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तीन दोस्तों द्वारा शुरू की गयी ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी कंपनी को मिला 1 अरब डॉलर का निवेश। जानें कैसे मिली इन्हें सफलता!

देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी कंपनी Swiggy को हाल ही में 1 अरब डॉलर का निवेश मिला है। इस निवेश में 66 करोड़ डॉलर का हिस्सा साउथ अफ्रीका की कंपनी नैस्पर का रहा जबकि बाकी निवेश टेंसेन्ट एंड हेज फंड्स और कैपिटल एंड वेलिंगटन मैनेजमेंट का रहा। इस नई फंडिंग के समय पांच साल पुरानी Swiggy की कीमत 3.3 अरब डॉलर आंकी गई। इसके साथ ही Swiggy भारतीय ऑनलाइन कम्पनियों में वैल्यूएशन के अनुसार छठे नंबर की स्टार्टअप कंपनी बन गई है।

सफलता की कहानी

Swiggy को तीन दोस्तों ने 5 साल पहले शुरू किया था। इस तिकड़ी में राहुल जैमिनी IIT खड़गपुर से, श्रीहर्ष IIT कलकत्ता से तथा नंदन रेड्डी BITS से स्नातक हैं। 5 डिलीवरी बॉयज से शुरू हुई Swiggy में अब 1.2 लाख डिलीवरी पार्टनर्स हैं और 42 शहरों के 50 हजार से ज्यादा रेस्त्रों स्विगी से जुड़े हुए हैं।

फ़ूड डिलीवरी मार्केट में स्विगी ने जोमाटो से जंग जीत ली है। गुरुग्राम की जोमाटो को 2018 में 41 करोड़ डॉलर की फंडिंग मिली जबकि स्विगी को तीन फंडिंग राउंड्स में 131 करोड़ डॉलर की फंडिंग मिली।

इस ताजा फंडिंग के बाद स्विगी ने बताया की अब वो डिलीवरी ओनली किचेन्स का विस्तार करेंगे, टीम को और मजबूती देंगे और साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित नेक्स्ट जेनेरेशन प्लेटफार्म बनाया जाएगा। आपको बता दें की स्विगी फ़िलहाल हर माह 2.5 करोड़ ऑर्डर पूरे कर रही है और भविष्य में इस आंकड़े को और बढ़ना स्वाभाविक है।

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#Kathua: कठुआ गैंगरेप मामले में दिल्ली की फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा

कश्मीर से कन्याकुमारी तक दिल को झकझोर देने वाले कठुआ गैंग रेप मामले में एक अहम खबर सामने आई है, इस केस के तमाम सबूतों की जांच करने वाली दिल्ली की फॉरेंसिक लैब (FSL) ने सभी सबूतों को सच माना है। FSL की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि होती है कि मंदिर में मिले खून के निशान पीड़िता के ही है, जिससे ये बात सत्यापित होती है कि मंदिर के अंदर ही आठ साल की बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया था।

आरोपी शुभम सांगरा के खिलाफ अहम सबूत

रिपोर्ट के हिसाब से मंदिर में मिले बाल का डीएनए इस केस के आठ आरोपियों में से एक शुभम सांगरा से मिलते हैं, पीड़िता के कपड़े पर मिले खून के निशान का डीएनए भी शुभभ के डीएनए से मिलता है। रिपोर्ट में इस बात की भी पुष्टि की गई है कि पीड़िता के यौनांग में खून पाया गया था। आपको बता दें कि इस केस की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) टीम को इस बात की शिकायत थी कि उसे जो सबूत मिले हैं, वो आरोपियों को गुनाहगार साबित करने को काफी नहीं थी क्योंकि ऐसी बात सामने आई थी कि आरोपियों ने कथित तौर से कुछ स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर पीड़िता के कपड़े धुले थे ताकि सबूत को नष्ट किया जा सके। ये ही वजह थी कि एसआईआटी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं कर पा रही थी।

