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चेन्नई बनी आइपीएल 2018 की चैंपियन, तीसरी बार जीता खिताब

IPL 2018 के फाईनल मैच में मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में सीएसके ने सनराइजर्स हैदराबाद को 8 विकेट से हराकर आइपीएल 2018 का खिताब अपने नाम कर लिया। धौनी की कप्तानी में चेन्नई ने तीसरी बार आइपीएल खिताब पर कब्जा जमाया।

इससे पहले चेन्नई ने धौनी की कप्तानी में ही वर्ष 2010 और 2011 में लगातार दो बार आइपीएल खिताब पर कब्जा किया था। इसके सात वर्ष बाद एक बार फिर से धौनी ने अपना दम दिखाते हुए टीम को खिताब दिलाया। अब धौनी आइपीएल खिताब जीतने के मामले में रोहित शर्मा की बराबरी पर आ गए हैं जिन्होंने तीन बार मुंबई को खिताब दिलाया था। आइपीएल 2018 में जीत हासिल करने वाली टीम चेन्नई को 20 करोड़ रुपए पुरस्कार के तौर पर दिया गया जबकि रनर-अप रही टीम हैदराबाद को 12 करोड़ 50 लाख रुपए मिले।

फाइनल मैच में सीएसके के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने टॉस जीता और हैदराबाद के कप्तान केन विलियमसन को बल्लेबाजी का न्योता दिया। पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने कप्तान केन और यूसुफ पठान की अच्छी पारियों के दम पर 20 ओवर में 6 विकेट पर 178 रन बनाए। चेन्नई को जीत के लिए 179 रन बनाने थे और जीत के लिए मिले इस लक्ष्य को सीएसके ने शेन वॉटसन की नाबाद तूफानी शतकीय पारी के दम पर 18.3 ओवर में 2 विकेट पर हासिल कर लिया। चेन्नई ने 18.3 ओवर में 2 विकेट पर 181 रन बनाए।

शेन वॉटसन की तूफानी शतकीय पारी

आइपीएल 2018 के फाइनल मैच की दूसरी पारी में चेन्नई के ओपनर बल्लेबाज फॉफ डू प्लेसिस ने 11 गेंदों पर 10 रन बनाए और संदीप शर्मा की गेंद पर उन्हें ही कैच थमा बैठे। सुरेश रैना ने 24 गेंदों पर 32 रन की पारी खेली और वो ब्रेथवेट की गेंद पर विकेट के पीछे श्रीवत्स गोस्वामी के हाथों लपके गए। रैना ने वॉटसन के साथ दूसरे विकेट के लिए 117 रन की साझेदारी कर टीम के जीत की नींव रखी। शेन वॉटसन ने टीम के लिए 57 गेंदों पर 117 रन की नाबाद तूफानी शतकीय पारी खेली और टीम को जीत दिला दी। अंबाती रायडू 19 गेंदों पर 16 रन बनाकर नाबाद रहे।

हैदराबाद की तरफ से संदीप शर्मा और कार्लोस ब्रेथवेट को एक-एक सफलता मिली।

केन और पठान ने खेली तेज पारी

फाइनल मैच की पहली पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरी हैदराबाद टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। एसआरएच ने अपना पहला विकेट 13 रन के स्कोर पर गवां दिया। ओपनिंग बल्लेबाजी करने आए श्रीवत्स गोस्वामी 5 रन बनाकर रन आउट हो गए। करन शर्मा ने धौनी को थ्रो दिया और उन्होंने कोई गलती ना करते हुए विकेट उखाड़ दिया। शिखर धवन 25 गेंद पर 26 रन बनाकर अहम मौके पर आउट हो गए। रवींद्र जडेजा ने शिखर धवन को क्लीन बोल्ड कर दिया। धवन ने केन के साथ दूसरे विकेट के लिए 51 रन की साझेदारी की। केन विलियमसन ने 36 गेंदों पर 47 रन की बेहतरीन पारी खेली। केन को धौनी ने करन शर्मा की गेंद पर स्टंप आउट किया। केन ने तीसरे विकेट के लिए शाकिब के साथ 37 रन की साझेदारी की। शाकिब अल हसन ने 15 गेंदों पर 23 रन की पारी खेली। उन्हें डीजे ब्रावो ने सुरेश रैना के हाथों कैच आउट करवा दिया। दीपक हुडा 3 रन बनाकर कैच आउट हो गए। कार्लोस ब्रेथवेट ने 11 गेंदों पर 21 रन बनाए और शर्दुल ठाकुर की गेंद पर अंबाती रायडू के हाथों कैच आउट हुए। यूसुफ पठान 25 गेंद पर 45 रन बनाकर नाबाद रहे।

