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Photos: जब मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी महिला को पहनाई चप्पल, पढ़ें, पूरा मामला

अंबेडकर जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर पहुंचे। जहां उन्होंने ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत देश के पहले वेलनेस सेंटर के लॉन्च कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक आदिवासी महिला को मंच पर चप्पल भेंट की। चरण-पादुका (फुटवियर) योजना के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने इस आदिवासी महिला को चप्पल पहनाईं। इस योजना का लक्ष्य तेंदूपत्ता जमा करने वालों को चप्पलें उपलब्ध कराना है।

पीएम मोदी ने भेंट की चप्पल शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अंबेडकर जयंती के मौके पर छत्तीसगढ़ के बीजापुर पहुंचे। उन्होंने बीजापुर में कई केन्द्रीय और राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं की नींव रखी। बीजापुर में पीएम मोदी ने ‘आयुष्मान भारत’ योजना के पहले वेलनेस सेंटर का उद्घाटन किया। स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने एक आदिवासी महिला को चप्पल का एक जोड़ा भेंट किया। प्रधानमंत्री ने मंच पर ही महिला को चप्पल पहनाई। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, अनंत कुमार के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी मौजूद थे। चरण-पादुका योजना के तहत दिया गया चप्पलों का जोड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरण-पादुका योजना के तहत आदिवासी महिला को चप्पलों का जोड़ा दिया।

जानकारी के मुताबिक चरण-पादुका (फुटवियर) योजना का लक्ष्य तेंदूपत्ता जमा करने वालों को चप्पलें उपलब्ध कराना होता है। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि विकास की दौड़ में पीछे छूट गए और पीछे छोड़ दिए गए समुदायों में आज जो चेतना जागी है, वो चेतना बाबा साहब की ही देन है।

योजना के तहत तेंदूपत्ता जमा करने वालों को चप्पलें उपलब्ध कराना है पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि एक गरीब मां का बेटा, पिछड़े समाज से आने वाला आपका ये भाई अगर आज देश का प्रधानमंत्री है, तो ये भी बाबा साहेब की ही देन है। उन्होंने कहा कि आज बाबा साहेब की प्रेरणा से, मैं बीजापुर के लोगों में, यहां के प्रशासन में, यही भरोसा जगाने आया हूं। ये कहने आया हूं कि केंद्र की आपकी सरकार, आपकी आशाओं-आकांक्षाओं, आपकी ‘aspirations’ के साथ खड़ी है।

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History Created: WWE ने पहली बार किसी भारतीय महिला को साइन किया

WWE पिछले कुछ समय से भारत में अपनी लोकप्रियता बढ़ाने की कोशिश में है और दिसंबर में देश में लाइव इवेंट भी रखा है। जिंदर महल को काफी प्रोमोट किया जा रहा है और अब कंपनी ने पहली बार किसी भारतीय महिला पहलवान के साथ समझौता किया है। उन्होंने पूर्व वेट लिफ्टर कविता देवी को साइन किया है और इस बात की घोषणा नई दिल्ली दौरे के दौरान चैंपियन जिंदर महल ने की।

दक्षिण एशियाई खेलों में जीता था स्वर्ण पदक
बता दें कि कविता WWE द्वारा आयोजित माए यंग क्लासिक टूर्नामेंट का हिस्सा रह चुकी हैं और उन्होंने रिंग के दांव पेंच पूर्व वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन द ग्रेट खली से सीखे हैं। वह भारत की एक प्रशिक्षित भारोत्तोलकर हैं तथा उन्होंने साल 2016 में दक्षिण एशियाई खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था।  बताया जा रहा है कि वो जनवरी में अमेरिका के फ्लोरिडा में स्थित WWE परफॉर्मेंस सेंटर में ट्रेनिंग शुरू कर देंगी।

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यह उपलब्धि हासिल करने के बाद कविता देवी ने कहा, “WWE के रिंग में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनना मेरे लिए सम्मान की बात है। माए यंग क्लासिक टूर्नामेंट में दुनिय़ा की सर्वश्रेष्ठ महिलाओं के साथ कंपीट करने का अनुभव बेहतरीन रहा। अब मैं आगे भारत के लिए WWE विमेंस चैंपियनशिप का खिताब जीतना चाहती हूं।”

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महिला टॉयलेट में घुसे राहुल गांधी, गुजराती न आना पड़ा भारी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पीएम नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में विधानसभा चुनाव को लेकर काफी मेहनत कर रहे हैं. राहुल कई सभाएं कर रहे हैं और उन सभाओं में जमकर पीएम मोदी पर तंज कस रहे हैं. हालांकि बुधवार को छोटा उदयपुर सभा के दौरान राहुल गांधी के साथ एक गजब घटना घटी. आने वाले दिनों में इस घटना को यादकर राहुल गांधी खुद हंसेंगे. इस घटना का कारण बना उनका गुजराती न आना.

राहुल गांधी छोटा उदयपुर में जनसभा कर रहे थे और संवाद कार्यक्रम के दरबार हॉल में युवाओं से बातचीत कर रहे थे. इसी बीच उन्हें टॉयलेट जाना पड़ा, हालांकि वह जेंट्स टॉयलेट की जगह लेडीज टॉयलेट में पहुंच गए. यह मामला बड़ा हास्यास्पद बन गया.

इस टॉयलेट में एक पेपर पर गुजराती भाषा में लेडीज टॉयलेट लिखा था. टॉयलेट के दरवाजे पर कोई तस्वीर नहीं थी. इसी वजह से राहुल गुजराती नहीं समझ पाए और महिला शौचालय में चले गए.

इसके बाद राहुल गांधी के एसपीजी ने लोगों को वहां से हटा दिया. हालांकि राहुल गांधी को महिला शौचालय से बाहर आते देखकर सभी लोगों की हंसी छूट पड़ी.

वहीं इससे पहले मध्य गुजरात के दाहोद जिले के लिमखेड़ा शहर में एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, ‘मोदीजी को यह अहसास हुआ कि नोटबंदी से आम लोग और छोटे व्यापारी पूरी तरह बर्बाद नहीं हुए हैं. इसलिए उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लाने का फैसला किया.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी यहां के मुख्यमंत्री थे, तब भाजपा सरकार ने लोगों की मूलभूत जरूरतों जैसे स्वास्थ्य एवं शिक्षा की कीमत पर राज्य का ‘बहुमूल्य धन एवं संसाधन’ उद्योगपतियों पर खर्च कर दिया. उन्होंने कहा कि यही गुजरात मॉडल है. यही अच्छे दिन है…लेकिन सिर्फ मोदीजी और शाहजी के लिए….बाकी देश के लिए नहीं.

राहुल गांधी यहां चुनाव प्रचार अभियान के दूसरे चरण में तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने इससे पहले गुजरात के सौराष्ट्र में 25 से 27 सितंबर के बीच तीन दिन की यात्रा की थी.