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चेन्नई बनी आइपीएल 2018 की चैंपियन, तीसरी बार जीता खिताब

IPL 2018 के फाईनल मैच में मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में सीएसके ने सनराइजर्स हैदराबाद को 8 विकेट से हराकर आइपीएल 2018 का खिताब अपने नाम कर लिया। धौनी की कप्तानी में चेन्नई ने तीसरी बार आइपीएल खिताब पर कब्जा जमाया।

इससे पहले चेन्नई ने धौनी की कप्तानी में ही वर्ष 2010 और 2011 में लगातार दो बार आइपीएल खिताब पर कब्जा किया था। इसके सात वर्ष बाद एक बार फिर से धौनी ने अपना दम दिखाते हुए टीम को खिताब दिलाया। अब धौनी आइपीएल खिताब जीतने के मामले में रोहित शर्मा की बराबरी पर आ गए हैं जिन्होंने तीन बार मुंबई को खिताब दिलाया था। आइपीएल 2018 में जीत हासिल करने वाली टीम चेन्नई को 20 करोड़ रुपए पुरस्कार के तौर पर दिया गया जबकि रनर-अप रही टीम हैदराबाद को 12 करोड़ 50 लाख रुपए मिले।

फाइनल मैच में सीएसके के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने टॉस जीता और हैदराबाद के कप्तान केन विलियमसन को बल्लेबाजी का न्योता दिया। पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने कप्तान केन और यूसुफ पठान की अच्छी पारियों के दम पर 20 ओवर में 6 विकेट पर 178 रन बनाए। चेन्नई को जीत के लिए 179 रन बनाने थे और जीत के लिए मिले इस लक्ष्य को सीएसके ने शेन वॉटसन की नाबाद तूफानी शतकीय पारी के दम पर 18.3 ओवर में 2 विकेट पर हासिल कर लिया। चेन्नई ने 18.3 ओवर में 2 विकेट पर 181 रन बनाए।

शेन वॉटसन की तूफानी शतकीय पारी

आइपीएल 2018 के फाइनल मैच की दूसरी पारी में चेन्नई के ओपनर बल्लेबाज फॉफ डू प्लेसिस ने 11 गेंदों पर 10 रन बनाए और संदीप शर्मा की गेंद पर उन्हें ही कैच थमा बैठे। सुरेश रैना ने 24 गेंदों पर 32 रन की पारी खेली और वो ब्रेथवेट की गेंद पर विकेट के पीछे श्रीवत्स गोस्वामी के हाथों लपके गए। रैना ने वॉटसन के साथ दूसरे विकेट के लिए 117 रन की साझेदारी कर टीम के जीत की नींव रखी। शेन वॉटसन ने टीम के लिए 57 गेंदों पर 117 रन की नाबाद तूफानी शतकीय पारी खेली और टीम को जीत दिला दी। अंबाती रायडू 19 गेंदों पर 16 रन बनाकर नाबाद रहे।

हैदराबाद की तरफ से संदीप शर्मा और कार्लोस ब्रेथवेट को एक-एक सफलता मिली।

केन और पठान ने खेली तेज पारी

फाइनल मैच की पहली पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरी हैदराबाद टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। एसआरएच ने अपना पहला विकेट 13 रन के स्कोर पर गवां दिया। ओपनिंग बल्लेबाजी करने आए श्रीवत्स गोस्वामी 5 रन बनाकर रन आउट हो गए। करन शर्मा ने धौनी को थ्रो दिया और उन्होंने कोई गलती ना करते हुए विकेट उखाड़ दिया। शिखर धवन 25 गेंद पर 26 रन बनाकर अहम मौके पर आउट हो गए। रवींद्र जडेजा ने शिखर धवन को क्लीन बोल्ड कर दिया। धवन ने केन के साथ दूसरे विकेट के लिए 51 रन की साझेदारी की। केन विलियमसन ने 36 गेंदों पर 47 रन की बेहतरीन पारी खेली। केन को धौनी ने करन शर्मा की गेंद पर स्टंप आउट किया। केन ने तीसरे विकेट के लिए शाकिब के साथ 37 रन की साझेदारी की। शाकिब अल हसन ने 15 गेंदों पर 23 रन की पारी खेली। उन्हें डीजे ब्रावो ने सुरेश रैना के हाथों कैच आउट करवा दिया। दीपक हुडा 3 रन बनाकर कैच आउट हो गए। कार्लोस ब्रेथवेट ने 11 गेंदों पर 21 रन बनाए और शर्दुल ठाकुर की गेंद पर अंबाती रायडू के हाथों कैच आउट हुए। यूसुफ पठान 25 गेंद पर 45 रन बनाकर नाबाद रहे।

