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CWG 2018: मीराबाई चानू ने भारत को दिलाया पहला गोल्ड मेडल

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देशभर के लाखों छात्रों के लिए 10वीं में पास होना हुआ आसान, बदला गया है यह नियम

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के पास होने का मानदंड बदल दिया है। अब आंतरिक व बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भी पास हो जाएंगे।

पहले विद्यार्थियों को पास होने के लिए आंतरिक व बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में अलग-अलग 33 फीसद अंक प्राप्त करने होते थे। शैक्षणिक सत्र 2017- 18 की दसवीं की बोर्ड परीक्षा में विभिन्न मूल्यांकन पृष्ठभूमि से आए परीक्षार्थियों की परिस्थतियों को देखते हुए सीबीएसई की परीक्षा समिति ने 16 फरवरी को हुई बैठक में यह फैसला लिया है। हालांकि, पास होने का यह मानदंड सिर्फ इसी सत्र की बोर्ड परीक्षा के लिए लागू रहेगा।

सीबीएसई अध्यक्ष अनिता करवल द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार वर्ष 2018 में परीक्षा दे रहे दसवीं के विद्यार्थियों के लिए यह बदलाव किया गया है। इसके तहत 20 अंक वाली आंतरिक परीक्षा व 80 अंक वाली विषय परीक्षा के अंकों को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पास माने जाएंगे।

यह नियम पांचों मुख्य विषयों के लिए लागू होगा। अगर किसी विद्यार्थी ने अतिरिक्त विषय के तौर पर छठा या सातवां विषय भी लिया है, तो उन विषयों के पास होने का मानदंड भी अन्य पांचों विषयों की तरह ही रहेगा।

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आतंक रोधी अभियानों के लिए चीन ने नयी ‘लेजर गन’ विकसित की

  चीन ने एक नयी लेजर गन विकसित की है जो एक सेकंड के भीतर ही 200 मीटर के लक्ष्य पर निशाना साधने में सक्षम है. इसका इस्तेमाल आतंक रोधी अभियानों के लिए किया जाएगा. मीडिया में आई एक रिपोर्ट में गुरुवार को यह जानकारी दी गई. चीन के हुनान प्रांत में हाल में आतंकवाद रोधी एक अभ्यास के दौरान इस बंदूक का प्रदर्शन किया गया. इस बंदूक में निशाना लगाने के लिए एक हैंडसेट है और एक बैक पैक है जिसमें इसे संचालित करने संबंधी चीजें हैं. चाइना एरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉरपोरेशन (सीएएसआईसी) से संबद्ध कंपनी होंगफेंग ने इस गन का प्रदर्शन किया.आतंक रोधी अभियानों के लिए चीन ने नयी 'लेजर गन' विकसित की

यह बंदूक अन्य हथियारों की तुलना में अधिक तेजी से और सही निशाना लगाने में सक्षम है. इस गन का विकास करने वाले इंजीनियरों में शामिल रहे यान आजहे ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि इस बंदूक को चलाने के दौरान यह आवाज नहीं करती और इससे रोशनी नहीं निकलती है. यान ने कहा कि इसको चलाना आसान है क्योंकि यह पीछे की तरफ धक्का भी नहीं मारती और इसका रखरखाव भी महंगा नहीं है.