Posted on

उन्नाव केस: BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के साथ किया था रेप, CBI ने की पुष्टि

 उन्नाव केस की जांच कर रही सीबीआई ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर लगे रेप के आरोपों की पुष्टि कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने आरोपों की पुष्टि कर दी है. वहीं दुष्कर्म में शशि सिंह की भूमिका पर सीबीआई ने कहना है कि शशि सिंह ही पीड़ित को नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुलदीप सिंह के घर लाई थी. 4 जून 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह ने उसके साथ रेप किया था और 11 जून को पीड़िता को तीन युवकों ने अगवा किया और कार में गैंगरेप किया. सूत्रों का कहना है कि अब सीबीआई स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच कर रही है.

बयानों से नहीं पलटी पीड़िता
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कोर्ट के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज किए. कोर्ट के समझ भी उसने वहीं बयान दिए जो उसने पुलिस को अपनी शिकायत में दिए थे.

सीबीआई ने आमने-सामने बैठकर की थी जांच
आपको बता दें कि उन्नाव रेप केस की जांच कर रही सीबीआई ने आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और पीड़िता का आमना-सामना कराया था. पीड़िता ने पिछले वर्ष चार जून को विधायक द्वारा रेप किए जाने का आरोप दोहराया लेकिन, विधायक इससे इनकार करते रहे. सीबीआई के अफसरों ने दोनों से अलग-अलग हुई पूछताछ के तथ्यों को भी सामने रखा और एक-दूसरे से पुष्टि की.

सेंगर को सीतापुर जेल में किया गया शिफ्ट
आपको बता दें, बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मंगलवार (8 मई) को सुबह उन्नाव जेल से सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. पीड़िता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अपील दायर कर आरोपी विधायक को उन्नाव जेल से शिफ्ट करने की याचिका दायर की थी, जिसके बाद ये फैसला लिया गया.

अब तक मामले में क्या-क्या हुआ

  • रेप पीड़िता ने 11 जून 2017 को कोर्ट में शिकायत दर्ज की.
  • कोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए और आरोपी अवधेश तिवारी, शुभम तिवारी व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, इस मुकदमे में विधायक और शशि सिंह का नाम नहीं था.
  • 3 अप्रैल 2018 को विधायक के भाई अतुल सिंह ने केस वापस लेने के लिए पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया.
  • जब पिता द्वारा इनकार किया तो उसकी बेरहमी से पिटाई की गई और फर्जी मुकदमा लिखवाकर उसे जेल भिजवा दिया.
  • 8 अप्रैल, 2018 को पीड़िता ने परिवार समेत सीएम आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की.
  • 9 अप्रैल 2018 को पीड़िता के पिता की उन्नाव जेल में मौत हो गई.
  • 10 अप्रैल 2018 को विधायक के भाई अतुल सिंह को गिरफ्तार किया गया.

केस में अब आगे क्या होगा

  • विधायक कुलदीप पर रेप के आरोपों की पुष्टि हुई.
  • अब आरोपी विधायक पर शिकंजा कस सकता है.
  • बीजेपी भी विधायक कुलदीप के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है.
  • ये भी संभव है कि पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दे.
  • सीबीआई अब मामले में पूरी जांच करने के बाद रिपोर्ट सौंपेगी.
  • सीबीआई की रिपोर्ट पर कोर्ट मामले में फैसला सुनाएगा.
Posted on

दुनिया की 10 सबसे ताकतवर हस्तियों में शुमार हुए नरेंद्र मोदी, No. 1 पर चिनफिंग

प्रतिष्ठित फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में पीएम नरेंद्र मोदी दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली नेताओं की सूची में शुमार हो गए हैं. फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में पीएम मोदी नौवें स्‍थान पर काबिज हैं. इस सूची में चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग पहली बार पहले स्‍थान पर काबिज हुए हैं. वह रूसी नेता व्‍लादिमीर पुतिन को हटाकर पहले स्‍थान पर पहुंचे हैं. फोर्ब्‍स 2018 लिस्‍ट में दुनिया को चलाने वाले सबसे ताकतवर 75 नामों को शामिल किया गया है. फोर्ब्‍स ने लिस्‍ट जारी करते हुए कहा, ”दुनिया में करीब 7.5 अरब लोग हैं लेकिन ये 75 लोग दुनिया को चलाते हैं. फोर्ब्‍स की वार्षिक रैंकिंग में हर एक अरब में से एक ऐसे व्‍यक्ति को चुना जाता है जिनके एक्‍शन सबसे ज्‍यादा मायने रखते हैं.”