चेन्नई की तरफ से दीपक चाहर को छोड़कर सभी गेंदबाजों ने विकेट लिए। चेन्नई के गेंदबाज लुंगी नजीडी, शर्दुल ठाकुर, करन शर्मा, ड्वेन ब्रावो और रवींद्र जडेजा ने एक-एक विकेट लिए।

टॉस को लेकर हुआ ड्रामा

आइपीएल फाइनल से पहले टॉस को लेकर बड़ा ड्रामा देखने को मिला। सिक्का उछलने के बाद केन विलियसमन ने टेल कहा लेकिन हेड आने के बाद धौनी ने टॉस जीत लिया। इसके बाद जब एंकर के तौर पर वहां मैजूद संजय मांजरेकर ने धौनी से पूछा किया आप क्या करेंगे तो धौनी बार-बार केन की तरफ उंगली करके मजाक करने लगे और कहा कि उन्होंने टेल बोला है। धौनी के इस तरह बोलने से मांजरेकर भी परेशान हो गए लेकिन आखिरकार धौनी ने हंसते हुए इस मजाक का अंत किया और कहा कि वो टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करेंगे।

सातवीं बार चेन्नई ने खेला फाइनल

चेन्नई की टीम ने सातवीं बार आइपीएल फाइनल खेला और तीसरी बार उन्होंने खिताब जीता। सनराइजर्स हैदाराबाद की बात करें तो ये टीम एक बार आइपीएल का खिताब डेविड वार्नर की कप्तानी में जीत चुका है और केन विलियमसन की कप्तानी में दूसरी बार इस खिताब को जीतने की दहलीज पर थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

धौनी के अनुभव के सामने नहीं टिके केन

इस आइपीएल में इन दोनों टीमों के बीच चार बार मैच खेला गया और हर बार चेन्नई को ही जीत मिली। लीग मुकाबले में पहले चेन्नई ने हैदराबाद को दोनों बार हराया। इसके बाद मुंबई में ही पहले क्वालीफायर में चेन्नई ने हैदराबाद को हराकर फाइनल में सीधे जगह बनाई और इसके बाद फाइनल में फिर से चेन्नई के हाथों हैदराबाद को हार झेलनी पड़ी और दूसरी बार खिताब जीतने का सपना टूट गया।

बॉलीवुड स्टार्स के साथ कमेंट्री भी रही काफी दिलचस्प

इस मैच में कमेंट्री के द्वारा दर्शकों का दिल लुभाने के लिए कई बॉलीवुड स्टार्स भी कॉमेंट्री बॉक्स में दिखाई दिए। जहां एक और बॉबी देओल ने काफी समय बाद ऑन स्क्रीन शेयर की वहीं सलमान खान और अनिल कपूर की दिलचस्प बातों से फाइनल का अंत भी अत्यंत रोमांचकहो गया।

इन खिलाड़ियों को मिले ये अवॉर्ड

दिल्ली के बल्लेबाज रिषभ पंत को इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन का खिताब दिया गया। ट्रेंट बोल्ट को परफेक्ट कैच ऑफ दी सीजन चुना गया जबकि सुनील नरेन सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन रहे। रिषभ पंत स्टाइलिश प्लेयर ऑफ द सीजन रहे। सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले एंड्रयू टे (24 विकेट) को पर्पल कैप सौंपा गया जबकि सबसे केन विलियमसन ने सबसे ज्यादा रन बनाए और वो औरेंज कैप विनर रहे।

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वॉटसन ने रचा IPL का नया इतिहास

IPL 2018 के फाईनल मैच में वॉटसन जब अपनी पारी की शुरुआत करने आए तब वो 10 गेंदों के बाद यानी 11वें गेंद पर अपना खाता खोला और इसके बाद ऐसी पारी खेली की टीम को फाइनल में जीत दिला दी। शेन वॉटसन ने इस आइपीएल में अपना दूसरा शतक लगाया। शेन के शतक के दम पर चेन्नई ने तीसरी बार आइपीएल का खिताब अपने नाम किया।

