियों का भी टिकट कैंसिल नहीं होना चाहिए। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ रेलवे ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ई-टिकट वालों को भी राहत दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने रेलवे को यह भी आदेश दिया है कि वह जल्द से जल्द एक ऐसी स्कीम लागू करे जिससे कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फर्जी नामों से टिकट बुक कराने वालें एजेंट्स पर रोक लगाई जा सके।

वेटिंग ई-टिकट यात्रियों के लिए खुशखबरी

बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 2014 में विभास कुमार झा द्वारा दायर की गई एक याचिका में कहा गया था कि काउंटर टिकट धारकों की तरह वेटिंग वाले ई-टिकट वालों का टिकट नहीं कैंसिल होना चाहिए। रेलवे के अभी तक के नियम के अनुसार वेटिंग ई-टिकट रखने वाले यात्रियों को ट्रेन मे चढ़ने की इजाजत नहीं मिलती थी, जबकि काउंटर टिकट रखने वाले लोगों पर ऐसी कोई रोक नहीं थी। इसलिए अगर कोई कन्फर्म टिकट वाला व्यक्ति नहीं आता था तो वह सीट इन्हें दे दी जाती थी।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की

जस्टिस मदन बी लोकुर की खंडपीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को रद किए जाने की याचिका को खारिज कर दिया। याचिका रद किए जाने के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश के मुताबिक रेलवे को नियम बनाने पड़ेंगे, ताकि दोनों तरह की टिकटों के बीच के अंतर को खत्म किया जा सके। बता दें कि हाईकोर्ट ने कहा था कि काउंटर टिकट और ई-टिकट लेने वाले यात्रियों के बीच भेदभाव नहीं किया जा सकता है।

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सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट हैक, ब्राजील के हैकर्स पर शक

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट गुरुवार को हैक हो गई. इस साइबर अटैक में ब्राजीलियन हैकर्स का हाथ बताया जा रहा है. वेबसाइट supremecourtofindia.nic.in खोलने पर ‘पत्ती’ जैसी तस्वीर और ‘hackeado por HighTech Brazil HacTeam’ मैसेज दिख रहा है. हालांकि, अब वेबसाइट पर Site Under Maintenance लिखा दिख रहा है.

बताया जाता है कि 2013 में भी इन हैकरों ने भारतीय वेबसाइट को निशाना बनाया था. सुप्रीम कोर्ट के वेबसाइट न खुलने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसके हैक होने की सूचना भी दी. यूजर्स ने दावा कि साइट डाउन नहीं हुई है बल्‍कि हैक की गई है.

इससे पहले रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट भी हैक हो चुकी है. उस समय अधिकारियों ने बताया था कि वेबसाइट पर चीनी अक्षर में कुछ नजर आ रहा है, जिसके बाद बताया गया कि वेबसाइट हैक हो चुकी है.

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ताजमहल Ownership केस: सुप्रीम कोर्ट में शाहजहां का वक्फनामा पेश नहीं कर पाया सुन्नी बोर्ड

ताजमहल पर मालिकाना हक जताने वाला सुन्नी वक्फ बोर्ड मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में शाहजहां के दस्तखत वाला वक्फनामा पेश नहीं कर पाया। इस पर, चीफ जस्टिस ने कहा कि बोर्ड कोर्ट का वक्त बर्बाद कर रहा है। बता दें कि वक्फ बोर्ड ने पिछली सुनवाई में दावा किया था कि मुगल बादशाह शाहजहां ने बोर्ड के पक्ष में ताजमहल का वक्फनामा किया था। इस पर कोर्ट ने सबूत मांगे थे। यह विवाद सुन्नी वक्फ बोर्ड और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के बीच चल रहा है।