पीएम नरेंद्र मोदी
फोर्ब्स ने कहा कि पीएम मोदी दुनिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश (भारत) में “बेहद लोकप्रिय बने हुए हैं.” इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए मोदी सरकार के नवंबर 2016 के नोटबंदी के फैसले का हवाला दिया गया है. हाल के वर्षों में पीएम मोदी ने आधिकारिक यात्रा के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप और शी जिनपिंग के साथ मुलाकात की और वैश्विक नेता के रूप में अपनी पहचान बढ़ाई है. इसके अलावा वह जलवायु परिवर्तन से निपटने के अंतरराष्ट्रीय प्रयास में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे हैं.

mukesh ambani
PM मोदी के अलावा मुकेश अंबानी लिस्‍ट में शामिल होने वाले एकमात्र भारतीय हैं.(फाइल फोटो)

मुकेश अंबानी
रिलांयस इडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी इस सूची में पीएम मोदी के अलावा स्थान पाने वाले एकमात्र भारतीय हैं. वहीं, माइफ्रोसॉफ्ट के सीईओ भारतीय मूल के सत्या नाडेला को 40वें पायदान पर रखा गया है. अंबानी पर फोर्ब्स ने कहा कि अरबपति उद्योगपति ने 2016 में भारत के अति-प्रतिस्‍पर्द्धी बाजार में 4-G सेवा जियो शुरू करके कीमत की जंग छेड़ दी.

शी जिनपिंग
जिनपिंग ने पिछले लगातार चार वर्ष तक इस सूची में शीर्ष पर चले आ रहे पुतिन को दूसरे स्थान पर धकेल दिया है. सूची में तीसरे पायदान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चौथे पर जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और पांचवें पर अमेजन प्रमुख जैफ बेजोस हैं. पीएम मोदी के बाद फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग(13वें), ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे(14), चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग(15), एपल के सीईओ टिम कुक(24) को रखा गया है. इस वर्ष सूची में 17 नए नामों को शामिल किया गया है, इसमें सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद (8वें ) भी हैं. सूची में पोप फ्रांसिस(6), बिल गेट्स(7), फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों(12), अलीबाबा के प्रमुख जैक मा(21) भी शामिल हैं.

Posted on

IPL 2018 : कोलकाता ने दिल्ली को 71 रन से हराया

नितीश राणा के अर्धशतक और आंद्रे रसेल की तूफानी पारी के दम पर बड़ा स्कोर खड़ा करने वाले कोलकाता ने सोमवार को यहां दिल्ली की टीम को 71 रन से करारी शिकस्त देकर आईपीएल-11 में फिर से जीत की राह पकड़ी.

राणा ने आठवें ओवर में क्रीज पर कदम रखने के बाद एक छोर संभाले रखा तथा 35 गेंदों पर 59 रन की पारी खेली. रसेल ने केवल 12 गेंदों पर 41 रन बनाये जिनमें छह छक्के शामिल हैं. इनमें से 40 रन उन्होंने मोहम्मद शमी की नौ गेंदों पर बनाये जो पत्नी के आरोपों के बाद पहली बार ईडन गार्डन्स में खेल रहे थे.

राणा और रसेल ने पांचवें विकेट के लिये 61 रन जोड़े. उनसे पहले रोबिन उथप्पा (19 गेंदों पर 35) और क्रिस लिन (29 गेंदों पर 31) ने दूसरे विकेट के लिए 55 रन की साझेदारी की थी. इससे पहले बल्लेबाजी का न्यौता पाने वाले कोलकाता नौ विकेट पर 200 रन बनाने में सफल रहा.