वॉटसन ने रचा इतिहास
चेन्नई के ओपनर बल्लेबाज शेन वॉटसन का खतरनाक रूप हैदराबाद के खिलाफ फाइनल मैच में देखने को मिला। उन्होंने गेंदों 51 पर अपना शतक पूरा किया। वॉटसन ने हैदराबाद के खिलाफ 57 गेंदों पर नाबाद 117 रन की पारी खेली और अपनी टीम को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। शेन वॉटसन आइपीएल इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए जिन्होंने रन चेज करते हुए शतक लगाया। वॉटसन ने अपनी शतकीय पारी के दौरान 11 चौके और 8 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 205.26 का रहा।

ठोका आइपीएल का दूसरा शतक
शेन वॉटसन इस आइपीएल में दो शतक लगाने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे। इस मैच से पहले उन्होंने लीग मुकाबले में राजस्थान के खिलाफ 106 रन की पारी खेली थी। इसके बाद फाइनल मुकाबले में उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 117 रन बनाए।

आइपीएल 2018 में शेन का सफर
शेन वॉटसन की बल्लेबाजी की बात करें तो उन्होंने आइपीएल में खेले 15 मैचों में 39.64 की औसत से 555 रन बनाए। रन बनाने के मामले में आइपीएल में पांचवें नंबर पर रहे। वॉटसन ने 15 मैचों में 2 शतक और 2 अर्धशतक लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 154.59 का रहा। वॉटसन ने इस आइपीएल में 44 चौके और 35 छक्के लगाए। हालांकि गेंदबाजी में वो कुछ खास नहीं कर पाए और सिर्फ 6 विकेट ही ले सके।

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मुम्बई इंडियन्स के सामने धराशाई हुई चेन्नई, 8 विकेट के बड़े अंतर से मिली शर्मनाक हार। देखें फोटो विश्लेषण!

IPL के 27वें मैच में पहले खेलते हुए चेन्नई ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 169 रन बनाए। जीत के लिए मिले 170 रन के लक्ष्य को मुंबई ने 19.4 ओवर में 2 विकेट पर हासिल कर लिया और चेन्नई से अपने पहले हार का बदला भी ले लिया।

मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने 33 गेंदों पर 56 रन की नाबाद पारी खेली और अपनी टीम को जीत दिलाई।

दूसरी पारी में चेन्नई के खिलाफ मुंबई के ओपनर बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई साथ ही 34 गेंदों पर 44 रन बनाए।

मुंबई के ओपनर बल्लेबाज इवान लुईस ने 43 गेंदों पर 47 रन की अच्छी पारी खेली।

चेन्नई के मध्यक्रम के बल्लेबाज सुरेश रैना ने बेहतरीन पारी खेलते हुए 47 गेंदों पर नाबाद 75 रन बनाए।

मुंबई के खिलाफ पहली पारी में चेन्नई के ओपनर बल्लेबाज वॉटसन का बल्ला नहीं चला और वो 12 रन बनाकर आउट हुए।

अंबाती रायडू अर्धशतक के चूक गए और उन्होंने 35 गेंदों पर 46 रन की पारी खेली।

कप्तान धौनी ने अपनी टीम के लिए 21 गेंदों पर 26 रन की पारी खेली।

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घरेलू मैदान पर दिल्ली ने कोलकाता को 55 रन से हराया

IPL के 26वें मैच में पहले खेलते हुए दिल्ली ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 219 रन बनाए। कोलकाता को जीत के लिए 220 रन बनाने थे लेकिन ये टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 164 रन ही बना पाई और उसे 55 रन से हार मिली।

आंद्र रसेल ने 30 गेंदों पर 44 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाने के भरपूर कोशिश की लेकिन वो इसमें कामयाब नहीं हो पाए।

केकेआर के कप्तान दिनेश कार्तिक दिल्ली के विशाल स्कोर के आगे नहीं टिक पाए और 18 रन पर पवेलियन लौट गए।

केकेआर के ओपनर बल्लेबाज क्रिस लीन ने टीम को निराश किया और 5 रन पर आउट हो गए।

मैच की दूसरी पारी में रॉबिन उथप्पा सिर्फ एक रन बनाकर कैच आउट हो गए।

पहली बार आइपीएल में दिल्ली की कप्तानी करने वाले श्रेयस अय्यर ने कमाल की पारी खेलते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 93 रन बनाए।

