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फेक न्यूज पर लगाम कसने के लिए केंद्र ने जारी किए सख्त दिशानिर्देश

फेक न्‍यूज पर लगाम कसने के लिए केंद्र की ओर से पत्रकारों के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए हैं जिसके तहत ऐसी खबरों के प्रकाशन पर उनको सस्‍पेंड किया जा सकता है या उनकी प्रेस मान्‍यता रद कर दी जाएगी।

सोमवार को जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि प्रिंट व टेलीविजन मीडिया के लिए दो रेगुलेटरी संस्‍थाएं- प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और न्‍यूज ब्रॉडकास्‍टर्स एसोसिएशन (NBA), यह निश्‍चित करेगी कि खबर फेक है या नहीं। दोनों को यह जांच 15 दिन में पूरी करनी होगी। एक बार शिकायत दर्ज कर लिए जाने के बाद आरोपी पत्रकार की मान्यता जांच के दौरान भी निलंबित रहेगी।

दोनों एजेंसियों द्वारा फेक न्‍यूज की पुष्‍टि किए जाने के बाद पहली गलती पर छह माह के लिए मान्‍यता रद की जाएगी, दूसरी बार में एक साल के लिए मान्‍यता रद हो जाएगी लेकिन तीसरी बार में स्‍थायी रूप से पत्रकार की मान्‍यता खत्‍म कर दी जाएगी।

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पहली बार 14,000 डॉलर के पार पहुंचा बिटकॉइन, एक दिन में 1,29,000 रुपये बढ़ी कीमत

भारतीय रिजर्व बैंक ने भले ही भारत में बिटकॉइन को लेकर निवेशकों को आगाह किया हो, लेकिन इसकी कीमत दिन-दूनी रात चौगुनी गति से बढ़ रही है। बुधवार को 12,000 अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रहे बिटकॉइन की कीमत महज 24 घंटे के भीतर 14,000 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई । इस तरह कह सकते हैं कि महज एक दिन में ही निवेशकों ने इस डिजिटल करंसी से करीब 1,29,084 रुपये की कमाई कर ली। इस साल की शुरुआत से ही बिटकॉइन की कीमत में लगातार इजाफा हो रहा है। हालांकि बुधवार को ही भारतीय रिजर्व बैंक ने आगाह करते हुए कहा था कि इसमें लेन-देन या निवेश करने का जोखिम निवेशकों को खुद उठाना होगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह इसमें किसी भी धोखाधड़ी के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

इस साल की शुरुआत में 1,000 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहे बिटकॉइन ने बीते सप्ताह ही 10,000 डॉलर के लेवल को पार किया था। दिग्गज अर्थशास्त्रियों और बिजनस लीडर्स की ओर से बिटकॉइन को लेकर चेतावनी जारी किए जाने के बाद भी इसमें निवेशकों का उत्साह बरकरार है। बीते 24 घंटे में ही इसने 12,000 के स्तर और फिर 13,000 के स्तर को पारकर 14,000 डॉलर के आंकड़े को छू लिया।

हॉन्ग कॉन्ग में गुरुवार को शुरुआती कारोबार में इसकी कीमत 14,000 डॉलर तक पहुंच गई। इस क्रिप्टोकरंसी में इस साल बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। बीते सप्ताह ही 11,000 डॉलर के आंकड़े तक गिरने के बाद इसमें अचानक इजाफा हुआ है और 3,000 डॉलर तक की ग्रोथ देखने को मिली है।

गौरतलब है कि सितंबर में ही अमेरिका के सबसे बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमॉन ने कहा था कि बिटकॉइन फ्रॉड करंसी है। उन्होंने तो यहां तक कहा था कि यह ड्रग डीलर्स और धोखाधड़ी करने वाले लोगों की करंसी है। जेमी ने कहा था, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैं अचंभित हूं कि इस करंसी को कोई देख भी नहीं सकता कि आखिर यह क्या है।’