शुभम सांगरा और परवेश के भी ब्लड सेम्पल भेजे गए थे

मार्च में ही पीडि़ता के कपड़ों, खून, बाल, मल जैसे सबूतों को दिल्ली की फॉरेंसिक लैब में भेजा गया था और इसके साथ ही आरोपी पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया, शुभम सांगरा और परवेश के भी ब्लड सेम्पल भेजे गए थे। इस केस की 28 अप्रैल को सुनवाई आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में कठुआ जिले के रासना गांव में बकरवाल समुदाय की 8 साल की बच्ची को 10 जनवरी में अगवा किया गया था। एक हफ्ते बाद घर से कुछ दूर उसका शव बरामद हुआ था। 10 अप्रैल को दायर पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या की गई थी।आरोप गांव के एक मंदिर के सेवादार पर लगा। कहा जा रहा है कि बकरवाल समुदाय को गांव से बेदखल करने के इरादे से यह साजिश रची गई थी। इस मामले में एक नाबालिग समेत 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है। सेशन कोर्ट इस केस की 28 अप्रैल को सुनवाई करेगा।

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‘बहुत ज़्यादा सवाल करते थे स्टीफ़न हॉकिंग’

दुनिया के मशहूर वैज्ञानिक स्टीफ़न हॉकिंग का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है.

भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉक्टर जयंत विष्णु नारलीकर ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में स्टीफ़न हॉकिंग के साथ पढ़ाई की थी.

इसके बाद साइंस से संबंधित कई ग्लोबल सम्मेलनों में दोनों की मुलाक़ात होती रही. डॉक्टर नारलीकर के अनुसार, कॉलेज के दिनों में वो स्टीफ़न हॉकिंग के साथ टेबल टेनिस के मैच भी खेल चुके हैं.

कॉलेज की उन यादों पर डॉक्टर जयंत विष्णु नारलीकर ने बीबीसी से बात की. पढ़िए, उन्होंने क्या-क्या बताया:

स्टीफ़न हॉकिंग और भारतीय वैज्ञानिक डॉक्टर जयंत विष्णु नारलीकर
Image captionस्टीफ़न हॉकिंग और भारतीय वैज्ञानिक डॉक्टर जयंत विष्णु नारलीकर

मैं और स्टीफ़न हॉकिंग कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में साथ पढ़ते थे. वो मुझसे साल दो साल जूनियर ही थे. वो बाक़ी आम स्टूडेंट्स की तरह ही थे. उस वक़्त कोई उनकी प्रतिभा के बारे में नहीं जानता था.

लेकिन कुछ सालों के भीतर ही लोगों को ये अंदाज़ा हो गया था कि स्टीफ़न में कुछ ख़ास बात है.

मुझे याद है कि ब्रिटेन की रॉयल ग्रीनविच शोध विद्यालय ने साल 1961 में एक साइंस सम्मेलन आयोजित किया था. वहां स्टीफ़न हॉकिंग से पहली बार मेरी सीधी मुलाक़ात हुई थी.

स्टीफ़न हॉकिंगइमेज कॉपीरइटJIM WATSON/GETTY IMAGES

उस वक़्त वो ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे. मैं एक छात्र ही था, लेकिन मुझे वहां एक लेक्चर देने के लिए बुलाया गया था.

लेक्चर शुरू होने के कुछ देर बाद ही मैंने पाया कि एक स्टूडेंट है जो बहुत ज़्यादा सवाल कर रहा है. वो थे स्टीफ़न हॉकिंग.

उन्होंने मानो मुझपर सवालों की बौछार कर दी थी. वो ब्रह्मांड के विस्तार के बारे में जानना चाहते थे. वो जानना चाहते थे कि बिग बैंग थियोरी है क्या?

स्टीफ़न हॉकिंगइमेज कॉपीरइटHAWKING.ORG.UK

मैंने उनके सभी सवालों के जवाब देने की पूरी कोशिश की. लेकिन ब्रह्मांड से जुड़े उनके सवाल पैने होते चले गए. वो वाक़ई इस विषय पर गंभीर थे.

बहरहाल, सम्मेलन ख़त्म होने के बाद हम दोनों ने टेबल टेनिस खेला. हमारे बीच दो मैच हुए और दोनों ही मैच मैं जीता!

स्टीफ़न पीएचडी करने के लिए कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी गए थे. उस वक़्त तक लोगों को समझ आ चुका था कि हॉकिंग के मस्तिष्क की क्षमता कितनी है.

स्टीफ़न हॉकिंगइमेज कॉपीरइटSTR/GETTY IMAGES

सच कहूं तो पहली बार मुझे लगा था कि स्टीफ़न हॉकिंग सिर्फ़ ज़्यादा सवाल करते हैं. उन्हें उनके जवाबों से कोई लेनादेना नहीं.