दिल्ली के ओपनर बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने अपनी टीम के लिए कमाल की पारी खेली और 44 गेंदों पर 62 रन बनाए।

कोलिन मुनरो ने 18 गेंदों पर 33 रन बनाकर टीम को अच्छी शुरुआत की।

दिल्ली के दिलेर बल्लेबाज रिषभ पंत कोलकाता के खिलाफ फेल रहे और शून्य के स्कोर पर आउट हो गए।

ग्लेन मैक्सवेल ने 18 गेंदों पर 27 रन बनाए हालांकि उनके बड़ी पारी का इंतजार अब भी क्रिकेट फैंस को है।

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गेल के तूफानी शतक ने तोड़ा हैदराबाद की जीत का सिलसिला, पंजाब ने हैदराबाद को 15 रन से हराया

मोहाली क्रिकेट ग्राउंड पर आइपीएल 2018 का 16 वां मैच किंग्स इलेवन पंजाब और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया जिसमें हैदराबाद को पंजाब ने 15 रन से हरा दिया। इस मुकाबले में पंजाब ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। पंजाब ने क्रिस गेल की तूफानी शतक के दम पर 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 193 रन बनाए। हैदराबाद को जीत के लिए 194 रन का लक्ष्य मिला। जीत के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हैदराबाद की टीम 20 ओवर में 4 विकेट पर 178 रन ही बना पाई।

क्रिस गेल ने लगाया शतक

पंजाब को पहला झटका लोकेश राहुल के तौर पर गिरा। लोकेश राहुल को राशिद खान अपनी गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट किया। लोकेश राहुल ने 21 गेंदों पर 18 रन बनाए। मयंक अग्रवाल सिद्धार्थ कौल की गेंद पर दीपक हुडा के हाथों लपके गए। करुण नायर ने 21 गेंदों पर 31 रन की पारी खेली और वो भुवनेश्वर की गेंद पर धवन के हाथों लपके गए। क्रिस गेल ने इस आइपीएल का पहला शतक लगाया और 63 गेंदों पर नाबाद 104 रन की पारी खेली। फिंच भी 14 रन बनाकर नाबाद रहे।

हैदराबाद की तरफ से भुवनेश्वर कुमार, सिद्धार्थ कौल और राशिद खान ने एक-एक विकेट लिए।

विलियमसन और मनीष के अर्धशतक, पर टीम को नहीं मिली जीत

हैदराबाद का पहला विकेट मोहित शर्मा ने लिया। उन्होंने साहा को 6 रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया। हैदराबाद का दूसरा विकेट भी मोहित ने ही लिया और उन्होंने यूसुफ पठान को 19 रन पर क्लीन बोल्ड किया। कप्तान केन विलियमसन ने 41 गेंदों पर 54 रन की अच्छी पारी खेली। उनकी पारी का अंत एंड्रयू टे ने किया। टे की गेंद पर केन का कैच फिंच ने लपका। मनीष पांडे ने भी 42 गेंदों पर नाबाद 57 रन की पारी खेली। शाकिब अल हसन भी 24 रन बनाकर नाबाद रहे।

पंजाब की तरफ से मोहित शर्मा और एंड्रयू टे ने दो-दो विकेट लिए।

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राणा का कमाल रहाणे पर पड़ा भारी: कोलकाता ने राजस्थान को 7 विकेट से हराया, देखें फोटोज़

आइपीएल 11 के 15वें मुकाबले में आज केकेआर ने राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हरा दिया। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए इस मैच में कोलकाता के कप्तान दिनेश कार्तिक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया।

आइपीएल 11 टूर्नामेंट में यह कोलकाता की तीसरी जीत है। आइये तस्वीरों में देखें इस मैच की प्रमुख झलकियां

दिनेश कार्तिक ने लगाया विजयी छक्का

मैच में जब कोलकाता को 4रनों की जरूरत थी तभी कप्तान कार्तिक ने छक्का लगाकर टीम को जीत दिला दी। इस जीत के साथ अब कोलकाता प्वाइंट टेबल में सबसे ऊपर आ गयी है।