इसके जवाब में दिल्ली की टीम 14.2 ओवर में 129 रन पर सिमट गई. उसकी तरफ से ग्लेन मैक्सवेल (22 गेंदों पर 47) और ऋषभ पंत (26 गेंदों पर 43 रन) ही दोहरे अंक में पहुंच पाए. कोलकाता की लगातार दो मैचों में हार के बाद यह कुल दूसरी जीत है जबकि दिल्ली ने चौथे मैच में तीसरी हार का स्वाद चखा.
आफ स्पिनर सुनील नारायण आज बल्लेबाजी में नहीं चले लेकिन उन्होंने गेंदबाजी में कमाल दिखाया और 18 रन देकर तीन विकेट लिए. उनके अलावा चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने 32 रन देकर तीन विकेट लिए.

Posted on

जानिए कठुआ रेप कांड का पूरा सच। डी एन ए रिपोर्ट! #Kathua #JusticeForAsifa #Truth

जानिए डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस रिपोर्ट से कठुआ रेप कांड से जुड़ा हर सच। किसी भी प्रतिक्रिया देने से पहले सच जानना जरुरी है। हम मांग करते हैं अगर उन्नाव केस की CBI जाँच हो सकती है तो कठुआ रेप कांड की भी CBI जाँच होनी चाहिए और केस को फ़ास्ट ट्रैक कर के सुप्रीम कोर्ट में जल्द से जल्द अपराधियों को सूली पर चढ़ाया जाये।

कठुआ रेप कांड का पूरा सच

 

Posted on

उन्नाव गैंगरेप: BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का भाई गिरफ्तार, पीड़िता बोली-फांसी पर लटका दो

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में युवती ने गैंगरेप मामले में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के आरोपी भाई अतुल सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर हुई है. पीड़ित परिवार की ओर से लगातार आरोप लगाए जा रहे थे कि मौजूदा बीजेपी सरकार विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके परिवार को बचा रही है. इसके बाद सीएम योगी ने आश्वासन दिया था कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.

इस गिरफ्तारी पर पीड़िता ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, ‘कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है. मैं नहीं जानती की उसके भाई को गिरफ्तार किया गया है. मैं चाहती हूं कि उसे फांसी पर लटका दिया जाए. उन्होंने मेरी जिंदगी को नरक बना दिया है. मेरे पिता की हत्या कर दी.’

View image on Twitter

ANI UP

@ANINewsUP

Kuldeep Singh (Sengar) isn’t being arrested. I don’t know if his brother is arrested. I demand that they be hanged till death. They’ve made my life miserable. I want justice. They killed my father: Woman who has leveled rape allegations against BJP MLA Kuldeep Singh Sengar #Unnao

BJP विधायक पर आरोप लगाने वाले शख्स की जेल में मौत
पीड़िता के पिता ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके परिवार वालों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था. आरोप है कि पुलिस ने पीड़िता के पिता के कहने पर मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया था, लेकिन विधायक की ओर से छवि खराब करने का मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद पीड़िता के पिता को जेल में डाल दिया गया था, जहां रविवार रात उनकी मौत हो गई.

पीड़िता के पिता की मौत पर 2 अफसर समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
पुलिस हिरासत में पीड़िता के पिता की मौत पर 2 पुलिस अधिकारी और 4 कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है. उन्नाव की पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि देवी ने कहा, ‘घटना की गंभीरता को देखते हुए 2 पुलिस अधिकारी और 4 कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि बलात्कार पीड़िता के पिता को पीटने वाले चार आरोपियों सोनू, बउवा, विनीत और शैलू को गिरफ्तार कर लिया है.’ विधायक पर जेल में हत्या कराये जाने के आरोप के बारे में पूछे जाने पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता. मामले की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिये गए हैं. साथ ही मृतक का डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए गए हैं.

एफआईआर में विधायक का नाम नहीं
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक FIR की कॉपी में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का नाम ही दर्ज नहीं है. एफआईआर में विधायक का नाम नहीं होने को लेकर रेप पीड़ित की बहन ने कहा कि मेरे पिता की पहले ही मौत हो चुकी है, अब पुलिस कह रही है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आगे उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि FIR में विधायक कुलदीप सिंह और अरुण सिंह का नाम शामिल कर दोनों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए.