लेकिन उनकी पीएचडी की थीसिस पढ़कर सब हैरान रह गए थे. क्योंकि अपनी थीसिस में ब्रह्मांड के विस्तार के बारे में उन्होंने कई बेहद दिलचस्प बातें लिखी थीं.

उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफ़ेसर क़रीब 30 साल काम किया. ब्लैक होल पर उनकी रिसर्च को सबसे ज़्यादा पहचान मिली.

स्टीफ़न हॉकिंगइमेज कॉपीरइटLEON NEAL/GETTY IMAGES

साइंस की दुनिया के हिसाब के कहूं तो ब्लैक होल के नियमों को स्टीफ़न ने ही स्थापित किया.

स्टीफ़न की सबसे अच्छी बात थी कि वो डायलॉग में विश्वास करते थे. बहस करना उनकी आदत में शामिल नहीं था.

कैम्ब्रिज में उनके साथ मैंने विज्ञान के कई सिद्धांतों पर कई बार चर्चा की. लेकिन कभी हमारे बीच गर्म बहस नहीं हुई. हमने हमेशा एक दूसरे से सीखा ही.

अपनी बीमारी की वजह से बीते कई सालों से स्टीफ़न लेक्चर नहीं दे पा रहे थे. लेकिन लोगों की जिज्ञासाओं और उनके सवालों के जवाब वो कई माध्यमों से देते रहे.

स्टीफ़न हॉकिंगइमेज कॉपीरइटCHINA PHOTOS/GETTY IMAGES

मुझे याद है जब पहली बार स्टीफ़न ने कहा था कि दुनिया किसी ईश्वर के इशारे पर नहीं चलती. भगवान कुछ नहीं है. और संभावना है कि इस विश्व के अलावा भी कोई दुनिया हो.

लोगों को हमेशा ये उनकी कल्पना ही लगी. स्टीफ़न के पास भी इसे साबित करने के लिए कोई पुख़्ता सबूत नहीं थे. लेकिन उन्होंने मरते दम तक इसे साबित करने की कोशिश की और उनकी इस ललक का सम्मान किया जाना चाहिए.

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Stephen Hawking dies aged 76

The British physicist was known for his work with black holes and relativity, and wrote several popular science books including A Brief History of Time.

At the age of 22 Stephen Hawking was given only a few years to live after being diagnosed with a rare form of motor neurone disease. The illness left him wheelchair-bound and largely unable to speak except through a voice

synthesizer.

His family said that he died peacefully in his home near Cambridge University, where he did much of his ground-breaking work on black holes.

“We are deeply saddened that our beloved father passed away today,” a family statement said.

In the statement his children, Lucy, Robert and Tim said: “He was a great scientist and an extraordinary man whose work and legacy will live on for many years.

They praised his “courage and persistence” and said his “brilliance and humour” inspired people across the world.

“He once said, ‘It would not be much of a universe if it wasn’t home to the people you love.’ We will miss him forever.”

Prof Hawking was the first to set out a theory of cosmology as a union of relativity and quantum mechanics.


Factfile: Stephen Hawking

  • Born 8 January 1942 in Oxford, England
  • Earned place at Oxford University to read natural science in 1959, before studying for his PhD at Cambridge
  • By 1963, was diagnosed with motor neurone disease and given two years to live
  • Outlined his theory that black holes emit “Hawking radiation” in 1974
  • Published his book A Brief History of Time in 1988, which has sold more than 10 million copies
  • His life story was the subject of the 2014 film The Theory of Everything, starring Eddie Redmayne
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भारत ने लिया पहले मैच में मिली हार का बदला, श्रीलंका को 6 विकेट से हराया

ट्राई सीरीज के चौथे मुकाबले में भारत और श्रीलंका एक दूसरे के आमने-सामने थे। बारिश की वजह से इस मैच में टॉस में 1 घंटे 5 मिनट की देरी से हुई और खेल 1 घंटे 20 मिनट की देरी से शरू हुई। बारिश के कारण मैच का ओवर कम करके इसे 19-19 ओवर का कर दिया गया। इस मुकाबले में भारतीय कप्तान रोहित ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने कुशाल मेंडिस के अर्धशतक के दम पर निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट पर 152 रन बनाए। भारत ने जीत के लिए मिले 153 रन के लक्ष्य को 17.3 ओवर में 6 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। अंक तालिका में अब भारत चार अंकों के साथ पहले नंबर पर आ गया है।

