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शारीरिक, मानसिक और आध्‍यात्मिक अभ्‍यास के समूह को योग कहते हैं। यह शरीर, मस्तिष्‍क और आत्‍मा को एक साथ लाने (योग) का काम करता है। योग की उत्पत्ति संस्कृत शब्द ‘युज’ से हुई हैजिसका अर्थ जोड़ना या मिलना है। तन और मन का एक साथ जुड़ जाना योग है। योग ऐसी कला जो आपकी सोई हुई शक्तियों को जगाता है। इसका उदय प्राचीन भारत में हुआ था। योग का जिक्र भगवद् गीता में भी किया गया है। भगवद् गीता में वर्णित “सिद्धासिद्धयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते” का अर्थ है दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है। योग के बारे में अन्‍य धार्मिक ग्रंथों में भी बताया गया है। योग क्रिया हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म में एक ध्‍यान प्रक्रिया से संबंधित है।

आपको बता दें कि, भारत सरकार के काफी प्रयासों के बाद 2014 में संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ ने योग को अंतर्राष्‍ट्रीय पहचान दी, जिसके बाद 21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। तब से हर वर्ष दुनिया भर में योग दिवस मनाया जा रहा है।

योग के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

वर्तमान समय में व्यस्त जीवनशैली के कारण लोग प्रशंन्‍नचित्‍त रहने के लिए योग करते हैं। योगासन न केवल व्यक्ति का तनाव दूर करता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है। योग बहुत ही लाभकारी है। योग हमारे दिमाग, मस्‍तिष्‍क को ताकत पहुंचाता है। यह हमारी आत्‍मा को भी शुद्ध करता है। आज बहुत से लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके लिए योग बहुत ही फायदेमंद है। खून की कमी,  अस्‍थमा, रक्‍तचाप, मधुमेह व शरीर के सभी रोगों का इलाज योग में है। योग ऐसी क्रिया है जिसके माध्‍यम से व्‍यक्ति निरोगी जीवन जी सकता है। योग को यह हैप्‍पीनेस का सबसे बेहतर माध्‍यम माना गया है।

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