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दीवार के पीछे की हमारी हलचल को पकड़ सकता है एम आई टी का नया एआइ सिस्टम

शोधकर्ताओं ने लोगों की सामान्य गतिविधियों, जैसे टहलने, बातचीत करने, बैठने, दरवाजा खोलने या लिफ्ट का इंतजार करने की हजारों फोटो एकत्र कीं। फिर इन तस्वीरों को कैमरे से निकालकर उनके स्टिक फिगर्स (एक तरह के रेखा-चित्र) प्राप्त किए गए। संबंधित रेडियो सिग्नल के साथ इन्हें न्यूरल नेटवर्क से जोड़ा गया। इस संयोजन के साथ सिस्टम रेडियो सिग्नल और स्टिक फिगर्स के बीच संबंध को समझ गया। ट्रेनिंग के बाद आरएफ-पोज इतना समर्थ हो गया कि वह कैमरे के बिना केवल वायरलेस रिफ्लेक्शन के आधार पर लोगों के मूवमेंट को नोट करने लगा।

निगरानी में मिलेगी मदद

वैज्ञानिकों के मुताबिक, सिस्टम सही तरह से काम करे तो बुजुर्गों की बेहतर निगरानी में मदद मिलेगी और उन्हें गिरने, चोट लगने और एक्टिविटी पैटर्न में बदलाव जैसी चीजों से बचाया जा सकेगा। शोधकर्ताओं की टीम मौजूदा समय में डॉक्टरों के साथ मिलकर हेल्थकेयर में इसके ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल को लेकर काम कर रही है।

सेंसर पहनने व डिवाइस चार्ज करने की जरूरत नहीं

एमआइटी के वैज्ञानिक दीना कताबी कहते हैं, हमने देखा है कि अक्सर लोगों को तेज चलते और सामान्य कामकाज करते हुए देखने के आधार पर ही डॉक्टर मर्ज को समझते हैं और इलाज की दिशा तय करते हैं। यहीं से हमें इसे तैयार करने का विचार आया। हमने इसी का एक जरिया उपलब्ध कराने की कोशिश की है। अब तक यह व्यवस्था नहीं थी।

शोधकर्ता के अनुसार, हमारी पहल की एक खासियत यह है कि इसमें मरीज को न तो कोई सेंसर पहनना पड़ता है और न ही अपनी डिवाइस को चार्ज करने की चिंता करनी पड़ती है। हेल्थकेयर के अलावा नया सिस्टम यानी आरएफ-पोज ऐसे वीडियो गेमों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है, जिनमें खिलाड़ियों का मूवमेंट होता है।

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‘पद्मावती’ विवाद: नाहरगढ़ क़िले की दीवार पर लटके मिले शव से सदमे में बॉलीवुड

पद्मावती को लेकर चल रहा विवाद अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है, क्योंकि कथित तौर पर अब ये जानलेवा हो गया है। राजस्थान के जयपुर के पास स्थित नाहरगढ़ क़िले की दीवार पर एक लाश लटकी हुई मिली है, जिसे पद्मावती विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

शव के पास एक पत्थर पर एक जगह लिखा मिला, पद्मावती का विरोध जबकि दूसरी जगह लिखा था हम पुतले नहीं जलाते, लटकाते हैं। पुलिस मामले की जांच सुसाइड और मर्डर के एंगल से कर रही है। इस ख़बर से बॉलीवुड भी सकते में है। आलिया भट्ट ने ट्विटर पर ख़बर को लेकर शोक जताते हुए कहा है कि ऐसा ही होता है, जब हिंसक धमकियों पर बिना किसी सज़ा के खुले तौर पर छोड़ दिया जाता है। क्या हो रहा है। आलिया भट्ट के अलावा जावेद अख्तर ने भी इस पर व्यंग्यात्मक तरीके से कहा है कि मुझे अब भी पूरी उम्मीद है कि किसी के सिर पर पांच करोड़ का ईनाम और किसी की नाक पर दस करोड़ का ईनाम घोषित करना, अब भी एंटी नेशनल एक्टिविटी घोषित नहीं की जाएगी।

वहीं बता दें कि कोलकाता की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने एक कार्यक्रम में खुले तौर पर पद्मावती और संजय लीला भंसाली को समर्थन किया है और कहा है कि अगर भंसाली अपनी फ़िल्म पश्चिम बंगाल में रिलीज़ करना चाहेंगे तो हम उन्हें पूरी सिक्योरिटी देंगे। भले ही बाकी राज्यों के मुख्यमंत्री इस फ़िल्म को बैन करें, लेकिन हम इसका वेलकम करेंगे।