दावेदारी पर नरम पड़ा वक्फ बोर्ड
– ताजमहल पर दावेदारी कर रहा वक्फ बोर्ड मंगलवार को कोर्ट में नरम नजर आया। उसने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने कहा कि उसे कोई दिक्क्त नहीं है कि ताजमहल की देखरेख एएसआई करे, लेकिन बोर्ड का यहां नमाज पढ़ने और उर्स जारी रखने का हक बरकरार रहे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड से कहा कि उसे इस बारे में एएसआई से बात करनी चाहिए। इस पर एएसआई ने विचार करने के लिए वक्त मांगा। केस की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था- शाहजहां जेल में थे तो दस्तखत कैसे किए?
– पिछली सुनवाई में चीफ जस्टिस ने वक्फ बोर्ड के वकील से पूछा था, “शाहजहां ने वक्फनामे पर दस्तखत कैसे किए? वह तो जेल में बंद थे। वह हिरासत से ही ताजमहल देखते थे।”
– कोर्ट ने शाहजहां के दस्तखत वाला हलफनामा पेश करने को कहा तो बोर्ड के वकील ने एक हफ्ते की मोहलत मांगी थी।

बोर्ड के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया था स्टे
– सुन्नी वक्फ बोर्ड ने जुलाई 2005 में आदेश जारी कर ताजमहल को अपनी प्रॉपर्टी के तौर पर रजिस्टर करने को कहा था।
– एएसआई ने इसके खिलाफ 2010 में सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इस पर कोर्ट ने बोर्ड के फैसले पर स्टे लगा दिया था।
– बता दें कि वक्फ का मतलब किसी मुस्लिम द्वारा धार्मिक, शैक्षणिक या चैरिटी के लिए जमीन का दान देना होता है।

एएसआई कहता है- ताजमहल भारत सरकार का
– एएसआई की ओर से पेश एडवोकेट एडीएन राव ने कहा कि वक्फ बोर्ड ने जैसा दावा किया है, वैसा कोई वक्फनामा नहीं है।
– 1858 की घोषणा के मुताबिक, आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर से ली गई संपत्तियों का स्वामित्व ब्रिटिश महारानी के पास चला गया था। वहीं, 1948 के कानून के तहत यह इमारतें अब भारत सरकार के पास हैं।

1666 में हुआ था शाहजहां का निधन
– बता दें कि वारियाना हक की लड़ाई के चलते शाहजहां के बेटे औरंगजेब ने जुलाई 1658 में उन्हें आगरा के किले में नजरबंद कर दिया था। अपनी बेगम मुमताज महल की याद में ताजमहल बनवाने के करीब 18 साल बाद 1666 में शाहजहां का निधन आगरा के किले में ही हुआ था।

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जानिए कठुआ रेप कांड का पूरा सच। डी एन ए रिपोर्ट! #Kathua #JusticeForAsifa #Truth

जानिए डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस रिपोर्ट से कठुआ रेप कांड से जुड़ा हर सच। किसी भी प्रतिक्रिया देने से पहले सच जानना जरुरी है। हम मांग करते हैं अगर उन्नाव केस की CBI जाँच हो सकती है तो कठुआ रेप कांड की भी CBI जाँच होनी चाहिए और केस को फ़ास्ट ट्रैक कर के सुप्रीम कोर्ट में जल्द से जल्द अपराधियों को सूली पर चढ़ाया जाये।

कठुआ रेप कांड का पूरा सच

 

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SC/ST Act: सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च के फैसले पर नहीं लगाई रोक, 10 दिन बाद होगी सुनवाई

SC/ST एक्ट में गिरफ्तारी से पहले जांच अनिवार्य करने के मामले में केंद्र की पुनर्विचार याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. सुनवाई के दौरान एजी की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम एक्ट के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बेगुनाह को सजा न मिले, यह देखा जाना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा

  • हम फिलहाल तुरंत गिरफ्तारी पर रोक के निर्देश पर रोक नहीं लगाएंगे.
  • SC/ST एक्ट में केस दर्ज दर्ज करने के लिए प्रारंभिक जांच जरूरी
  • कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पीडित को मुआवजे का भुगतान तुरंत किया जा सकता है चाहे शिकायत आने के बाद FIR दर्ज ना हुई हो
  • कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि FIR IPC के अन्य प्रावधानों पर दर्ज हो सकती है.

