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फेक न्यूज पर लगाम कसने के लिए केंद्र ने जारी किए सख्त दिशानिर्देश

फेक न्‍यूज पर लगाम कसने के लिए केंद्र की ओर से पत्रकारों के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए हैं जिसके तहत ऐसी खबरों के प्रकाशन पर उनको सस्‍पेंड किया जा सकता है या उनकी प्रेस मान्‍यता रद कर दी जाएगी।

सोमवार को जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि प्रिंट व टेलीविजन मीडिया के लिए दो रेगुलेटरी संस्‍थाएं- प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और न्‍यूज ब्रॉडकास्‍टर्स एसोसिएशन (NBA), यह निश्‍चित करेगी कि खबर फेक है या नहीं। दोनों को यह जांच 15 दिन में पूरी करनी होगी। एक बार शिकायत दर्ज कर लिए जाने के बाद आरोपी पत्रकार की मान्यता जांच के दौरान भी निलंबित रहेगी।

दोनों एजेंसियों द्वारा फेक न्‍यूज की पुष्‍टि किए जाने के बाद पहली गलती पर छह माह के लिए मान्‍यता रद की जाएगी, दूसरी बार में एक साल के लिए मान्‍यता रद हो जाएगी लेकिन तीसरी बार में स्‍थायी रूप से पत्रकार की मान्‍यता खत्‍म कर दी जाएगी।

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SBI को छोड़ सभी सरकारी बैंकों पर भारी पड़ा बंधन बैंक, लिस्टिंग का मिला फायदा

कोलकाता की प्राइवेट सेक्टर की बंधन बैंक ने मार्केट कैप के मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को छोड़ सभी सरकारी बैंकों को पीछे छोड़ दिया। मंगलवार को बंधन बैंक की स्टॉक मार्केट में शानदार एंट्री हुई। बंधन बैंक का स्टॉक एनएसई पर 33 फीसदी प्रीमियम के साथ 499 रुपए पर लिस्ट हुआ। वहीं बीएसई पर स्टॉक 29.33 फीसदी प्रीमियम के साथ 485 रुपए पर लिस्ट हुआ। शुरुआती कारोबार में बीएसई पर स्टॉक 494.80 के हाई पहुंचा। हाई प्राइस बंधन बैंक मार्केट कैप 58,888.78 करोड़ रुपए हो गया।

21 सरकारी बैंकों पर पड़ा भारी

हाई प्राइस बंधन बैंक मार्केट कैप 58,888.78 करोड़ रुपए हो गया। मार्केट कैप के लिहाज से बंधन बैंक देश की 22 सरकारी बैंकों में 21 बैंकों से आगे निकल गई। बंधन बैंक देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) से पीछे है जिसका मार्केट कैप 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। सरकारी बैंकों में पीएनबी, कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, यूनियन बैंक, ओरिएंटल बैंक शामिल है।

प्राइवेट बैंकों के मार्केट कैप के लिहाज से बंधन बैंक सातवें नंबर पर पहुंच गई है। इससे आगे एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक और यस बैंक है।

14.6 गुना भरा था आईपीओ

– बंधन बैंक के आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। बंधन बैंक का आईपीओ 15 मार्च को खुला था और 19 मार्च 2018 को बंद हुआ था।
– बंधन बैंक का आईपीओ 14.6 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
– क्यूआईपी हिस्सा 38.67 गुना भरा। वहीं एचएनआई हिस्से को 13.89 गुना बिड मिली।
– बंधन बैंक ने आईपीओ के लिए 370-375 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।

बैंक का बिजनेस

– बंधन बैंक लिमिटेड बैंकिंग और फाइनेंशियल कंपनी है। माइक्रो फाइनेंस कंपनी के रूप में यह शुरू हुआ था जिसे करीब 3 साल पहले बैंकिंग लाइसेंस मिला है। कंपनी का मार्केट कैप 45000 करोड़ रुपए है। इस फाइनेंशियल में कंपनी को 1500 करोड़ प्रॉफिट की उम्मीद है। पिछले 2 फाइनेंशियल से बैंक को अच्छा मुनाफा हो रहा है।

