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इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिल सकती है 1.4 लाख रुपये की सब्सिडी

महिंद्रा और टाटा मोटर्स की मौजूदा इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर 1.4 लाख रुपये तक सब्सिडी की उम्मीद की जा सकती है। आपको बता दें कि यह सब्सिडी 20 फीसद से ज्यादा नही होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जो महंगी और अच्छी गुणवत्ता की कारों पर सब्सिडी 4 लाख रुपये तक हो सकती हैं, यह फैसला ए. एन. झा (व्यय सचिव )की अगुवाई में उच्च अधिकार प्राप्त समिति की गुरुवार को हुई बैठक में लिया गया। FAME के दूसरे चरण के तहत हुई बैठक में हाईब्रिड गाड़ियों और ट्रक्स को बाहर रखने का फैसला किया गया।

5 साल तक चलने वाली इस योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा। जबकि पहले यह राशि 4,000 करोड़ रुपये थी। वैसे फाइनल पॉलिसी पर केद्र सरकार की मुहर लगनी बाकी है। आपको बता दें कि लोगों को पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों को छोड़ने को प्रोत्साहित करने के लिए FAME-I के तहत 700 करोड़ रुपये का आवंटन किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर सब्सिडी देने के साथ चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क भी तैयार करेगी। लेकिन बाद में सरकार ने बदलाव करते हुए योजना को सिर्फ सरकारी बसों तक सीमित रखने का फैसला किया, लेकिन एक बार फिर नीति में बदलाव किये गये हैं। नीति आयोग ने दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई सहित 11 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों पर विशेष ध्यान देने को कहा है।

किस गाड़ी पर कितनी सब्सिडी?: अब सवाल यह आता है कि किस इलेक्ट्रिकल गाड़ी पर कितनी सब्सिडी मिलेगी, तो आपको बता दें कि यह गाड़ी की बैटरी पर निर्भर करेगा। बैटरी की हर किलोवॉट आवर (KwH) क्षमता पर 10,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। उदाहरण के तौर पर, मौजूदा ई-कारें 14 KwH क्षमता वाली बैटरी के साथ आती हैं यानी सरकार की तरफ से इनकी खरीद पर 1.4 लाख रुपये की सब्सिडी देगी।

टू-व्हीर्ल्स और थ्री-वीलर्स पर कितनी सब्सिडी ?: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स में 2 KwH क्षमता की बैटरी लगी होती हैं तो वही इलेक्ट्रिक थ्री-वीलर्स में 4 से 4.5 KwH क्षमता वाली बैटरी लगी होती हैं जिसकी वजह से टू-व्हीलर्स पर 20 हजार और थ्री-वीलर्स पर 45 हजार रुपये तक की की सब्सिडी मिलेगी।

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ब्लूमबर्ग मीडिया का दावा: 2019 छोड़िए जनाब, 2029 तक पीएम रहेंगे नरेंद्र मोदी

यूपी उपचुनाव के नतीजों में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है क्योंकि उसे हराने के लिए उसके सारे विरोधी एक जुट हो गए। जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा के सारे विरोधी एक साथ होकर चुनाव लड़ेंगे, जिससे कि नरेंद्र मोदी को पीएम बनाने से रोका जाए। लेकिन इसी बीच भाजपा के लिए एक सुखद खबर आई है, जिसने उसे मुस्कुराने का मौका दे दिया है।

ब्लूमबर्ग मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक नरेंद्र मोदी केवल 2019 ही नहीं बल्कि 2029 तक प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं। पीएम मोदी भारत देश में बहुत ज्यादा लोकप्रिय हैं ब्लूमबर्ग मीडिया समूह ने दुनिया के 16 देशों के नेताओं का एक आकलन किया है, जिसके बाद उसने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पीएम मोदी भारत देश में बहुत ज्यादा लोकप्रिय हैं। उनके प्रशंसक एक 10 साल का बच्चा भी है तो वहीं 90 साल के बुजुर्ग भी उन्हें पसंद करते हैं। Loading ad मोदी को लोग पसंद करते हैं ये ही उनकी ताकत है, भाजपा को लोग पसंद करे ना करें लेकिन मोदी को लोग पसंद करते हैं और उनकी बातों पर भरोसा करते हैं , जिसके कारण लोग उन्हें देश के कल्याण के लिए एक और मौका दे सकते हैं। मोदी की 2029 तक पीएम बने रहने की प्रबल संभावना और अगर ऐसा हुआ तो 2019 में भी उनके नेतृत्व में राजग की सरकार बनेगी, यहीं नहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी की 2029 तक पीएम बने रहने की प्रबल संभावना है। उनके समक्ष अभी देश में कोई दमदार नेता नहीं है , जिसका फायदा निश्चित तौर पर नरेंद्र मोदी को मिलेगा ।

डोनाल्ड ट्रंप से नाराज है लोग पीएम मोदी के अलावा रिपोर्ट में उत्तर कोरिया के तानाशाह किंग किम जोंग, सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को भी कहा गया है कि ये भी अपने देश की सत्ता लंबे वक्त तक संभाल सकते हैं, जबकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में रिपोर्ट कहती है कि ये जनता के बीच खासे लोकप्रिय नहीं है इसलिए हो सकता है कि ये उनका पहला और आखिरी कार्यकाल हो, संभव है कि वो अपना कार्यकाल भी पूरा ना कर पाए।