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी –

  • कोर्ट ने जो सुरक्षा उपाय किये है ताकि किसी निर्दोष को सजा न मिले.
  • ये अकेला ऐसा कानून है कि जिसमें किसी व्यक्ति को कोई कानूनी उपचार नहीं मिलता.
  • अगर एक बार मामला दर्ज हुआ तो व्यक्ति गिरफ़्तार हो जाता है.
  • इस मामले में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है.
  • जबकि दूसरे मामलों में संरक्षण के लिए फ़ोरम है, कोर्ट हैं जो झूठे मामलों में सरंक्षण दे सकता है.
  • कोर्ट ने कहा कि अगर कोई दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए लेकिन बेगुनाह को सजा न मिले.
  • कोर्ट ने कहा कि प्रेरित, दुर्भावना और झूठे आरोप लगाकर उनकी स्वतंत्रता का हनन नहीं कर सकते.

जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने ये भी कहा

  • इस कानून में आरोपों को वैरीफाई करना मुश्किल है इसलिए इस तरह की गाइडलाइन जारी की गई.
  • जबकि अन्य अपराध में आरोपों को वैरीफाई किया जा सकता है.

जस्टिस गोयल ने कहा
हम एक्ट के खिलाफ नहीं हैं, हमारा मकसद सिर्फ निर्दोष को बचाना है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा

  • जो लोग सडकों पर प्रदर्शन कर रहे हैं शायद उन्होंने हमारे फैसले को नहीं पढ़ा
  • सरकार क्यों ये चाहती है कि जांच के बिना हीलोग गिरफ्तार हो
  • अगर सरकारी कर्मी पर कोई आरोप लगाए तो वो कैसे काम करेगा
  • हमने एक्ट को नहीं बल्कि सीआरपीसी की व्याख्या की है

जस्टिस यू यू ललित ने कहा

  • हमने जो गाइडलाइन जारी की हैं वो कानून में सेफगार्ड हैं
  • ये जरूरी नहीं कि समुदाय के लोग ही इसका मिसयूज करें, पुलिस भी कर सकती है

केंद्र की दलील –

  • केंद्र सरकार ने कहा कि इस कानून के प्रावधान में किसी गाइडलाइन की जरूरत नहीं है.
  • AG ने जस्टिस करनन के मामले का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने चीफ जस्टिस व सुप्रीम कोर्ट के जजों पर दलित होने की वजह से प्रताडित करने का आरोप लगाया था.
  • AG ने कहा कि वो आरोप सही नहीं थे तो कोई कार्रवाई नहीं की गई

AG ने कहा
इस आदेश के बाद समाज में जबरदस्त रोष है और प्रदर्शन हो रहे हें

जस्टिस गोयल ने कहा
  • हम सिर्फ कानूनी बात करेंगे, बाहर क्या हो रहा है हमें नहीं पता
  • हमने शिकायत की वैरिफिकेशन के लिए सात दिनों का वक्त रखा है

अमिक्स क्यूरी अमरेंद्र शरण ने कहा कि

  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखे को सीआरपीसी भी यही कहता है कि गिरफ्तारी से पहले जांच हो.
  • भले ही प्रावधान एक्ट के हों लेकिन प्रक्रिया सीआरपीसी की होती है
  • ये गाइडलाइन जारी होने से केस की जांच, ट्रायल आदि प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

इससे पहले सुनवाई में एजी की ओर से खुली अदालत में इस संबंध में सुनवाई की अपील पर कोर्ट ने हामी भर दी थी. कोर्ट में एजी केके वेणुगोपाल ने कहा कि आज ही सुनवाई हो. इस पर जस्टिस आदर्श गोयल ने कहा कि वो खुली अदालत में सुनवाई को तैयार हैं, कोई परेशानी नहीं है लेकिन वही बेंच होनी चाहिए जिसका फैसला था. जस्टिस गोयल ने कहा कि बेंच के गठन के लिए चीफ जस्टिस के सामने मेंशन करें. केंद्र की ओर से AG ने आज ही दो बजे सुनवाई की मांग की. AG केके वेणुगोपाल ने सीजेआई कोर्ट में कहा, देश में कानून व्यवस्था खराब हो रही है. ऐसे में मामले की आज ही सुनवाई की जानी चाहिए. कोर्ट ने मांग मान ली. अमिक्स क्यूरी अमरेंद्र शरण ने इसका विरोध किया.

