Posted on Leave a comment

सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी, छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 10 नक्सली ढेर

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। बीजापुर के नक्सल प्रभावित पुजारी कांकेर इलाके में तेलंगाना पुलिस और छत्तीसगढ़ पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में 10 नक्सलियों को मार गिराया गया। स्पेशल डीजी डीएम अवस्थी (नक्सल ऑपरेशंस) ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान में मिली इस सफलता की पुष्टि की है। इस ऑपरेशन में एक पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गया।

सुरक्षाबलों की यह कामयाबी इसलिए भी बेहद अहम है क्योंकि हाल ही में छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में नक्सलियों ने घात लगाकर सुरक्षाबलों को निशाना बनाया था। नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन पुलिस जवान घायल हो गए थे। संयुक्त दल जब मुंगारी और दुलारगुफा के मध्य पहाड़ी में था, तभी घात लगाए नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी थी।

25 फरवरी को भी नक्सलियों ने विस्फोट कर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के दो जवान को जख्मी कर दिया था। घायलों में एक सहायक प्लाटून कमांडर भी शामिल था। वहीं, बीते 18 फरवरी को सुकमा में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए थे। शहीद जवानों में एक एसटीएफ और एक डीआरजी से जुड़े थे।

Posted on Leave a comment

भारत में नहीं चलेगी लोन वुल्फ अटैक की चाल, NSG कमांडोज ले रहे खास ट्रेनिंग

पूरी दुनिया में आतंकवादी संगठनों ने आतंकवादी वारदात की जो लोन वुल्फ अटैक की नई रणनीति अपनाई है, वह भारत में कामयाब नहीं होगी. क्योंकि हमारे NSG कमांडोज आतंकवाद की इस नई चुनौती से निपटने की तैयारी में जुट चुके हैं.

पश्चिमी देशों में किसी एक आतंकवादी द्वारा वाहन को भरी भीड़ पर चढ़ा देना या चाकू से हमला कर लोगों को मार देने जैसे आतंकवादी वारदात तेज हो गए हैं. जिसे देखते हुए भारत में इस तरह के आतंकवादी हमलों से निपटने के लिए NSG कमांडोज को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है.

सेना के सूत्रों का भी कहना है कि किसी अकेले आतंकवादी द्वारा बिना ज्यादा पैसा खर्च किए किसी भीड़-भाड़ भरी जगह में इस तरह का लोन वुल्फ अटैक कहीं अधिक खतरनाक है.

फ्रांस के नीस में हाल ही में इसी तरह के आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया, जब एक आतंकवादी ने भीड़ से भरे बाजार में छुट्टियां मना रहे लोगों पर ट्रक चढ़ा दी. इस आतंकी हमले में 86 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से अधिक घायल हुए थे.

भारत में अमूमन इस तरह के हमलों से निपटने के लिए ब्लैक कैट कमांडोज को ट्रेन किया जाता है. इस आतंकवाद-रोधी फोर्स के जवानों को कई देशों की सेनाएं ट्रेनिंग देती हैं.

सूत्रों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने फ्रांस और जर्मनी में हाल के दिन में हुए इस तरह की लोन वुल्फ अटैक घटनाओं और लंदन ट्यूब में विस्फोटक रखे जाने की घटनाओं का अध्ययन किया.

NSG के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया, “अकेले आतंकवादी द्वारा चाकू से हमला करना या ट्रक चढ़ा देने जैसे आतंकवादी हमलों की गंभार संभावनाएं हैं, क्योंकि पूरी दुनिया में यह तेजी से हो रहा है. हम इससे निपटने के लिए अपनी तकनीक खुद इजाद कर रहे हैं, साथ ही दूसरे देशों के सुरक्षाबलों की भी मदद ले रहे हैं कि कैसे इस तरह के हमले से बेहतर तरीके से निपटा जा सके.”