चेन्नई की तरफ से दीपक चाहर को छोड़कर सभी गेंदबाजों ने विकेट लिए। चेन्नई के गेंदबाज लुंगी नजीडी, शर्दुल ठाकुर, करन शर्मा, ड्वेन ब्रावो और रवींद्र जडेजा ने एक-एक विकेट लिए।

टॉस को लेकर हुआ ड्रामा

आइपीएल फाइनल से पहले टॉस को लेकर बड़ा ड्रामा देखने को मिला। सिक्का उछलने के बाद केन विलियसमन ने टेल कहा लेकिन हेड आने के बाद धौनी ने टॉस जीत लिया। इसके बाद जब एंकर के तौर पर वहां मैजूद संजय मांजरेकर ने धौनी से पूछा किया आप क्या करेंगे तो धौनी बार-बार केन की तरफ उंगली करके मजाक करने लगे और कहा कि उन्होंने टेल बोला है। धौनी के इस तरह बोलने से मांजरेकर भी परेशान हो गए लेकिन आखिरकार धौनी ने हंसते हुए इस मजाक का अंत किया और कहा कि वो टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करेंगे।

सातवीं बार चेन्नई ने खेला फाइनल

चेन्नई की टीम ने सातवीं बार आइपीएल फाइनल खेला और तीसरी बार उन्होंने खिताब जीता। सनराइजर्स हैदाराबाद की बात करें तो ये टीम एक बार आइपीएल का खिताब डेविड वार्नर की कप्तानी में जीत चुका है और केन विलियमसन की कप्तानी में दूसरी बार इस खिताब को जीतने की दहलीज पर थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

धौनी के अनुभव के सामने नहीं टिके केन

इस आइपीएल में इन दोनों टीमों के बीच चार बार मैच खेला गया और हर बार चेन्नई को ही जीत मिली। लीग मुकाबले में पहले चेन्नई ने हैदराबाद को दोनों बार हराया। इसके बाद मुंबई में ही पहले क्वालीफायर में चेन्नई ने हैदराबाद को हराकर फाइनल में सीधे जगह बनाई और इसके बाद फाइनल में फिर से चेन्नई के हाथों हैदराबाद को हार झेलनी पड़ी और दूसरी बार खिताब जीतने का सपना टूट गया।

बॉलीवुड स्टार्स के साथ कमेंट्री भी रही काफी दिलचस्प

इस मैच में कमेंट्री के द्वारा दर्शकों का दिल लुभाने के लिए कई बॉलीवुड स्टार्स भी कॉमेंट्री बॉक्स में दिखाई दिए। जहां एक और बॉबी देओल ने काफी समय बाद ऑन स्क्रीन शेयर की वहीं सलमान खान और अनिल कपूर की दिलचस्प बातों से फाइनल का अंत भी अत्यंत रोमांचकहो गया।

इन खिलाड़ियों को मिले ये अवॉर्ड

दिल्ली के बल्लेबाज रिषभ पंत को इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन का खिताब दिया गया। ट्रेंट बोल्ट को परफेक्ट कैच ऑफ दी सीजन चुना गया जबकि सुनील नरेन सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन रहे। रिषभ पंत स्टाइलिश प्लेयर ऑफ द सीजन रहे। सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले एंड्रयू टे (24 विकेट) को पर्पल कैप सौंपा गया जबकि सबसे केन विलियमसन ने सबसे ज्यादा रन बनाए और वो औरेंज कैप विनर रहे।