सुनवाई के बाद CJI ने कहा – वही बेंच आज दो बजे सुनवाई करेगी जिसने फैसला दिया. फैसले पर रोक लगे या नहीं वहीं बेंच तय करेगी.

शरण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सिर्फ इसलिए रोक नहीं लगाई जा सकती क्योंकि कानून व्यवस्था खराब हो रही है. बता दें कि 20 मार्च के फैसले के खिलाफ केंद्र ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. मामले पर जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस यू यू ललित की बेंच ने आदेश दिया था.

SC/ ST एक्ट मामले में केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट का 20 मार्च का फैसला SC/ ST समुदाय के संविधान के तहत दिए गए अनुच्छेद 21 के तहत जीने के मौलिक अधिकार से वंचित करेगा. SC/ ST के खिलाफ अपराध लगातार जारी है तथ्य बताते हैं कि कानून के लागू करने में कमजोरी है ना कि इसका दुरुपयोग हो रहा है.
अगर आरोपी को अग्रिम जमानत दी गई तो वो पीडित को आतंकित करेगा और जांच को रोकेगा.

अग्रिम जमानत का प्रावधान 1973 में अधिकार के तहत जोड़ा गया. कोर्ट ने गलत कहा है कि जमानत देने से इंकार करना जीने के अधिकार का उल्लंघन है.

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SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर विरोध में हिंसक प्रदर्शन, 8 की मौत; कई शहरों में कर्फ्यू

अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एसएसी/एसटी एक्ट) को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में दलित और आदिवासी संगठनों ने देशभर में विरोध- प्रदर्शन कर रहे हैं। देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुअा। कई जगह तोड़फोड़ व अगजनी की घटनाएं सामने अाई है। वहीं मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर और मुरैना में विरोध प्रदर्शन के दौरान 5 लोगों की मौत हो गई है।

कई जगह ट्रेनें रोकी गई हैं। इसके अलावा कुछ शहरों में झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एससी/एसटी एक्ट में कई बदलाव हुए थे। हालांकि, सरकार ने अब इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है।

पुनर्विचार याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार
केन्द्र सरकार ने एससी एसटी एक्ट में तत्काल एफआइआर और तुरंत गिरफ़्तारी पर रोक के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। सरकार ने कोर्ट से याचिका पर खुली अदालत में बहस और सुनवाई की मांग की है। याचिका में सरकार ने तर्क दिया कि फ़ैसले से कानून का उद्देश्य कमज़ोर होगा। पुनर्विचार याचिका मे सरकार ने अभियुक्त के लिए अग्रिम जमानत के रास्ते खोलने का विरोध किया और कहा कि इसका अभियुक्त दुरुपयोग करेगा और पीड़ित को धमका सकता है, साथ ही जांच भी प्रभावित कर सकता है। सरकार ने कहा कि इस कानून मे अभियुक्त को अग्रिम जमानत का हक न देने से अनुच्छेद 21 में उसे मिले जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन नही होता। एससीएसटी कानून में ये 1973 मे नये अधिकार के तौर पर जोड़ा गया था।उधर एससी एसटी पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ आल इंडिया फ़ेडरेशन आफ एससी एसटी आर्गनाइजेशन की ओर से आज सुप्रीम कोर्ट मे अलग से नई याचिका दाखिल की गई, जिसमें कोर्ट से फ़ैसले पर रोक लगाने और मामले पर विचार कर फ़ैसले मे बदलाव की मांग की गई है। याचिका पर वकील मनोज गोरकेला ने मुख्य न्यायाधीश की पीठ से जल्द सुनवाई की मांग की। लेकिन कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग ठुकराते हुए कहा कि मामले पर नियमित क्रम मे ही सुनवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश के मुरैना में एक की मौत, लगाया गया कर्फ्यू