Unnao gangrape

आरोपों के बाद सीएम से मिलने पहुंचे थे विधायक
अपने ऊपर लगे आरोपों के बाद बीजेपी विधायक सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने एनेक्सी बिल्डिंग पहुंचे थे. आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ साजिश हुई है, मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आने को लेकर उन्होंने कहा कि मुझे बुलाया नहीं गया है, बल्कि मैं खुद उनसे मिलने आया हूं. उन्होंने कहा कि मुझे जांच से कोई समस्या नहीं है. जांच होने दीजिए और दोषी को कड़ी सजा होनी चाहिए. जांच में यदि मैं दोषी पाया जाता हूं तो मैं सजा का सामना करने के लिए तैयार हूं.

सीएम ने ADG लखनऊ को सौंपी है मामले की जांच
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि लखनऊ के ADG को इस मामले की गंभीरता से जांच के आदेश दे दिए गए हैं. इस मामले में जो कोई आरोपी होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा. युवती और उसके परिवार वालों ने रविवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के बाहर खुदकुशी करने की कोशिश की थी. युवती ने रविवार दोपहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास के पास परिवार के साथ पहुंचकर आत्मदाह करने की कोशिश की थी.

जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी ने कहा कि जब दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था तो एक पक्ष को ही जेल क्यों भेजा गया, इसकी जांच कराई जाएगी.

Posted on

Facebook डेटा लीक : JDU के सवाल पर केसी त्यागी की सफाई, कंपनी से कोई लेना-देना नहीं

कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा कई देशों में चुनाव के दौरान फेसबुक के जरिए डाटा चोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. आरोप है कि इस कंपनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के लिए माहौल बनाने के लिए फेसबुक के 5 करोड़ लोगों के डाटा चुराए थे. अब इस मामले की लपटें भारत में भी पहुंच चुकी हैं और देश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है.

भारत से जुड़े हैं तार
कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी से एक भारतीय कंपनी एससीएल इंडिया जुड़ी हुई है. इस कंपनी के मालिक जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी हैं. इस तरह जनता दल (यू) समेत कई राजनीति दलों के इस मामले में शामिल होने के आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं. बताया जा रहा है कि भारत होने वाले चुनावों में भी इस कंपनी की मदद से लोगों के डाटा का इस्तेमाल किया जा रहा है.

केसी त्यागी ने दी सफाई
जेडीयू ने इस मामले में केसी त्यागी से सफाई मांगी है. केसी त्यागी ने उनके बेटे की कंपनी और कैंब्रिज एनालिटिका के बीच केवल कारोबारी रिश्ते हैं. दोनों कंपनियों के बीच किसी तरह का आर्थिक व्यवहार नहीं है. और पूरा मामला एक खुली किताब की तरह है. उन्होंने कहा कि 2010 में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में कंपनी कंपनी ने किसी तरह का कोई सहयोग नहीं दिया था.

There was only a work relation between my son Amrish’s company and #CambridgeAnalytics , there is no financial transaction or shareholding, everything is open to probe. JDU also has no links with this,neither did they promote us in 2010 polls: KC Tyagi,JDU

JDU has no relation with #CambridgeAnalytics , neither has its CEO ever met Nitish ji nor me. In any case JDU is a Socialist outfit and we stay away from such things, except for maybe Prashant Kishore ji helping us during last assembly polls: KC Tyagi,JDU

Twitter पर छबि देखें

केसी त्यागी ने साफ कहा कि कंपनी से उनके बेटे का कारोबारी संबंध तो है, लेकिन जेडीयू का पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने यहां तक कहा कि कैंब्रिज कंपनी के सीईओ या अन्य अधिकारी ने उनसे या नीतीश कुमार से कभी कोई मुलाकात भी नहीं की है.

आरोप-प्रत्यारोप
डाटा चोरी मामले में बीजेपी और कांग्रेस एकदूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की है. उधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी इस मामले को बीच में लाकर मोसुल में हुए 39 भारतीयों की हत्या के मामले को दबाने की कोशिश कर रही है.