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वॉटसन ने रचा IPL का नया इतिहास

IPL 2018 के फाईनल मैच में वॉटसन जब अपनी पारी की शुरुआत करने आए तब वो 10 गेंदों के बाद यानी 11वें गेंद पर अपना खाता खोला और इसके बाद ऐसी पारी खेली की टीम को फाइनल में जीत दिला दी। शेन वॉटसन ने इस आइपीएल में अपना दूसरा शतक लगाया। शेन के शतक के दम पर चेन्नई ने तीसरी बार आइपीएल का खिताब अपने नाम किया।

वॉटसन ने रचा इतिहास
चेन्नई के ओपनर बल्लेबाज शेन वॉटसन का खतरनाक रूप हैदराबाद के खिलाफ फाइनल मैच में देखने को मिला। उन्होंने गेंदों 51 पर अपना शतक पूरा किया। वॉटसन ने हैदराबाद के खिलाफ 57 गेंदों पर नाबाद 117 रन की पारी खेली और अपनी टीम को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। शेन वॉटसन आइपीएल इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए जिन्होंने रन चेज करते हुए शतक लगाया। वॉटसन ने अपनी शतकीय पारी के दौरान 11 चौके और 8 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 205.26 का रहा।

ठोका आइपीएल का दूसरा शतक
शेन वॉटसन इस आइपीएल में दो शतक लगाने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे। इस मैच से पहले उन्होंने लीग मुकाबले में राजस्थान के खिलाफ 106 रन की पारी खेली थी। इसके बाद फाइनल मुकाबले में उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 117 रन बनाए।

आइपीएल 2018 में शेन का सफर
शेन वॉटसन की बल्लेबाजी की बात करें तो उन्होंने आइपीएल में खेले 15 मैचों में 39.64 की औसत से 555 रन बनाए। रन बनाने के मामले में आइपीएल में पांचवें नंबर पर रहे। वॉटसन ने 15 मैचों में 2 शतक और 2 अर्धशतक लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 154.59 का रहा। वॉटसन ने इस आइपीएल में 44 चौके और 35 छक्के लगाए। हालांकि गेंदबाजी में वो कुछ खास नहीं कर पाए और सिर्फ 6 विकेट ही ले सके।

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अटवाल वीजा विवाद: भारत पर लगाए आरोपों पर विपक्ष ने मांगी NSA से सफाई, ट्रूडो की पार्टी ने रोका प्रस्ताव

कनाडा के नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर (NSA) डेनियल जेना के उस बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है, जिसमें उन्होंने खालिस्तान समर्थक जसपाल अटवाल को वीजा जारी करने के पीछे भारत की साजिश होने की बात कही थी। शुक्रवार को विपक्ष ने NSA से अपने बयान को साबित करने की मांग करते हुए संसद में एक प्रस्ताव पेश किया। हालांकि, ट्रूडो की लिबरल पार्टी ने बहुमत का इस्तेमाल करते हुए प्रस्ताव रोक दिया। बता दें कि जेना ने कहा था कि ट्रूडो का भारत दौरा नाकाम करने के पीछे भारत का हाथ है। उनके इस बयान का प्रधानमंत्री ट्रूडो ने भी समर्थन किया था।

खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ प्रस्ताव ला सकता है विपक्ष

– बता दें कि विपक्ष ने गुरुवार को भी ट्रूडो प्रशासन से भारत पर लगाए आरोपों के लिए सबूत की मांग की थी।

– विपक्षी कन्जर्वेटिव पार्टी के नेता एंड्रू शीर ने भारत पर लगाए गए आरोपों को बकवास बताते हुए पूछा कि क्या प्रधानमंत्री साजिश के दावों पर कोई सबूत भी देंगे?
– इसके साथ ही विपक्ष ने खालिस्तान समर्थकों की निंदा और भारत की एकता के सपोर्ट में संसद में एक प्रस्ताव लाने की बात भी कही थी।

ट्रूडो ने क्या कहा था?