मनीष पांडे व दिनेश कार्तिक ने दिलाई जीत

दूसरी पारी में जीत के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। इन दिनों लचर फॉर्म में चल रहे रोहित शर्मा एक बार फिर से फ्लॉप रहे और 11 रन बनाकर अकीला धनंजय की गेंद पर कुशाल मेंडिस द्वारा लपके गए। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे धवन को भी अकीला धनंजय ने अपना दूसरा शिकार बनाया। 8 रन के स्कोर पर वो कैच आउट हो गए। तेज बल्लेबाजी कर रहे रैना ने 15 गेंदों पर 27 रन बनाए। उन्हें नुवान प्रदीप ने परेरा के हाथों कैच आउट करवा दिया। लोकेश राहुल मेडिंस की गेंद को खेलने के चक्कर में हिट विकेट आउट हो गए। उन्होंने 17 गेंदों पर 18 रन बनाए। मनीष पांडे ने नाबाद 42 जबकि दिनेश कार्तिक ने नाबाद 39 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिला दी। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच पांचवें विकेट के लिए नाबाद 68 रन की साझेदारी हुई।

श्रीलंका की तरफ से अकीला धनंजय को दो जबकि फर्नांन्डो और मेंडिस को एक-एक विकेट मिले।

कुशाल मेंडिस का अर्धशतक

पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका टीम के ओपनर गुणाथिलाका खतरनाक नजर आ रहे थे और उन्होंने 8 गेंदों पर 17 रन बनाए। उनकी पारी का अंत सुरेश रैना ने शानदार कैच पकड़कर किया। रैना ने ये कैच शर्दुल ठाकुर की गेंद पर लिया। भारत को दूसरी सफलता वाशिंगटन सुंदर ने दिलाई। उन्होंने कुशाल परेरा को महज तीन पर पर क्लीन बोल्ड कर दिया। 22 रन के स्कोर पर उपल थरंगा को विजय शंकर ने क्लीन बोल्ड कर दिया। थिसारा परेरा ने 6 गेंदों पर 15 रन बनाए लेकिन शर्दुल ठाकुर की गेंद पर वो चहल के हाथों कैच आउट हो गए। वाशिंगटन सुंदर ने जीवन मेंडिस को एक रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया। कुशाल मेंडिस ने 38 गेंदों पर 55 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके और तीन छक्के लगाए। मेंडिस को चहल ने अपनी गेंद पर रोहित के हाथों कैच आउट करवाया। अकीला धनंजय को उनादकट ने 5 रन पर लोकेश राहुल के हाथों कैच आउट करवाया। शनाका 19 रन बनाकर शर्दुल ठाकुर की गेंद पर विकेट के पीछे कैच आउट हो गए। चमीरा बिना खाता खोले ही शर्दुल की गेंद पर उनदाकट के हाथों कैच हो गए। लकमल पांच रन बनाकर नाबाद रहे।

भारत की तरफ से शर्दुल ठाकुर ने 4, वाशिंगटन सुंदर ने दो जबकि जयदेव उनादकट और विजय शंकर ने एक-एक विकेट लिए।

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शूटिंग वर्ल्डकप: 16 साल की मनु को 1 और गोल्ड, मैडल चार्ट में भारत नंबर 1 पर

मैक्सिको के ग्वाडलजारा में आयोजित शूटिंग वर्ल्ड कप से लगातार अच्छी खबर आ रही है. इस वर्ल्ड कप में भारत के शूटर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. टूर्नामेंट के 16 साल की युवा मनु भाकेर का लाजवाब प्रदर्शन जारी है. इस बार उन्होंने ओमप्रकाश मिथरवाल के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्सड टीम इवेंट में गोल्ड पर निशाना साधा. इससे पहले भारतीय महिला शूटर मनु भाकेर ने शूटिंग वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड हासिल किया था. इसके साथ ही भारत 3 गोल्ड और 4 कांस्य पदक के साथ मेडल टैली में नंबर 1 पर है. इस समारोह का समापन 12 मार्च को होगा.