– 31 दिसंबर 2017 तक बंधन बैंक के 887 ब्रांच और 430 एटीएम हैं और उसके 21.3 लाख कस्टमर्स हैं। ईस्ट और नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के साथ बंगाल, असम और बिहार में बैंक का डिस्ट्रीब्यून नेटवर्क मजबूत है।

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विजय माल्या की संपत्ति कुर्क करने का आदेश, 8 मई तक स्टेटस रिपोर्ट देगा ED

शराब कारोबारी और भारतीय बैंकों से करोड़ों का लोन लेकर न चुकाने वाले भगोड़े विजय माल्या को दिल्ली की एक अदालत ने मनीलॉन्ड्रिंग के एक मामले में संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशायल (ईडी) को माल्या की संपत्ति जब्त करके उसे कुर्क करने का भी आदेश दिया है। कोर्ट ने ईडी को माल्या की संपत्ति कुर्क करने और स्टेटस रिपोर्ट देने के लिए 8 मई तक का समय दिया है।
ईडी का आरोप
ईडी ने कोर्ट में माल्या के आरोप पत्र में कहा था कि माल्या ने 1996, 1997 और 1998 में लंदन में हुई फार्मूला वन रेसिंग के दौरान एक ब्रिटिश फर्म को लगभग 1 करोड़ 29 लाख रुपए दिए थे। आरोप है कि माल्या ने यह पैसा अपनी कंपनी किंगफिशर के लोगों को यूरोप में दिखाने की एवज में दिए थे। आरोप है कि यह भुगतान आर.बी.आई. से बैगर अनुमति लिए दिए गए थे। इसे फॉरेन एक्सचेंज रेग्युलेटरी अथॉरिटी (फेरा) का उल्लंघन माना गया। दिल्ली की एक कोर्ट ने इस मामले में विजय माल्या के खिलाफ समन जारी किया था लेकिन हाजिर न होने पर कोर्ट ने अपराधी घोषित कर दिया।
माल्या पर कुल कितना कर्ज?
31 जनवरी 2014 तक किंगफिशर एयरलाइन्स पर 17 बैंकों का 6,963 करोड़ रुपए बकाया था। इस कर्ज पर ब्‍याज के बाद माल्या की कुल देनदारी 9,432 करोड़ रुपए हो चुकी है। सी.बी.आई. ने 1000 से भी ज्‍यादा पेज की चार्जशीट में कहा कि किंगफिशर एयरलाइन्स ने IDBI की तरफ से मिले 900 करोड़ रुपए के लोन में से 254 करोड़ रुपए का निजी इस्‍तेमाल किया। किंगफिशर एयरलाइन्स अक्तूबर 2012 में बंद हो गई थी। दिसंबर 2014 में इसका फ्लाइंग परमिट भी कैंसल कर दिया गया।लंदन में सुनवाई जारी
विजय माल्या प्रत्यर्पण के मामले में फिलहाल जमानत पर चल रहे हैं। उनके खिलाफ कोर्ट में सुनवाई जारी है। हालांकि, उम्मीद है कि अगले 2 महीने में इस पर फैसला आ जाए। सी.बी.आई. को उम्मीद है कि वह विजय माल्या को भारत लाने में सफल साबित होगी।

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विपक्ष के बर्हिगमन के बीच विधानसभा में UP-COCA विधेयक पारित

विपक्ष के व्यापक विरोध और सदन से बर्हिगमन के बीच विधानसभा में उत्तर प्रदेश संगठित अपराध निरोधक विधेयक (यूपीकोका)आज एक बार फिर पारित हो गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधेयक पेश करते हुए इसे राज्य की कानून व्यवस्था के लिये जरुरी बताया, जबकि विपक्ष का कहना था कि यह विधेयक लोकतंत्र विरोधी है और इसका जमकर दुरुपयोग किया जायेगा। विपक्ष का कहना था कि विधेयक में कई खामियां हैं, इसलिये इसे विधानसभा की प्रवर समिति को सौंप दिया जाये। इससे पहले विधानसभा से गत 21 दिसंबर को विधेयक पारित होने के बाद विधान परिषद भेजा गया था।