मुरैना में विरोध प्रदर्शन में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। हिंसा के उग्र होने के बाद यहां कर्फ्यू लगा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश के मुरैना शहर में जमकर हिंसा हुई। यहां विरोध प्रदर्शन के दौरान हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की वजह से हालात बेकाबू हो गए। मुरैना में बंद समर्थकों ने बस स्टैंड, बैरियर चौराहे पर पथराव किया। इस दौरान कई वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई।प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को बल प्रयोग के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। पुलिस ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा तो मुरैना रेलवे स्टेशन पर उपद्रव शुरू हो गया। बंद समर्थकों ने यहां पटरियों पर डेरा जमा लिया, जिसके बाद ट्रेनों की आवाजाही थम गई है। मीडिया खबरों के मुताबिक, ग्‍वालियर में भारत बंद के दौरान हुई हिंसक झड़पों में 19 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 2 की मौत हो गई है। आईजी कानून एवं व्यवस्था मकरंद देउस्कर ने बताया कि मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर और मुरैना में विरोध प्रदर्शन के दौरान अभी तक 5 लोगों की मौत हो गई है।

दिल्ली में पुलिस बल पर पथराव, ठप हुए राजमार्ग

एसटी-एसी एक्ट 1989 में संशोधन के खिलाफ दिल्‍ली एनसीआर में भारत बंद ने हिंसा का रूप अख्तियार कर लिया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़पें हुई। इससे निपटने के लिए पुलिस ने हल्‍के बल का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों ने एनएच 24 और दिल्ली-देहरादून हाइवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर जाम लगा दिया। इससे कई राजमार्ग पर यातायात व्‍यवस्‍था पूरी तरह से ठप हो गई। गाजियाबाद में रेलवे फटकी पर जाम के कारण ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है।

बिहार में दिन चढ़ने के साथ बढ़ता जा रहा भारत बंद का असर
बिहार में यह बंद असरदार दिख रहा है। बिहार में पंजाब जाने वाली ट्रेन को रोक दिया गया है। बंद के कारण जगह-जगह रेल व सड़क यातायात प्रभावित हैं। बंद समर्थकों ने पटना व हाजीपुर के बीच उत्तर व दक्षिण बिहार की लाइफलाइन ‘महात्मा गांधी सेतु’ को जाम कर दिया है। इस बंद को राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। बंद के दौरान वैशाली में एक कोचिंग संस्‍थान को बंद कराने के दौरान छात्रों से बंद समर्थकों की भिड़त हो गई। इसमें दर्जनों छात्र घायल बताए जा रहे हैं। बंद समर्थक पटना सहित राज्‍य के विभिन्‍न जगहों पर एंबुलेंस सहित आवश्‍यक सेवाओं की गाडि़यों को भी रोक रहे हैं।

राजस्थान में विरोध प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप

राजस्थान में विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। राजस्‍थान के डीजीपी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान अलवर में फायरिंग हुई, जिसमें एक शख्‍स की मौत हो गई है। कुछ क्षेत्रों में पत्‍थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। हिंसक प्रदर्शन कर रहे काफी लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई और धारा 144 लगा दी गई है, ताकि हालात ज्‍यादा न बिगड़ें। बाड़मेर में दलित और पुलिस में झड़प हो गई है। इस झड़प में 25 लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू के गोले दागे। दूसरी तरफ करणी सेना भी दलितों के प्रदर्शन के विरोध में सड़कों पर उतर आई है। जिसकी वजह से दोनों गुटों के बीच भिड़ंत हो गई। सड़क पर दोनों गुट भिड़ गए। बाड़मेर में वाहनों को आग लगा दी गई।