इस इवेंट में मनु भाकेर और शूटर शहजर रिजवी के गोल्ड के बाद शूटर मेहुली घोष ने भी देश का नाम रोशन किया है. टूर्नामेंट के तीसरे दिन उन्होंने इस वर्ल्ड कप अपना दूसरा पदक जीता. दीपक कुमार के साथ मिलकर मेहुली घोष ने 10 मीटर एयर राइफल मिक्सड टीम इवेंट में कांस्य पदक जीता.

इससे पहले मैक्सिको के ग्वाडलजारा में आयोजित शूटिंग वर्ल्ड कप के दूसरे दिन भारत की तरफ से मनु भाकेर ने गोल्ड पर निशाना साधा था. भारतीय महिला शूटर मनु भाकेर ने शूटिंग वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड हासिल किया था.

वहीं भारत के शूटर शहजर रिज़वी ने अपने पहले ही वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले दिन गोल्ड मेडल जीता था. साथ ही इसी इवेंट में भारत के ही स्टार शूटर जीतू राय ने कांस्य पदक जीता है.

दूसरे दिन रवि कुमार ने पुरुषों की 10 मी एयर राइफल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया है. रवि ने पिछले साल तीन फाइनल्स में जगह बनाई थी, जिसमें विश्व कप फाइनल्स भी शामिल था, लेकिन वह पदक नहीं जीत सके थे.

वहीं मेहुली ने भी पहले दिन महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग प्रतिस्पर्धा में कांस्य पर निशाना साधा था. 228.4 प्वाइंट के साथ वह तीसरे स्थान पर रहीं थीं. इस इवेंट का गोल्ड रोमानिया और रजत चीन के पास गया था.

वहीं आपको बता दें कि इस वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतने वालीं हरियाणा के झज्जर की मनु भाकेर की उम्र महज 16 साल है. मनु ने मैक्सिको के अलेजांद्रा जावाला को पछाड़ा, जो दो बार के वर्ल्ड कप फाइनल्स के विजेता हैं. उन्होंने 24 शॉट के फाइनल के अंतिम शॉट में 10.8 अंक का स्कोर बनाया, जिससे उनका कुल स्कोर 237.5 रहा. जावाला ने 237.1 अंक बनाए, जबकि फ्रांस के सेलिन गोबरविले ने 217 से कांस्य पदक प्राप्त किया. ग्यारहवीं कक्षा के छात्र मनु ने हाल में 2018 ब्यूनस आयर्स युवा ओलंपिक खेलों के लिए कोटा स्थान हासिल किया था.

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सौरव गांगुली ने बताया लॉर्ड्स में किसे जवाब देने के लिए उतारी थी शर्ट

पूर्व भारतीय टीम के कप्तान सौरव गांगुली ने आत्मकथा ‘ए सेंचुरी इज नॉट एनफ’ में अपने क्रिकेट से जुड़े कई लम्हों को फैंस के सामने लाने का काम किया है। इस किताब को जल्द ही लॉन्च किया जाना है, लेकिन लॉन्च से पहले किताबों के कुछ अंश का जिक्र गांगुली ने फैंस के साथ किया। जर्नलिस्ट बरखा दत्त से बात करते हुए सौरव गांगुली ने साल 2002 में खेले गए नैटवेस्ट सीरीज का जिक्र किया। गांगुली ने कहा. ”फाइनल मैच जीत से टीम काफी उत्साहित थी और जहीर खान के विनिंग शॉट लगाते ही मैं अपने आपको रोक नहीं सका। गांगुली ने बताया कि जीतने के बाद शर्ट उतारकर सेलिब्रेट करना सही नहीं था। उस दौरान जीत का जश्न मनाने के लिए और भी कई तरीके थे”। गांगुली ने कहा, ”जब इंग्लैंड की टीम भारत आई थी तो एंड्र्यू फ्लिंटॉफ ने यह काम किया था। लॉर्ड्स में फाइनल मुकाबला जीतने के बाद मैंने भी कुछ ऐसा ही किया। हालांकि, इस घटना के बाद इस चीज को लेकर काफी पछतावा हुआ और मैं आज तक इस बात का अफसोस कर रहा हूं। रियल लाइफ में मैं इस तरह का इंसान नहीं हूं। खुशी जाहिर करने को और भी तरीके थे, लेकिन क्रिकेट का जुनून मुझ पर इस कदर हावी था कि मैंने फ्लिंटॉफ को उन्हीं के अंदाज में जवाब देना बेहतर समझा”।