परिषद ने विधेयक को प्रवर समिति के हवाले कर दिया था। प्रवर समिति से बिना संशोधन के विधेयक परिषद वापस कर दिया गया था। परिषद में विपक्ष का बहुमत होने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। इसलिये सरकार ने आज इसे फिर सदन में पेश किया। विपक्ष के व्यापक विरोध के बीच यूपीकोका विधेयक पारित हो गया।

विधेयक के पारित होने के बाद अब इसे मंजूरी के लिये राज्यपाल रामनाईक के पास भेजा जायेगा। अगर जरूरी हुआ तो राज्यपाल विधेयक को राष्ट्रपति के पास भी संदर्भित कर सकते है। सरकार का दावा है कि यूपीकोका से भूमाफिया, खनन माफिया समेत अन्य संगठित अपराधों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। सफेदपोशों को बेनकाब करने वाले इस कानून में 28 ऐसे प्रावधान है जो गिरोहबंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) का हिस्सा नही थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपीकोका के जरिये फिरौती के लिये अपहरण,अवैध खनन, अवैध शराब की बिक्री, बाहुबल के बूते ठेकों को हथियाना, वन क्षेत्र में अतिक्रमण और वन संपत्तियों का दोहन,वन्य जीवों का शिकार और बिक्री, फर्जी दवाओं का कारोबार, सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जा, रंगदारी जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लग सकेगा। इसके जरिये संगठित अपराध करने वाले लोगों की मदद करने वालों पर भी नकेल कसी जा सकेगी।

योगी ने कहा कि समाज और राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा पैदा करने वालों के खिलाफ यह कानून प्रभावी होगा। पांच वर्ष में एक से अधिक मामलों में जिसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल होंगें, उन्हीं पर यह कानून लागू होगा। यूपीकोका लगाने से पहले पुलिस महानिरीक्षक या उपमहानिरीक्षक से अनुमोदन लेना जरुरी होगा। इसमें अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने से पहले भी इन्हीं अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।

उन्होंने कहा कि इस कानून का दुरुपयोग रोकने के लिये उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय अपील प्राधिकरण बनाया जायेगा। इसमें प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक स्तर का अधिकारी सदस्य होगा। इसके लिये प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय निगरानी समिति का भी गठन किया जायेगा। ऐसी ही समिति जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित होगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि इस कानून का कोई दुरुपयोग नहीं कर सकता। हाँ, समाज की व्यवस्था और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये एक साल में किये गये कार्यों का सिलसिलेवार ब्याैरा दिया।

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ब्लूमबर्ग मीडिया का दावा: 2019 छोड़िए जनाब, 2029 तक पीएम रहेंगे नरेंद्र मोदी

यूपी उपचुनाव के नतीजों में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है क्योंकि उसे हराने के लिए उसके सारे विरोधी एक जुट हो गए। जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा के सारे विरोधी एक साथ होकर चुनाव लड़ेंगे, जिससे कि नरेंद्र मोदी को पीएम बनाने से रोका जाए। लेकिन इसी बीच भाजपा के लिए एक सुखद खबर आई है, जिसने उसे मुस्कुराने का मौका दे दिया है।

ब्लूमबर्ग मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक नरेंद्र मोदी केवल 2019 ही नहीं बल्कि 2029 तक प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं। पीएम मोदी भारत देश में बहुत ज्यादा लोकप्रिय हैं ब्लूमबर्ग मीडिया समूह ने दुनिया के 16 देशों के नेताओं का एक आकलन किया है, जिसके बाद उसने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पीएम मोदी भारत देश में बहुत ज्यादा लोकप्रिय हैं। उनके प्रशंसक एक 10 साल का बच्चा भी है तो वहीं 90 साल के बुजुर्ग भी उन्हें पसंद करते हैं। Loading ad मोदी को लोग पसंद करते हैं ये ही उनकी ताकत है, भाजपा को लोग पसंद करे ना करें लेकिन मोदी को लोग पसंद करते हैं और उनकी बातों पर भरोसा करते हैं , जिसके कारण लोग उन्हें देश के कल्याण के लिए एक और मौका दे सकते हैं। मोदी की 2029 तक पीएम बने रहने की प्रबल संभावना और अगर ऐसा हुआ तो 2019 में भी उनके नेतृत्व में राजग की सरकार बनेगी, यहीं नहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी की 2029 तक पीएम बने रहने की प्रबल संभावना है। उनके समक्ष अभी देश में कोई दमदार नेता नहीं है , जिसका फायदा निश्चित तौर पर नरेंद्र मोदी को मिलेगा ।