उत्तर प्रदेश में जोरदार विरोध प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश में हालात बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। मुजफ्फरनगर में हिंसक प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति के मरने की सूचना है। मृतक का नाम अमरीश निवासी गादला, थाना भोपा है। इसकी बॉडी जिला अस्पताल लाई गई है। रेलवे के कर्मचारी प्रताप की कमर में भी गोली लगी है, उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। उत्‍तर प्रदेश के डीआइजी ने बताया कि प्रदेश के सिर्फ 10 प्रतिशत हिस्‍से में ही हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें 2 शख्‍स की मौत हो गई है और 3 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश के 90 प्रतिशत हिस्‍से में शांति का माहौल है। प्रदर्शनकारियों से सख्‍ती से निपटा जा रहा है। पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया। हम विश्‍वास दिलाते हैं कि किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। आजमगढ़ में एक बस पर हमला कर दिया और उसमें आग लगा दी गई। मेरठ तथा आगरा व मैनपुरी में दलित संगठन से जुड़े लोग सड़क पर उतर आए हैं। कई जगह पर प्रदर्शनकारी ट्रेन के सामने खड़े हो गए हैं। एससी-एसटी एक्ट पर फैसले का आगरा में भी कई संगठनों ने काफी विरोध किया है। बसपा के कार्यकर्ता यहां शहर के सभी बाजारों में भीड़ जबरन बाजार बंद करा रही है। यह लोग विरोध में लाठी-डंडे के साथ सड़क पर उतरे और दुकानों में काफी लूटपाट करने के साथ ही महिलाओं से भी छेड़छाड़ की। एंबुलेंस में फंसे मरीजों के साथ अभद्रता की गई। शाहगंज क्षेत्र के बारह खंभा के पास लोग रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इसके साथ ही यहां एत्माद्दौला के टेढ़ी बगिया में चक्का जाम किया गया है। करीब एक घण्टे से जाम के चलते रामबाग तक बड़ी संख्या में वाहनों की कतार लग गई है। जगह-जगह पर इसको लेकर प्रदर्शन हो रहा है। इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी है।

एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद दलित संगठनों के दो अप्रैल को भारत बंद के मद्देनजर पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारों ने चौकसी कड़ी कर दी है। पंजाब मे सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय व बैंक सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद करने के आदेश हैं।

पंजाब में दलितों के बंद का मिलाजुला असर
एससी-एसटी एक्‍ट संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलित संगठनों द्वारा किए गए बंद के आह्वान का पंजाब के अधिकांश इलाकों में मिलाजुला असर दिख रहा है। जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, बरनाला, पटियाला सहित अन्य जिलों में दलित संगठनों के लोग सक्रिय हैं। संगठनों के कार्यकर्ता तड़के से ही सड़कों पर उतर आए। अमृतसर में वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने सचखंड एक्सप्रेस रोक दी, जिससे यात्री परेशान रहे। किसी भी आशंका से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के क़ड़े इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने कल ही प्रदेश में सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालयों को सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए थे। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही कल रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद कर दी गई थी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के 12 हजार अतिरिक्त जवानों को फील्ड में उतारा गया है।

झारखंड में पुलिस ने किया लाठी चार्ज
रांची में बंद समर्थक सड़क पर उतर चुके हैं। दुकानों को बंद करवाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच, रांची के आदिवासी हॉस्टल के बंद समर्थकों ने जमकर उपद्रव किया। उन्होंने पुलिस पर पथराव किया। इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठी चार्ज किया।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट 1989 में सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगाने का फैसला किया था। कोर्ट ने कहा था कि एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच हो। कोर्ट ने कहा था कि केस दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर का अधिकारी पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करेगा और साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि कुछ मामलों में आरोपी को अग्रिम ज़मानत भी मिल सकती है।

राजद, सपा, कांग्रेस और शरद का समर्थन

सोमवार को बुलाए गए भारत बंद को बिहार में राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। दलित संगठनों ने भी अनुसूचित जाति-जनजाति संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को आहूत भारत बंद का समर्थन किया है।

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बख्तरबंद ट्रेन से बीजिंग आए तानाशाह किम, पूरी दुनिया की लगी रही निगाह, चीन रहा चुप

उत्तर कोरिया से चीन की राजधानी बीजिंग पहुंची एक खास ट्रेन पर कई देशों की नजर लगी हुई है। लेकिन इसको लेकर अब तक चीन ने असमंजस बरकरार रखा हुआ है। इस ट्रेन को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय ने यहां तक कहा है कि इस ट्रेन से बीजिंग कौन आया इसकी कोई जानकारी उन्‍हें नहीं है। चीन ने इस ट्रेन को लेकर जिस किस्‍म की खामोशी बरती है उसको जानने के लिए हर कोई उत्‍सुक है। अमेरिकी मीडिया ने फिलहाल इस ट्रेन के बीजिंग से वापस होने की भी खबर दी है। इसके बाद भी चीन अपने बयान पर कायम है।

