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टीवी खरीदने से पहले जानें OLED और QLED में अंतर: क्या है खूबियां

OLED और QLED में क्या अंतर है? कौन सी तकनीक ज्यादा अच्छी है? इनमें से कौन सी तकनीक हमारे काम की है और हमें इन दो डिस्प्ले में से किसे खरीदना चाहिए? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो एक आम यूजर्स के दिमाग में हमेशा आते हैं। कहना गलत नहीं होगा कि इन टेक टर्म्स ने यूजर्स को और भी ज्यादा कन्फ्यूज कर दिया है। ऐसे में अगर आप भी OLED और QLED को लेकर कन्फ्यूज्ड हैं, तो आपको हमारी ये खबर पूरी पढ़नी होगी, जिसके बाद आपकी सारी शंकाएं खत्म हो जाएंगी।

क्या है OLED?

  • ‘ओएलईडी’ टीवी को देखते ही हमारे मूंह से पहली चीज निकलती है ‘शानदार’। ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले काफी स्मूथ होता है, इसमें करल और कॉन्ट्रास्ट निखर कर आता है।
  • ‘ओएलईडी’ का फुल फॉर्म ‘ऑर्गेनिक लाइट इमिटिंग डायोड’ है।
  • इस तकनीक में डिस्प्ले अपनी ही लाइट को बाहर फेकता है, जिसके चलते टीवी में भारी बैकलाइट की जरूरत नहीं होती है।
  • ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले एक वॉलपेपर की तरह पतला होता है।
  • ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले का हर पिक्सल खुद रौशनी फेकता है।
  • इस तकनीक में किसी भी इमेज को पिक्सल के आधार पर कंट्रोल किया जाता है।
  • ‘ओएलईडी’ पैनल में सेमी कंडक्टर्स के बीच ऑर्गेनिक फर्म्स को लगाया जाता है, इसके बाद इसमें बिजली की सप्लाई दी जाती है, ताकि हर पिक्सल स्विच ऑन या स्विच ऑफ हो सके।
  • ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले पर अंधेरा या ज्यादा रौशनी देखने में रियल लगता है।
  • डिस्प्ले को ऐसे डिजाइन किया जाता है कि आपकी आंखें तेजी से कलर और कॉन्ट्रास्ट को एडजस्ट कर लेती हैं।

क्या है QLED?

  • ‘क्यूएलईडी’ का फुल फॉर्म ‘क्वांटम डॉट लाइट एमिटिंग डायोड’ है।
  • ‘क्यूएलईडी’ डिस्प्ले प्रीमियम टीवी में आता है।
  • ‘क्यूएलईडी’ डिस्प्ले ‘ओएलईडी’ से बिल्कुल अलग है।
  • ‘क्यूएलईडी’ डिस्प्ले खुद लाइट इमिट नहीं करते हैं।
  • ‘क्यूएलईडी’ डिस्प्ले की खासियत है इसका क्वांटम डॉट कलर फिल्टर है।
  • क्वांटम डॉट कलर फिल्टर की वजह से ‘क्यूएलईडी’ डिस्प्ले में ज्यादा ब्राइटनेस होता है।

इन मामलो में ‘क्यूएलईडी’ है परफेक्ट

  • ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले के मुकाबले ‘क्यूएलईडी’ में ज्यादा ब्राइटनेस मिलता है।
  • ‘ओएलईडी’ के मुकाबले ‘क्यूएलईडी’ डिस्प्ले में ज्यादा शानदार कलर एक्सपीरियंस मिलता है।

इन मामलों में ‘ओएलईडी है बेस्ट’

  • रिस्पांस टाइम की बात करें तो यहां ‘ओएलईडी’ बाजी मार रहा है, जो ‘क्यूएलईडी’ से ज्यादा तेज रिस्पांस करता है।
  • ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले का कॉन्ट्रास्ट ‘क्यूएलईडी’ के मुकाबले ज्यादा अच्छा है।
  • ब्लैक कलर का एक्सपीरियंस आपको ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले पर ज्यादा अच्छा मिलेगा।
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India’s Most Wanted के होस्‍ट रहे सुहैब इलियासी को उम्रकैद, 17 साल बाद फैसला