डोनाल्ड ट्रंप से नाराज है लोग पीएम मोदी के अलावा रिपोर्ट में उत्तर कोरिया के तानाशाह किंग किम जोंग, सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को भी कहा गया है कि ये भी अपने देश की सत्ता लंबे वक्त तक संभाल सकते हैं, जबकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में रिपोर्ट कहती है कि ये जनता के बीच खासे लोकप्रिय नहीं है इसलिए हो सकता है कि ये उनका पहला और आखिरी कार्यकाल हो, संभव है कि वो अपना कार्यकाल भी पूरा ना कर पाए।

व्लादिमिर पुतिन जबकि रूस में राष्ट्रपति चुनाव में भारी बहुमत से जीत दर्ज करने वाले व्लादिमिर पुतिन को 2024 में पद त्यागना पड़ सकता है। जबकि नेतन्याहू के बारे में रिपोर्ट कहती है कि उनका नाम घोटलों में शामिल है। अगर वे इसमें दोषी पाए गए तो उनकी सत्ता हाथ से जा सकती है। जबकि ब्लूमबर्ग मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के पीएम शिंजो आबे भी कई आरोपों के घेरे में हैं, ऐसे में उनकी सत्ता में वापसी मुश्किल दिख रही है।

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मोदी से लेकर ट्रंप तक, जानें ये बड़ी हस्तियां किन स्मार्टफोन्स का करते हैं इस्तेमाल

तकनीक के क्षेत्र में स्मार्टफोन्स ने जितनी तरक्की की है वो दूसरे किसी भी गैजेट्स के लिए एक मिसाल है। स्मार्टफोन्स में आए दिन हो रहे बड़े बदलावों ने यूजर्स को हैरान कर दिया है। ऐसे में यूजर्स के दिमाग में हमेशा सवाल उठाता है कि जिन हस्तियों को वो फॉलो करते हैं वो कौन सा स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं? हम आपको कुछ चुनिंदा हस्तियों के स्मार्टफोन्स के बारे में बताने जा रहे हैं, तो डालते हैं इन नामों पर एक नजर।

नरेन्द्र मोदी- भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के उन लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं जिन्हें तकनीक के काफी लगाव है। पीएम मोदी अक्सर सुनहरे पलों को अपने फोन के कैमरे में कैद करते दिखाई देते हैं। कहना गलत नहीं होगा कि भारत में सेल्फी का प्रचलन पीएम मोदी ने ही शुरू किया। पीएम मोदी को अक्सर आईफोन का इस्तेमाल करते देखा गया है। पीएम मोदी आईफोन 6 के साथ कई जगहों पर देखे गए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप- दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एंड्रायड फोन का इस्तेमाल करते देखा गया है। एक खबर के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप सैमसंग गैलेक्सी एस3 का इस्तेमाल करते पाए गए हैं लेकिन हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उन्होने आईफोन का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। हालांकि इस खबर की अभी कोई भी पुष्टी नहीं हुई है।

बराक ओबामा- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और नोबेल पुरस्कार विजेता बराक ओबामा अपने कार्यकाल के दौरान ब्लैकबेरी स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते नजर आए।

किम जोंग उन- उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन को अक्सर किसी मिसाइल के लॉन्च पर खुशी से झूमते देखा गया है। लेकिन फोन की बात करें जो किम जोंग उन HTC Butterfly फोन के साथ देए गए हैं। ये स्मार्टफोन HTC One का लिमिटेड एडिशन फ्लैगशिप फोन है।

यिंगलक शिनावात्रा- थाईलैंड की पहली महिला प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा को उनके कार्यकाल के वक्त पांच स्मार्टफोन के साथ देखा गया है।