किम की बीजिंग यात्रा

माना जा रहा है कि इस ट्रेन से उत्तर कोरिया के प्रमुख किम जोंग उन अपने लाव-लश्‍कर के साथ बीजिंग पहुंचे हैं। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक ऐसी अटकलें लगाई गई हैं कि कथित तौर पर इस ट्रेन में बीजिंग पहुंचे किम यहां पर अमेरिका से होने वाली अहम वार्ता से पहले कुछ खास रणनीति बनाने पहुंचे हैं। बहरहाल, चीन, उत्तर और दक्षिण कोरिया समेत अमेरिका ने भी अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं की है कि इस खास ट्रेन से किम ही बीजिंग पहुंचे हैं। इसको लेकर चल रही अटकलों के पीछे सबसे बड़ी वजह यह बताई गई है कि इसी ट्रेन से उत्तर कोरिया के पूर्व प्रमुख और किम के पिता किम जोंग इल और उनके दादा भी बीजिंग गए थे।

जवाब मिलना काफी मुश्किल 

बहरहाल, हमारी खबर सिर्फ इसको लेकर ही नहीं है बल्कि इससे आगे की है। प्‍योंगयोंग से बीजिंग पहुंची ट्रेन को लेकर जितने सवाल उठ रहे हैं उनके जवाब मिलना काफी मुश्किल है। इसकी वजह ये है कि चीन की मी‍डिया पर खास ट्रेन से आए मेहमान को लेकर पूरी तरह से खामोश है। यहां पर ये भी जानना बेहद दिलचस्‍प है कि आखिर जहां विश्‍व के तमाम नेता अपनी विदेश यात्रा के लिए विमान का इस्‍तेमाल करते हैं वहीं किम ने इस हाईप्रोफाइल बैठक के लिए ट्रेन को क्‍यों चुना है। खास ट्रेन से बीजिंग पहुंचे इस मेहमान के लिए बीजिंग में खास सुरक्षा व्‍यवस्‍था भी की गई है। कुछ खबरों में यहां तक कहा गया है कि किम को बीजिंग में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया जाएगा। अटकलों के बीच बीजिंग में कई प्रमुख सड़कों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है।

बीजिंग की सड़कें सुनसान

सबसे पहले आपको बता दें कि किम की इस कथित यात्रा के बाद बीजिंग की सड़कें सुनसान हो गई हैं। चप्‍पे-चप्‍पे पर जवानों को तैनात किया गया है। बीजिंग में कई प्रमुख सड़कों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। त्यानआनमेन स्‍क्‍वायर पर भी अभू‍तपूर्व सुरक्षा व्‍यवस्‍था है। इसके अलावा बीजिंग के दिओयोयुतई स्‍टेट गेस्‍ट हाउस की तरफ आने वाली सभी गाडि़यों की जांच की जा रही है। इस ओर हर गाड़ी को आने की इजाजत भी नहीं दी गई है। इस ओर आने वाले मार्ग पर भी केवल खास गाडि़यां ही आ रही हैं। यहां आने वाले खास मेहमान पर यहां के लोगों की भी निगाहें लगी हुई हैं।

जापान के निप्‍पो टीवी नेटवर्क ने दोनों देशों के बीच बने फ्रेंडशिप ब्रिज से गुजरती हुई इस ट्रेन का वीडियो भी जारी किया है। इसके अलावा एक दूसरे वीडियो में स्‍टेशन के बाहर बाहरी सुरक्षा घेरे में लिमोजिन गाड़ी के अंदर जाने और बाहर आने का भी वीडियो सामने आया है। एक तीसरे वीडियो में सुरक्षा घेरे के बीच में एक लिमोजिन गाड़ी को चौराहे से गुजरते हुए भी दिखाया गया है।