RJD ने भी किया पलवटवार
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इस मामले में बीजेपी को घसीटते हुए कहा कि चूंकि भाजपा की लोकप्रियता फेसबुक पर कम हो रही है, वे फेसबुक के मालिक को चुनौती दे रहे हैं कि उन्हें बुलाया जा सकता है. सरकार को हमें यह बताना चाहिए कि अगर उनके पास शक्तियां हैं तो वे नीरव मोदी, ललित मोदी और विजय माल्या को क्यों नहीं बुला सकती?

तेजस्वी ने कहा कि इस कंपनी के ग्राहकों की सूची में बीजेपी का नाम शामिल है और कंपनी को जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी के बेटे द्वारा चलाया जा रहा है. और केसी त्यागी कह रहे हैं कि उन्हें कुछ नहीं पता, यह भला कैसे संभव हैं?

Posted on

DGCA ने इंडिगो की 8 और गो एयर की 3 विमानों की उड़ान पर लगाई रोक, IndiGo की 47 उड़ानें रद्द

डीजीसीए ने खास सीरीज के प्रैट एण्ड व्हिटनी इंजन वाले 11 A-320 नियो विमानों की उड़ानों पर सोमवार को तत्‍काल प्रभाव से रोक लगा दी. इन इंजनों में उड़ान के दौरान फेल होने की कुछ घटनाएं सामने आईं हैं. इन 11 विमानों में से आठ का संचालन इंडिगो और तीन का संचालन गो-एयर करती है. वहीं, डीजीसीए के इस फैसले के चलते इंडिगो ने मंगलवार को अपनी 47 उड़ानें रद्द कर दीं. इससे यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बड़े शहरों की रद्द की गई उड़ानें
इंडिगो ने अपनी 47 डोमेस्टिक उड़ानें रद्द करने की जानकारी एयरलाइन की वेबसाइट पर अपलोड की है. जिन शहरों के लिए ये उड़ानें रद्द की गई हैं, उनमें दिल्‍ली, मुंबई, चेन्‍नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, पटना, श्रीनगर, भुवनेश्‍वर, अमृतसर और गुवाहाटी प्रमुख हैं. इन शहरों के लिए सफर करने वाले यात्रियों को इस फैसले से समस्‍या हो रही है.

घटना के बाद लिया फैसला
डीजीसीए ने इंडिगो के A-320 नियो विमान के उड़ान के दौरान आसमान में ही इंजन फेल हो जाने की घटना के कुछ घंटों बाद ही यह फैसला लिया. इस विमान को इंजन फेल होने के कारण अहमदाबाद हवाई अड्डे पर आपातस्थिति में उतारना पड़ा था. इंडिगो के इस विमान का इंजन सोमवार को उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद फेल हो गया था. विमान में 186 लोग सवार थे. यह विमान अहमदाबाद से लखनऊ जा रहा था. इसे सुबह करीब 5:30 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उतारा गया था. डीजीसीए ने इस घटना को गंभीरता से लिया. विमान संचालन में सुरक्षा का हवाला देते हुए डीजीसीए ने कहा कि ईएसएन 450 से अधिक क्षमता वाले प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजन वाले A320 नियो विमानों की उड़ान पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है.

प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजनों को विमान में नहीं लगाएं- डीजीसीए
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने दोनों एयरलांइस इंडिगो और गो एयर से कहा है कि वे प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजनों को विमान में नहीं लगाएं. डीजीसीए के मुताबिक, ये इंजन उनके पास स्टॉक में अतिरिक्त संख्या में उपलब्ध हैं. नियामक ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर सभी संबंद्ध पक्षों के साथ संपर्क में रहेगा. जब यूरोपीय नियामक ईएएसए और प्रैट एण्ड व्हिटनी इस मुद्दे का समाधान करेंगे वह भी स्थिति की समीक्षा करेगा.

इंडिगो के 7% विमान नहीं भर रहे उड़ान
मौजूदा समय में इंडिगो का मार्केट शेयर करीब 40% है. यह एयरलांइस 155 A320 विमानों को संचालित कर रही है. इनमें 45 A320 नियो विमान हैं, लेकिन इनमें से अब 7% विमान अब उड़ान नहीं भर रहे. वहीं गो एयर के पास 32 A320 विमान हैं. साथ ही कंपनी का मार्केट शेयर 9.6% है. डीजीसीए के गो एयर के इनमें से तीन विमानों की उड़ानों पर रोक लगाई गई है.

