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जयपुर ब्लास्ट सहित 4 राज्यों में 165 जानें लीं, 10 साल बाद पकड़ा गया आईएम का आतंकी

करीब 10 साल से फरार इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का आतंकी आरिज खान उर्फ जुनैद (32) पकड़ा गया। यह आतंकी जयपुर में सीरियल ब्लास्ट सहित 4 राज्यों में 165 लोगों की जान लेने में शामिल था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे भारत-नेपाल बॉर्डर से पकड़ा। आजमगढ़, यूपी का यह आतंकी 2008 के जयपुर धमाकों के बाद से ही फरार था। इन धमाकों में गिरफ्तार होने वाला वह 8वां आतंकी है। आरिज राजस्थान के अलावा अहमदाबाद, दिल्ली व उप्र में मोस्ट वांटेंड था। सिमी व आईएम के बड़े नेताओं की गिरफ्तारी के बाद वह दोनों आतंकी संगठन खड़े करने में जुटा था। एटीएस जयपुर के एडीजी उमेश मिश्रा ने बताया कि उसे प्रोडक्शन वारंट पर जयपुर लाया जाएगा।

बम बनाने में माहिर है आरिज, आईएम व सिमी को मजबूत कर रहा था

13मई 2008 को चारदीवारी में हुए थे 8 धमाके

8आतंकीअब तक गिरफ्तार

1लाख का इनाम था प्रदेश में आरिज पर

बटला हाउस से बचकर नेपाल भागा, टीचर बना

स्पेशल सेल के अनुसार 19 सितंबर, 2008 को दिल्ली के जामिया नगर में हुए एनकाउंटर के वक्त आरिज बटला हाउस में था, पर भागने में कामयाब रहा। एनकाउंटर में आईएम के दो आतंकी मारे गए थे व इंस्पेक्टर मोहन चंद शहीद हुए थे। एनकाउंटर के बाद वह दिल्ली, यूपी, राजस्थान व महाराष्ट्र में रिश्तेदारों के पास गया। शरण नहीं मिली। एक माह भटकने के बाद नेपाल गया। फर्जी दस्तावेजों पर सलीम नाम से नागरिकता ली। साथी तौकीर के साथ स्कूल में पढ़ाने लगा। 2014 में भटकल के संपर्क में आया। सऊदी अरब जाकर आईएम व सिमी के हमदर्दों से मिला। लौटकर भारत में संगठन खड़ा करने लगा।

आरिज बटला हाउस एनकाउंटर में मारे गए आईएम के आतंकी आतिफ अमीन के साथ जुड़ा था। आरिज बम बनाने में माहिर है। वह जयपुर सीरियल ब्लास्ट के अलावा 2007 में यूपी की अदालतों में ब्लास्ट, 2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और अहमदाबाद ब्लास्ट में भी वांटेड है। इन हमलों में 165 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जबकि 535 से ज्यादा घायल हुए थे। उस पर राजस्थान पुलिस ने एक लाख, एनआईए ने 10 लाख व दिल्ली पुलिस ने 5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

अभी जयपुर के तीन गुनहगार फरार

13 मई, 2008 को चारदीवारी में छह स्थानों पर आठ सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इनमें 78 लोगों की जानें गई थीं, जबकि 186 लोग घायल हुए थे। 8 आतंकी गिरफ्तार किए गए। इनमें आईएम के आतंकी शाहबाज हुसैन, सरवर, सलमान, सैफ और सैफुर्रहमान तथा दो अन्य आतंकी हैदराबाद की जेल में हैं। अब आरिज गिरफ्तार हो चुका है। मामले में शादाब उर्फ मलिक, साजिद बड़ा और मोहम्मद खालिद फरार हैं। इन पर भी एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित है।

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India’s Most Wanted के होस्‍ट रहे सुहैब इलियासी को उम्रकैद, 17 साल बाद फैसला

चर्चित शो ‘इंडियाज मोस्ट वांटेड’ के जरिये अपराधियों की नींद उड़ाने वाले सुहैब इलियासी को पत्नी अंजू की हत्या के मामले में दिल्‍ली की कड़कड़ड़ूमा अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। शनिवार (16 दिसंबर) को कोर्ट ने सुहेब इलियासी को पत्नी की हत्या में दोषी करार दिया था।

गौरतलब है कि 11 जनवरी, 2000 को सुहैब के घर पर पत्नी अंजू की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मर्डर करने के लिए दोषी ने कैंची का इस्तेमाल किया था।

28 मार्च, 2000 को पुलिस ने सुहेब को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद सुहेब के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या की धारा के तहत आरोप तय किए गए थे।

जांच में सामने आया था कि दोनों के बीच दहेज को लेकर आपसी झगड़े की वजह से सुहेब ने पत्नी की हत्या कर दी थी। हत्या को अंजाम देने के दौरान उसने अंजू की महिला मित्र रीता को फोन कर कहा कि अंजू ने आत्महत्या कर ली है। इसके बाद सुहेब की साली और सांस ने दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। इसको लेकर भी दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर मुकदमा चल रहा था।

90 के दशक में सुहैब का था जलवा

दरअस, इंडियाज मोस्ट वांटेड फेम सुहैब इलियासी उस वक्त इतने फेमस इसलिए भी हो गये थे क्योंकि यह टीवी शो भगोड़े अपराधियों पर आधारित था और यह देश का इस तरह का पहला टीवी शो था। इनके शो से पुलिस को केस समझने में भी काफी आसानी होती थी। इलियासी का जन्म 15 नवंबर 1966 को हुआ था।

पढ़ाई के दौरान ही सुहैब की अंजू से मुलाकात

सुहैब की पढ़ाई जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय से हुई है। 1989 में पत्राकारिता की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही सुहैब अंजू से मिले थे। जामिया में मास कम्यूनिकेशन रिसर्च सेंटर से पढ़ाई पूरी करने के बाद सुहैब लंदन चले गए, जहां उन्होंने 1991 में टीवी एशिया में काम किया। इसी बीच 1993 में सुहैब और अंजू ने स्पेशल कोर्ट मैरिज एक्ट के तहत शादी रचा ली।

1995 में पत्नी अंजू के साथ मिलकर सुहैब ने क्राइम शो बनाया, मगर इंडिया में सभी चैनलों ने उसे दिखाने से इनकार कर दिया। नब्बे के दशक में कोई भी टीवी चैनल इस तरह के शो को दिखाने के लिए तैयार नहीं था। मगर बाद में काफी मान-मनौव्वल के बाद जी टीवी ने उनके शो को प्रसारित करने के लिए तैयार हो गया।

जी टीवी पर शुरू हुआ इंडियाज मोस्ट वांटेड शो

सुहैब इलियास ने जी टीवी पर अपना शो इंडियाज मोस्ट वांटेड प्रारंभ किया। कहा जाता है कि करीब 30 अपराधी के बारे में शो चलाया गया और बाद में कई पकड़े भी गये। ऐसे कई अपराधी थे जिनके ऊपर शो करने के बाद पुलिस हरकत में आती थी।

एक बार तो एक अपराधी के ऊपर शो फीचर किया गया, तब जाकर पुलिस उसे मार पाई। हालांकि, बाद में इलियासी को पुलिस ने क्रेडिट भी दिया था। शुरुआत में इस शो की योजना महज 52 एपिसोड के लिए थी, मगर बाद में जीटीवी ने शो के एपिसोडो को और बढ़ा दिया। इस शो की लोकप्रियता इतनी हो गई थी कि अक्सर इसकी टीआरपी अव्वल होती थी।