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फेक न्यूज पर लगाम कसने के लिए केंद्र ने जारी किए सख्त दिशानिर्देश

फेक न्‍यूज पर लगाम कसने के लिए केंद्र की ओर से पत्रकारों के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए हैं जिसके तहत ऐसी खबरों के प्रकाशन पर उनको सस्‍पेंड किया जा सकता है या उनकी प्रेस मान्‍यता रद कर दी जाएगी।

सोमवार को जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि प्रिंट व टेलीविजन मीडिया के लिए दो रेगुलेटरी संस्‍थाएं- प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और न्‍यूज ब्रॉडकास्‍टर्स एसोसिएशन (NBA), यह निश्‍चित करेगी कि खबर फेक है या नहीं। दोनों को यह जांच 15 दिन में पूरी करनी होगी। एक बार शिकायत दर्ज कर लिए जाने के बाद आरोपी पत्रकार की मान्यता जांच के दौरान भी निलंबित रहेगी।

दोनों एजेंसियों द्वारा फेक न्‍यूज की पुष्‍टि किए जाने के बाद पहली गलती पर छह माह के लिए मान्‍यता रद की जाएगी, दूसरी बार में एक साल के लिए मान्‍यता रद हो जाएगी लेकिन तीसरी बार में स्‍थायी रूप से पत्रकार की मान्‍यता खत्‍म कर दी जाएगी।

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सहारनपुर में पुलिस की गंदी बात, गाड़ी गंदी होने से बचाने को दारोगा ने ली दो की जान

यूपी पुलिस का अमानवीय चेहरा एक बार फ‍िर सामने आया है। गुरुवार रात सहारनपुर के लिंक रोड पर अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया। हादसे में गम्भीर रूप से घायल दोनों युवक सड़क पर तड़प रहे थे। तभी वहां पंहुची यूपी 100 की गाड़ी को देख लोगो ने दोनों घायलों को अस्पताल ले जाने को कहा। खून से लथपथ दोनों युवकों को देख यूपी 100 के पुलिसकर्मियों ने गाड़ी गंदी हो जाएगी बोलकर दोनों को ले जाने से इन्कार कर दिया।
इसलिए कि खून से लथपथ किशोरों को ले जाने से पुलिस की गाड़ी गंदी हो जाती। आखिरकार एक टेंपो से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। इसका वीडियो वायरल हुआ तो अफसरों की अंतरात्मा जागी। एएसआइ और दो सिपाहियों को निलंबित कर जांच बैठा दी गई है। 

लोगो ने दारोगा के पैर भी पकड़े, मगर दारोगा का दिल नही पसीजा। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे टेंपो में दोनों युवकों को डालकर जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही दोनों की मौत हो चुकी गई थी। यूपी 100 के पुलिसकर्मियों की इस करतूत को किसी ने मोबाइल मे कैद कर लिया था। शुक्रवार सुबह यह वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस महकमे में हडकंप मच गया।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की जमकर किरकिरी होने लगी। मामला संज्ञान में आने पर प्रभारी एसएसपी प्रबल प्रताप सिंह ने यूपी 100 मे तैनात दारोगा इंद्रपाल सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। प्रभारी एसएसपी का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
रात के 11.40 : शहर कोतवाली अंतर्गत नुमाइश कैंप सेतिया विहार के रहने वाले अर्पित खुराना (16) पुत्र राकेश खुराना व सन्नी गुप्ता (17) पुत्र प्रवीण गुप्ता शहर के जेवी जैन इंटर कालेज में 10वीं के छात्र थे। गुरुवार रात करीब 11.40 पर दोनों पल्सर बाइक से घूमने निकले थे। इस दौरान इनकी बाइक अनियंत्रित होकर एक खंभे से जा टकराई और दोनों किशोर नाली में गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। आसपास के लोगों ने इन्हें नाली से बाहर निकाला। पास में ही यूपी 100 की गाड़ी खड़ी थी। लोगों ने यूपी 100 पर तैनात पुलिसवालों से घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की गुहार की। पुलिसवाले मौके पर तो आए, लेकिन उन्हें गाड़ी में ले जाने से साफ मना कर दिया। कारण बताया कि उनकी गाड़ी खून से गंदी हो जाएगी। लोगों ने बहुत विनती की मगर वे नहीं पिघले।
आखिरकार : बाद में सावन सचदेवा समेत आसपास के लोग एक टेंपो से घायलों को लेकर रात करीब 12.30 पर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

तीन निलंबित, जांच बैठी
इसका वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। डीआइजी सुनील इमैनुअल ने यूपी 100 पर तैनात एएसआइ इंद्रपाल सिंह, कांस्टेबल पंकज कुमार, कांस्टेबल चालक मनोज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है।

अंतिम संस्कार

परिजन बिना पोस्टमार्टम के ही दोनों के शव घर ले गए। शुक्रवार को दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

सहारनपुर का यह मामला बेहद गंभीर है। इसकी जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।- राजीव कुमार, मुख्य सचिव (मेरठ की प्रेस वार्ता में)

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चार थैलों में चिल्लर भरकर बाइक खरीदने पहुंचा युवक, फिर हुआ कुछ ऐसा

मप्र के रायसेन में बचत का एक बेहद अनोखा और बड़ा उदाहरण देखने को मिला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचत करने के संदेश से प्रभावित होकर रायसेन के एक परिवार ने बचत के रूप में सिक्कों को जोड़ना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे उन्होंने 57 हजार रुपए जमा कर लिए. दीपावली के उत्साह के बीच त्यौहार पर मिलने वाली छूट का लाभ उठाने के लिए परिवार का युवक जब अपने सपनों की बाइक खरीदने सिक्के लेकर शोरूम पहुंच गया.

रायसेन के एक बाइक शो रूम पर एक युवक चार थैलों में 57 हजार रुपए की चिल्लर लेकर बाइक खरीदने पहुंच गया. पहले तो शोरूम संचालक ने इतने ज्यादा सिक्के देखकर गाड़ी देने से मना कर दिया. लेकिन युवक की इच्छा को ध्यान में रखकर वाहन विक्रेता ने बैंक प्रबंधन से उक्त सिक्के जमा होने का अाश्वासन मिलने पर उसे बाइक उपलब्ध करवा दी. उक्त युवक की किराना दुकान है. इस दुकान पर आने वाले सिक्कों को बचत के रूप में उसके परिवार ने जोड़ना शुरू कर दिया था. तीन साल में उसके पास बाइक खरीदने लायक सिक्के एकत्रित हो गए, तो वह उन्हें चार थैलों में भरकर रायसेन के सागर रोड स्थित एक बाइक शो रूम पर पहुंच गया.

हालांकि युवक जो सिक्के लेकर आया था, उन सिक्कों को गिनने में शोरूम के कर्मचारियों को तीन घंटे का समय लग गया. कुणाल का कहना है कि अब वह यह सिक्के बाजार में जरूरत मंद व्यापारियों को देने के बाद बचे हुए सिक्के बैंक में जमा करा देंगे.

जानकारी के अनुसार उक्त युवक एक-एक रुपए के 14 हजार 600 सिक्के, दो-दो रुपए के 15 हजार 645 सिक्के, 5-5 रुपए के 1458 सिक्के और 10-10 रुपए के 322 सिक्के लेकर आया था. इस तरह युवक ने 57 हजार रुपए बाइक खरीदने के लिए चिल्लर के सिक्के शोरूम पर जमा कराई.