रॉबिन उथप्पा ने खली उपयोगी पारी

कोलकाता की ओर से तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए उथप्पा ने 48 रन की उपयोगी पारी खेली। उन्होंन 36 गेंदों पर 6 चौके और 2 छक्कों की मदद से ये रन बनाए।

उथप्पा और नरेन ने संभाली कोलकाता की पारी

कोलकाता को यह मैच जीतने के लिये निर्धारित 20 ओवरों में 161 रनों की जरूरत थी। जब कोलकाता की टीम अपने लक्ष्य को पाने के लिये बल्लेबाजी को उतरी तो उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही पहला विकेट मात्र एक रन पर ही गिर गया तब उथप्पा और सुनील नरेन ने दूसरे विकेट के लिये 69 रन जोड़कर जीत की नींव रखी।

राजस्थान के कप्तान रहाणे ने खेली उपयोगी पारी

टॉस हारकर राजस्थान की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 160 रन बनाए थे। जिसमें कप्तान रहाणे ने 19 गेंदों पर 36 रनों का योगदान दिया।

अर्धशतक से चूके डॉर्सी शॉर्ट

पिछले तीन मैचों में फ्लॉप रहने वाले डॉर्सी शॉर्ट ने इस बार बढ़िया बल्लेबाजी करते हुए 44रनों की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने 43 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया था यह राजस्थान की ओर से सर्वाधिक स्कोर था।

चीयर्स लीडर्स ने किया मनोरंजन

मैच के दौरान चीयर लीडर्स ने जमकर दर्शकों का मनोरंजन किया।

अब तक जयपुर में खेले जाने वाले इस मैच में राजस्थान की टीम अपनी तीसरी जीत दर्ज करने की कोशिश करेगी। आपको बता दें कि राजस्थान की टीम जयपुर में पिछले 13 मुकाबले जीती है।

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धौनी की दमदार पारी भी चेन्नई को नहीं दिला पाई जीत, पंजाब ने 4 रन से मैच जीता

आइपीएल 2018 के 12वें मैच में चेन्नई सुपर किंग्स का मुकाबला किंग्स इलेवन पंजाब के साथ था और इसमें धौनी की टीम को 4 रन से हार मिली।

इस मैच में चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब ने 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 197 रन बनाए। चेन्नई को जीत के लिए 198 रन का लक्ष्य मिला। टीम के कप्तान धौनी ने 79 रन की नाबाद पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने की कोशिश की लेकिन वो सफल नहीं हो पाए। चेन्नई ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 193 रन बनाए।

धौनी ने खेली शानदार पारी

चेन्नई का पहला विकेट मोहित शर्मा ने लिया। उन्होंने ओपनर बल्लेबाज शेन वॉटसन को बरिंदर के हाथों कैच करवा दिया। शेन ने 9 गेंदों पर 11 रन बनाए। रैना की जगह टीम में शामिल किए गए मुरली विजय 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। एंड्रयू टे की गेंद पर उनका कैच बरिंदर ने पकड़ा। सैम बिलिंग्स 9 रन बनाकर अश्विन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुए। अंबाती रायडू सिर्फ एक रन से अपने अर्धशतक से चूक गए। रायडू ने 35 गेंदों पर 49 रन बनाए और रन आउट हो गए। रवींद्र जडेजा 19 रन बनाकर एंड्रयू टे की गेंद पर अश्विन के हाथों कैच आउट हुए। कप्तान धौनी ने 44 गेंदों पर नाबाद 79 रन की पारी खेली पर टीम को जीत नहीं दिला पाए। ब्रावो एक रन बनाकर नाबाद रहे।