व्लादिमिर पुतिन जबकि रूस में राष्ट्रपति चुनाव में भारी बहुमत से जीत दर्ज करने वाले व्लादिमिर पुतिन को 2024 में पद त्यागना पड़ सकता है। जबकि नेतन्याहू के बारे में रिपोर्ट कहती है कि उनका नाम घोटलों में शामिल है। अगर वे इसमें दोषी पाए गए तो उनकी सत्ता हाथ से जा सकती है। जबकि ब्लूमबर्ग मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के पीएम शिंजो आबे भी कई आरोपों के घेरे में हैं, ऐसे में उनकी सत्ता में वापसी मुश्किल दिख रही है।

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Box Office पर इस हफ़्ते पड़ेगी Raid, जानिये कितना माल बरामद होगा

अजय देवगन ने रोमांटिक फिल्मों से अपना फिल्मी सफ़र शुरू किया था और फिर एक्शन, इमोशन से लेकर कॉमेडी में भी हाथ आजमाया। रियलिस्टिक फिल्मों में भी उनका खासा दखल रहा और अब वो बड़े परदे पर एक और सच्ची कहानी लेकर आ रहे हैं फिल्म रेड के जरिये।

‘नो वन किल्ड जेसिका और आमिर जैसी फिल्म बनाने वाले निर्देशक राजकुमार गुप्ता रेड (Raid) इसी हफ़्ते यानि 16 मार्च रिलीज़ हो रही है। फिल्म के नाम से ही तय है कि ये कहानी छापामारी की है। इस बार मामला आयकर विभाग से जुड़ा है और कहानी भी उसी इनकम टैक्स के रेड की है, जिसके बारे में सुनकर बड़े बड़े मालदार हिल जाते हैं। फिल्म रेड, 1981 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर में हुई एक सच्ची घटना पर आधारित है। फिल्म में अजय इनकम टैक्स ऑफिसर बने हैं और उनकी भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुहिम है।

…ये कहानी है लखनऊ के इनकम टैक्स कमिश्नर शारदा प्रसाद पांडे की, जिसने साल 1981 में लखनऊ के बड़े उद्योगपति सरदार इंदर सिंह के यहां छापा मारा था। इस दौरान 420 करोड़ रूपये मूल्य के गहने और कैश की संपत्ति बरामद की गई। करीब 18 घंटे तक चली इस रेड में नोट गिनने के लिए 45 लोग लगे थे।…

फिल्म में इलियाना डिक्रूज़, अजय की पत्नी के किरदार में हैं और फिल्म सौरभ शुक्ला, अमित सयाल और पुष्पा जोशी का बड़ा रोल है। इस फिल्म की कहानी ‘पिंक’ जैसी बेहतरीन फिल्म के राइटर रितेश शाह ने लिखी है। फिल्म रेड में अजय का काफ़ी इंटेंस लुक दिख रहा है। अजय की पिछली फिल्म गोलमाल रिटर्न्स के फैन्स के लिए ये काफ़ी अलग फिल्म होगी लेकिन अजय देवगन को ऐसे किरदार बहुत सूट करते हैं ये सभी जानते हैं। करीब दो घंटे की इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने यू/ए सर्टिफिकेट के साथ पास किया है।

पाकिस्तान ने फिल्म रेड को अपने यहाँ रिलीज़ की हरी झंडी दे दी है।

जानकारी के मुताबिक रेड को दस करोड़ के प्रचार खर्च के साथ करीब 40 करोड़ रूपये में बनाया गया है और इसे देश भर में 2500 से अधिक स्क्रीन्स में रिलीज़ किया जाएगा। ट्रेड सर्किल के मुताबिक फिल्म को पहले दिन 10 से 12 करोड़ रूपये के कलेक्शन का अनुमान है। रेड के लिए सबसे ख़ास बात ये है कि इसके साथ इस हफ़्ते को भी आल इंडिया रिलीज़ नहीं है और अगले हफ़्ते भी रानी मुखर्जी की हिचकी को छोड़ कर कोई बड़ी फिल्म नहीं है। हां, सोनू के टीटू की स्वीटी का अच्छा बिज़नेस थोड़ा प्रभावित कर सकता है।

अजय देवगन की पिछले साल आई फिल्म गोलमाल अगेन ने पहले दिन 30 करोड़ 14 लाख रूपये का कलेक्शन किया था।

अजय देवगन-इलियाना डिक्रूज़ के कम्बीनेशन वाली बादशाहो ने पहले दिन 12 करोड़ 60 लाख रूपये का कलेक्शन किया था।

राजकुमार गुप्ता की नो वन किल्ड जेसिका को पहले दिन तीन करोड़ 25 लाख रूपये की कमाई हुई थी।

वैसे अजय देवगन, अक्षय कुमार की तरह सोशल रेस्पोंसिबिल्टी निभाने वाली फिल्मों की तरफ़ तो नहीं मुड़े हैं लेकिन सच्ची घटनाओं से जुड़े सस्पेंस और थ्रिलर में उनकी ख़ासी दिलचस्पी रही है।