बता दें कि इंग्लैंड की टीम ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत को वनडे सीरीज के फाइनल मुकाबले में हराया था। जिसके बाद जब भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर गई थी तो वहां वो जीतने में कामयाब रही। इस मैच में मुश्किल परिस्थितियों से निकलकर भारतीय खिलाड़ियों ने जीत हासिल की थी। लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल मैच में इंग्लैंड की टीम ने 50 ओवर में 5 विकेट खोकर 325 रन बनाने में सफल रही थी।

जब मुशर्रफ ने सौरभ गांगुली से कहा था ऐसा करके हमें मुसीबत में मत डालिए

326 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी रही। कप्तान सौरव गांगुली और सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 106 रनों की पार्टनरशिप की। इसके बाद सहवाग 45 तो गांगुली 60 रन बनाकर आउट हो गए। इन दोनों के अलावा युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने टीम को जीत की ओर बढ़ाने का काम किया। अंतिम ओवर में भारतीय टीम ने दो विकेट से इस मैच को अपने नाम कर लिया।

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महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शुरू हुई मशरूम और कीड़ा-जड़ी की ऑनलाइन बिक्री। आज ही आर्डर करें!

मशरूम में जहा आपको तंदुरुस्त रखने की सभी खूबियां होती हैं वही कीड़ा-जड़ी एक अत्यंत लाभकारी और दुर्लभता से पायी जाने वाली औषिधीय गुणों से युक्त विशिष्ट मशरूम प्रजाति है। हमारी कंपनी ने देहरादून की मशरूम उत्पादक और शोध कार्य करने वाली अग्रणी कंपनी सौम्या फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर मशरूम और कीड़ा-जड़ी की ऑनलाइन बिक्री करने हेतु हाथ मिलाया है।

हमारे माध्यम से कीड़ा-जड़ी को वास्तविक रूप में आप तक पहुँचाने का ये प्रयास अपने आप में अनोखा है। हमारे पास उपयुक्त स्रोत हैं जिसका लाभ आप भी उठा सकते हैं। आपको अब हिमालय के वन क्षेत्रों में कीड़ा-जड़ी को खोजने की आवश्यकता नहीं है। आपको ऍफ़ एस एस ए आई द्वारा स्वीकृत एवं प्रमाणित 100% शुद्ध मशरूम व कीड़ा-जड़ी घर बैठे ही मिल सकती है।
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सौम्या फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर दिव्या रावत जी के अथक परिश्रम और शोध के फलस्वरूप ये मुमकिन हो पाया है। हमारा प्रयास है की पहाड़ों में होने वाला पलायन रोका जा सके और वहां के लोगों को वह व्यवसाय दिया जाये जिससे उनका जीवन यापन आसानी से हो सके। इन अभूतपूर्व प्रयासों के फलस्वरूप दिव्या जी को राष्ट्रपति से नारीशक्ति पुरुस्कार मिल चुका है और नित नए प्रयासों के लिए इनकी जितनी सराहना की जाये कम है।

हम आपको उपलब्ध करा रहे हैं ओएस्टर मशरुम सौ ग्राम के पैक में, तथा जल्द ही शिटाके और गैनोडर्मा मशरुम भी हमारे पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही मशरुम के विभिन्न आचार का भी आनंद आप घर बैठे ले सकेंगे।

Oyster Mushrooms 100 Grams

 

कीड़ा-जड़ी हमारे पास दस ग्राम के पैक से शुरू है जोकि आपको तीन सौ रूपये प्रति ग्राम की साधारण राशि में मिल जाएगी। इसके अलावा पचीस ग्राम का पैक तथा पचास ग्राम का पैक भी उपलब्ध है। पचास ग्राम के पैक में आपको 1250 रूपये की बचत होगी। इसलिए इंतिजार मत कीजिये, आर्डर कीजिये।

Cordyceps Militaris/ कीड़ा-जड़ी 50 Grams

जाने मशरुम और कीड़ा-जड़ी की अनमोल खूबियों के बारे में, सिर्फ एक क्लिक में। STAY HEALTHY! STAY BLESSED!

ॐ नमः शिवाय !