पहले भी हुई घटनाएं
12 मार्च को इंडिगो के अहमदाबाद से लखनऊ जा रही उड़ान को आपातस्थिति में उतारने की घटना से पहले भी ऐसे इंजनों वाले विमानों के साथ ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं. पांच मार्च को इंडिगो के A320 नियो विमान ने मुंबई से शाम को 6:40 बजे उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ समय बाद 7:10 पर वापस एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग की थी. उस विमान का एक सिर्फ एक ही इंजन काम कर रहा था. 24 फरवरी को गो एयर के A320 विमान के साथ भी लेह में घटना हुई थी. उसका इंजन उड़ान के दौरान ही फेल हो गया था.

Posted on

कभी न चलने वाली सरकारी बंदूकें उगल रही हैं गोलियां, अब तक 1350

यूपी में पिछले 11 महीनों की योगी सरकार में करीब 1350 एनकाउंटर किए हैं. यानी हर महीने सौ से भी ज्यादा एनकाउंटर. इस दौरान 3091 वॉन्टेड अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं जबकि 43 अपराधियों को मार गिराया गया. यूपी पुलिस का दावा है कि मरने वालों बदमाशों में 50 फीसदी इनामी अपराधी थे, जिन्हें पुलिस शिद्दत से तलाश रही थी.

यूपी पुलिस के इन आंकड़ों ने अपराधियों में इस कदर खौफ भर दिया कि पुलिस एक्शन के डर से पिछले 10 महीने में 5409 अपराधियों ने बाकायदा अदालत से अपनी ज़मानत ही रद्द कराई है ताकि ना वो बाहर आएं और ना गोली खाएं. एक तरफ यूपी की सरकारी बंदूकें चलती ही नहीं थी, और अब अचानक वहीं बंदूकें दनादन गोलियां उगल रही हैं.

बदमाशों में एनकाउंटर का खौफ

बीते दिनों शामली के झिंझाना इलाके में एनकाउंटर के डर से हत्यारोपी ने खुद थाने पहुंचकर सरेंडर किया था. हत्यारोपी ने एसपी अजय पाल शर्मा को एक शपथ पत्र दिया है, जिसमें लिखा है कि वह भविष्य में किसी भी अपराध में शामिल नहीं होंगे.

इनामी बदमाश ने थाने में किया सरेंडर

हापुड़ में 15 हजार इनामी एक बदमाश ने थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया. बदमाश की पहचान अंकित के रूप में हुई है. शामली के कैराना में योगी सरकार के एनकाउंटर का असर देखने को मिला, जहां दो सगे भाई ने अपने हाथ में पोस्टर लेकर घूमते नज़र आए. उस पोस्टर पर लिखा था कि वे लोग अब से अपराध नहीं करेंगे.

यूपी में एनकाउंटर का आंकड़ा

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के 11 महीने के कार्यकाल में अब तक प्रदेश में पुलिस और अपराधियों के बीच 1350 एनकाउंटर हो चुके हैं. 3091 अपराधी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. वहीं, 43 अपराधियों को पुलिस ने मार गिराया. इस मामले में पश्चिम उत्तर प्रदेश में सबसे आगे रहा.

करीब 800 हिस्ट्रीशीटरों ने लिया शपथ

सीतापुर के एसपी आनंद कुलकर्णी के निर्देश पर हरगांव, सदरपुर और इमिलिया सुल्तानपुर समेत जनपद के लगभग सभी थानों में शपथ दिलाई जा रही है. एसपी आनंद कुलकर्णी ने न्यूज18 हिंदी से बातचीत में बताया कि अब तक जिले के करीब 800 नामी अपराधी और हिस्ट्रीशीटर शपथ लेकर एफिडेविट दे चुके हैं कि वो भविष्य में किसी अपराध में शामिल नहीं रहेंगे. उन्होंने बताया कि उनका मकसद इन बदमाशों को समाज की मुख्यधारा में लाना है.

