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Paytm founder Vijay Shekhar Sharma youngest Indian billionaire

Paytm founder Vijay Shekhar Sharma, 39, is the youngest Indian billionaire, while 92-year-old Samprada Singh, chairman emeritus of Alkem Laboratories, is the oldest, according to Forbes.

Sharma, ranked 1,394th on the list with a fortune of USD 1.7 billion, is the only Indian billionaire in the under-40 league.

Sharma founded fast-rising mobile wallet Paytm in 2011. He has also created Paytm Mall, an e-commerce business

& Paytm Payment Bank.
“One of the biggest beneficiaries of India’s demonetisation, Paytm has notched up 250 million registered users and 7 million transactions daily. Sharma owns 16 per cent of Paytm, which is now valued at USD 9.4 billion,” Forbes said.

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अंडर 19 वर्ल्डकप विजेता बना भारत: टीम के जूनियर ”ब्रैडमैन” का जलवा, बने ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’

अंडर 19 वर्ल्डकप के फाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराया. मनजोत कालरा ने बेहतरीन पारी खेलते हुए शतक जड़ा. पृथ्वी शॉ की कप्तान में टीम इंडिया ने टूर्नामेंट के पहले मैच में भी ऑस्ट्रेलिया को ही हराया था. मनजोत को मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया. वहीं टूर्नामेंट में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले शुभमन गिल को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया. भारत ने ‘मैन ऑफ द मैच’ सलामी बल्लेबाज मंजोत कालरा की शतकीय पारी की बदौलत शनिवार को यहां बे ओवल मैदान पर आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर चौथी बार खिताब अपने नाम किया.

ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 217 रनों के लक्ष्य को भारत ने मनजोत कालरा के नाबाद 101 रनों की बदौलत 38.5 ओवरों में आठ विकेट रहते ही हासिल कर लिया. कालरा के अलावा भारत के लिए शुभमन गिल ने 31 और विकेटकीपर हार्विक देसाई ने 47 रन बनाए.

‘मैन ऑफ द सीरीज’ चुने जाने के बाद शुभमन ने कहा, ‘मैं अपनी टीम पर गर्व करता हूं. हम भाग्यशाली हैं कि हमें राहुल (द्रविड़) सर कोच के रूप में मिले. उन्होंने मुझे सिर्फ खेल पर ध्यान देने की सलाह दी. यह मेरे लिए रोमांचित कर देने वाला समय है. मुझे उम्मीद है कि आईपीएल में भी अच्छा प्रदर्शन करूंगा.’

भारत ने टूर्नामेंट का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, जिसमें शुभमन ने 63 रन की बेहतरीन पारी खेली थी. वहीं इसके बाद जिम्बावे के खिलाफ 59 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौकों और 1 छक्के की मदद से 90 रन की नाबाद पारी खेली. उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 86 रन की पारी खेली. शुभमन ने पाकिस्तान के खिलाफ 102 रन की नाबाद पारी खेली.

बता दें कि शुभमन ने इस टूर्नामेंट के 6 मुकाबलों में 372 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 3 अर्धशतक जड़े. शुभमन टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर हैं. उनसे पहले वेस्टइंडीज के खिलाड़ी ए एंथाजे हैं. एंथाजे ने 6 मुकाबलों में 418 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 2 अर्धशतक जड़े हैं. शुभमन ने 112.38 के एवरेज से रन बनाए. उन्होंने वर्ल्डकप 2018 में 40 चौके और 2 छक्के जड़े हैं.

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया. ईशान पोरेल ने उसे 32 के कुल स्कोर पर पहला झटका दिया. उन्होंने मैक्स ब्रायंट (14) को अभिषेक शर्मा के हाथों कैच कराया. ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका भी ईशान ने दिया. उन्होंने दूसरे सलामी बल्लेबाज जैक एडवर्ड्स (28) को पवेलियन भेज दिया. 59 के कुल स्कोर पर कप्तान जेसन संघा (13) को कमलेश नागरकोटी ने पवेलियन भेजा.

यहां ऑस्ट्रेलिया मुश्किल में थी. मेर्लो और उप्पल ने उसे संभाला और चौथे विकेट के लिए 75 रनों की साझेदारी की. उप्पल को अनुकूल रॉय ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर उनकी पारी का अंत किया. मेर्लो को फिर नाथन मैक्स्वीनी का साथ मिला और दोनों ने टीम को 183 के स्कोर पर पहुंचा दिया. लेकिन शिवा सिंह ने अपनी ही गेंद पर मैक्स्वीनी का कैच पकड़ इस साझेदारी को तोड़ा. यहां से ऑस्ट्रेलिया ने लगातार विकेट खो दिए और जल्दी पवेलियन में लौट गई. मेर्लो 212 के कुल स्कोर पर सातवें विकेट के रूप में पवेलियन लौटे. उन्होंने अपनी पारी में 102 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए.