 

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INDvsSA : 5 हीरो जिन्होंने दिलाई टीम इंडिया को कभी न भूलने वाली जीत

टीम इंडिया को आखिरकार वह जीत मिल ही गई, जिसके लिए टीम पिछले 26 साल से इंतजार कर रही थी. टेस्ट सीरीज में पहले दो टेस्ट बुरी तरह हारने के बाद टीम इंडिया का टेस्ट सीरीज जीतने का सपना टूट गया. लेकिन जोहानिसगबर्ग में तीसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया को मिली जीत के बाद सब कुछ बदल गया. टीम ने छह मैचों की सीरीज के 5वें मैच में ही सभी हार और इतिहास को भुलाते हुए अफ्रीका को पहली बार उसकी ही धरती पर धूल चटा दी. टीम को इस जीत के लिए 26 साल लंबा इंतजार करना पड़ा.

टीम इंडिया की इस जीत में अगर ध्यान से देखें तो 5 खिलाड़ियों का सबसे अहम योगदान रहा. विराट कोहली, शिखर धवन, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव और पांचवें मैच में फॉर्म में लौटे रोहित शर्मा. एक मैच में रहाणे का बल्ला भी बोला. हालांकि टीम का मध्यक्रम इस पूरी सीरीज में बुरी तरह नाकाम साबित हुआ. ये टीम के लिए चिंता की बात होगी.

वैसे देखे जाए तो इस पूरी सीरीज में अगर शिखर धवन और विराट कोहली का बल्ला अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं गरजता तो भारत को ये ऐतिहासिक जीत शायद ही मिलती. टीम इंडिया के इन दो बल्लेबाजों ने अफ्रीका में सबसे ज्यादा रन बनाए. यही हाल गेंदबाजी में रहा. टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज इस सीरीज में कुछ खास कमाल नहीं कर सके.

1. विराट कोहली : इस सीरीज के सबसे बड़े हीरो विराट कोहली ही रहे. टेस्ट के बाद वनडे सीरीज में भी वह 5 मैचों में सबसे ज्यादा रन बना चुके हैं. उनके बल्ले ने अब तक 2 शतक और दो अर्धशतकों की मदद से 429 रन बनाए हैं. विराट दक्षिण अफ्रीका में द्विपक्षीय वनडे सीरीज में 350 से अधिक रन बनाने वाले एबी डिविलियर्स के बाद दूसरे बल्लेबाज बन गए. डिविलियर्स ने 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ 367 रन बनाये थे.

2. शिखर धवन : 5 मैचों में शिखर धवन अब तक 305 रन बना चुके हैं. इसमें 2 अर्धशतक और 1 शतक शामिल है. चौथे मैच में उन्होंने अपने 100वें मैच में शतक जड़कर पहले भारतीय होने का गौरव पाया. इससे पहले अपने 100वें मैच में कोई भी भारतीय खिलाड़ी शतक नहीं जड़ पाया था. इस पूरी सीरीज में वह शानदार रहे हैं.

3. युजवेंद्र चहल : युजवेंद्र चहल 5 मैचों की 5 पारियों में 14 विकेट ले चुके हैं. अफ्रीका की तेज पिचों पर किसी स्पिनर का इस तरह से विकेट लेना अचंभित कर रहा है. एक बार वह 5 विकेट भी ले चुके हैं. वह इस सीरीज में विदेशी दौरे पर किसी भी भारतीय द्वारा लिए गए सबसे ज्यादा विकेटों के रिकॉर्ड को तोड़ना चाहते हैं. मैच अभी बाकी हैं, हो सकता है वह इसमें कामयाब हो जाएं.

4. कुलदीप यादव : चहल और कुलदीप यादव में अफ्रीका में सबसे ज्यादा विकेट लेने की होड़ मची हुई है. कुलदीप भी 16 विकेट हासिल किए हैं.  पांचवें मैच में कुलदीप ने 4 विकेट झटके. एक ही ओवर में उन्होंने 3 विकेट लेकर अफ्रीका की कमर तोड़ दी. दोनेां की बेखोफ गेंदबाजी मैदान के अंदर ही नहीं मैदान के बाहर भी क्रिकेट विशेषज्ञों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है.