चर्चित शो ‘इंडियाज मोस्ट वांटेड’ के जरिये अपराधियों की नींद उड़ाने वाले सुहैब इलियासी को पत्नी अंजू की हत्या के मामले में दिल्‍ली की कड़कड़ड़ूमा अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। शनिवार (16 दिसंबर) को कोर्ट ने सुहेब इलियासी को पत्नी की हत्या में दोषी करार दिया था।

गौरतलब है कि 11 जनवरी, 2000 को सुहैब के घर पर पत्नी अंजू की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मर्डर करने के लिए दोषी ने कैंची का इस्तेमाल किया था।

28 मार्च, 2000 को पुलिस ने सुहेब को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद सुहेब के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या की धारा के तहत आरोप तय किए गए थे।

जांच में सामने आया था कि दोनों के बीच दहेज को लेकर आपसी झगड़े की वजह से सुहेब ने पत्नी की हत्या कर दी थी। हत्या को अंजाम देने के दौरान उसने अंजू की महिला मित्र रीता को फोन कर कहा कि अंजू ने आत्महत्या कर ली है। इसके बाद सुहेब की साली और सांस ने दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। इसको लेकर भी दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर मुकदमा चल रहा था।

90 के दशक में सुहैब का था जलवा

दरअस, इंडियाज मोस्ट वांटेड फेम सुहैब इलियासी उस वक्त इतने फेमस इसलिए भी हो गये थे क्योंकि यह टीवी शो भगोड़े अपराधियों पर आधारित था और यह देश का इस तरह का पहला टीवी शो था। इनके शो से पुलिस को केस समझने में भी काफी आसानी होती थी। इलियासी का जन्म 15 नवंबर 1966 को हुआ था।

पढ़ाई के दौरान ही सुहैब की अंजू से मुलाकात

सुहैब की पढ़ाई जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय से हुई है। 1989 में पत्राकारिता की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही सुहैब अंजू से मिले थे। जामिया में मास कम्यूनिकेशन रिसर्च सेंटर से पढ़ाई पूरी करने के बाद सुहैब लंदन चले गए, जहां उन्होंने 1991 में टीवी एशिया में काम किया। इसी बीच 1993 में सुहैब और अंजू ने स्पेशल कोर्ट मैरिज एक्ट के तहत शादी रचा ली।

1995 में पत्नी अंजू के साथ मिलकर सुहैब ने क्राइम शो बनाया, मगर इंडिया में सभी चैनलों ने उसे दिखाने से इनकार कर दिया। नब्बे के दशक में कोई भी टीवी चैनल इस तरह के शो को दिखाने के लिए तैयार नहीं था। मगर बाद में काफी मान-मनौव्वल के बाद जी टीवी ने उनके शो को प्रसारित करने के लिए तैयार हो गया।

जी टीवी पर शुरू हुआ इंडियाज मोस्ट वांटेड शो

सुहैब इलियास ने जी टीवी पर अपना शो इंडियाज मोस्ट वांटेड प्रारंभ किया। कहा जाता है कि करीब 30 अपराधी के बारे में शो चलाया गया और बाद में कई पकड़े भी गये। ऐसे कई अपराधी थे जिनके ऊपर शो करने के बाद पुलिस हरकत में आती थी।

एक बार तो एक अपराधी के ऊपर शो फीचर किया गया, तब जाकर पुलिस उसे मार पाई। हालांकि, बाद में इलियासी को पुलिस ने क्रेडिट भी दिया था। शुरुआत में इस शो की योजना महज 52 एपिसोड के लिए थी, मगर बाद में जीटीवी ने शो के एपिसोडो को और बढ़ा दिया। इस शो की लोकप्रियता इतनी हो गई थी कि अक्सर इसकी टीआरपी अव्वल होती थी।