पंजाब की तरफ से एंड्रयू टे ने दो जबकि मोहित शर्मा और अश्विन ने एक-एक विकेट लिए।

गेल ने खेली तूफानी पारी

पंजाब का पहला विकेट लोकेश राहुल के तौर पर गिरा। राहुल ने 22 गेंदों पर 37 रन बनाए। उन्होंने पहले विकेट ले लिए गेल के साथ 96 रन की साझेदारी की। राहुल को हरभजन सिंह ने क्लीन बोल्ड कर दिया। क्रिस गेल ने अपने पहले ही मैच में 33 गेंदों पर 63 रन की पारी खेली। उन्हें शेन वॉटसन ने इमरान ताहिर के हाथों कैच आउट करवा दिया। मयंक अग्रवाल 30 रन बनाकर इमरान ताहिर की गेंद पर बोल्ड हो गए जबकि एरोन फिंच इमरान ताहिर की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। वो अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे। युवराज सिंह इस मैच में भी नहीं चल पाए। वो 20 रन बनाकर शर्दुल ठाकुर की गेंद पर विकेट के पीछे धौनी के हाथों लपके गए। कप्तान अश्विन ने 14 रन पर अपना विकेट गवां दिया। वो शर्दुल की गेंद पर अपना कैच धौनी को थमा बैठे। करुण नायर 29 रन बनाकर ब्रावो की गेंद पर रवींद्र जडेजा के हाथों लपके गए।

चेन्नई की तरफ से शर्दुल और इमरान ताहिर ने दो-दो जबकि हरभजन सिंह और ब्रावो ने एक-एक विकेट लिए।

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जीत के बाद बोले अखिलेश- उनका घमंड टूट गया, उम्मीद है अब भाषा भी बदल जाएगी

अखिलेश यादव में सभी सहयोगी दलों  और जनता को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उन सभी लोगों के सहयोग के बिना यह जीत संभव नहीं थी। यह जीत बहुत बड़ी है। यह उन तमाम लोगों की जीत है, जो गरीब, मजदूर, किसान, दलित और अल्पसंख्यक है।

बीजेपी पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि फूलपुर में तो फूल मुरझा गया। उनका घमंड टूट गया है। उम्मीद है कि अब उनकी भाषा बदल जाएगी। जिन अधिकारियों से हमने काम लिया। उन्हीं पर बीजेपी ने आंख बंद करके भरोषा किया।

कांग्रेस और राहुल गांधी से जुड़े एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि से संबंधों पर अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस से संबंध बने हुए हैं। नौजवान वो भी हैं, हम भी हैं।

ईवीएम पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ईवीएम में खामिया न होतीं तो जीत और बड़ी होती। उन्होंने बताया कि कई गांवों में ईवीएम के चलते घंटों मतदान नहीं हो सका। कई ईवीएम जब चेक कराई गई तो उसमें वोट पहले से पड़े थे। अखिलेश  ने तंज कसते हुए कहा कि ईवीएम से पूरा गुस्सा नहीं निकला, अगर बैलेट बॉक्स होता तो आवाज सुनने को मिलती और गुस्सा भी पूरा निकलता।

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पूर्वोत्तर में लहराया भगवा,BJP की जीत से आसान हुई 2019 की राह

2014 के आम चुनाव में केंद्र में सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषणों में लगातार पूर्वी भारत का बार-बार जिक्र किया जिसका नतीजा त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में देखने को मिला। पूर्वोत्तर में भाजपा को मिली इस जीत से 2019 की उसकी राह आसान होगी। बता दें कि पूर्वोत्तर राज्यों में लोकसभा की 25 सीटें हैं और 2014 में हुए आम चुनाव में भाजपा को पूर्वोत्तर राज्यों में 8 सीटों पर जीत हासिल हुई थी तो वहीं कांग्रेस को भी 8 सीटों से संतोष करना पड़ा था और सी.पी.एम. को 4 सीटें मिलीं। बाकी सीटें स्थानीय दलों के खाते में चली गईं। 2014 में सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार पूर्वोत्तर राज्यों पर फोकस किया और लगातार पूर्वी भारत की बात करते नजर आए।
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देश में है मोदी लहर
2019 में होने वाले आम चुनाव में भाजपा की राह आसान होती नजर आ रही है क्योंकि इस वक्त भाजपा के अधिकतर राज्यों में भाजपा सत्ता पर काबिज है। पी.एम. मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के लिए यह अच्छा है। 2014 में सरकार बनाने के बाद भाजपा लगातार कांग्रेस मुक्त भारत की बात करती आई है। त्रिपुरा व नागालैंड में मिली जीत के बाद भाजपा आलाकमान संतुष्ट नजर आ रहा है। भाजपा के लिए एक और अच्छी बात यह है कि देश में अभी मोदी लहर का असर बाकी है। वहीं 2009 के आम चुनाव में पूर्वी राज्यों में भाजपा को निराशा हाथ लगी थी। 2009 में पूर्वोत्तर में एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी और सी.पी.एम. के हाथ यहां से 16 सीटें लगी थीं, वहीं सी.पी.आई. को 4 सीटों पर ही जीत मिली थी। गौरतलब है कि कांग्रेस की सरकार केंद्र में होने के बावजूद पूर्वोत्तर में पार्टी को ज्यादा सफलता हासिल नहीं हुई थी।
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किस राज्य में किसे फायदा और किसे नुक्सान हुआ
त्रिपुरा
कांग्रेस को हुआ ज्यादा नुक्सान