किम की ट्रेन है बेहद खास

किम और उनकी खास ट्रेन को लेकर जिस तरह से अटकलों का बाजार गर्म है उसके बारे में आपको बेहद कम ही जानकारी होगी। आपको बता दें कि बीजिंग में प्‍योंगयोंग से पहुंची खास ट्रेन से वर्ष 2011 में किम के पिता किम जोंग इल ने भी बीजिंग की यात्रा की थी। उनसे पहले किम इल संग जो कि मौजूदा तानाशाह के दादा थे, ने भी इसी खास ट्रेन से बीजिंग और रूस की यात्रा की थी। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह महज एक ट्रेन ही नहीं है बल्कि एक चलता फिरती हाईटैक वैपंस से सुसज्जित वाहन है, जिसको खास किम परिवार के लिए ही तैयार किया गया है। यही वजह है कि किम के पिता और दादा ने विमान से यात्रा करने से ज्‍यादा इस खास ट्रेन पर ही भरोसा किया है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि अपने निधन से कुछ पहले अगस्‍त 2011 में किम जोंग इल ने इसी खास ट्रेन से मास्‍को की यात्रा की थी। इस दौरान उन्‍होंने वहां पर रूसी राष्‍ट्रपति दमित्री मेडवेडेव से मुलाकात की थी।

खास ट्रेन को लेकर वीडियो वायरल 

बीजिंग में इस खास ट्रेन को लेकर एक वीडियो भी वायरल हो गया है। कहा जा रहा है इससे आए मेहमानों को बीजिंग के खास गेस्‍ट हाउस में ठहराया जाएगा। इस ट्रेन में किम की सुविधा और सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। पूर्व रशियन डिप्‍लोमेटिक ने वर्ष 2001 में हुई किम की यात्रा को याद और इस ट्रेन के बारे में बताया था कि यह वास्‍तव में बेहद खास है। उनके मुताबिक यह ट्रेन बाहर और अंदर से बेहद सुंदर है और इसमें उनकी सुख-सुविधा के अलावा सुरक्षा के भी बेहतरीन उपाय किए गए हैं। इसके अंदर लेडी कंडक्‍टर हैं। इन सभी के अलावा ट्रेन में किम के परिवार के लिए दुनिया की बेहतरीन शराब का इंतजाम किया जाता है। पीली पट्टी वाली हरे रंग की यह ट्रेन में सोमवार दोपहर को बीजिंग पहुंची थी।

साथ चलती हैं दो और ट्रेन 

डिप्‍लोमेट के मुताबिक किम के मास्‍को आगमन पर वहां उनकी शान में कोरियाई और रूसी भाषा में गीत प्रस्‍तुत किए गए थे। यहां पर एक खास बात यह भी है कि जब कभी भी मौजूदा किम जोंग उन या उनके पिता और दादा ने इस ट्रेन की सवारी की तब-तब इस ट्रेन के साथ दो और ट्रेन चलती हैं। यह ट्रेन किम की सुरक्षा के लिए साथ चलती थी। हालांकि जिस ट्रेन में किम सफर करते हैं उस ट्रेन में भी उनकी सुरक्षा की पुख्‍ता व्‍यवस्‍था होती है। किम की ट्रेन में कांफ्रेंस रूम के अलावा ऑडियेंस चैंबर, बैडरूम, सैटेलाइट फोन, अलग से टीवी रूम की भी सुविधा मौजूद है।

सत्ता संभालने के बाद कभी देश से बाहर नहीं गए किम

आपको यहां पर ये भी बता दें कि जब से किम ने सत्ता संभाली है तब से वह कभी देश के बाहर नहीं गए हैं। ऐसे में उनका ट्रेन से बीजिंग जाना वह भी ऐसे समय जब ट्रंप से उनकी वार्ता होनी है कई तरह के सवाल खडे करता है। यहां ये भी जानना जरूरी है कि चीन उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्‍यापारिक साझेदार है। उत्तर कोरिया का करीब 90 फीसद कारोबार महज चीन से होता है बाकि दस फीसद में पूरा विश्‍व समाया हुआ है। हालांकि अमेरिका और यूएन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद चीन ने भी उत्तर कोरिया को भेजे जाने वाले सामान की आपूर्ति रोक दी थी। इन सभी के बीच जापान और अमेरिका की तरफ से यह भी आरोप लगाया गया था कि चीन और रूस चोरी छिपे उत्तर कोरिया को चीजों की आपूर्ति करने में लगे हैं। दोनों देशों ने इसको लेकर सुबूत भी मुहैया करवाए थे।