एनकाउंटर पर सवाल

यूपी पुलिस द्वारा लगातार किए जा रहे एनकाउंटर पर सवाल भी उठने लगे हैं. यूपी राज्‍य मानवाधिकार आयोग ने यूपी पुलिस से चार मुठभेड़ से जुड़ी रिपोर्ट तलब की है. बताया जाता है कि इन मुठभेड़ों में मारे गए लोगों के परिजनों का आरोप है कि यूपी पुलिस ने फर्जी तरीके से एनकाउंटर किए हैं जबकि मारे गए लोगों का कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है.

1982 में हुआ था पहला एनकाउंटर

एनकाउंटर यानी मुठभेड़ शब्द का इस्तेमाल हिंदुस्तान और पाकिस्तान में बीसवीं सदी में शुरू हुआ. एनकाउंटर का सीधा-सीधा मतलब होता है. बदमाशों के साथ पुलिस की मुठभेड़. हिंदुस्तान में पहला एनकाउंटर 11 जनवरी 1982 को मुंबई के वडाला कॉलेज में हुआ था.

Posted on

Donald Trump to meet Kim Jong Un: A recap of US-North Korea’s vehement relations

Following a historic announcement at the White House, US President Donald Trump and North Korean leader Kim Jong Un are poised for a face-to-face meeting.

Since the end of the Korean War, the countries` relations have been marked by high tensions and periodic, but short-lived, thaws.

Here is a recap of their troubled history: In 1945 Japan`s defeat in World War II ends its occupation of Korea. The peninsula is divided along the 38th parallel between the Soviet-backed regime of Kim Il-Sung in the North and a South under US protection.

In June 1950 North Korea, later assisted by China, invades the South. A coalition led by the United States retakes Seoul. In July 1953, an armistice — not a full-fledged peace treaty — is signed and Washington imposes sanctions on Pyongyang.In January 1968, the spy ship USS Pueblo is captured by North Korea. After 11 months, its 83 crew members are released. According to Pyongyang, the ship violated its territorial waters, a charge the United States denies.

In 1969, North Korea shoots down a US reconnaissance aircraft.In June 1994, former US president Jimmy Carter makes an unprecedented visit to North Korea.

In October, three months after the death of Kim Il-Sung and his succession by his son Kim Jong-Il, Pyongyang and Washington sign a bilateral agreement. North Korea commits to freeze and dismantle its military nuclear program in exchange for the construction of civilian reactors.

In 1999, a year after its first test of a long-range ballistic missile, Kim Jong-Il declares a moratorium on missile tests and Washington eases sanctions.

In October 2000, US Secretary of State Madeleine Albright meets Kim Jong-Il in Pyongyang.In January 2002, US president George W. Bush labels North Korea, Iran and Iraq an “axis of evil.”

In October, Washington accuses Pyongyang of conducting a secret uranium enrichment program in violation of the 1994 agreement.

In August 2004, North Korea declares it is impossible to participate in a new nuclear program with the United States, attacking Bush as a “tyrant” worse than Hitler and a “political imbecile.”

In 2006, Pyongyang conducts its first nuclear test.In October 2008, the United States withdraws North Korea from its blacklist of state sponsors of terrorism in return for controls on all of its nuclear installations.

Pyongyang had been on the blacklist since 1988 due to its suspected involvement in the bombing of a South Korean airliner in 1987 that killed 115 people. In January 2016, American student Otto Wambier is arrested and sentenced to 15 years of hard labor for allegedly stealing a propaganda poster.

He dies in June 2017, one week after being returned home to the US in a coma. Numerous Americans have been held for years before being repatriated. Three are currently detained there.On January 2, 2017, then US President-elect Donald Trump says North Korea will never be allowed to develop a nuclear weapon capable of reaching US territory.

In July, North Korea conducts two intercontinental ballistic missile tests. Kim declares: “The entire US territory is now within our ICBM range.”

On August 8, Trump threatens “fire and fury” if Pyongyang continues to threaten the United States.

On August 29, Pyongyang test fires a ballistic missile over Japan. The US president says, “Talking is not the answer,” although his defense secretary does not rule out diplomacy.