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लंदन में चम्मच चुराते पकड़े गए ममता बनर्जी के साथ गए कई पत्रकार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ आधिकारिक दौरे पर लंदन में साथ गए वरिष्ठ पत्रकारों पर चांदी का सामान चुराने का आरोप लगा है। यहां जब लग्जरी होटल में मेहमानों के लिए डिनर का आयोजन किया गया तो यह मामला सामने आया। आउटलुक की रिपोर्ट के मुताबिक होटल के सुरक्षा अधिकारी भी इस घटना से काफी हैरत में पड़ गए जब उन्होंने सीसीटीवी में वीवीआईपी मेहमानों को ऐसा करते देखा। उन्होंने सीसीटीवी में देखा कि कुछ लोग चांदी के चम्मच चुराकर पर्स और बैग में डाल रहे थे। जब उन्होंने पता लगाया कि यह लोग कौन है तो अधिकारी हैरान रह गए। ये लोग ममता के साथ गए वरिष्ठ पत्रकार और संपादक थे।

रिपोर्ट के अनुसार सबसे पहले टेबल से जिस शख्स ने चम्मच चुराया वह बंगाल के सम्मानित समाचार पत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार थे। एक अन्य वरिष्ठ पत्रकार ने भी वहीं हरकत की। वह अन्य समाचार प्रकाशन के संपादक हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री के अधिकतर विदेशी दौरों पर साथ रहने वाले एक पत्रकार ने दी। बंगाली पत्रकार ने बताया जब पत्रकार चोरी कर रहे थे तो उनको लगा कि उनके आसपास लगे कैमरे काम नहीं कर रहे हैं क्योंकि बंगाल में अक्सर ऐसा होता है कि सीसीटीवी कैमरे काम नहीं करते। यहां उससे उलट हुआ, यहां सारे कैमरे काम भी कर रहे थे और सुरक्षा अधिकारी उन पर नजर भी बनाए हुए थे। सुरक्षा अधिकारियों की नजर में ही सबसे पहले ये हरकत आई।

उन्होंने देखा कि कुछ लोग होटल के सामान की चोरी कर बैग में डाल रहे हैं। जब उनसे पूछताछ हुई तो उन्होंने पहले कहा कि उन्होंने कुछ नहीं लिया है पर जब उनको सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई तो सच्चाई सामने आई। होटल के सुरक्षा दस्ते ने सहयोग न करने पर पूरे मामलों को सार्वजनिक करने की धमकी भी दी। इसपर आरोपी ने चोरी की बात को स्वीकारा। इसके बाद उन्हें 50 पौंड का जुर्माना भरना पड़ा। वे कैमरे में चांदी का सामान अपने बैग में डालते दिखे। अभी तक ममता सरकार की ओर से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है।

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बिजनेस स्कूलों के महज 20 प्रतिशत विद्यार्थियों को मिल पा रही है जॉब

उद्योग एवं वाणिज्य संगठन एसोचैम ने कहा कि बी श्रेणी के बिजनेस स्कूलों को अपने विद्यार्थियों को रोजगार दिलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन के अनुसार महज 20 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही रोजगार मिल पा रहे हैं।

एसोचैम ने कहा कि नोटबंदी, कमजोर कारोबारी धारणा और नयी परियोजनाओं में गिरावट के कारण इन बिजनेस स्कूलों के विद्यार्थियों  के लिए रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं। पिछले साल 30 प्रतिशत विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर मिल जा रहे थे।

एसोचैम के अनुसार, बिजनेस स्कूलों और इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों को मिलने वाले वेतन पेशकश में भी पिछले साल की तुलना में 40-45 प्रतिशत की कमी आई है। किसी कोर्स पर 3-4 साल लगाने और लाखों रुपए खर्च करने को लेकर अब अभिभावक और स्टूडेंट्स गंभीरता से सोचने लगे हैं।

एसोचैम ने सुझाव दिया है कि रिसर्च पर ध्यान देने के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया जाए, टीचर्स को प्रशिक्षण दिया जाए, इंडस्ट्री से बेहतर तालमेल हो और स्टूडेंट्स को रोजगार पाने के योग्य बनाने पर ध्यान दिया जाए।