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, साजिश के आरोपों पर ट्रूडो ने कहा, “जब हमारे सीनियर डिप्लोमैट और सिक्युरिटी अफसर देश के नागरिकों से कुछ कह रहे हैं तो वो जानते हैं कि इसमें कुछ सच्चाई हो सकती है।”
– साथ ही उन्होंने कहा, “यह पिछली कंजर्वेटिव (विपक्ष पार्टी) सरकार ही थी, जिसने पब्लिक सर्विस में हर संभव रुकावटें पैदा करने की कोशिश की।”

भारत ने आरोपों को बताया निराधार

– भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमने कनाडा की संसद में हाल की चर्चा को देखा है। हम साफ कहना चाहते हैं कि चाहे वह मुंबई में अटवाल की मौजूदगी हो या नई दिल्ली में डिनर में उसे न्योता दिए जाने का मामला हो, भारत की सुरक्षा एजेंसियों का अटवाल की मौजूदगी से कोई संबंध नहीं है। इस तरह की बातें आधारहीन हैं और हमें कतई मंजूर नहीं हैं।

ट्रूडो ने अटवाल को बुलाने पर क्या सफाई दी थी?

– अटवाल को स्पेशल डिनर में बुलाने के विवाद पर ट्रूडो ने कहा था, “हमने इस मसले को गंभीरता से लिया। उसे कोई भी न्योता नहीं दिया चाहिए था। जैसे ही हमें इसकी जानकारी मिली, कनाडा के हाईकमीशन ने इन्विटेशन रद्द कर दिया। पार्लियामेंट के एक मेंबर ने उसे पर्सनली बुलाया था।”
– कनाडा के पीएमओ ने कहा था, “यह साफ कर देना अहम है कि वह (अटवाल) पीएम (ट्रूडो) के ऑफिशियल डेलिगेशन का हिस्सा नहीं था, न ही उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन्वाइट किया था।”

किस-किस के साथ दिखा था अटवाल?

– मुंबई के एक इवेंट में अटवाल ट्रूडो की पत्नी सोफिया के साथ नजर आया। एक अन्य फोटो में वह ट्रूडो के मंत्री अमरजीत सोही के साथ भी दिखाई दिया था।
– तस्वीरें सामने आने पर विवाद हुआ तो कनाडा के सांसद रणदीप एस. सराई ने अटवाल को मुंबई के इवेंट में बुलाने की जिम्मेदारी ली थी।

कौन है जसपाल अटवाल?

– जसपाल अटवाल खालिस्तान समर्थक रहा है। वह बैन किए गए इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन में काम करता था।
– इस संगठन को 1980 के दशक की शुरुआत में कनाडा सरकार ने आतंकी संगठन घोषित किया था।
– अटवाल को पंजाब के पूर्व मंत्री मलकीत सिंह सिद्धू और तीन अन्य लोगों को 1986 में वैंकूवर आईलैंड में जानलेवा हमला करने के केस में दोषी ठहराया गया था।
– जसपाल उन चारों लोगों में शामिल था, जिन्होंने सिद्धू की कार पर घात लगाकर हमला किया था और गोलियां चलाई थीं। हालांकि, सिद्धू ने आरोपों से इनकार किया था।
– इसके अलावा अटवाल को 1985 में एक ऑटोमोबाइल फ्रॉड केस में भी दोषी पाया गया था।

क्या है खालिस्तान का विवाद?

– पंजाब में कुछ लोगों ने 1980 के दशक में खालिस्तान नाम से अलग देश बनाने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने भारत विरोधी हिंसक आंदोलन किए। 1984 में भारतीय सेना ने स्वर्ण मंदिर में घुसकर वहां छिपे खालिस्तान सपोर्टर्स पर कार्रवाई की। इसके बाद धीरे-धीरे यह आंदोलन खत्म हो गया।