September 3, North Korea carries out its sixth nuclear test, announcing a “perfect test” of a hydrogen bomb that it claims can be mounted on a missile.On September 21, Washington unveils tougher sanctions to curb North Korea`s nuclear and ballistic missile program. The announcement comes on the heels of Trump`s maiden speech to the UN General Assembly, in which he nicknames Kim “Rocket Man” and declares him to be on a “suicide mission.”

A day later on September 22, Kim brands Trump “mentally deranged” and a “dotard”, and warns he will pay dearly for his threats to destroy North Korea. As 2017 closes, Kim boasts his missile arsenal can hit any city on the US mainland.

On January 3, 2018, Trump raises eyebrows as he responds to Kim`s New Year warning that he has a “nuclear button” on his desk. “I too have a Nuclear Button, but it is a much bigger & more powerful one than his, and my Button works!”, he writes. Pyongyang brands his outburst “the spasm of a lunatic” and the “bark of a rabid dog.”

On February 25, North Korea slams what Trump describes as the “heaviest sanctions ever” as an “act of war.”

Meanwhile, North Korean general Kim Yong Chol arrives in the South for the Winter Olympics closing ceremony — also attended by Trump`s daughter Ivanka — part of North Korea`s Olympic Games charm offensive. On March 8, 2018, in a remarkable announcement at the White House, South Korean national security advisor Chung Eui-yong says Kim has invited US Trump to meet by May, and will “refrain from any further nuclear or missile tests.”

The White House says Trump has accepted the invitation, but does not set a date or locations for the talks, and adds that sanctions against North Korea will stay in place.

Posted on

जीएसटी काउंसिल की 26वीं बैठक आज, हो सकते हैं ये 4 बड़े फैसले

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की आज 26वीं बैठक होनी है। इस अहम बैठक में रिटर्न प्रक्रिया को और आसान किए जाने समेत कई बड़े फैसलों पर आम सहमति बनने की संभावना है। हम अपनी इस खबर में उन्हीं बड़े फैसलों के बारे में बताने जा रहे हैं जिस पर आज चर्चा हो सकती है।

GSTR-3B की डेडलाइन बढ़ सकती है: आज होने वाली अहम बैठक में पंजीकृत व्यवसायों के लिए रिटर्न फाइलिंग को और आसान किए जाने के लिए प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है। एक अधिकारी के मुताबिक, “नए रिटर्न फाइलिंग सिस्टम को अगर काउंसिल की ओर से सहमति मिलती है, तो इसके कार्यान्वित होने में लगभग 3 महीने का वक्त लग सकता है तब तक जीएसटीआर-3बी जारी रह सकता है।”जीएसटीआर 3बी फाइलिंग की डेडलाइन 31 मार्च 2018 है जिसे बढ़ाकर जून 2018 किया जा सकता है।

ई-वे बिल पर आ सकता है अहम फैसला: ई-वे बिल सरकार के मुख्य एजेंडे में शामिल है। ऐसा माना जा रहा है कि इस अहम बैठक में वैट और एक्साइज के तर्ज पर प्रोविजनल इनपुट टैक्स क्रेडिट देने के विकल्प देने पर विचार करने के साथ ही ई-वे बिल की व्यवस्था को 1 अप्रैल से लागू होने को मंजूरी दी जा सकती है।

रिटर्न फाइलिंग को और आसान करने पर बन सकती है सहमति: केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल जिसमें अन्य राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल हैं जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत कंपनियों के लिये सरल रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को अंतिम रूप दे सकती है। माना जा रहा है कि जीएसटी के तहत टैक्स रिटर्न भरने के लिए 3 की बजाय सिर्फ 1 ही फॉर्म भरने की व्यवस्था शुरू की जा सकती है।

ईएनए पर जीएसटी लगाने पर हो सकता है विचार: जीएसटी लागू होने के बाद परोक्ष कर संग्रह में अपेक्षानुरूप वृद्धि न होते देख सरकार अब खजाना भरने के लिए अतिरिक्त उपाय करने में जुट गयी है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए केंद्र शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) को जीएसटी के दायरे में लाने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शनिवार को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में ईएनए पर जीएसटी लगाने पर विचार किया जा सकता है। काउंसिल में अगर इस प्रस्ताव पर आम राय बनी तो ईएनए पर 18 फीसद की दर से जीएसटी लगाया जा सकता है।