सबसे ज्यादा नुक्सान कांग्रेस को हुआ। 25 साल से सत्ता से बाहर कांग्रेस यहां मुख्य विपक्षी दल था। इस बार उसके हाथ एक भी सीट नहीं लगी जबकि पिछले चुनावों में उसे 10 सीटें मिली थीं। नार्थ ईस्ट में भाजपा की लगातार बढ़ती सक्रियता और वहां हो रही राजनीतिक उठा-पठक का सबसे ज्यादा नुक्सान कांग्रेस को हो रहा है। त्रिपुरा में 2013 में उसके भले ही सिर्फ 10 विधायक थे लेकिन पार्टी का वोट शेयर 36.5 फीसदी था जो अब घटकर 2 फीसदी से कम हो गया है।

लैफ्ट ने क्या खोया
पिछले 40 साल के दौरान त्रिपुरा में हुए 8 चुनावों में लैफ्ट का वोट शेयर कभी भी 45 प्रतिशत से कम नहीं था। इस बार यह घटता दिख रहा है। बंगाल में सत्ता जाने के बाद त्रिपुरा लैफ्ट का सबसे मजबूत गढ़ था। त्रिपुरा से भी सत्ता जाने के बाद लैफ्ट अब केवल केरल में ही सत्ता में रह गया है।
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मेघालय
चुनाव में सबसे ज्यादा बढ़त किसे

सबसे ज्यादा फायदा भाजपा और एन.पी.पी. को होता दिख रहा है। भाजपा अपने पुराने सहयोगियों एन.पी.पी. और यू.डी.पी. के साथ मिलकर सरकार बना सकती है। पिछले चुनावों में जहां भाजपा ने इस राज्य में खाता भी नहीं खोला था वहीं यू.डी.पी. और एन.पी.पी. की भी हालत खराब ही थी लेकिन इस बार तीनों पार्टियों की सीटों में इजाफा हुआ।

पी.ए. संगमा की पार्टी का आगे क्या
2013 में पूर्व लोकसभा स्पीकर पी.ए. संगमा की पार्टी एन.पी.पी. को 2 सीटें मिली थीं। उनके निधन के बाद संगमा के बेटे कॉनरोड संगमा के हाथ में पार्टी की कमान है। कॉनरोड को इस बार सी.एम. पद का बड़ा दावेदार बताया जा रहा है।
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नागालैंड
सबसे ज्यादा नुक्सान में कौन रहा

एन.पी.एफ. को चुनाव से पहले ही काफी नुक्सान हो चुका है। नेतृत्व की लड़ाई में पार्टी के दो हिस्से हो चुके हैं। अब पार्टी के हाथ से सत्ता जाती दिख रही है। सी.एम. टी.आर. जेलियांग के लिए बिना नेफ्यू रियो के एन.पी.एफ. को जिताने की मुश्किल चुनौती है।

कांग्रेस मजबूत हुई या कमजोर
पिछले चुनाव में कांग्रेस के यहां 8 एम.एल.ए. थे। यह सभी 2 साल पहले एन.पी.एफ. में शामिल हो गए थे। इस तरह वर्तमान में यहां कांग्रेस का एक भी एम.एल.ए. नहीं है। 15 साल पहले सत्ता में रही कांग्रेस को इस चुनाव में कैंडीडेट मिलने में भी काफी परेशानी हुई। पार्टी ने 23 सीटों पर कैंडीडेट उतारे थे। इनमें से 5 ने नाम वापस ले लिया।

भाजपा मजबूत हुई या कमजोर
15 साल से एन.पी.एफ. की जूनियर पार्टनर रही भाजपा को विशेषज्ञ एन.पी.एफ. में हुई टूट का कारण बताते हैं।  इस पार्टी की टूट का फायदा भाजपा को हुआ है। पार्टी पहली बार कई सीटें जीत कर सरकार बनाने के कगार पर है।