5. रोहित शर्मा : वैसे तो रोहित सीरीज के चार मैचों बुरी तरह असफल रहे, लेकिन पांचवें मैच में टीम इंडिया को जीत उन्हीं के शतक की बदौलत मिली. उन्होंने मैच में सभी नाकामियों को भुलाकर 115 रनों की पारी खेली. 5 मैचों में रोहित ने 155 रन बनाए. सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारत के ही पहले 3 बल्लेबाज रहे.

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SOCIAL FEED: ‘आख़िरकार एक विश्व कप, राहुल द्रविड़ के नाम’

भारतीय टीम के अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप जीतने पर बधाइयों का सिलसिला जारी है.

सोशल मीडिया पर बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई है. ट्विटर पर टॉप-10 में से नौ ट्रेंड भारतीय टीम की जीत से जुड़े हैं.

बहुत सारे लोग इस जीत का श्रेय टीम के प्रदर्शन के साथ साथ कोच राहुल द्रविड़ को भी दे रहे हैं.

जीत के बाद मैदान पर भारतीय टीम ने इस तरह जश्न मनाया.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर सीनियर टीम के कप्तान विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर, कई खिलाड़ियों और सिने सितारों ने भी भारतीय टीम को जीत की बधाई दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा,

“हमारे नौजवान क्रिकेटरों की विलक्षण उपलब्धि से बहुत प्रसन्न हूं. अंडर-19 विश्व कप जीतने पर उन्हें बधाई. इस जीत से प्रत्येक भारतीय गर्व महसूस कर रहा है. ”

राष्ट्रपति ने भी विजेता टीम के कप्तान पृथ्वी शॉ और बाकी खिलाड़ियों पर गर्व जताते हुए बधाई दी.

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने एक तस्वीर पोस्ट करते हुए बधाई दी. उन्होंने लिखा, “अंडर-19 के लड़कों की यह क्या शानदार जीत है. इसे मील के पत्थर की तरह लो, अभी बहुत आगे जाना है. इस क्षण का आनंद लो.”

सचिन तेंदुलकर ने एक वीडियो पोस्ट करके टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं.

केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने भी ट्वीट करके टीम और कोच को बधाई दी.

वीरेंद्र सहवाग ने लिखा, “ये लड़के इतने सुरक्षित हाथों में हैं. राहुल द्रविड़ के सुरक्षित हाथ. इन नौजवानों और भारतीय क्रिकेट के भविष्य में महान महान योगदान. हमारे पास कुछ शानदार प्रतिभाएं हैं.”

युवराज सिंह, रोहित शर्मा, सुरेश रैना, रवि शास्त्री, आर अश्विन और ज़हीर ख़ान ने भी टीम को बधाई दी है.

सुरेश रैना ने लिखा कि टीम के कोच राहुल द्रविड़ को विशेष मुबारकबाद, जिन्होंने पर्दे के पीछे लगातार कड़ी मेहनत करके इस टीम को अपनी असल क्षमता हासिल करने में मदद की.

क्रिकेट एक्सपर्ट मोहनदास मेनन ने इस जीत को पूरी तरह राहुल द्रविड़ की जीत बताते हुए लिखा, “आख़िरकार एक विश्व कप, राहुल द्रविड़ के नाम. इसका उनसे बड़ा हक़दार कोई नहीं.”

फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी ने लिखा, “अपनी उम्र को अपने स्कोर से पीछे छोड़ दिया! ‘दीवार’ की ओर से प्रशिक्षित इस टीम को शीर्ष पर पहुंचना ही था. क्या शानदार जीत है. अद्भुत राहुल द्रविड़. भारतीय होने पर गर्व है.”

अभिनेता अनिल कपूर ने लिखा, “और हमारे लड़कों ने यह फिर कर दिखाया. आप सबको खेलते देखना शानदार अनुभव था.”

भारत ने विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराया..

मनजोत कालरा (101) और हार्विक देसाई (47) के बेहतरीन नाबाद पारियों की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिला 217 रनों का लक्ष्य 38.5 ओवरों में दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया.

भारत ने चौथी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता है. इससे पहले भारतीय टीम साल 2000, 2008 और 2012 में ये ख़िताब अपने नाम किया था.

बीसीसीआई ने टीम के लिए पुरस्कार राशि का भी ऐलान किया है. टीम के कोच राहुल द्रविड़ को 50 लाख और टीम के खिलाड़ियों को 30-30 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

सपोर्ट स्टाफ़ के हर सदस्य को 20 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.