भारत ने चौथी बार अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है. इससे पहले वो, 2000 में मोहम्मद कैफ की कप्तानी में, 2008 में विराट कोहली की कप्तानी में और 2012 में उन्मुक्त चंद की कप्तानी में विश्व विजेता बन चुका है. वहीं भारत ने लगातार दूसरी बार फाइनल में आस्ट्रेलिया को मात दी. 2012 में भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मात देते हुए खिताबी जीत हासिल की थी.

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भारतीय मूल का किशोर बना ब्रिटेन में सबसे छोटी उम्र का करोड़पति

भारतीय मूल का एक किशोर ब्रिटेन में सबसे छोटी उम्र के करोड़पतियों में शुमार हो गया है। एक साल से कुछ ज्यादा समय में उसकी ऑनलाइन एस्टेट एजेंसी के कारोबार की कीमत 1.20 करोड़ पौंड (करीब 103 करोड़ रुपये) आंकी गई है।

अक्षय रूपारेलिया सिर्फ 19 साल के हैं। वह स्कूल में पढ़ते हैं। इस हफ्ते उनकी ‘डोरस्टेप्स. सीओ.यूके’ ब्रिटेन में 18वीं सबसे बड़ी एस्टेट एजेंसी बन गई है। सिर्फ 16 महीने पहले उन्होंने इस वेबसाइट को लांच किया था। अक्षय का दावा है कि इस अवधि में वह 10 करोड़ पौंड (करीब 860 करोड़ रुपये) कीमत की संपत्तियां बेच चुके हैं। अक्षय ने बताया कि अपनी कंपनी शुरू करने के लिए उन्होंने रिश्तेदारों से सात हजार पौंड (करीब 6 लाख रुपये) उधार लिए थे। अब उनकी कंपनी में दर्जनभर लोग कार्य करते हैं। उनकी कंपनी संपत्ति बेचने के लिए ब्रिटेन भर में स्वरोजगार माताओं की मदद लेती है। खास बात यह है कि संपत्ति बेचने के लिए हजारों पौंड वसूलने की बजाय उनकी कंपनी बहुत कम धनराशि लेती है।

अक्षय के पिता कौशिक (57) और मां रेणुका (51) दोनों ही सुन सकने में असमर्थ हैं। अक्षय को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र और गणित पढ़ने का प्रस्ताव मिला है, लेकिन उन्होंने फिलहाल कारोबार पर ही ध्यान देने का फैसला किया है।

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ऑस्ट्रिया में यूरोपीय संघ के सबसे युवा नेता कुर्ज की जीत तय, करिश्माई है ये शख्स

ऑस्ट्रिया में मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान हो चुका है. इसमें दक्षिणपंथी नेता 31 साल के सेबस्टियन कुर्ज  की जीत की संभावना प्रबल मानी जा रही है. यूरोपीय संघ के करीब 87.50 लाख की आबादी वाले इस सदस्य देश के दक्षिणपंथ की ओर झुकाव से ब्रसेल्स के लिए नई मुसीबतें खड़ी हो जाएंगी. वह ब्रिटेन के संघ छोड़ने और जर्मनी, हंगरी, पोलैंड और अन्य सदस्य देशों में राष्ट्रवादियों के उदय को लेकर पहले से संघर्ष कर रहा है.

हालांकि सभी संकेत इस ओर इशारा कर रहे हैं कि ऑस्ट्रिया के लोग शरण की मांग करने वाले लोगों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि से तंग आ चुके हैं और मध्यमार्गी सरकार की बजाय अधिक सख्त सरकार के पक्ष में मतदान का मन बना चुके हैं. द पीपुल्स पार्टी ने करीब 30 प्रतिशत मतदाताओं को लुभाने के लिए अप्रवासियों पर सख्ती दिखाने और कर में ढील देने की घोषणा की है. कुर्ज ने इसे ‘निजी अभियान’ के तौर पर पेश किया.

कुर्ज 27 साल में ही बन गए विदेश मंत्री  

दरअसल, कुर्ज 2013 में उस समय चर्चा में आए जब वह मात्र 27 साल के थे और दुनिया के सबसे युवा विदेश मंत्री बने.  अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी और इरान के जावद जरीफ के साथ उनकी तस्वीरों ने खूब सुर्खियां बटोरीं. उनका राजनीतिक सफर स्कूल में ही शुरू हो गया था जब वह ए लेवल की पढ़ाई कर रहे थे. उन्होंने कंजरवेटिव ऑस्ट्रियन पीपल्स पार्टी के यूथ विंग की सदस्यता ली.

विएना में विवादास्पद और ध्रुवीकरण वाले स्थानीय चुनाव के दौरान कुर्ज ने पार्टी को एक तबके में बेहद मजबूत बनाया. उनके इस योगदान को देखते हुए पार्टी ने उन्हें 2011 में स्टेट सेक्रेटरी बनाया. चार साल पहले सोशल डेमोक्रेटिक-पीपल्स पार्टी की गठबंधन सरकार बनने पर कुर्ज को विदेश मंत्री बनाया गया. इस तरह वह यूरोप के सबसे युवा कूटनीतिज्ञ बने.